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लव-जिहाद कानून लागू होते ही भोपाल में सामने आया पहला मामला, लड़की ने की खुदकुशी

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धर्म स्वातंत्र्य कानून 2020 लागू होने के बाद प्रदेश में लव जिहाद का पहला मामला सामने आया है। एक युवती ने आदिल खान नामक युवक पर प्रेम जाल में फंसा कर धर्म परिवर्तित कराने का आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट छोड़कर आत्महत्या कर ली है।

लड़की ने सुसाइड नोट के माध्यम से आरोप लगाया है कि आदिल ने पहले तो उसे झूठ बोलकर प्रेम जाल में फंसाया लेकिन जब लड़की को उसकी सच्चाई पता चली तो उसने शादी करने के नाम पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। जब लड़की ने धर्म परिवर्तन करने से मना कर दिया तो आदिल ने किसी दूसरी लड़की से सगाई कर ली।



सगाई करने के बाद से ही युवती डिप्रेशन में थी और 8 जनवरी को उसने सुसाइड नोट लिखकर फांसी लगा ली। फांसी लगाने के बाद जब यह मामला टीटी नगर पुलिस के सामने आया तो पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी जांच में लड़की के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसमें लड़की ने आदिल से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है।

लड़की ने बकायदा आदिल का नाम पता और मोबाइल नंबर भी उस सुसाइड नोट में उल्लेखित किया है। मामला सामने आने के बाद टीटी नगर पुलिस सक्रिय हुई और युवती के भाई की शिकायत पर आदिल के खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर लिया है।

युवती के भाई का आरोप है कि उसने यह पूरी बात अपने परिवार जनों को भी बताई थी लेकिन इस बीच आदिल उसे धर्म परिवर्तन करने के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहा था।

धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 को राज्यपाल ने दी मंजूरी, लव जिहाद करना पड़ेगा महंगा

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मध्य प्रदेश सरकार के बहुप्रतीक्षित लव जिहाद कानून धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 को मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दी है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज लखनऊ में मध्यप्रदेश कैबिनेट द्वारा पास इस विधेयक पर हस्ताक्षर किए इस विधेयक के बन जाने के बाद अब प्रदेश में धर्मांतरण पर रोक लगाई जा सकती है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के इस बहुप्रतीक्षित विधेयक के पास हो जाने से अब बहला-फुसलाकर शादी करने धर्म परिवर्तन करने लव जिहाद करने समेत कई अपराधों पर रोकथाम की जा सकती है यह कानून एक-दो दिन में गजट नोटिफिकेशन के प्रकाशन के साथ ही पूर्ण रुप से लागू हो जाएगा।

इसपर लगेगी लगाम

1.बहला-फुसलाकर धमकी देकर जबर्दस्ती धर्मांतरण करवाना और शादी करने पर 10 साल की सजा का प्रावधान, यह गैर जमानती अपराध होगा।

2. धर्मांतरण और धर्मांतरण के बाद होने वाले विवाह के 2 महीने पहले डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को धर्मांतरण और विवाह करने वाले और करवाने वाले दोनों पक्षों को लिखित आवेदन देना होगा।

3. बगैर आवेदन दिए धर्मांतरण करवाने वाले गुरुजी,धर्मगुरु,काजी,मौलवी,पादरी को 5 साल सजा का प्रावधान है।

4. धर्मांतरण और जबरन विवाह की शिकायत पीड़ित माता पिता परिजन या गार्जियन द्वारा की जा सकती है।

5. जबरन धर्मांतरण या विवाह करवाने वाली संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा।

6. धर्मांतरण या विवाह में सहयोग करने वाले आरोपियों पर मुख्य आरोपी की तरह कार्यवाही की जाएगी।