कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली और भोपाल में जारी कांग्रेस के प्रदर्शनों के बीच मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर कटाक्ष किया है।
कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह अच्छे कलाकार है उन्हें मुंबई जाकर प्रदेश का नाम रोशन करना चाहिए आपको बता दें आज देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस ने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विशाल जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया था तो वहीं मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने पूरे प्रदेश में चक्काजाम कर अपना विरोध दर्ज कराया है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा पहुंचकर जिले की तहसील चौरई में हेलीपैड से ट्रैक्टर चलाकर सभा स्थल पहुंचे जहां उन्होंने चक्का जाम के कार्यक्रम में भाग लिया तो वही प्रदेश के पूर्व जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने भोपाल के रोशनपुरा में चक्का जाम कर प्रदर्शन किया वही मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भी चक्काजाम के कार्यक्रम में भाग लिया।
इस बीच कमलनाथ ने मोदी सरकार और शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि यह दोनों सरकार किसान विरोधी सरकार हैं जो किसानों का हित नहीं चाहती हैं दोनों सरकारें सिर्फ पूंजीपतियों का भला चाहती हैं यही कारण है कि आज 51 दिन से देश का किसान राजधानी दिल्ली में सड़कों पर बैठा हुआ है।
भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने चक्काजाम के प्रदर्शन के बाद अपनी गिरफ्तारी भी दी इस बीच पुलिस ने कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी किया।
Tag: कृषि कानून
शिवराज सिंह अच्छे कलाकार है उन्हें मुंबई जाकर प्रदेश का नाम रोशन करना चाहिए-कमलनाथ
किसानों के सम्मान में,सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से अलग हुए मान
तीन कृषि कानूनों को लेकर चल रहे गतिरोध और किसान आंदोलन के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई 4 सदस्य कमेटी के सदस्य में से एक सदस्य भूपिंदर सिंह मान ने आज अपने आप को उस कमेटी से अलग कर लिया
सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी में शामिल किये गए किसान नेता भूपिंदर सिंह मान ने अपना नाम वापस ले लिया है मान का कहना है कि मैं किसानों के साथ हूं
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने आज जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने मुझे 49 लोगों की कमेटी में शामिल किया उसके लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद ज्ञापित करता हूं लेकिन मैं हमेशा किसानों की लड़ाई लड़ता आया हूं इसलिए वहां पर बने रहना मेरे लिए संभव नहीं था।
गौरतलब है कि कृषि कानून को रद्द करने और उससे संबंधित 12 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित थी जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 4 सदस्यों की एक टीम गठित की थी जो सीधे सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट करती इस कमेटी का प्रमुख काम किसानों की मांगों और सरकार के पक्ष दोनों के बीच मध्यस्थता करके किसान आंदोलन के बीच का रास्ता निकालना था।
कृषि कानूनों पर दिग्विजय ने ली चुटकी, बोले- कृषि मंत्री के भतीजे से हो गई 43 लाख की ठगी
अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्टों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर अपने ट्वीट के माध्यम से मोदी सरकार के तीनों कृषि कानूनों पर अपनी राय व्यक्त करते हुए मंडिया खत्म होने के नुकसान बताएं हैं।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने देश के किसानों को लूटने के लिए फुलप्रूफ प्लान बनाया है इसका ताजा उदाहरण मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के भतीजे के साथ हुई 4300000 की ठगी से स्पष्ट दिखाई देता है।
सिंह ने कहा कि जब कृषि मंत्री के भतीजे के साथ यह प्राइवेट कंपनियां ऐसी धोखाधड़ी कर सकती हैं तो आम आदमी इन प्राइवेट कंपनियों से कैसे लड़ पायेगा?
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के भतीजे विष्णु पटेल ने हंडिया थाने में खातेगांव के व्यापारी खोजा ट्रेडर्स के खिलाफ 43 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था जिस पर अब पुलिस ने कार्यवाही की है और व्यापारी को जेल भेज दिया है।
सिंह ने मंडियों के खत्म होने के बाद एसडीएम कोर्ट के चक्कर लगाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि पहले तो ऐसे मामले मंडियों में ही खत्म हो जाते थे लेकिन यह नए कानून आने के बाद एसडीएम कोर्ट के चक्कर आम आदमी को लगाना पड़ेगें।


