मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस लगातार बेकाबू होता जा रहा है 24 घंटों में ही पूरे प्रदेश में जितने के आए हैं अगर इसी रफ्तार से केस बढ़े तो स्थिति बद से बदतर हो सकती है।
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने लगातार बढ़ते कोरोनावायरस के संक्रमण से निपटने हेतु आज महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से भी बातचीत की है महामहिम ने राज्य के अधिकारियों को कोरोना संक्रमण से हर हाल में निपटने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने आज अपने निवास पर भोपाल क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक बुलाई है जो बैठक अभी मुख्यमंत्री निवास में चल भी रही है इस बैठक में ही भोपाल पर लॉकडाउन लगाने का फैसला हो सकता है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लॉकडाउन नहीं लगा रही है बल्कि यह है सामुदायिक संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए कोरोना कर्फ्यू है और जनता को इस कर्फ्यू का पूर्णतः पालन करना चाहिए।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश के बाहर से आने वालों पर कोई प्रतिबंध नहीं है किसी जिले से किसी जिले में जाने वालों पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है फल,सब्जी,दूध,एटीएम खुले हुए हैं के अलावा उद्योगों में आने वाले मजदूरों के लिए भी कोई प्रतिबंध नहीं है। बिजली दूरसंचार सेवाएं रसोई गैस सेवाएं चालू रखी गई है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया,नगर निगम, आईटी कंपनी(बीपीओ), अख़बार वितरण,होटल( जिसमें डाइनिंग की सुविधा होटल के अंदर ही है) कोई प्रतिबंध नहीं है।
आपको बता दें कि प्रदेश में 24 घंटे के अंदर 5936 पॉजिटिव मरीज मिले हैं तथा मौतों की आंकड़ा 24:00 तक पहुंच गया है कोरोना संक्रमण के बेकाबू होने की स्थिति प्रदेश में बनती जा रही है। कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है बीते 10 दिनों में 200 से ज्यादा लोगों की मौत कोरोनावायरस से हो चुकी है।
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मध्यप्रदेश में बेकाबू हुआ कोरोनावायरस, पिछले 24 घंटों में मिले इतने केस
प्रदेश सरकार से नहीं संभल रही है कोरोना की स्थिति- कमलनाथ
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर कोरोनावायरस की स्थिति ना संभाल पाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री सिर्फ नौटंकी कर रहे हैं उन्हें प्रदेश की जनता से कोई मतलब नहीं है।
कमलनाथ ने आज अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर सरकार पर कटाक्ष करते हुए एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने लिखा है “मध्यप्रदेश में अस्पतालों में ना बेड, ना दवा,ना इंजेक्शन,ना ऑक्सीजन मौतें जारी? अराजकता की स्थिति जनता में भय व डर का माहौल प्रदेश के सागर व खरगोन में ऑक्सीजन की कमी से मौत की खबरें एक तरफ जनता तड़प रही दूसरी तरफ लूट खसोट जारी? हमारे मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को बताएं कि उनकी मिंटो हॉल की 24 घंटे की नौटंकी से प्रदेश का क्या भला हुआ बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं में क्या सुधार हुआ? आज अवसर है आवश्यक निर्णय लेने का,लोगों की जान बचाने का, लोगों की परेशानी दूर करने,का बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने का, लेकिन हमेशा की तरह ही हमारे शिवराज जी अभी भी इस भीषण संकट काल में भी नौटंकी भरे आयोजन कर जनता को गुमराह करने में लगे हुए हैं? शिवराज जी यह प्रदेश आपके इस गैर जिम्मेदाराना कृत्य पर आपको कभी माफ नहीं करेगा।”
गौरतलब है कि सतना के जिला न्यायालय के जज (अपर सत्र न्यायाधीश) की कोरोना से मौत ने जिला अस्पताल को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है। स्वास्थ्य विभाग ने उनके इलाज में हद दर्जे की लापरवाही की है।
सूत्रों के अनुसार एडीजे को लेकर जब 108 एंबुलेंस का स्टाफ गंभीर हालत में लेकर बुधवार दोपहर 3.45 बजे ट्राॅमा यूनिट में बनाए गए इंफेक्सियम डिसीज कंट्रोल वार्ड पहुंचा तो वहाँ पर उन्हें समय पर इलाज नही दिया गया।
न्यायाधीश को वार्ड में शिफ्ट करने के लिए स्ट्रेचर, व्हील चेयर तक नहीं मिली। ऊपर से मौके पर मौजूद स्टाफ नर्स, वार्ड ब्यॉय ने पूछने पर भी इनकार करते रहे जिसके कारण एडीजे की मौत हो गयी।
इसके अलावा भोपाल के जेपी अस्पताल में भी बीते दिनों 3 लोगों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई थी जिसमे घोर लापरवाही सामने आई थी। जेपी अस्पताल में होमगार्ड के एक जवान की मौत तो बाथरूम में हो गयी थी लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उसकी सुध लेना भी उचित नही समझा और दूसरे दिन उसकी लाश बरामद हुई थी।
इन्ही सब बातों पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को भेजते हुए प्रदर्शन भी किए थे और आज का कमलनाथ का ट्वीट भी इन्हीं सभी घटनाओं की ओर इशारा करता है।
ये हैं होम आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्तियों से वीडियो कॉल पर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. आप आज कैसा महसूस कर रहें है?
2. आपको बुखार, सर्दी-खांसी, सांस लेने की कठिनाई अथवा सीने में जकड़न जैसे लक्षण तो नहीं है?
3. क्या आपने अपना तापमान तथा ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच की है?
4.दिन में कितनी बार जांच कर रहें है? क्या कम से कम 3 बार रोजाना जांच कर रहें हैं?
5. अभी आपका तापमान एवं ऑक्सीजन सेचुरेशन कितना है?
6. कमरे में चलने-फिरने या शौच जाते समय सांस तो नहीं फूल रही है?
7. क्या आप डॉक्टर की सलाह अनुरूप दवाईयां खा रहें है?
8. क्या दवाई खाने के बावजूद आपको हल्का बुखार तो नहीं है?
9. क्या आप घर के अन्य सदस्यों के संपर्क में तो नहीं हैं?
10. क्या घर के किसी अन्य सदस्य को बुखार, सर्दी-खांसी, सांस लेने की कठिनाई जैसे लक्षण तो नहीं हैं?
सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ा रहा है भोपाल का गट जीआई लिवर हॉस्पिटल
देश और प्रदेश में कोरोना महामारी ने एकबार फिर से अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है जिसको लेकर सरकार ने सख्ती भी बढ़ा दी है प्रशासन ने इस वायरस से आम जनमानस को बचाने के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन राजधानी भोपाल के चूनाभट्टी स्थित गट जीआई लिवर हॉस्पिटल[GUT G.I. & LIVER HOSPITAL (GUT HOSPITAL)] के संचालकों द्वारा प्राइवेट कोरोना टेस्ट करवाने वालों से मनमाने दाम वसूलकर सरकारी आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
बीते दिनों सरकार ने जारी एक आदेश में घर पहुँच कोरोना टेस्ट करने वाले हॉस्पिटल, पैथोलॉजी लैब के लिए रेट लिस्ट जारी की थी जिसमे हर टेस्ट का रेट फिक्स किया गया था साथ ही सरकार ने इससे ज्यादा पैसा न वसूलने की बात भी आदेश में कही थी लेकिन गट जीआई लिवर हॉस्पिटल द्वारा खुलेआम इस आदेश की अवहेलना की गई है।
चूना भट्टी स्थित गट जी आई लिवर हॉस्पिटल [GUT G.I. & LIVER HOSPITAL (GUT HOSPITAL)] द्वारा एक व्यक्ति से कोविड-19 रैपिड एंटीजन टेस्ट के 11 सौ रुपए वसूल किये और दिनाँक 07/04/2021 की रसीद भी उस व्यक्ति की दी है जबकि शासन ने इस तारीख से पहले ही सभी टेस्टों के रेट निर्धारित कर दिए थे लेकिन अस्पताल की सेहत में इससे कोई फर्क नही पड़ा।
आपको बता दे कि सरकार के तय किए दामों के मुताबिक अब मध्यप्रदेश में RT-PCR से कोरोना की जांच अगर प्राइवेट लैब में जा कर करवाई जाती है तो 700 और रैपिड एंटीजन टेस्ट 300 रुपए प्रति व्यक्ति जांच शुल्क देना होगा। यदि मरीज के घर जा कर सैम्पल कलेक्ट किया जाता है तो उसके लिए 200 रुपए अतिरिक्त चार्ज देना होगा। उक्त शुल्क में सैंपल कलेक्शन, ट्रांसपोर्ट शुल्क, पीपीई किट एवं अन्य समस्त सुविधा शुल्क सम्मिलित है।
टीकाकरण के दूसरे दिन राजधानी के जेपी अस्पताल में था सन्नाटा ,टीका सेंटर पर कोई वालियंटीयर नही था समय पर मौजूद
मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) में कोरोना वैक्सीनेशन(Corona Vaccine) अभियान के तहत भोपाल(Bhopal) में सोमवार को वैक्सीनेशन का दूसरा दिन है। जेपी अस्पातल में सुबह 9 बजे से सेंटर शुरू होने के डेढ़ घंटे बाद यानी लगभग 10:30 बजे पहले फ्रंट लाइन वर्कर वैक्सीन पहुंचा। आज भोपाल के 12 सेंटर पर सुबह 9 बजे से वैक्सीन रजिस्टर्ड लोगों को लगाना है।
पहले फेज के पहले डोज के लिए 1200 लोगों को वैक्सीन लगना था, लेकिन करीब 50% ने ही टीका लगवाया। हालांकि एम्स और चिरायु अस्पताल में वैक्सीनेशन 100% रहा। यहां पर सभी 100 रजिस्टर्ड वर्कर्स ने वैक्सीनेशन कराया।
भोपाल में देर रात तक कई सेंटर पर वैक्सीन लगाया गया, लेकिन उसके बाद भी लक्ष्य से यह काफी कम रहा। पहले दिन 1200 हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया था। अब डॉक्टरों को उम्मीद है कि सोमवार को यह संख्या काफी बढ़ जाएगी। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर आईडी चौरसिया ने मीडिया को बताया कि वह पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं। टीका लग जाने के 32 घंटे बाद भी उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई।
कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद एम्स के सिक्योरिटी गार्ड को हुई खुजली- रणदीप गुलेरिया
देश में कोविड-19 की वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है इसी के तहत कल 16 जनवरी को पूरे देश में सफाईकर्मियों,स्वास्थ्य कर्मियों,हॉस्पिटल की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों को फ्रंटलाइन वारियर्स मानते हुए पहला टीका लगाया गया था लेकिन टीका लगने के बाद से ही दिल्ली एम्स के एक सुरक्षा गार्ड को खुजली की एलर्जी की शिकायत सामने आई है जिसकी पुष्टि स्वयं एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने की है।
दिल्ली एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया के अनुसार कोवैक्सीन का पहला टीका लगवाने के बाद एक सुरक्षाकर्मी को अचानक धड़कन तेज होने और शरीर में चकत्ते पढ़ने की शिकायत आई है जिसके कारण उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है गुलेरिया के अनुसार वैक्सीन लगने के 15 मिनट के बाद ही सुरक्षा गार्ड की धड़कन अचानक से तेज हो गई और पूरे शरीर में चेचक के चकत्ते पड़ गए।
गौरतलब है कि देश में कोवैक्सीन के आने के बाद से ही विपक्ष लगातार इस पर सवाल उठा रहा है उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इसपर सवाल उठाये थे वही उनकी पार्टी के एक MLC ने तो इस वैक्सीन को लगवाने वाले को नपुंसक बन जाने तक की बात कही थी।
वही कांग्रेस ने भी इस पर सवालिया निशान उठाए हैं कांग्रेस का कहना है कि अगर वैक्सीन इतनी ही सुरक्षित है तो यह प्रधानमंत्री,केंद्र सरकार के मंत्री,मुख्यमंत्रियों और राज्य सरकारों के मंत्रियों को पहले लगना चाहिए उसके बाद यह वैक्सीन अधिकारियों को लगनी चाहिए तत्पश्चात की आम जनता के ऊपर इसका ट्रायल किया जाना चाहिए।
वैक्सीनेशन लॉन्चिंग में भावुक हुए पीएम, बोले कई हेल्थ वर्कर लौटकर घर नहीं आए उसी का कर्ज उतार रहे हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वैक्सीनेशन की लॉन्चिंग के दौरान भावुक हो गए भावुक होते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कई हेल्थ वर्कर इस भयंकर महामारी के दौर में लौट के घर नहीं आए हम उसी का कर्ज उतार रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कई हेल्थ वर्कर, डॉक्टर, सफाईकर्मी,नर्सेज जो देश की सेवा में इस भयंकर महामारी से सीधे तौर पर लड़ रहे थे जिन्होंने देश के लिए अपने घर वार छोड़ दिए थे ऐसे लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम प्राथमिकता के आधार पर उन्हें टीके मुहैया करवाएं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कई विपदाएँ आई कई युद्ध लड़े गए लेकिन यह महामारी एक अदृश्य शत्रु के रूप में हमारे सामने आई थी जिसका अंदाजा ना तो हमारे वैज्ञानिकों को था और न ही हमारे डॉक्टर और सोसाइटी को लेकिन उसके बाद भी हमने इसका डटकर मुकाबला किया और कमजोरी को ही मजबूती में बदलने का काम हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने किया है
प्रधानमंत्री के अनुसार भारत में 30 जनवरी को पहला को कोरोना का पहला मामला आया था और तभी से देश अलर्ट हो गया था इसी का नतीजा है कि देश में उस स्तर की महामारी नहीं फैल पाई जैसे अन्य देशों में फैल रही थी।
कोरोना वैक्सीन: भारत बायोटेक कंपनी का दावा इस महीने से इस कीमत पर यहां मिलेगी वैक्सीन
दिल्ली:- कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि हमारी कोशिश है कि यह वैक्सीन जल्द ही देशवासियों को सुगमता से मिलना चालू हो जाए जिससे हम जल्द से जल्द इस समस्या से देशवासियों को निजात दिला पाए।
भारत बायोटेक के नेशनल हेड शोएब मलिक ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा है कि कंपनी की कोशिश है कि जिस दिन से लॉक डाउन की शुरुआत हुई थी उस दिन तक प्रत्येक भारतीय को हमारी वैक्सीन मिल जाए।
शोएब के अनुसार अभी जो वैक्सीन आई है वह सिर्फ फेंट लाइन वॉरियर्स कोही दी जाएगी लेकिन कंपनी यह कोशिश कर रही है कि हम आम जनता तक यह वैक्सीन जल्द से जल्द पहुंचा दें जिससे उन्हें ज्यादा लंबा इंतजार ना करना पड़े।
शोएब मलिक के अनुसार हम अपनी उत्पादन क्षमता का 50 परसेंट भारत सरकार को और इतनी ही विदेशों में भेज रहे हैं।
शोएब मलिक ने बताया कि हाल में तो हम अपनी वैक्सीन सिर्फ सरकार को दे रहे हैं लेकिन इस व्यक्ति के स्टोरेज के लिए डिस्ट्रीब्यूटर तो हमसे भी बात कर रहे हैं और उनके स्टोरेज क्षमता की जांच भी कंपनी करवा रही है जिससे जल्द से जल्द बाजार में यह वैक्सीन पहुंच जाएं।
शोएब मलिक के अनुसार हमारी तैयारी 24 मार्च तक देश प्रदेश के सभी राज्यों और सभी जिलों तक को वैक्सीन पहुंचाने की है हमारी कोशिश है कि 24 मार्च जिस दिन देश में लॉकडाउन लगाया गया था उस दिन तक हर मेडिकल स्टोर पर को वैक्सीन पहुंच जाए।
आपको बता दें कि कीमत ₹900 तय की गई है जिसे आम आदमी मेडिकल स्टोर से खरीद कर खुद भी लगवा सकेगा।
कोरोना अपडेट: कोरोना प्रभावित मरीजों की संख्या के अनुसार देश मे 5वें नम्बर पर पहुंचा मध्यप्रदेश
भोपाल: आज मध्य प्रदेश में कोरोना पीड़ितों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है प्रदेश सरकार द्वारा दिनाँक- 14/04/2020 को जारी हेल्थ बुलेटिन में रिकॉर्ड 127 मरीज दर्शाए गए हैं।इसके साथ ही मध्यप्रदेश देश के उन टॉप 5 राज्यों में शामिल हो गया है जहा सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज हैं।
मध्यप्रदेश में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 741 बताई गई है जबकि प्रदेश में कोरोना से 50 लोग ‘काल के गाल’ में समा चुके हैं।
आज प्रदेश के इंदौर में रिकॉर्ड 80 मरीज संक्रमित पाए गए हैं वही भोपाल में 16 लोग कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं इसके अलावा टीकमगढ़ में 1 नया मामला सामने आया है।
कोरोना अपडेट: मध्य प्रदेश सरकार का हेल्थ बुलेटिन जारी, 24 घंटे में 52 नए मामले
भोपालः मध्य प्रदेश में कोरोना पीड़ितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है प्रदेश सरकार द्वारा आज दिनाँक- 13/04/2020 को जारी हेल्थ बुलेटिन में कुल कोरोना पॉजिटिव की संख्या 614 बताई गई है जबकि प्रदेश में कोरोना से 50 लोग ‘काल के गाल’ में समा चुके हैं।
आज जारी आंकड़ों में इंदौर 328,भोपाल 142,उज्जैन 24,खरगोन 17,होशंगाबाद 15,मुरैना 14,बड़वानी 14,विदिशा 13,जबलपुर 10,ग्वालियर 6,खंडवा 5,छिंदवाड़ा 4,रायसेन 4,देवास 4,श्योपुर 2,धार 2,सतना 2,सागर 1,बैतूल 1,शाजापुर 1,मंदसौर 1,रतलाम 1,एक यूपी का रहने वाला मरीज शामिल हैं।
जबकि इंदौर में 35, उज्जैन में 6 भोपाल में 4, खरगोन में 3 , छिंदवाड़ा में 1 और देवास में 1 व्यक्ति की मौत भी इस वायरस के चलते हो चुकी है।
कोरोना अपडेट: मध्यप्रदेश में 562 हुई कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या
मध्यप्रदेश में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या अब 562 हो गई है। स्वास्थ्य संचालनालय मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति में इसकी पुष्टि की गई है।
स्वास्थ्य संचालनालय मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आज दिनाँक- 12/04/2020 को जारी हेल्थ बुलेटिन में प्रदेश सरकार ने 562 कोरोना पीड़ित मरीजों की पुष्टि की है।
कोरोना अपडेट: मध्यप्रदेश में 562 हुई कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या
आज भी प्रदेश में सबसे ज्यादा 30 मामले इंदौर में आए हैं अब वहा कुल पीड़ितों की संख्या 311 हो गई है जो कल की तुलना में 30 ज्यादा है।
वही प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज भी 3 कोरोना संक्रमित मरीज बढ़े हैं अब भोपाल में की पीड़ितो की कुल संख्या 134 हो गई है।
प्रदेश सरकार द्वारा आज जारी हेल्थ बुलेटिन में इंदौर और भोपाल के अलावा अन्य किसी भी जिले में कोरोना संक्रमित मरीज न्धी मील हैं यह कहीं न कहीं राज्य के निवासियों और सरकार के लिए खुशी की बात है।










