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प्रदेश सरकार से नहीं संभल रही है कोरोना की स्थिति- कमलनाथ

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर कोरोनावायरस की स्थिति ना संभाल पाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री सिर्फ नौटंकी कर रहे हैं उन्हें प्रदेश की जनता से कोई मतलब नहीं है।

कमलनाथ ने आज अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर सरकार पर कटाक्ष करते हुए एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने लिखा है “मध्यप्रदेश में अस्पतालों में ना बेड, ना दवा,ना इंजेक्शन,ना ऑक्सीजन मौतें जारी? अराजकता की स्थिति जनता में भय व डर का माहौल प्रदेश के सागर व खरगोन में ऑक्सीजन की कमी से मौत की खबरें एक तरफ जनता तड़प रही दूसरी तरफ लूट खसोट जारी? हमारे मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को बताएं कि उनकी मिंटो हॉल की 24 घंटे की नौटंकी से प्रदेश का क्या भला हुआ बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं में क्या सुधार हुआ? आज अवसर है आवश्यक निर्णय लेने का,लोगों की जान बचाने का, लोगों की परेशानी दूर करने,का बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने का, लेकिन हमेशा की तरह ही हमारे शिवराज जी अभी भी इस भीषण संकट काल में भी नौटंकी भरे आयोजन कर जनता को गुमराह करने में लगे हुए हैं? शिवराज जी यह प्रदेश आपके इस गैर जिम्मेदाराना कृत्य पर आपको कभी माफ नहीं करेगा।”

गौरतलब है कि सतना के जिला न्यायालय के जज (अपर सत्र न्यायाधीश) की कोरोना से मौत ने जिला अस्पताल को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है। स्वास्थ्य विभाग ने उनके इलाज में हद दर्जे की लापरवाही की है।

सूत्रों के अनुसार एडीजे को लेकर जब 108 एंबुलेंस का स्टाफ गंभीर हालत में लेकर बुधवार दोपहर 3.45 बजे ट्राॅमा यूनिट में बनाए गए इंफेक्सियम डिसीज कंट्रोल वार्ड पहुंचा तो वहाँ पर उन्हें समय पर इलाज नही दिया गया।

न्यायाधीश को वार्ड में शिफ्ट करने के लिए स्ट्रेचर, व्हील चेयर तक नहीं मिली। ऊपर से मौके पर मौजूद स्टाफ नर्स, वार्ड ब्यॉय ने पूछने पर भी इनकार करते रहे जिसके कारण एडीजे की मौत हो गयी।

इसके अलावा भोपाल के जेपी अस्पताल में भी बीते दिनों 3 लोगों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई थी जिसमे घोर लापरवाही सामने आई थी। जेपी अस्पताल में होमगार्ड के एक जवान की मौत तो बाथरूम में हो गयी थी लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उसकी सुध लेना भी उचित नही समझा और दूसरे दिन उसकी लाश बरामद हुई थी।

इन्ही सब बातों पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को भेजते हुए प्रदर्शन भी किए थे और आज का कमलनाथ का ट्वीट भी इन्हीं सभी घटनाओं की ओर इशारा करता है।


ये हैं होम आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्तियों से वीडियो कॉल पर पूछे जाने वाले प्रश्न 

1. आप आज कैसा महसूस कर रहें है?
2. आपको बुखार, सर्दी-खांसी, सांस लेने की कठिनाई अथवा सीने में जकड़न जैसे लक्षण तो नहीं है?
3. क्या आपने अपना तापमान तथा ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच की है?
4.दिन में कितनी बार जांच कर रहें है? क्या कम से कम 3 बार रोजाना जांच कर रहें हैं?
5. अभी आपका तापमान एवं ऑक्सीजन सेचुरेशन कितना है?
6. कमरे में चलने-फिरने या शौच जाते समय सांस तो नहीं फूल रही है?
7. क्या आप डॉक्टर की सलाह अनुरूप दवाईयां खा रहें है?
8. क्या दवाई खाने के बावजूद आपको हल्का बुखार तो नहीं है?
9. क्या आप घर के अन्य सदस्यों के संपर्क में तो नहीं हैं?
10. क्या घर के किसी अन्य सदस्य को बुखार, सर्दी-खांसी, सांस लेने की कठिनाई जैसे लक्षण तो नहीं हैं?

सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ा रहा है भोपाल का गट जीआई लिवर हॉस्पिटल

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देश और प्रदेश में कोरोना महामारी ने एकबार फिर से अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है जिसको लेकर सरकार ने सख्ती भी बढ़ा दी है प्रशासन ने इस वायरस से आम जनमानस को बचाने के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन राजधानी भोपाल के चूनाभट्टी स्थित गट जीआई लिवर हॉस्पिटल[GUT G.I. & LIVER HOSPITAL (GUT HOSPITAL)] के संचालकों द्वारा प्राइवेट कोरोना टेस्ट करवाने वालों से मनमाने दाम वसूलकर सरकारी आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

बीते दिनों सरकार ने जारी एक आदेश में घर पहुँच कोरोना टेस्ट करने वाले हॉस्पिटल, पैथोलॉजी लैब के लिए रेट लिस्ट जारी की थी जिसमे हर टेस्ट का रेट फिक्स किया गया था साथ ही सरकार ने इससे ज्यादा पैसा न वसूलने की बात भी आदेश में कही थी लेकिन गट जीआई लिवर हॉस्पिटल द्वारा खुलेआम इस आदेश की अवहेलना की गई है।

चूना भट्टी स्थित गट जी आई लिवर हॉस्पिटल [GUT G.I. & LIVER HOSPITAL (GUT HOSPITAL)] द्वारा एक व्यक्ति से कोविड-19 रैपिड एंटीजन टेस्ट के 11 सौ रुपए वसूल किये और दिनाँक 07/04/2021 की रसीद भी उस व्यक्ति की दी है जबकि शासन ने इस तारीख से पहले ही सभी टेस्टों के रेट निर्धारित कर दिए थे लेकिन अस्पताल की सेहत में इससे कोई फर्क नही पड़ा।



आपको बता दे कि सरकार के तय किए दामों के मुताबिक अब मध्यप्रदेश में RT-PCR से कोरोना की जांच अगर प्राइवेट लैब में जा कर करवाई जाती है तो 700 और रैपिड एंटीजन टेस्ट 300 रुपए प्रति व्यक्ति जांच शुल्क देना होगा। यदि मरीज के घर जा कर सैम्पल कलेक्ट किया जाता है तो उसके लिए 200 रुपए अतिरिक्त चार्ज देना होगा। उक्त शुल्क में सैंपल कलेक्शन, ट्रांसपोर्ट शुल्क, पीपीई किट एवं अन्य समस्त सुविधा शुल्क सम्मिलित है।

टीकाकरण के दूसरे दिन राजधानी के जेपी अस्पताल में था सन्नाटा ,टीका सेंटर पर कोई वालियंटीयर नही था समय पर मौजूद

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मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) में कोरोना वैक्सीनेशन(Corona Vaccine) अभियान के तहत भोपाल(Bhopal) में सोमवार को वैक्सीनेशन का दूसरा दिन है। जेपी अस्पातल में सुबह 9 बजे से सेंटर शुरू होने के डेढ़ घंटे बाद यानी लगभग 10:30 बजे पहले फ्रंट लाइन वर्कर वैक्सीन पहुंचा। आज भोपाल के 12 सेंटर पर सुबह 9 बजे से वैक्सीन रजिस्टर्ड लोगों को लगाना है।

पहले फेज के पहले डोज के लिए 1200 लोगों को वैक्सीन लगना था, लेकिन करीब 50% ने ही टीका लगवाया। हालांकि एम्स और चिरायु अस्पताल में वैक्सीनेशन 100% रहा। यहां पर सभी 100 रजिस्टर्ड वर्कर्स ने वैक्सीनेशन कराया।

भोपाल में देर रात तक कई सेंटर पर वैक्सीन लगाया गया, लेकिन उसके बाद भी लक्ष्य से यह काफी कम रहा। पहले दिन 1200 हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया था। अब डॉक्टरों को उम्मीद है कि सोमवार को यह संख्या काफी बढ़ जाएगी। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर आईडी चौरसिया ने मीडिया को बताया कि वह पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं। टीका लग जाने के 32 घंटे बाद भी उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई।

कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद एम्स के सिक्योरिटी गार्ड को हुई खुजली- रणदीप गुलेरिया

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देश में कोविड-19 की वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है इसी के तहत कल 16 जनवरी को पूरे देश में सफाईकर्मियों,स्वास्थ्य कर्मियों,हॉस्पिटल की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों को फ्रंटलाइन वारियर्स मानते हुए पहला टीका लगाया गया था लेकिन टीका लगने के बाद से ही दिल्ली एम्स के एक सुरक्षा गार्ड को खुजली की एलर्जी की शिकायत सामने आई है जिसकी पुष्टि स्वयं एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने की है।

दिल्ली एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया के अनुसार कोवैक्सीन का पहला टीका लगवाने के बाद एक सुरक्षाकर्मी को अचानक धड़कन तेज होने और शरीर में चकत्ते पढ़ने की शिकायत आई है जिसके कारण उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है गुलेरिया के अनुसार वैक्सीन लगने के 15 मिनट के बाद ही सुरक्षा गार्ड की धड़कन अचानक से तेज हो गई और पूरे शरीर में चेचक के चकत्ते पड़ गए।

गौरतलब है कि देश में कोवैक्सीन के आने के बाद से ही विपक्ष लगातार इस पर सवाल उठा रहा है उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इसपर सवाल उठाये थे वही उनकी पार्टी के एक MLC ने तो इस वैक्सीन को लगवाने वाले को नपुंसक बन जाने तक की बात कही थी।

वही कांग्रेस ने भी इस पर सवालिया निशान उठाए हैं कांग्रेस का कहना है कि अगर वैक्सीन इतनी ही सुरक्षित है तो यह प्रधानमंत्री,केंद्र सरकार के मंत्री,मुख्यमंत्रियों और राज्य सरकारों के मंत्रियों को पहले लगना चाहिए उसके बाद यह वैक्सीन अधिकारियों को लगनी चाहिए तत्पश्चात की आम जनता के ऊपर इसका ट्रायल किया जाना चाहिए।

वैक्सीनेशन लॉन्चिंग में भावुक हुए पीएम, बोले कई हेल्थ वर्कर लौटकर घर नहीं आए उसी का कर्ज उतार रहे हैं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वैक्सीनेशन की लॉन्चिंग के दौरान भावुक हो गए भावुक होते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कई हेल्थ वर्कर इस भयंकर महामारी के दौर में लौट के घर नहीं आए हम उसी का कर्ज उतार रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कई हेल्थ वर्कर, डॉक्टर, सफाईकर्मी,नर्सेज जो देश की सेवा में इस भयंकर महामारी से सीधे तौर पर लड़ रहे थे जिन्होंने देश के लिए अपने घर वार छोड़ दिए थे ऐसे लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम प्राथमिकता के आधार पर उन्हें टीके मुहैया करवाएं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कई विपदाएँ आई कई युद्ध लड़े गए लेकिन यह महामारी एक अदृश्य शत्रु के रूप में हमारे सामने आई थी जिसका अंदाजा ना तो हमारे वैज्ञानिकों को था और न ही हमारे डॉक्टर और सोसाइटी को लेकिन उसके बाद भी हमने इसका डटकर मुकाबला किया और कमजोरी को ही मजबूती में बदलने का काम हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने किया है

प्रधानमंत्री के अनुसार भारत में 30 जनवरी को पहला को कोरोना का पहला मामला आया था और तभी से देश अलर्ट हो गया था इसी का नतीजा है कि देश में उस स्तर की महामारी नहीं फैल पाई जैसे अन्य देशों में फैल रही थी।

कोरोना अपडेट: मध्यप्रदेश में 562 हुई कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या

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मध्यप्रदेश में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या अब 562 हो गई है। स्वास्थ्य संचालनालय मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति में इसकी पुष्टि की गई है।

स्वास्थ्य संचालनालय मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आज दिनाँक- 12/04/2020 को जारी हेल्थ बुलेटिन में प्रदेश सरकार ने 562 कोरोना पीड़ित मरीजों की पुष्टि की है।कोरोना अपडेट: मध्यप्रदेश में 562 हुई कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या

आज भी प्रदेश में सबसे ज्यादा 30 मामले इंदौर में आए हैं अब वहा कुल पीड़ितों की संख्या 311 हो गई है जो कल की तुलना में 30 ज्यादा है।

वही प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज भी 3 कोरोना संक्रमित मरीज बढ़े हैं अब भोपाल में की पीड़ितो की कुल संख्या 134 हो गई है।

प्रदेश सरकार द्वारा आज जारी हेल्थ बुलेटिन में इंदौर और भोपाल के अलावा अन्य किसी भी जिले में कोरोना संक्रमित मरीज न्धी मील हैं यह कहीं न कहीं राज्य के निवासियों और सरकार के लिए खुशी की बात है।

कोरोना अपडेट: मध्यप्रदेश में 500 पार हुई कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या

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मध्यप्रदेश में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या अब 500 के पार हो गई है। स्वास्थ्य संचालनालय मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति में इसकी पुष्टि की गई है।

स्वास्थ्य संचालनालय मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आज दिनाँक- 11/04/2020 को जारी हेल्थ बुलेटिन में प्रदेश 529 कोरोना पीड़ित मरीजों की पुष्टि की गई है।

प्रदेश में सबसे ज्यादा मामले इंदौर में सामने आए हैं जहाँ पर पीड़ितों की संख्या अब 281 हो गई है जो कल की तुलना में 36 ज्यादा है।

प्रदेश की राजधानी भोपाल पीड़ितों की संख्या के हिसाब से प्रदेश में दूसरे स्थान पर है जहाँ पर पीड़ितो की संख्या 131 पहुंच गई है जो कल की तुलना में 15 ज्यादा है।

इसके दोनों के अलावा प्रदेश के 20 अन्य और जिलों में भी कोरोना वाइरस पहुंच चुका है यही कारण है कि जिला और राज्य प्रशासन लगातार लोगों को घर के अंदर रहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की लगातार हिदायतें दे रहा है।