मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया हॉस्पिटल से कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए सबसे कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने का मामला सामने आया है। यह प्रदेश का पहला मामला है जब इंजेक्शन की चोरी हुई है।
खबर है कि हमीदिया अस्पताल से 850 रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी हो गए हैं जो आज ही मरीजों को लगाए जाने थे।
हमीदिया अस्पताल को जिला प्रशासन ने कल ही यह इंजेक्शन मरीजों की मांग पर उपलब्ध करवा दिए थे जो आज चोरी हो गए हैं। चोरी की घटना प्रकाश में आने के बाद अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं।
वही घटना की सूचना किलते ही भोपाल के कोहेफिजा थाने की पुलिस भी हमीदिया अस्पताल पहुँची और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर चोर का पता लगा रही है।
आपको बता कुछ ही दिन पहले ही प्रदेश में 9247 रेमडेसिविर इंजेक्शन इंदौर आये थे और फिर लगभग 2000 इंजेक्शन भोपाल भेजे गए थे जिसमें से 850 इंजेक्शन चोरी हो गए हैं।
संभावना जताई जा रही है अस्पताल प्रबंधन या स्टाफ से कोई व्यक्ति ऐसा हो सकता है जो इन चोरों के साथ मिला हो। क्योकि इस समय बाजार में रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग अधिक है इसकी जमकर कालाबाजारी हो रही है। बिना अस्पताल के इतनी बड़ी चोरी होने नामुमकिन है।
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भोपाल के हमीदिया अस्पताल से 850 रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी, पुलिस जांच में जुटी
चोरों से परेशान बिजली विभाग का नवाचार,खुद थाना खोलेंगी तीनों कंपनियां
प्रदेश में बिजली के दाम सस्ते होने के बाद भी बिजली चोरी की घटनाएं रुकने का काम नहीं ले रही है और न ही आम जनता बिजली बिल भरने में रुचि दिखा रही है।
इसको देखते हुए अब बिजली विभाग ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने का प्लान बना रहा है जिससे बिजली बिल का बकाया वसूला जा सके।
इसके लिए बिजली विभाग ने अपने अधीन तीनों बिजली कंपनियों को पत्र लिखकर थाना खोलने की बात कही है बिजली विभाग के हर थाने में 2 उप निरीक्षक, 4 सहायक उप निरीक्षक, 8 प्रधान आरक्षक के अलावा 16 आरक्षक का स्टाफ हो सकता है।
थाना खोलने के पीछे विभाग की मंशा है कि मध्यप्रदेश में बिजली चोरी पर अंकुश लगे क्योकि अभी विभाग को स्थानीय पुलिस पर निर्भर रहना पड़ता था।
थाने में स्टाफ की कमी और अपराध बहुलता को देखते हुए स्थानीय थानों के स्टाफ बिजली विभाग के कामों के प्रति उदासीनता दिखाते थे इससे आजिज आकर विभाग ने खुद का थाना खोलने का प्रस्ताव तीनों कंपनियों को भेजा है।
बिजली कंपनियों के पास खुद की पुलिस होने का फायदा यह होगा कि वो अपनी जरूरत के हिसाब से इसका उपयोग कर पाएंगे। इसके लिए हर जिले में अलग से थाने खोले जाएंगे।
शासन ने तीनों कंपनियों से क्षेत्रों में इन थानों की स्थापना के संबंध में परीक्षण कर थाने के लिए उपयोग होने वाली जमीन का आंकलन करने के लिए कह दिया है।
मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग ने इस संबंध में तीनों कंपनियों मध्य, पूर्व और पश्चिम क्षेत्र की विद्युत कंपनी को पत्र लिखा है।

