उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले क्या भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह नाराज है? यह ऐसा सवाल है जो कल से हर उस व्यक्ति के मन मे उठ रहा है जो राजनीति को थोड़ा बहुत भी समझता है।
यूपी में फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव के बीच राज्य में चुनावी सरगर्मियां तेजी से बढ़ रही है राज्य की सियासत भी चुनावी मोड में नजर आने लगी है यही कारण है कि चुनाव से ठीक पहले होने वाले सियासी उठापटक और दलबदल भी अक्सर देखे जाने लगे हैं।
इस बीच एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनकर भाजपा ऑरकुस के केंद्रीय नेतृत्व की छटपटाहट साफ़ दिखाई देने लगी है खबर है कि 2017 के चुनाव में गृह मंत्री अमित शाह ने भले ही योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का ताज पहना दिया था लेकिन अब वही शाह योगी को पसंद नहीं करते हैं इसकी वजह उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही हत्याएं घपले घोटाले के साथ-साथ योगी का कमजोर प्रशासन भी माना जा रहा है जिसमें कई ऐसे फैसले लिए गए जो बाद में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के लिए किरकिरी का सबब बन गए।
योगी से अमिता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाराजगी का एक कारण यह भी है कि वह सत्ता और संगठन के बीच आपसी समन्वय बनाने में नाकाम साबित हुए हैं ताजा सर्वे की मानें तो यूपी के 7 परसेंट से ज्यादा विधायक योगी आदित्यनाथ को हटाने के पक्ष में है वह नहीं चाहते कि योगी मुख्यमंत्री बने रहें क्योंकि इससे आगामी चुनाव में उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
बीते दिनों भाजपा के संगठन प्रभारी और आर एस एस के प्रमुख पदाधिकारियों ने भी योगी सरकार के कामकाज का फीडबैक लिया था जिसमें भी नेगेटिव फीडबैक ही मिला था जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास ब्यूरोक्रेट रहे एक पूर्व आईएएस को उपमुख्यमंत्री पद पर बिठाकर सत्ता और संगठन के बीच में सामंजस्य बनाने की बात सामने आई थी लेकिन वह बात आई गई हो गई।
मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री किस कदर नाराज हैं इसकी बानगी कल देखने को मिली जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्म दिवस के दिन भी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देना तक मुनासिब नहीं समझा जबकि कल ही इन दोनों ने कई ट्वीट अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए लेकिन दोनों प्रमुख नेताओं को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का जन्मदिन याद नहीं आया इसे राजनीतिक पंडित शुभ संकेत नहीं मान रहे हैं।
आपको बता दें कि पिछले दो सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने योगी आदित्यनाथ को न केवल अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से बधाई दी थी बल्कि योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी को रिप्लाई कर धन्यवाद भी दिया था। वहीं मीडिया की कुछ खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की बधाई दी है।
आपको बता दें कि इसके पहले योगी आदित्यनाथ के हर जन्मदिन पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री उन्हें सोशल मीडिया पर विश किया करते थे लेकिन इस बार उन्होंने ऐसा नहीं किया इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि बीते कई दिनों से उत्तर प्रदेश में सरकार में फेरबदल की कई संभावनाएं जताई गई लेकिन अभी तक उसमें अमल नहीं हुआ है हो सकता है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व योगी की कार्यशैली और उनके क्रियाकलापों से खुश ना हो इस कारण भी वहीं से किनारा करना चाह रहा है ताकि आने वाले चुनाव में भाजपा अपना स्टैंड क्लियर कर सके।
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योगी आदित्यनाथ से नाराज हुए मोदी शाह, बढ़ सकती हैं मुश्किलें?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न, कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने आज देश में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के बीच केंद्रीय मंत्रिपरिषद(Cabinet Meeting) की बैठक की अध्यक्षता की। कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के बाद पहली बैठक है जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री ने की है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक महामारी और इससे निपटने के तरीकों और टीकाकरण पर चर्चा कर सकते हैं। क्योकि कल 1 मई से देश में 18 साल से अधिक आयु के लोग टीकाकरण के लिए पात्र हो जाएंगे।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके पहले राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर चुके हैं और उनके सुझाव ले चुके हैं।
इसके अलावा उन्होंने उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी अलग से चर्चा की थी जिन राज्यों में संक्रमण की दर बहुत तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री दवाओं की हो रही अनुपलब्धता और किल्लत पर भी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित कर चुके हैं।
Pm Kisan: कोरोना के बीच मोदी सरकार का किसानों को तोहफा, जल्द खाते में आएंगे 6 हजार
केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित स्कीम पीएम किसान सम्मान निधि (PM kisan samman nidhi) के माध्यम से देश के किसानों को सालाना 6 हजार की सुविधा 3 किस्तों के माध्यम से दी जाती है। इस वित्तीय वर्ष की पहली और योजना की 8वीं किस्त आपके खाते में जल्द आने वाली है।
पीएम किसान सम्मान निधि(PM kisan samman nidhi) द्वारा अब तक 7 किस्तें जारी की जा चुकी है जल्द ही देश के किसानों को 8वीं क़िस्त का पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
PM kisan samman nidhi के तहत उन किसानों को फायदा मिलता है जिनके पास 2 हेक्टेयर यानी 5 एकड़ कृषि योग्य खेती हो। हालांकि अब सरकार ने जोत की सीमा को खत्म कर दी है।
अब जिसके पास खेती योग्य जमीन हैं, उन्हीं को पैसे मिलते हैं, लेकिन अगर कोई इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है तो उसे पीएम किसान सम्मान निधि से बाहर रखा गया है. इसमें वकील, डॉक्टर, सीए आदि भी इस योजना से बाहर हैं।
इस तरह करें रजिस्ट्रेशन
PM kisan samman nidhi में आवेदन करने के लिए आप उसकी आधिकारिक वेबसाईट से या किसी नजदीकी CSC सेंटर में जाकर करवा सकते हैं।
इस तरह करें स्टेटस चेक
पीएम किसान (PM Kisan) की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।
यहां आपको राइट साइड पर ‘Farmers Corner’ का ऑप्शन मिलेगा.
यहां ‘Beneficiary Status’ के ऑप्शन पर क्लिक करें.
यहां नया पेज खुल जाएगा.
नए पेज पर आधार नंबर, बैंक खाता संख्या या मोबाइल नंबर में से किसी एक विकल्प को चुनिए.
इन तीन नंबरों के जरिए आप चेक कर सकते हैं कि आपके अकाउंट में पैसे आए या नहीं.आठवी किस्त की जानकारी भी यही मिलेगी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का बयान : 1 मई से 18 वर्ष वालों को नहीं लगेगी वैक्सीन, यह बताया कारण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशभर में वैक्सीनेशन तेज करवाने की बात कही थी जिससे जल्द से जल्द कोरोनावायरस के संकट से बचा जा सके लेकिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में बड़ा बयान देते हुए बताया कि 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर वाले व्यक्तियों को लगने वाली वैक्सीन नहीं लगेगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों कंपनियों को वैक्सीन के ऑर्डर दिए थे जिससे 18 वर्ष की आयु से अधिक उम्र के लोगों वैक्सीनेशन करवाया जा सके लेकिन दोनों कंपनियों ने हमें 1 मई तक वैक्सीन दे पाने में अनभिज्ञता जाहिर की है इसके कारण अब यह कार्यक्रम नहीं हो पाएगा।
हालांकि मुख्यमंत्री ने कहा कि 45 वर्ष की आयु से अधिक उम्र के लोगों को लगने वाला वैक्सीन सुचारू रूप से चलता रहेगा इसमें कोई रोक तो नहीं रहेगी।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री ने देश में वैक्सीनेशन के लिए 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन लगवाने की बात कही थी जिससे प्रभावित होकर देशभर के युवाओं ने Covin पोर्टल से जमकर रजिस्ट्रेशन किए थे। जिसके कारण कई बार तो covin portal क्रेश मार गया,कई लोगों को वैक्सीनेशन के लिए वेटिंग मिली तो कई लोग वेबसाइट क्रैश होने के कारण रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाए।



