राजधानी भोपाल में कोरोना वैक्सीनेशन करवाने के 3 दिन एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत होने का मामला सामने आया है।
मामला राजधानी भोपाल के गोविन्दपुरा स्थिति गोविंद गार्डन का है जहाँ पर 80 वर्षीय बुजुर्ग अपनी पत्नी के साथ रहते थे वह एमपीईबी के रिटायर्ड अधिकारी थे उन्होंने 3 दिन पहले ही कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लिया था और कल शाम उनकी मौत हो गयी।
मृतक की पत्नी ने पति के निधन की सूचना पड़ोसियों को दी लेकिन कोरोना संक्रमण के डर से 12 घंटे तक कोई भी उन्हें देखने नहीं आया जब पत्नी की चीख पुकार रास्ते से गुजर रहे नव युवकों ने सुनी तो उन्होंने फ्रीजर की व्यवस्था करी और शव को फ्रीजर में रखवाया।
मृतक की पत्नी ने बताया कि पति 3 दिन पहले एमपीईबी के डॉक्टर से पूछ कर एमपीईबी ऑफिस स्थिति वैक्सीनेशन सेंटर में वैक्सीन लगवाने गए थे। जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और 28 तारीख की शाम उनकी मृत्यु हो गई।
मृतक की पत्नी ने कहा कि इससे पहले मेरे पति की तबीयत बिल्कुल सही थी उन्हें कुछ भी नहीं था।वैक्सीनेशन के बाद तबीयत बिगड़ी और मृत्यु हो गई। मृतक के बच्चे बाहर रहते हैं और उन्हें बुलाया गया और वह भी आ रहे है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया हॉस्पिटल से कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए सबसे कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने का मामला सामने आया है। यह प्रदेश का पहला मामला है जब इंजेक्शन की चोरी हुई है।
खबर है कि हमीदिया अस्पताल से 850 रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी हो गए हैं जो आज ही मरीजों को लगाए जाने थे।
हमीदिया अस्पताल को जिला प्रशासन ने कल ही यह इंजेक्शन मरीजों की मांग पर उपलब्ध करवा दिए थे जो आज चोरी हो गए हैं। चोरी की घटना प्रकाश में आने के बाद अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं।
वही घटना की सूचना किलते ही भोपाल के कोहेफिजा थाने की पुलिस भी हमीदिया अस्पताल पहुँची और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर चोर का पता लगा रही है।
आपको बता कुछ ही दिन पहले ही प्रदेश में 9247 रेमडेसिविर इंजेक्शन इंदौर आये थे और फिर लगभग 2000 इंजेक्शन भोपाल भेजे गए थे जिसमें से 850 इंजेक्शन चोरी हो गए हैं।
संभावना जताई जा रही है अस्पताल प्रबंधन या स्टाफ से कोई व्यक्ति ऐसा हो सकता है जो इन चोरों के साथ मिला हो। क्योकि इस समय बाजार में रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग अधिक है इसकी जमकर कालाबाजारी हो रही है। बिना अस्पताल के इतनी बड़ी चोरी होने नामुमकिन है।
भोपाल कलेक्टर अबिनाश लवानिया ने आज गोविंदपुरा स्मार्ट सिटी कार्यालय में स्थित कोरोना कमांड सेंटर का जायजा स्वास्थ्य आयुक्त संजय गोयल के साथ लिया। कलेक्टर ने वहां पहुचकर होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों का वीडियो कॉलिंग के जरिये हालचाल भी जाना।
कोरोना कमांड सेंटर पहुचे स्वास्थ्य आयुक्त संजय गोयल ने आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट में हो रही देरी के सवाल पर गोल मोल जबाव देते हुए कहा कि हमने लोगों के लिए रैपिड टेस्ट का इंतजाम किया है। रैपिड टेस्ट रिपोर्ट और कोरोना जैसे लक्षण नजर आते ही इलाज शुरू कर दिया जाता है। आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट में देरी हो रही है इसीलिए हमने प्राइवेट लैब को भी टेस्ट की अनुमति दी है।
इसी के साथ भोपाल कलेक्टर अवनीश लवानिया ने गोविंदपुरा में लगातार बढ़ रहे कोरोना मामलों पर बोलते हुए कहा कि अगर इसी तरह मामले बढ़ते है लॉक डाउन लगाने का फैसला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में लिया जायेगा।
भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया का बयान
प्राइवेट संस्थान को कोविड केयर सेंटर बनाये जाने के सवाल पर लवानिया ने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्राइवेट संस्थान को भी कोविड केयर सेंटर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा की प्राइवेट संस्थान इस बार खुद ही आगे मदद में लिए आगे आ रहे है।
मध्यप्रदेश दौरे के दूसरे दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को ग्वालियर किले में स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेकने पहुंचे। वे यहां करीब 10 मिनट रहे। उन्हें यहां सरोपा भेंट किया गया। उनके साथ कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी पहुंचे। वे मुरैना में शाम को करीब 46 किलोमीटर लंबा रोड शो करेंगे। राहुल ने सोमवार को दतिया में पीताम्बरा पीठ, ग्वालियर के अचलेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। उन्होंने शाम को यहां की मोती मस्जिद में इबादत भी की थी। राहुल मंगलवार को ही श्योपुर में मेला मैदान पर आम सभा को संबोधित करेंगे।
पीताम्बरा पीठ में राहुल ने पीली धोती पहनकर प्रवेश किया। ग्वालियर के अचलेश्वर मंदिर में भी अभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने रोड शो किया। अचलेश्वर मंदिर में अभिषेक के दौरान पंडित ने उन्हें जल से भरा लौटा दिया तो राहुल ने तपाक से कहा- इसमें दूध नहीं है। इसके बाद उसमें दूध डाला गया। पूजा के दौरान पंडित ने राहुल के माथे पर चंदन से त्रिपुंड बनाया। जामा मस्जिद में मसाजिद कमेटी के नाजिम खान ने राहुल को मक्का-मदीना से लाई गई चादर भेंट की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके साथ थे।
दिग्विजय कांग्रेस की रैलियों में नहीं आएंगे नज़र,नहीं करेंगे कोई प्रचार
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पार्टी की किसी भी रैली में ज्यादा नहीं दिखाई देते है। इससे कांग्रेस में गुटबाज़ी साफ़ दिखाई दे रही है। हाल ही में दिग्विजय सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियों में वो पार्टी के कार्यकर्ताओं से बात करते नजर आ रहे हैं और साफ तौर पर कह रहे हैं, मेरे भाषणों से कांग्रेस के वोट कटते हैं, इसलिए मैं रैलियों में नहीं जाता।
बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह का यह वीडियो उस वक्त का है जब वो मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी के सरकारी बंगले पर पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात पार्टी के कार्यकर्ताओं से हो गई और दिग्विजय सिंह अपनी व्यथा सुनाने लगे। वीडियो में दिग्विजय सिंह ने साफ़ तौर पर यह भी कहा कि देखते रह जाओगे,ऐसे सरकार नहीं बनेगी। जिसको टिकट मिले, चाहे दुश्मन को टिकट मिले, जिताओ। उन्होंने आगे कहा, मेरा काम सिर्फ एक है- कोई प्रचार नहीं, कोई भाषण नहीं। मेरे भाषण देने से तो कांग्रेस के वोट कटते हैं, इसलिए मैं कहीं जाता ही नहीं। इससे साफ़ दिखता है कि दिग्विजय सिंह पार्टी से कटे-कटे नज़र आ रहे है।
बता दें कि राहुल गांधी हाल ही में भोपाल दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान पार्टी के सभी बड़े नेताओं के पोस्टर मौजूद थे लेकिन दिग्विजय सिंह के पोस्टर नजर नहीं आए। हालांकि इसके लिए प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने माफी भी मांगी थी। पार्टी में अपनी स्थिति का एहसास हो जाने के बाद दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं को साफ तौर पर कह दिया है कि पार्टी को जीताने में लग जाओ। इसके साथ ही उन्होंने अपनी स्थित भी साफ कर दी है।
वर्ष 2013 विधानसभा चुनाव के पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जो दांव चले थे वहीं दांव वे इस चुनाव में जीत के लिए आजमा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ठीक पांच साल बाद शुक्रवार को एक बार फिर शाजापुर जिले के ग्राम सेमली धाम पहुंच गए। यहां पंडित कमल किशोर नागर का आश्रम है। मुख्यमंत्री चौहान ने लगभग चालीस मिनट तक पंडित नागर से बंद कमरे मं चर्चा की। इस चर्चा के बाद वे चेहरे पर मुस्कान लेकर कमरे से बाहर निकले और सीधे हेलीकॉप्टर में बैठकर भोपाल आ गए। मुख्यमंत्री की मुस्कराहट का अर्थ यह निकाला जा रहा है कि पंडित कमल किशोर नागर ने उन्हें इस बार भी चुनाव जीतने का अशीर्वाद दे दिया है।
मालवा क्षेत्र की तेरह सीटों पर है पंडित नागर का प्रभाव – कथा वचक कमल किशोर नागर मालवा के संत के नाम से भी जाने जाते हैं। गौ संरक्षण में पंडित नागर की काफी महत्वपूर्ण भूमिका है। पंडित नागर का प्रभाव मालवा अंचल की तेरह सीटों पर देखने को मिलता है। गांव-गांव में पंडित नागर के अनुयायी मौजूद हैं। सितंबर माह में एट्रोसिटी एक्ट के खिलाफ उज्जैन में हुए संत समागम में पंडित कमल किशोर नागर भी मौजूद थे। उनकी मौजूदगी में एट्रोसिटी एक्ट के बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने का प्रस्ताव समागम में पारित किया गया था।
पंडित नागर की समागम में मौजूदगी से भाजपा की नींद उडी हुई थी। पिछला विधानसभा चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंडित नागर से दूरी बनाई हुई थी। पंडित नागर मुख्यमंत्री के इस रवैये से भी नाराज थे। शुक्रवार को अचानक मुख्यमंत्री सेमली धाम जा पहुंचे। बताया जाता है कि पहले तो पंडित नागर ने चुनाव में समर्थन देने से साफ इंकार कर दिया। लेकिन, बाद में वे तटस्थ रहने को तैयार हो गए। पंडित नागर के नाराज होने का असर भाजपा के ब्राह्मण वोट बैंक पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।
भिंड नगर पालिका को नगर निगम बनाने की मंजूरी मिल गई है। सोमवार को भोपाल में आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में ये मंजूरी दी गई है। नगर निगम में शहर के आसपास के करीब 35 गांव शामिल होंगे। इसी के साथ शहर को डवलप करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। मास्टर प्लान के तहत शहर में चौड़ी सड़कें होंगी। साथ ही ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए 2 रिंग रोड होंगे और शहर से बाहर 2 ट्रांसपोर्ट नगर भी बनाए जाएंगे।
भिंड नगर पालिका का बजट अरबों में पहुंच जाएगा
1 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक में भिंड और दतिया नगर पालिका को नगर निगम बनाने की मंजूरी दी है। नगर निगम बनने से नपा का सालाना बजट भी बढ़ जाएगा। भिंड नगर पालिका का अभी सालाना 65 करोड़ रुपए का बजट है। नगरनिगम बनने से यह बजट अरबों में पहुंच जाएगा, जिससे शहर का विकास और तेजी से होगा।
शामिल होने वाले गावों की सूचि
भिंड नगर निगम बनने के बाद इसमें दबोहा, कीरतपुरा, मंगदपुरा, जामना, मानपुरा, रतनूपुरा, दीनपुरा, हैवदपुरा, कुम्हरौआ, मुड़ियाखेरा, चंदनपुरा, बाराकलां, मुडियाखेरा, मुरलीपुरा सहित अन्य पंचायतों को शहर में शामिल किया जाएगा। इससे इन गांवों को शहरी सुविधाएं मिलेंगी।