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अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद दबाव में आई योगी सरकार ने मारा यूटर्न !

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ट्वीट और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दबाव में आई भाजपा सरकार अब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर मोटरसाइकिल और दो पहिया वाहनों के लिए टोल टैक्स लगाने का फैसला वापस ले लिया है। 

इससे पहले  एक्सप्रेस वे पर मोटरसाइकिल के लिए एक तरफ का ₹285 टोल टैक्स टैक्स वसूलने का प्रस्ताव किया था। उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को यहां लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगरा एक्सप्रेस वे पर टोल टैक्स को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि सरकार गरीबों को एक्सप्रेस-वे पर नहीं चलने देना चाहती है ।
उन्होंने कहा था कि हमारी सरकार ने प्रस्ताव बनाया था कि 20लाख रुपए से कम की गाड़ियों पर एक्सप्रेस पेपर टोल टैक्स नहीं लगाया जाएगा ।श्री यादव ने यह भी कहा कि जब उनकी सरकार बनेगी तो वह दिल्ली से आगरा और आगरा से लखनऊ के साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर बन जाने के बाद 20लाख रुपए से कम की गाड़ियों पर टोल टैक्स नहीं लगाएंगे।

 
अखिलेश यादव ने कहा कि यह एक्सप्रेस वे लोगों को सीधे दिल्ली से जोड़ने के लिए और कम समय में देश की राजधानी तक पहुंचाने के लिए बनाया गया था लेकिन सरकार इस पर भारी भरकम टोल टैक्स लगा कर जनता की उम्मीदों पर पानी फेरना चाहती है। अखिलेश यादव की प्रेस कान्फ्रेंस के बाद दबाव में आई सरकार ने आनन-फानन में दोपहिया वाहनों पर  टोल टैक्स लगाने का निर्णय वापस लेने कानून  फैसला किया है।

योगी आदित्यनाथ पर भड़के साधु-संत, बोले आप से अच्छी थी पिछली सरकार ।

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यूपी के इलाहाबाद में योगी सरकार को साधु-संतों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा है। यूपी के साधु-संत योगी सरकार से इस कदर नाराज है कि उन सभी ने मिलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर बोला कि अगर आपको गुजरात चुनाव से फुरसत मिल जाए तो यूपी के माघ मेला पर भी कुछ ध्यान देने का कष्ट करें। 
साधु संतों ने यहां तक कह दिया कि आपकी सरकार से अच्छी तो पिछली सपा सरकार थी। कम से कम हमें वहां इज्जत और सम्मान तो मिलता था। 

आप को बता दें कि रामानंद सरस्वती की अध्यक्षता में संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिठ्ठी लिखी है और माघ मेला में अव्यवस्थाओं का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि 16 दिन बाद शुरू होने वाले माघ मेले के लिए हजारों लोग पहुंच चुके हैं, लेकिन वहां अभी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं है। माघ मेले को लेकर नए डीएम की उदासीनता पर सवाल उठाया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कुंभ की व्यवस्था को देख रहे हैं जिसकी वजह से माघ मेला की दुर्दशा हो रही है।

स्वच्छ भारत अभियान की पोल खोलते हुए साधु-संतों ने कहा कि सरकार स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर बड़ी बड़ी बातें करती है वहीं मेले में एक शौचालय तक कि व्यवस्था नही की गई है । जिसके कारण लोग जगह जगह सौच करके गंदगी फैला रहे है। 
मुख्यमंत्री को लिखी संतों की चिट्ठी से प्रशासन में हड़कंप तो मच ही गया है, साथ ही ये चिट्ठी इस बात को साबित करने के लिए काफी है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ गुजरात चुनाव के चक्कर में अपने प्रदेश को भी पूरी तरह से भूल गए और जनता को परेशान होने के लिए छोड़ दिया।

सीएम योगी के गृह जिले में नही रुक रहा मौत का सिलसिला, फिर हुई 30 मासूमों की मौत 

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​​गोरखपुर. सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। यहां स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में बीते 48 घंटों में एक बार फिर 30 मासूमों की मौत की घटना सामने आई है। इन बच्चों की मौत 1 नवम्बर से 3 नवम्बर के बीच हुई। बता दें कि पिछले तीन महीनों में बीआरडी कॉलेज के बालरोग विभाग में 1300 बच्चों की मौत हो चुकी हैं।

 

गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज उस समय सुर्खियों में आया जब 10-11 अगस्‍त की रात ऑक्‍सीजन बाधित होने के कारण 36 बच्‍चों की मौत हो गई। इस मामले ने काफी तूल पकड़ा और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के तत्‍कालीन प्राचार्य डा. राजीव मिश्र, उनकी पत्‍नी डा. पूर्णिमा शुक्‍ला, डा. कफील खान सहित कुल 9 लोगों को जेल जाना पड़ा।

इसके बावजूद भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मासूमों की मौत का सिलसिला नहीं थमा। हर रोज हो रही मासूमों की मौत ने आम लोगों को हैरान तो किया है। लेकिन, पूर्व में इसे सामान्‍य मौत मानने वाला बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी अब यह मानने लगा है कि इन मौतों को सामान्‍य मौतें नहीं कहा जा सकता है।

क्या बोले डॉक्टर ?

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डा. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि 1 नवंबर की रात 12 बजे से 3 नवंबर की रात 12 बजे तक 48 घंटे में कुल 30 बच्‍चों की मौत हुई है। उन्‍होंने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 1 नवंबर की रात 12 बजे से 3 नवंबर की रात 12 बजे तक एनआईसीयू (नियो नेटल यूनिट) में कुल 15 बच्‍चों की मौत हुई है। वहीं पीआईसीयू (पीडिया) में 15 बच्‍चों की मौत हुई है।

उन्‍होंने बताया कि 1 नवंबर की रात 12 बजे से 2 नंवबर की रात 12 बजे तक एनआईसीयू में 7 और पीआईसीयू में 5 बच्‍चों की मौत हो गई। तो वहीं 2 नवंबर की रात 12 बजे से 3 नंवबर की रात 12 बजे तक एनआईसीयू में 8 और पीआईसीयू में 10 बच्‍चों की मौत हुई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री समेत भाजपा के कई नेताओं को देना होगा इस्तीफ़ा !

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Newbuzzindia : उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस्तीफ़ा  देने वाले है  . योगी आदित्यनाथ के साथ ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या और दिनेश शर्मा को भी इस्तीफ़ा देना होगा . इन तीन नेताओं के एलावा अल्पसंख्यक मंत्री मोहसिन रजा और परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वतंत्र देव सिंह भी इस्तीफ़ा देने वालों की लिस्ट में शामिल है .

 

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत यह पाँचों नेता इस समय उत्तरप्रदेश विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नही है . वही मुख्यमंत्री , उपमुख्यमंत्री या फिर मंत्री बनने के लिए विधानसभा या विधानपरिषद् का सदस्य होना अनिवार्य है .

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समय गोरखपुर से संसद है . केशव प्रसाद मौर्या इलाहबाद के फूलपुर से सांसद है. वहीं दिनेश शर्मा लखनऊ के महापौर है .

 

 

लोकसभा से देना होगा इस्तीफ़ा 

 

इन सभी नेताओं को अपने पद पर बने रहने के लिए 6 महीने के अंदर विधानसभा या विधानपरिषद का सदस्य बनना होगा . वहीं इन 5 नेताओं को विधानसभा या विधानपरिषद का सदस्य बनाने के लिए  मौजूदा सदस्यों को इस्तीफ़ा देना होगा .

 

सूत्रों के अनुसार योगी आदित्यनाथ गोरखपुर की सदर विधानसभा से चुनाव मैदान में उतर सकते है . सदर विधानसभा से मौजूदा विधायक डॉक्टर राधामोहन दास अग्रवाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए इस्तीफ़ा दे सकते है . राधामोहन के एलावा और भी कई विधायक योगी आदित्यनाथ के लिए इस्तीफ़ा देने के लिए तैयार है .

 

ऐसे में देखना दिलचस्प होगा की सीएम योगी आदित्यनाथ किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते है . वैसे तो योगी आदित्यनाथ बिना चुनाव लड़े विधानपरिषद के रास्ते ही मुख्यमंत्री बने रह सकते है .

 

केशव प्रसाद मौर्या और दिनेश शर्मा

सूत्रों के अनुसार केशव प्रसाद को इलाहाबाद की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़वाया जा सकता है . वहीं दिनेश शर्मा को विधानपरिषद का सदस्य बनने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है . दिनेश शर्मा को विधानपरिषद में सत्ता पक्ष का नेता भी बनाया जा चुका है .

 

नवंबर में होंगे चुनाव

 

आपको बता दें कि उत्तरप्रदेश में इसी साल नवंबर में स्थानीय निकाय चुनाव होने है . जिसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोरखपुर लोकसभा सीट और केशव प्रसाद मौर्या की इलाहाबाद लोकसभा सीट पर भी चुनाव होंगे . ऐसे में विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हर चुकी कांग्रेस , बसपा और सपा अपनी पूरी ताकत लगाकर यह चुनाव जीतना चाहेंगी .

शुरू हुए योगी आदित्यनाथ के बुरे दिन , 21 अगस्त से शुरू होगी उलटी गिनती

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वैसे तो मोदी सरकार के आने के बाद से ही भाजपा के अच्छे दिन शुरू हो गये है . लेकिन उत्तर प्रदेश में प्रचंड जीत दर्ज करके मुख्यमंत्री बनने  वाले योगी आदित्यनाथ के बुरे दिन शुरू होने वाले है . ऐसा कह रहे है जाने माने ज्योतिष और हस्तरेखा विशेषज्ञ अनिल कात्यन . आपको बता दें की अनिल कात्यान इससे पहले भी कई राजनैतिक भविष्यवाणी कर चुके है . जिनमें से ज्यादातर भविष्यवाणी सही साबित हुई है .

 

कात्यान का कहना है की 7 अप्रैल के बाद ग्रहों की स्तिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ हो रही  है . जिसके कारण आदित्यनाथ को बड़ी मुश्किल और विरोध का सामना करना पद सकता है . कात्यान का कहना है की जिस तरह आदित्यनाथ अधिकारिओं को भरोसे में लिए बिना बड़ी बड़ी घोषणा कर रहे है . जिसके कारण  धीरे-धीरे अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बातें सुनना कम कर सकते है .

 

ज्योतिष के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काम करने की दिशा सही हो सकती है . लेकिन कार्यं करने का प्रारूप तय नही होने के कारण अडचनें आ सकती है .

उत्तर प्रदेश चुनाव के पहले भी की थी भविष्यवाणी

 

अगर आपने मीडिया में सुना हो तो अनिल कात्यान ने उत्तरप्रदेश चुनाव के पहले भी भविष्यवाणी की थी . कात्यान ने कहा था की उत्तरप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी बड़ी जीत दर्ज करेगी . इसके साथ ही कात्यान ने कहा  था की समाजवादी पार्टी के खराब दिन शुरू होने वाले है .

 

21 अगस्त के बाद शुरू होगी उलटी गिनती

 

अगर ज्योतिष अनिल कात्यान की बातों को सही मानो तो 21 अगस्त से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उलटी गिनती शुरू होने वाली है . कात्यान के अनुसार योगी आदित्यनाथ के यह बुरे दिन पूरे तीन महीने यानि 31 नवम्बर तक चलेंगे . इस बीच कुछ ऐसी स्तिथि पैदा हो सकती है की आदित्यनाथ को पार्टी आलाकमान के विरोध का सामना करना पड़े . अब देखना दिलचस्प होगा की मोदी जी के डिजिटल इंडिया में क्या ज्योतिष की बातें सच होती है ? और क्या योगी आदित्यनाथ के बुरे दिन आते है ?

“जब वो तोड़ने से ना रोक सके तो बनाने से कौन रोकेगा, बनेगा राम मंदिर।” -योगी आदित्यनाथ

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भले ही भाजपा राम मंदिर मामले पर बोलने से बचती रहती है पर अभी जैसे ही यूपी में चुनाव का माहौल आया अपने इरादों को स्पष्ट करते हुए आखिर भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात कह दी है। आदित्यनाथ राम मंदिर मामले पर एक बार और विवादित बयान दे कर विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं।

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पार्टी सांसद योगी आदित्यनाथ ने यूपी के बस्ती में राम मंदिर को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने भड़काऊ अंदाज में कहा कि जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने से कोई नहीं रोक सका, तो भला मंदिर बनाने से कौन रोकेगा।
रविवार को रामकथा के अयोजन में पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को धमकी भरे अंदाज में कहा, ‘भगवान राम के मंदिर को बनने से कोई नहीं रोक सकता है। जब ढांचा ढहाने से कोई नहीं रोक पाया तो मंदिर बनाने से कौन रोकेगा। छह दिसंबर को कार सेवकों ने ढांचा ढहाने के बाद ईट का एक-एक टुकड़ा अपने साथ लेकर चले गए और अपने हिसाब से उसका इस्तेमाल किया।’

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मदर टेरेसा पर फिर हमला

बीजेपी सांसद यही नहीं रुके। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में भारत रत्न मदर टेरेसा को लेकर भी टिप्पणी की। आदित्यनाथ ने कहा, ‘मदर टेरेसा धर्मांतरण करवाती थी। आज भी सेवा के नाम पर धर्मांतरण जारी है। टेरेसा के लोग भारत का इसाईकरण करने का काम करते हैं। देश के पूर्वोत्तर राज्यों में इन इसाईयों ने किस तरह से खतरनाक स्थ‍िति पैदा कर रखी है, इसे देखना है तो झारखंड, अरूणाचल, त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय जाइए।’

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‘कैराना मामले पर किसी ने पुरस्कार क्यों नहीं लौटाया ?’

आदित्यनाथ ने कैराना के मामले पर दुख प्रकट करते हुए कहा, ‘हिंदू कब तक पलायन करेगा और वह जाएगा कहां ? पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से हिंदुओं को भगाया गया। तब किसी ने असहिष्णुता की बात नहीं की। तब किसी ने कोई पुरस्कार वापस नहीं किया।’