इंदौर में भारत सीरम एंड वैक्सीन लिमिटेड के गोदाम में आग लग गई, जिसके चलते कई बीमारियों में इस्तेमाल आने वाली वैक्सीन जलकर खाक हो गई। हालांकि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया था।
जानकारी के अनुसार भारत सीरम एंड वैक्सीन लिमिटेड के गोदाम में रविवार दोपहर आग लग गई है। आगजनी की घटना में कई बीमारियों में इस्तेमाल आने वाली वैक्सीन जलकर खाक हो गई है। बता दे कि ब्लैक फंगर्स बीमारी में इस्तेमाल 1 हजार वैक्सीन को बचा लिया गया।
मध्य प्रदेश की कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर ने इस दफा एक बड़ा बयान दे दिया है। और रेमडेसिविर इंजेक्शन पर ही उन्होंने सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा कि नकली रेमडेसिविर लगने के बाद भी लोगों की जान बच रही है। ये सोचने वाली बात है कि कहीं असली रेमडेसिविर इंजेक्शन की डोज देने के कारण मौत हो रही है।
उन्होंने कहा कि कई बार हाईडोज बहुत ज्यादा तकलीफ दे रहा है। मैंने खुद कई ऐसी मृत्यु देखी है जो मुझे भी लगता है कि इंजेक्शन के हाईडोज की वजह से हुई है। उदाहरण देते हुए कहा कि किसान संघ का नेता मोहन पांडेय उसे 6 रेमडेसिविर लगे, टोसी लगे लेकिन उसे बचा नहीं पाए।
उन्होंने आगे कहा कि रेमडेसिविर और टोसी संजीवनी बूटी नहीं है और न ही प्रमाणिक इलाज। कोई भी इसके पीछे ना पड़ें। ये डॉक्टर तय करेगा कि इंजेक्शन देना है या नहीं।
वहीं मंत्री ने यज्ञ की आहुति देने वाले बयान पर टिकी रही और कहा कि तथ्यों के आधार पर मैं प्रमाण दे सकती हूं कि वैदिक पद्धति कितनी कारगर है। स्वस्थ्य रहने के लिए वैदिक जीवन पद्धति को अपनाना ज़रूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ये माना है कि भारतीय वैदिक जीवन पद्धति को अपनाना ज़रूरी है।
रेमडेसिविर इंजेक्शन ला रहा मध्य प्रदेश सरकार का एक विमान ग्वालियर एयरपोर्ट पर गुरुवार रात तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस विमान के पायलट और सह-पायलट को हादसे में मामूली चोटें आई है। बता दे कि वे दोनों सुरक्षित है और इंजेक्शन भी सुरक्षित है।
दरअसल ग्वालियर जिले के पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने कहा कि हादसा ग्वालियर के महाराजपुर एयरपोर्ट पर गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ था। उन्होंने ये भी कहा कि ये विमान उतरते वक्त रनवे से थोड़ा सा फिसल गया।
मध्य प्रदेश सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की प्रदेश में चल रही कमी के चलते जल्द से जल्द कोविड-19 के मरीजों को इंजेक्शन मुहैया कराने के लिए इस विमान को सेवा में लगाया था।
मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के शैल्बी अस्पताल(Shalby Hospital) में रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन ने फार्मेसी कर्मचारी के खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
इंदौर का Shalby Hospital
अस्पताल ने कहा कि फार्मेसी के कर्मचारी ने 133 इंजेक्शन चुराये है। पुलिस ने मंगलवार देर रात उसको हिरासत में ले लिया है। गिरोह में शामिल चार अन्य कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
तुकोगंज थाना टीआई कमलेश शर्मा ने बताया कि अचलपुरा जिला भिंड निवासी अनूप पुत्र जनकसिंह चौहान की शिकायत पर आरोपित भूपेंद्र शैलीवाल के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया है।
फरियादी ने पुलिस को बताया कि आरोपी अस्पताल के फार्मेसी विभाग में नौकरी करता है। उसने साथियों के साथ मिलकर 133 रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी कर बाजार में खपा दिए।
चोरी इंजेक्शन की कीमत एक लाख 76 हजार 582 रुपये बताई जा रही है। टीआइ के मुताबिक गड़बड़ी में भूपेंद्र के साथ चार अन्य भी शामिल हो सकते हैं, जो फार्मेसी विभाग में ही नौकरी करते है। पुलिस वहां से रिकार्ड, फुटेज और ड्यूटी चार्ट मांग कर जांच कर रही है।
इंदौर के तुकोगंज थाना प्रभारी कमलेश शर्मा का बयान
आपको बता दें कि मध्यप्रदेश सहित समूचे देश मे रेमडेसिविर इंजेक्शन की भारी मांग के चलते जमकर कालाबाजारी हो रही है। बीते दिनों भोपाल के प्रमुख सरकारी अस्पताल हमीदिया(Hamidiya) से भी 863 इंजेक्शन चोरी हुए थे जिसमे भी अस्पताल प्रबंधन से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे।