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मध्यप्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व और भेड़ाघाट को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज में मिली जगह

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मध्य प्रदेश के लिए अच्छी खबर आई है। यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और जबलपुर के भेड़ाघाट को शामिल किया है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल ने इस संबंध में ट्वीट कर जानकारी दी है।

मध्य प्रदेश ऐसा राज्‍य बन गया है जहां से दो स्‍थलों को यूनेस्‍को विश्‍व धरोहरों की प्राकृतिक श्रेणी की संभावित सूची में शामिल किया गया है। मंत्री ने कहा कि संभावित स्‍थलों की सूची में विशिष्‍ट विशेषताओं वाले स्‍थलों को ही शामिल किया जाता है।

बता दे कि होशंगाबाद का सतपुड़ा टाइगर रिजर्व अपने प्राकृतिक सौंदर्य और बाघों के रहवास के लिए विश्व प्रसिद्ध है। जहां बाघ के अलावा अन्य वन्यप्राणी पाएं जाते हैं। इन्हें देखने देशभर के लोग आते है।

भोपाल AIIMS की एक बड़ी लापरवाही, मरीज को ऑक्सीजन सिलेंडर बिना ऑक्सीजन के लगा दिया

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भोपाल में AIIMS की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक मरीज और उसके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि उन्होंने मरीज को ऑक्सीजन सिलेंडर तो लगाया था लेकिन सिलेंडर में ऑक्सीजन ही नहीं था। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

मध्य प्रदेश सरकार के हिसाब से भोपाल में संक्रमण का असर कम हुआ है। बीते 10 दिनों में भोपाल में कोरोना संक्रमण 12.75 फीसदी तक कम हो गया है। वहीं देश के जाने माने डॉक्टर और एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि अगर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन किया जाए तो 3 हफ्ते में पूरे देश में कोरोना संक्रमण कम हो जाएगा।

दरअसल भोपाल के अस्पतालों की हालात देखे तब स्थिति कुछ और ही है। हर जगह ऑक्सीजन की किल्लत दवाओं की किल्लत बेड और वेंटिलेटर की किल्लत है। बता दे कि सरकारी आंकड़े कुछ और ही कहते है।

भोपाल में बढ़ाया जा सकता है कोरोना कर्फ्यू

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मध्य प्रदेश में कोरोना के हालात देखते हुए भोपाल में कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया जा सकता है। इसका संकेत भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया के बयान से लगाया जा रहा है। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह से जिले में संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है । और ऐसे में हालात को देखते हुए फैसला लिया जाएगा।

बता दे कि भोपाल में 30 अप्रैल की सुबह तक कर्फ्यू लगाया गया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इसे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि कलेक्टर की तरफ से अभी इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि कर्फ्यू कितने दिनों के लिए बढ़ाया जाएगा।

दरअसल राजधानी में शनिवार को 1776 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है जिसकी वजह से यहां पर संक्रमितों की संख्या बढ़कर 78,934 हो गई है। वही सरकारी रिकॉर्ड के हिसाब से जिले में शनिवार को 10 मरीजों की मौत भी हुई है। यहां अब तक कुल 707 मरीज कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गंवा चुके है।और 11267 कोरोना मरीज अब भी एक्टिव है।

भोपाल के AIIMS के बाहर लगा बेड फुल का बोर्ड

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मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई है। अब AIIMS भोपाल ने परिसर के बाहर बोर्ड लगा दिया है। बोर्ड पर ये लिखा है- अभी सब बेड फुल है, असुविधा के लिए खेद है। प्रदेश के अस्पतालों का यही हाल देखा जा रहा है।

प्रदेश में ऑक्सीजन की व्यवस्था भी पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। अस्पतालों में डिमांड से कम ऑक्सीजन मिलने के कारण हड़कंप मचा हुआ है। ऑक्सीजन की पूर्ति नहीं होने के कारण अब अस्पतालों ने भी नए मरीज को भर्ती करने से इंकार कर दिया है। बता दे कि भोपाल में लगभग 100 टन ऑक्सीजन की हर रोज जरूरत है, लेकिन सिर्फ 80 टन की ही सप्लाई हो रही है।

बता दे कि RKDF में ऑक्सीजन की कमी के चलते खाली पड़े 95 बेड पर नए मरीज को भर्ती नहीं किया जा रहा है। यहा कुल 225 बेड की व्यवस्था है। जिसमे 120 मरीज भर्ती और 95 खाली है। बता दें, कल इंदौर के बड़े अस्पताल ने भी नो-एंट्री का बोर्ड लगा दिया था।

दरअसल कोविड अस्पतालों में सुरक्षा के लिए ऑक्सीजन सेफ्टी ऑडिट कमिटी गठित की गई है। भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने अपर आयुक्त नगर निगम सीपी गोहल की अध्यक्षता में ये कमेटी बनाई है। कमेटी ऑक्सीजन की स्थिति सुधारने और व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जिम्मेदार होगी।

एम्स भोपाल में 19 अप्रैल से OPD बन्द, नॉन कोविड मरीजों के लिए नो एंट्री

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AIIMS भोपाल में 19 अप्रैल से नॉन कोविड मरीज़ों के लिए OPD बंद की जा रही है अब वहा केवल इमरजेंसी ऑपेरशन ही किये जाएंगे।

प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर यह निर्णय किया गया है जहाँ पर अब सिर्फ कोविड 19 से संक्रमित मरीजों को ही एंट्री मिलेगी। नॉन कोविड मरीजों को एम्स में नो एंट्री रहेगी।

आपको बता दें कि कल मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि प्रदेश में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में सक्रिय प्रकरणों की संख्या में वृद्धि हुई है। राज्य शासन आवश्यक स्वास्थ्य व्यवस्थाएँ बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि हमने नई दिल्ली बात कर एम्स भोपाल के शेष खाली बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। भविष्य में भी एम्स में जो बेड रिक्त होंगे, वे कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे। कोविड मरीजों के लिए बिस्तर, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन की व्यवस्था और हर जिले में कोविड केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।