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Bhopal News : First of all Bhopal is a city in the central Indian state of Madhya Pradesh. It’s almost one of India’s greenest cities. There are mainly two main lakes, the Upper Lake and the Lower Lake. On the banks of the Upper Lake and Van Vihar National Park . Almost  home to tigers, lions and leopards. Therefore for news related to bhopal you should probably visit newbuzzindia.com.
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भारत देश में मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी है और भोपाल ज़िले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है। भोपाल को झीलों की नगरी भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ कई छोटे-बडे ताल हैं। भोपाल से जुड़े समाचारों के लिए क्लिक करें newbuzzindia.com

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शमशान घाट और कब्रिस्तान की तस्वीरें बयान कर रही है मौत की सच्चाई, सरकारी आंकड़ों से अलग है हकीकत

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भोपाल में कोरोना का कहर अब भी जारी है और इससे तमाम लोग दम तोड़ रहे है। भोपाल के 2 श्मशान घाट और एक कब्रिस्तान में अप्रैल में कुल 2,557 शवों को अंतिम संस्कार कोरोना के प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया है। लेकिन भोपाल में सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में मात्र 104 लोगों की मौत बताई गई है।

बता दे कि भदभदा विश्राम घाट प्रबंधन समिति के सचिव शर्मा ने कहा कि भदभदा विश्राम घाट में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक कुल 2,052 शवों का अंतिम संस्कार किया है। इनमें से 1,654 शवों का अंतिम संस्कार कोरोना के प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया है। भदभदा विश्राम घाट प्रदेश की राजधानी भोपाल में हिन्दुओं के बड़े श्मशान घाटों में से एक है।

इसके साथ शर्मा ने कहा कि भोपाल में भदभदा विश्राम घाट, सुभाष नगर विश्राम घाट एवं झदा कब्रिस्तान जहांगीराबाद में ही कोविड-19 के मरीजों का अंतिम संस्कार करने की अनुमति है।

वहीं सुभाष नगर विश्राम घाट के प्रबंधक शोभराज सुखवानी ने बताया कि उनके विश्राम घाट में अप्रैल में 1,386 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से 727 शवों का अंतिम संस्कार कोविड-19 के प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया।

झदा कब्रिस्तान जहांगीराबाद के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रेहान गोल्डन ने कहा कि पिछले महीने हमारे कब्रिस्तान में कुल 373 शव दफनाये गये। इनमें से 176 को कोविड-19 के प्रोटोकोल के मुताबिक दफनाया गया। जबकि 42 शवों को कोरोना वायरस से हुई मौत के संदेह में दफनाया।

हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार की 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक की कोविड-19 बुलेटिनों के अनुसार अप्रैल 2021 में भोपाल में मात्र 104 लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से हुई।

भोपाल में कोरोना वार्ड में वीडियो कॉलिंग की सुविधा हुई शुरू , मरीज दिन में एक बार कर सकता है अपने परिजनों से बात

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भोपाल के हमीदिया अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने के बाद यहा के इलाज पर सवाल उठने लगे थे। मरीजों के स्वजन को इलाज से जुड़ी जानकारी नहीं मिलने के कारण कई बार विवाद और आरोप की स्थिति भी बन रही थी। इस समस्या को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने एक नया तरीका निकाला। बता दे कि भर्ती मरीज के इलाज और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी स्वजन को सीधे परिवार के सदस्य को उपलब्ध कराने के लिए दिन में एक बार उनके परिवार वालों से वीडियो कॉलिंग पर बातचीत कराई जा रही है।

दरअसल हमीदिया अस्पताल के कोविड वार्ड में मरीज अपना इलाज करा रहे हैं। कोविड वार्ड में परिवार के सदस्य आ नहीं सकते, इसलिए उनका पूरा परिवार उनकी चिंता में रहता है। परिवार के सदस्य खुद संक्रमित होने के खतरे के बीच भी दिनभर इसीलिए हमीदिया अस्पताल के परिसर में घूमते रहते थे कि किसी तरह एक बार उनसे बात हो जाए।

बता दे कि यह व्यवस्था कोरोना वालेंटियर बने कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। इस प्रयास से न सिर्फ परिवार के सदस्यों को राहत मिलती है बल्कि मरीजों को भी स्वस्थ होने में मदद मिलती है। वीडियो कॉल पर बात करवाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को टैबलेट्स उपलब्ध कराए गए है। हर स्वास्थ्य कर्मी को चार से पांच मरीजों की जिम्मेदारी दी गई है।

40 महिला आरिक्षित बेड के साथ शुरू हुआ भोपाल के 3 EME सेंटर में कोविड केयर सेंटर

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3 ईएमई सेंटर में कोविड केयर सेंटर शुरू हो गया है। 150 बेड वाले कोविड सेंटर में सभी सुविधाएं जुटाई गई है। डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर को कोरोना के बढ़ते मरीजों के हित तथा लोकहित में कोरोना मरीजों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने के उद्देश्य से स्टेशन कमांडर आशुतोष शुक्ल तथा सेना के कई जवानों ने मिलकर इसे महज 48 घंटे में तैयार किया है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को आर्मी केम्प स्थित कोविड सेंटर का निरीक्षण किया। इस मौके पर कलेक्टर अविनाश लवानिया सहित सेना के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री सारंग ने बताया कि 150 बिस्तरों के इस कोविड केयर सेंटर में 40 बिस्तर महिलाओं के लिए रिजर्व किए गए है। बता दे कि जिस प्रकार से सेना ने इस देश में हर संकट में समाज के साथ खड़े हो कर देश की सेवा की है खासकर ऐसे संकट जिसमें समाज को बहुत जरूरत होती है ऐसे में उन्होंने सेना को बहुत धन्यवाद कहा है।

सारंग ने बताया कि हमने सेना को विश्वास दिलाया है कि उन्हें जिस भी तरह की आवश्यकता होगी वे सारी सुविधाएं उन्हें मुहैया करवाई जाएगी। सारंग ने बताया कि 3 EME सेंटर में शुरू हुए इस कोविड केयर सेंटर को बैरागढ़ के सिविल अस्पताल से लिंक किया जा रहा है। सिविल अस्पताल में जो भी को कोरोना के मरीज आएंगे उन्हें यहां पर शिफ्ट किया जाएगा।

भोपाल में बढ़ाया जा सकता है कोरोना कर्फ्यू

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मध्य प्रदेश में कोरोना के हालात देखते हुए भोपाल में कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया जा सकता है। इसका संकेत भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया के बयान से लगाया जा रहा है। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह से जिले में संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है । और ऐसे में हालात को देखते हुए फैसला लिया जाएगा।

बता दे कि भोपाल में 30 अप्रैल की सुबह तक कर्फ्यू लगाया गया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इसे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि कलेक्टर की तरफ से अभी इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि कर्फ्यू कितने दिनों के लिए बढ़ाया जाएगा।

दरअसल राजधानी में शनिवार को 1776 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है जिसकी वजह से यहां पर संक्रमितों की संख्या बढ़कर 78,934 हो गई है। वही सरकारी रिकॉर्ड के हिसाब से जिले में शनिवार को 10 मरीजों की मौत भी हुई है। यहां अब तक कुल 707 मरीज कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गंवा चुके है।और 11267 कोरोना मरीज अब भी एक्टिव है।

अजब प्रेम की गजब कहानी,’आपदा को अवसर’ बनाने वाली नर्स निकली जान की सौदागर

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आपने ‘आपदा को अवसर’ में बदलने वाले कई लोगों के किस्से सुनें होंगे लेकिन क्या आपने कोई ऐसा घटनाक्रम सुना है जब कोई किसी की जान से ही खिलवाड़ कर जाए? लेकिन ऐसा ही मामला भोपाल में सामने आया है जहां पर एक नर्स ने अपने पेशे से अन्याय किया है।

दरअसल, भोपाल के जे के अस्पताल की नर्स कोरोना मरीजों को नॉर्मल इंजेक्शन लगाकर रेमडेसिविर चुरा लेती थी और अपने प्रेमी के जरिए उसे ब्लैक में बिकवाती थी।

इस इंजेक्शन की कालाबाजारी को लेकर जब कोलार पुलिस ने एक युवक को दबोचा, तब इस कहानी का सच सामने आया। पुलिस ने कहा कि गिरधर कॉम्प्लेक्स, दानिशकुंज निवासी झलकन सिंह की प्रेमिका शालिनी जे के अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ है। बता दे कि आरोपी नर्स अभी फरार है।

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसकी प्रेमिका इंजेक्शन रेमडेसिविर की बजाय दूसरा नॉर्मल इंजेक्शन मरीज को लगा देती थी। उसके बाद ये इंजेक्शन 20 से 30 हजार रुपए में बेचता था। आरोपी ने ये भी बताया कि उसने जे के अस्पताल के ही डॉक्टर शुभम पटेरिया को भी 13 हजार रुपए में इंजेक्शन बेचा है। इसका पैमेंट उसको ऑनलाइन किया गया था।

बताया जा रहा है कि जे के अस्पताल में एडमिट एक मरीज के परिजन से झलकन ने इंजेक्शन का सौदा किया था। कीमत को लेकर खींचतान होती रही और इसी बीच उसके मरीज की मौत हो गई। इस बात से नाराज होकर उसने सूचना गोपनीय तरीके से पुलिस अफसरों तक पहुंचाई। इसके बाद झलकन पर निगरानी रखी जा रही थी। उसके जेब में इंजेक्शन होने की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद तत्काल घेराबंदी हुई और पुलिस ने उसको धर दबोचा।


पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 389, 269, 270 और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शालिनी वर्मा की तलाश की जा रही है। इस मामले में डीआईजी इरशाद वली ने कहा कि जीवन रक्षक इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे सभी आरोपियों पर रासुका लगाई जाएगी।

भोपाल के अस्पताल में फिर दिखी लापरवाही

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सोमवार(monday) को भोपाल(bhopal) के पीपुल्स हॉस्पिटल(people’s hospital) में ऑक्सीजन(oxygen) की कमी से करीब 12 से ज्यादा लोगों की मौत(death) होने की खबर सामने आई है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन(hospital officials) ने इस खबर से इनकार कर दिया है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि सुबह ऑक्सीजन सप्लाई कुछ देर के लिए बाधित जरूर हुई थी लेकिन इसकी वजह से मौतें नहीं हुई हैं।

बता दे कि पिछले कुछ दिनों से पीपुल्स अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी और मरीजों की परेशानी सामने आ रही थी। मरीजों के परिजन शिकायत कर रहे थे कि प्रबंधन ऑक्सीजन की कमी बताते हुए मरीजों को भर्ती कर रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि अस्पताल में आक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध ना होने से देर रात या सुबह ऑक्सीजन खत्म या कम हो जाती है। बताया जा रहा है कि पीपुल्स कोविड हॉस्पिटल सेंटर में सोमवार सुबह ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से 12 से 15 मरीज़ों क़ी मौत हो गई। वहीं अस्पताल प्रबंधन का दावा है, मौत होने की वजह बिगड़ी हुई तबियत है। ऑक्सीजन की सप्लाई कम या ज्यादा होती रहती है।

भोपाल में RSS ने शुरू किए 4 क्वारेन्टीन सेंटर

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मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने सेवा की कमान अपने हाथों में संभाल ली है। भोपाल में प्रतिदिन संक्रमित मरीजों का आंकड़ा जिस गति से बड़ा उसके कारण पूरे शहर के सभी अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड का अभाव देखने को मिला इस बात की जानकारी जब संघ के स्वयंसेवकों को लगी तो उन्होंने तुरंत ही समाज के बीच में उतरकर सहयोग करने की योजना बनाई ।

भोपाल में चार जगह शुरू क्वारेन्टीन सेंटर

संघ के कार्यकर्ताओं ने भोपाल के गांधीनगर के सेवा भारती आश्रम , शिवाजी नगर के सरस्वती शिशु मंदिर सरस्वती शिशु मंदिर नारियल खेड़ा, सरस्वती शिशु मंदिर कोटरा को कवरेन्टीन सेंटर बनाया गया है। बता दे कि लगभग 70 लोगों को आश्रय देने की व्यवस्था की गई है । वहीं आवश्यकता पड़ने पर लगभग 200 लोगों के रुकने की व्यवस्था की जाएगी ।

संक्रमित मरीजों के परिजनों के रहने हेतु व्यवस्था

कार्यकर्ताओं ने बताया कि इन सेंटर में उन लोगों को रहने की व्यवस्था की गई है जिनके परिजन हाल ही में कोरोना से संक्रमित हुए है। वहीं इन सेंटर में रहने वाले लोगों को निशुल्क भोजन की व्यवस्था भी संघ के कार्यकर्ताओं के द्वारा की गई है।

25 कार्यकर्ता करेंगे सेंटर पर सेवा

जानकारी के मुताबिक इन चारों सेंटर पर संघ के 25 कार्यकर्ता लोगों की सेवा में 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। वही इस अवधि में यदि कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित निकलता है तब उसे अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था और उसके इलाज की व्यवस्था भी संघ के कार्यकर्ताओं के द्वारा की जाएगी ।

भोपाल के पुलिस मुख्यालय में फटा कोरोना का बम

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भोपाल में कोरोना बढ़ता जा रहा है और ऐसे में मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में कोरोना बम फूट गया है। इसके चलते मुख्यालय में तैनात कई वरिष्ठ अधिकारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

बता दें कि स्पेशल डीजी अन्वेष मंगलम कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। साथ ही प्रशासन शाखा के आईजी विवेक शर्मा, आईपीएस नवनीत भसीन, योजना एआईजी निश्छल झारिया, एसएएफ आईजी रश्मि अग्रवाल भी कोरोना संक्रमित पाई गई है।

भोपाल के एडीजी ए साईं मनोहर , ट्रैफिक एसपी संदीप दीक्षित भी कोरोना संक्रमित हो गए है। संक्रमण के चलते लोकायुक्त मुख्यालय को 19 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है।

भोपाल की एक निजी कॉलोनी में देखा गया ऐसे दृश्य, देखकर मच गया हड़कम्प

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राजधानी भोपाल कोरोना वायरस के संक्रमण से अब एक डर का माहौल बन गया है। मरीजों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे और अंतिम संस्कार के लिए श्मशानों में भी जगह नहीं है।ऐसे में शुक्रवार को शहर में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने शहरवासियों को तो सिहरा ही दिया है।

शुक्रवार को भोपाल के रहवासी क्षेत्र में मृतक को जलाया गया है। कॉलोनी के बीच शव को जलाने से वहां रहने वाले लोगों में अफरातफरी मच गई थी । शव को जलाने के दौरान इसकी राख आसपास के घरों में पहुंची जिससे लोग आतंकित हो गए थे। लोगों ने कहा है कि मृतक कोरोना संक्रमित था और उसके अंतिम संस्कार में प्रोटोकॉल का ध्यान नहीं रखा गया। उन्हें डर है कि इससे पूरे इलाके में महामारी के फैलने का खतरा पैदा हो सकता है।

भोपाल में हालात इतनी खराब हैं कि श्मशान घाट और कब्रिस्तानों में अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिल रही है । कोविड संक्रमित शवों को दफनाने के लिए चिन्हित झदा कब्रिस्तान में हाउसफुल का बोर्ड लगा दिया गया है। यहां कब्र खोदने के लिए अब जेसीबी मशीनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

मध्यप्रदेश में कोरोना का तांडव, आज हुई है इतनी मौतें

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मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) कोरोना(corona) से मौत(death) का रिकाॅर्ड अपने चरम पर है। 13 अप्रैल को 51 मौतें सरकारी रिकार्ड में दर्ज की गई। यह एक दिन में सबसे ज्यादा है। पिछले 24 घंटे में रिकाॅर्ड 9720 नए पॉजिटिव केस मिले है। पॉजिटिविटी रेट(Positivity Rate) बढ़ कर 21.7% हो गया है।

मध्य प्रदेश में कोरोना की वजह से स्थिति बहुत खराब है। सरकारी आंकड़ों के विपरीत धरातल पर स्थिति है। मंगलवार को भोपाल में 1497 मरीज मिले हैं। श्मशान में शवों की लाइन लगी है। अंतिम संस्कार के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ा रहा है। ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की जान जा रही है। वहीं सरकारी आंकड़ों में भोपाल में पिछले 24 घंटे में सिर्फ 4 लोगों की कोरोना की वजह से जान गई।

मंगलवार को भदभदा, सुभाषनगर विश्राम घाट और झदा कब्रिस्तान पर 84 शवों का कोविड प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार हुआ। भदभदा पर हालात ऐसे हैं कि जगह कम पड़ गई तो 30 नए चिता स्थल बनाना शुरू कर दिए है।

प्रदेश में एक्टिव केस बढ़ते जा रहे हैं और अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी और दवाओं की मारामारी चल रही है, उससे मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है।