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कार्यकर्ताओं को साधने में लगी बीजेपी, सौंपी जा रहीं कई बड़ी ज़िम्मेदारियां

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भोपाल। मध्य प्रदेश में आगामी चुनाव को लेकर भाजपा अपने कार्यकर्ताओं पर नकेल कसना शुरू कर चुकी है। सरकारी निगम-मंडल, प्राधिकरण, आयोग सहित अलग-अलग सरकारी संस्थाओं में राजनीतिक नियुक्तियों के बाद अब संगठन में भी वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को विभिन्न जिम्मेदारी देने का काम तीव्र गति से शुरू हो गया है।

जानकारी के अनुसार 17 अप्रैल को भाजपा ने राष्ट्रीय महासंपर्क अभियान के जिला संयोजक घोषित किए। इनमें कई पूर्व विधायकों को भी इस विभाग की कमान सौंपी गई है। भाजपा में 14 बड़े नेताओं को पूर्व विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से बातचीत करने की बागडोर सौंपी है। ऐसा करना इसलिए भी ज़रूरी था क्योंकि भाजपा में कई बार कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मामला सामने आया था, हालांकि अब पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को साधने में लगी है।

बता दें कि नाराज़ चल रहें कार्यकर्ताओं और पूर्व विधायकों को साधने के लिए भाजपा ने जिला स्तर पर कई बड़े बदलाव किए हैं ताकि चुनाव से पहले बगावत के सुर न सामने आ जाएं। चुनावी दृष्टि को देखते हुए यह बदलाव से संगठन अपने आप को बूथ स्तर पर मज़बूत बनाने में जुट रहा है। संगठन का मानना है कि उन लोगों को पद दिया गया है जो चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करवा सकें और ईमानदारी से अपने काम को कर सकें।

वहीं बड़े नेताओं को इसलिए भी कमान सौपीं गई है जिसके चलते वे उन पूर्व विधायकों को साथ लेकर चल सकें ताकि चुनाव से पहले संगठन कमज़ोर न साबित हो। भाजपा अब तक धार, बालाघाट, जबलपुर, रायसेन, अनूपपुर, राजगढ़, ग्वालियर, कटनी, भिंड, गुना, अशोकनगर, झाबुआ, आलीराजपुर, सिंगरौली, शाजापुर, सीधी, डिंडोरी और आगर के जिलाध्यक्ष बदले जा चुके हैं। इससे पहले राजधानी भोपाल, जबलपुर, शहडोल, उज्जैन और चंबल संभाग के प्रभारी भी बदले गए थे।

जबलपुर के बीजेपी नेता ने किया कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन, महिला कांस्टेबल से की अभद्रता

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मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री की कही बातों का और कोरोना से रोक ठाम के लिए जो नियम बनाये गए है उनका बीजेपी कार्यकर्ताओं पर असर नहीं हो रहा है।दरअसल जबलपुर में बीजेपी के मंडल महामंत्री और उनका साथी बिना मास्क के ही घूम रहे थे। जब पुलिस की महिला कांस्टेबल ने उन्हें रोका तब वे दोनों अभद्रता पर उतर आए।

बता दे कि बीजेपी मंडल महामंत्री पुष्पराज पटेल, रंजीत ठाकुर, ऋषभ दास में से दो बिना मास्क के निकल रहे थे। वहां पुलिस की चेकिंग लगी थी। उन्हें देख वहां मौजूद लेडी कांस्टेबल गरिमा ने तीनों को रोक बिना मास्क में मिलने पर चालान बनाने की बात कही। यही सुनकर महामंत्री हंगामा करने लगे। धमकी देते हुए कहा कि वर्दी उतरवा कर घर पर बैठा दूंगा। साथ में चिल्ला-चिल्ला ये भी कहा कि यहीं एसपी और कलेक्टर को बुलाओ तभी यहां से उठेंगे।

बिना मास्क में नजर आने वाले बीजेपी नेताओं पर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी लेकिन हुआ इसके विपरीत। अधिकारियों ने अपने ही लोगों को फटकार लगा दी। फिर माफी मंगाते हुए समझौता करवा दिया।

गरिमा ने सफाई देते हुए कहा कि वह अपनी ड्यूटी कर रही हैं। बिना मास्क मिलने पर सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उनके साथ मौजूद दूसरे पुलिसकर्मी पदाधिकारियों के सामने भीगी बिल्ली बन गए थे। जानकरी मिली है कि पदाधिकारियों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी। ल

जहां वैक्सीन की कमी पूरे देश मे हो रही है वहीं बीजेपी सांसद अपने घर बुलवाकर करवा रहें है वैक्सीनशन

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मध्य प्रदेश के उज्जैन में कोरोना संक्रमण के मामले हर दिन बढ़ते जा रहे है। पूरे देश में लोग वैक्सीन लगाने के लिए अपना समय स्लॉट बुक करवाने में लगे है। वहीं सांसद अनिल फिरोजिया अपने घर पर बने कार्यालय पर ही समर्थकों के साथ टीका लगवा रहे हैं। सांसद के इस रवैये पर विपक्ष हमलावर हो गया ।  

बता दे कि विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर अपना मोर्चा खोल दिया है। उज्जैन के कांग्रेस विधायक महेश परमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में जो वैक्सीनेशन सेंटर चल रहे है उसे सांसद आवास में खोल देना चाहिए। विधायक का आरोप है कि लोग वैक्सीन लगवाने के लिए इधर से उधर भटक रहे है और सांसद अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रहे है।

वहीं जवाब देते हुए सांसद फिरोजिया ने कहा कि जिन लोगों को टीका लगाया गया है वह सभी समाजसेवी है और ये लोग लगातार लंगर चलाकर जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा रहे है। सांसद ने आगे कहा कि यहां पर वैक्सीन लगवाने वाले सभी लोगों ने अपना रिजस्ट्रेशन पहले ही करा लिया था। इस पर हंगामा खड़ा करने की जरूरत क्या है। 

कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर लगाया गंभीर आरोप, कहा नेता और कार्यकर्ता कर रहे है इंजेक्शन की कालाबाजारी

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मध्य प्रदेश के जिला इंदौर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना से हो रही मौत के लिए केन्द्र और राज्य सरकार दोनो ही जिम्मेदार है। इन्होंने लाशों पर राजनीति की है। इन्हें जनता की कोई चिंता नहीं।

कमलनाथ ने प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत और कालाबाजरी को लेकर भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता रेमडिसिवर इंजेक्शन की काला बाज़ारी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रशासन भी राजनीति पर उतर आई है। रेमडेसिविर के इंजेक्शन बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बांटा जा रहा है जो ब्लैक में बेच रहे है। और आरोप लगाया कि उन्होंने इसे भी व्यापार बना लिया है। कमलनाथ ने कहा कि मैं हर संभव मदद कर रहा हूं जहाँ रेमडिसिवर इंजेक्शन मिल रहे है मंगवा रहा हूं।

बंगाल चुनाव: खेला होबे, बीजेपी अपनी शतक से भी चूक गई

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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार तीसरी बार बनना लगभग तय हो गया है। रूझानों में ममता बनर्जी की पार्टी 202 सीटों पर आगे है।

ऐसे में कई बड़े नेताओं में ममता को बधाई दी है। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बधाई देते हुए ट्वीट किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की नफ़रत की राजनीति को हराने वाली जागरुक जनता, जुझारू नेता ममता बनर्जी व टीएमसी के समर्पित नेताओं व कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई।

उन्होंने आगे लिखा कि ये भाजपाइयों के एक महिला पर किए गए अपमानजनक कटाक्ष ‘दीदी ओ दीदी’ का जनता द्वारा दिया गया मुंहतोड़ जवाब है।

बता दे कि भाजपा ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव प्रचार किया था। वहीं देश के गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में 200 सीटें जीतने की घोषणा की थी पर भाजपा 100 सीटें भी नहीं हासिल कर सकी।

बता दें कि 294 में बहुमत के लिए 147 सीटें चाहिए जबकि टीएमसी इससे कहीं आगे 200 का आंकड़ा पार कर चुकी है।

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर लगाया बड़ा आरोप, कहा ध्यान सिर्फ अभियान चलाने पर है कोरोना पर नहीं

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मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में असफल रही है। प्रदेश में लगातार संक्रमण बढ़ता जा रहा है। इससे मरीजों की ना सिर्फ मृत्यु हो रही है और उन्हें अस्पतालों में इलाज भी नहीं मिल रहा है। फीवर क्लिनिकों में जांच तक नहीं हो रही है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य आग्रह कार्यक्रम को जनता का ध्यान मोड़ने का अभियान करार दिया।

पत्रकारवार्ता में पटवारी ने कहा कि पिछले एक साल से सरकार को रोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर अभियान चला रही है लेकिन उसका असर कहीं नजर नहीं आ रहा है। इसके बावजूद सरकार प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। मंत्री बंगाल और दमोह विधानसभा के चुनाव में व्यस्त हैं।इसी के साथ साथ मुख्यमंत्री अभियान पर अभियान चलाए जा रहे हैं।

जिला आपदा प्रबंधन समूह में विपक्ष के विधायकों को नहीं रखा गया है और ना ही सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस समस्या से निपटने के लिए कोई पहल की गई । अवैध शराब को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि आए दिन अवैध और जहरीली शराब से लोगों की मृत्यु हो रही है। सरकार माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा तो करती है पर हकीकत कुछ और ही नजर आती है। 

भाजपा से नाराज़ हुए सिंधिया , नहीं करेंगे दमोह में प्रचार

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मध्यप्रदेश भाजपा में एक बार फिर अनबन होने की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर पार्टी हाईकमान से नाराज हो गए हैं। इस बात को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाए जा रहे हैं। दावा है कि सिंधिया के चुनाव प्रचार तक में आने पर रोक लगा दिया गया था, जिस वजह से खफा होकर उन्होंने अपने कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है।

इस मामले पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलुजा ने ट्वीट किया कि, ‘चर्चा ज़ोरों पर है कि दमोह उपचुनाव में प्रचार के लिये नहीं बुलाने से नाराज व अपनी किरकिरी से बचने के लिये श्रीमंत ने अपना 4-5 अप्रैल का ग्वालियर क्षेत्र का दौरा ही निरस्त कर दिया है। वैसे भी उनके इस दौरे में दमोह प्रचार का कोई कार्यक्रम नहीं था,प्रदेश में चुनाव और महाराज महल में?’

सिंधिया के नाराज होने के पीछे दो वजहें हैं। एक तो स्टार प्रचारकों की सूची में उन्हें 10वें स्थान पर धकेल दिया गया और उसके बाद अब चुनाव प्रचार अभियान से भी दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा गद्दार और बिकाऊ करार दिए जाने के बाद सिंधिया की छवि को गलत मानते हुए भाजपा चाहती है कि उनके बिना ही चुनाव प्रचार किया जाए ताकि कांग्रेस को गद्दार और बिकाऊ वाले मुद्दे पर ज्यादा बोलने का मौका न मिल पाए।के

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कोरोना का हवाला देते हुए अपने दौरे रद्द कर दिए हैं। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, जबलपुर, रतलाम, निवाड़ी जैसे कई ऐसे मुख्य शहर है जहां कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई शहरों में लॉकडाउन के बावजूद सीएम शिवराज को अपने कार्यक्रमों को लेकर किरकिरी का सामना करना पड़ा रहा था। मामला तूल पकड़ते देख उन्होंने भी अपने दौरे को रद्द कर दिया है।

सिंधिया और शिवराज के दौरे रद्द होने को साझा फैसला के तौर पर दिखाया जाता है। इसके पीछे तर्क यह है कि सिंधिया का दौरा निजी था और सीएम शिवराज सार्वजनिक शिलान्यास कार्यक्रमों में शरीक होने वाले थे।

विश्व में हो रहा है श्रीराम रन का आयोजन , रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल तक

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देश में राम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद पहली बार बड़े स्तर पर श्रीराम रन का आयोजन किया जा रहा है। यह रन रामनवमी के अवसर पर 21 अप्रैल को शुरू होगी। देश के लाखों करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बने भगवान श्री राम के नाम पर यह दौड़ कोविड 19 के कारण वर्चुअली आयोजित हो रही है। श्रीराम रन की शुरूआत 21 अप्रैल को सुबह 5 बजे से होगी, जो उसी दिन रात 10 बजे तक चलेगी। इसका आयोजन राम आस्था मिशन फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है।

ऐसा बतया जा रहा है कि इस रन में भारत सहित विश्व के 52 देशों के लोग एक साथ श्री राम के लिए दौड़ लगाएंगे। इस रन की खास बात यह है कि यह अलग-अलग कैटेगरी जैसे 1 किमी, 5 किमी और 9 किमी में आयोजित हो रही है। इसमे प्रतिभागी अपनी इच्छानुसार कैटेगरी का चयन कर सकते है। इस रन में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों को प्री- रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस रन के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो 15 अप्रैल तक चलेगी।

प्रतिभागी http://www.shriramrun.com पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। राम आस्था मिशन फाउंडेशन के सह संस्थापक डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि यह पहला मौका है जब लोग आस्था, स्वास्थ्य, पर्यावरण और स्वच्छता के लिए एकजुट होकर दौड़ लगाएंगे और उसके साथ उस स्थान को साफ और स्वच्छ बनाने की भी कोशिश करेंगे।

ऐसा बताया गया है कि श्रीराम रन में रजिस्ट्रेशन कराने वाले प्रतिभागियों के नाम पर देश के विभिन्न हिस्सों में एक पेड़ लगाया जाएगा। ऐसा मानना है कि इससे पर्यावरण को लाभ भी होगा और देश में कई रामवन भी स्थापित होंगे। वहीं एसोसिएशन का कहना है कि 17 अक्टूबर 2021 के बाद यह रन हर वर्ष दशहरा उत्सव के बाद आने वाले रविवार को आयोजित होगी।

असम के भाजपा विधायक की गाड़ी में पकड़ाई ईवीएम

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असम में भाजपा विधायक की गाड़ी में ईवीएम मिलने के मामले में चुनाव आयोग ने प्रशासन ने इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है। चुनाव आयोग को अब तक मिली जानकारी के अनुसार, पोलिंग पार्टी की गाड़ी खराब हो गई थी, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी ने भाजपा विधायक की गाड़ी से लिफ्ट मांगी , क्योंकि इस दौरान चुनाव आयोग की तरफ से नियुक्त सेक्टर अफसर ने कोई गाड़ी की व्यवस्था नहीं की थी।

चुनाव आयोग को जिला निर्वाचन अधिकारी से अब तक मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पोलिंग पार्टी को शुरुआत में जानकारी नहीं थी कि वह जिस गाड़ी में वो लिफ्ट ले रहे हैं, व गाड़ी भाजपा के विधायक की है। बता दें कि गाड़ी भाजपा विधायक की पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड है।

लिफ्ट लेकर जब भाजपा विधायक की गाड़ी से पोलिंग पार्टी लौट रही थी, तभी स्थानीय लोगों ने देख लिया और गाड़ी रोक दी गई। पोलिंग पार्टी के सदस्यों को स्थानीय लोगों ने गाड़ी से निकाल दिया और भीड़ हिंसात्मक भी होने लगी। चुनाव आयोग को मिली सूचना के मुताबिक जो ईवीएम विधायक की गाड़ी से मिला है, वोटिंग के बाद मिला ईवीएम है। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक ईवीएम का सील नहीं टूटा है।

विधायक की गाड़ी में ईवीएम मिलने पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘हर बार ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जिनमें प्राइवेट गाड़ियों में ईवीएम ले जाते हुए पकड़े जाते हैं।अप्रत्याशित रूप से उनमें कुछ चीजें कॉमन होती है। गाड़ियां भाजपा उम्मीदवार या उनके साथियों से जुड़ी होती हैं। वीडियो एक घटना के रूप में सामने आते हैं और फिर झूठ बताकर खारिज कर दिया जाता है।

चुनाव आयोग ने ईवीएम मामले में पीठासीन अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है। चुनाव आयोग ने चार मतदान अफसरों को भी निलंबित कर दिया है और एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।