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ब्लैक और व्हाइट फंगस के बाद मरीज में मिला पीला फंगस, गाजियाबाद के निजी अस्पताल में मिला ये मरीज

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देश में ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस के बाद अब एक नया फंगस सामने आया है। ये पीला फंगस है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस के बाद पीला फंगस का मामला सामने आया है।

ऐसा दावा किया जा रहा है कि गाजियाबाद में पीला फंगस का एक केस मिला है। साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि पीला फंगस ( yellow fungus) इन दोनों ब्लैक फंगर और व्हाइट फंगस से ज्यादा खतरनाक है।

दरअसल अस्पताल के एक डॉक्टर ने कहा है कि अस्पताल में मरीज के अंदर पीले फंगस का लक्षण मिला है। उन्होंने अपनी केस स्टडी में ऐसे लक्षण का मरीज नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि इसमें अंदर सांस लेना परेशानी नजर आ रही थी।

उन्होंने ये भी कहा कि यह जो पीला फंगस है इसका ज्यादा इलाज पढ़ाई में नहीं है लेकिन जो ब्लैक फंगस में इंजेक्शन एंफोटरइसिन बी इस्तेमाल होता है वो इसमें कारगार है। उन्होंने कहा कि ये पीला फंगस ज्यादा खतरनाक है क्योंकि यह घाव को भरने नहीं देता है।

मध्यप्रदेश की राजधानी में एक मरीज में मिले ब्लैक और व्हाइट फंगस दोनो के लक्षण

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मध्य प्रदेश कोरोना की महामारी से अभी निपटे ही नहीं कि ब्लैक फंगस से प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। लेकिन अब व्हाइट फंगस ने भी प्रदेश में अपनी दस्तक दे दी है। राजधानी भोपाल में दूसरा मरीज मिला है। बताया जा रहा है कि इस मरीज को ब्लैक और व्हाइट दोनों फंगस मिले है।

जानकरी मिली है कि भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इस व्हाइट फंगस का मरीज भर्ती है। और इस मरीज में व्हाइट के साथ ब्लैक फंगस के भी इंफेक्शन है। राज्य में यह पहला मामला है जहां दोनों इंफेक्शन किसी मरीज में देखे गए है।

बता दें कि प्रदेश में ब्लैक फंगस के मामले तेजी से बढ़ रहे है। 600 से ज्यादा ब्लैक फंगस के मरीज सामने आ चुके है। वहीं 30 से ज्यादा की मौत हो चुकी है।

मध्यप्रदेश के इस जिले में मिला सफेद फंगस से पीड़ित मरीज

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मध्य प्रदेश में कोरोना महामारी से निपटे ही नहीं थे कि ब्लैक फंगस से प्रदेश में दस्तक दे दी थी। लेकिन अब इससे भी ज्यादा खतरनाक सफेद फंगस ने मध्य प्रदेश में अपनी आमद दे दी है।

बता दे कि जबलपुर से मिले इस मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। राज्य में सफेद फंगस का मरीज मिलने से प्रदेश में हड़कंप मच गया है। मरीज मिलने की पुष्टि मेडिकल कॉलेज के डीन ने की है।

सफेद फंगस के लक्षण कोरोना से मिलते-जुलते हैं। सबसे पहले सफेद फंगस की पुष्टि बिहार में हुई थी। जो मरीज मिले थे उनकी कोविड की आरटीपीसीआर जांच में निगेटिव आई थी। इसकी पहचान केवल सीटी स्कैन द्वारा ही हो पाती है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने किया बड़ा एलान, ब्लैक फंगस का इलाज होगा नि:शुल्क

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मध्य प्रदेश में जैसे जैसे पॉजिटिविटी रेट काबू में आ रही है वैसे ही ब्लैक फंगस का कहर बढ़ता जा रहा है। जानकारी के अनुसार अब तक प्रदेश में 600 से अधिक ब्लैक फंगस के मरीज आ चुके है। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्लैक फंगस के इलाज हेतु बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ब्लैक फंगस के निःशुल्क इलाज की बात भी कही है।

बता दे कि मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लैक फंगस के रूप में एक नई चुनौती हमारे सामने आई है। उन्होंने कहा कि अब से प्रदेश में ब्लैक फंगस के इलाज की भी हम नि:शुल्क व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि नेज़ल एंडोस्कोपी के माध्यम से ब्लैक फंगस का बहुत आसानी से पता लगाया जा सकता है। प्रारंभिक स्तर पर इसकी जांच और इलाज से रोकथाम की जा सकती है।

इंदौर की बैठक में मुख्यमंत्री ने गरीबों को नि:शुल्क राशन और अन्य योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित करने की भी बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पॉजिटिविटी दर 6.39% रह गई है। हालांकि यह माना जाता है कि 5% से कम संक्रमण है, तो संक्रमण काबू में है। हमें 6.39% की संक्रमण दर को धीरे-धीरे 0% की ओर ले जाना है।

मध्यप्रदेश में ब्लैक फंगस को रोकने हेतु गठित करी टास्क फोर्स

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मध्य प्रदेश में बढ़ते ब्लैक फंगस से निपटने के लिए सरकार ने टास्क फोर्स टीम का गठन किया है। इसमें सरकार के दो मंत्री भी शामिल है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बाद सरकार अब ब्लैक फंगस पर फोकस कर रही है।

बता दें कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ब्लैक फंगस से निपटने के लिए टास्क फोर्स टीम बनाने के निर्देश दिए है। टास्क फोर्स में सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, मंत्री विश्वास सारंग सहित एसीएस एसपी दुबे और हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक लोकेंद्र दवे भी शामिल है।

गौरतलब है कि प्रदेश में ब्लैक फंगस के मंगलवार को 421 नए मरीज मिले है। इसकी रोकथाम और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। हालांकि ब्लैक फंगस के एंटी फंगल इंजेक्शन के लिए मारामारी भी मच गई है।

मध्यप्रदेश को ब्लैक फंगस के इलाज हेतु जल्द मिलेंगे एन्टी फंगल इंजेक्शन

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मध्य प्रदेश में कोरोना के साथ अब ब्लैक फंगस बीमारी ने भी लोगो को परेशान करना शुरू कर दिया है। प्रदेश में बीमार हुए लोगो की संख्या बढ़ने के साथ ही उसकी दवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के लिए 24000 ब्लैक फंगस से निपटने के लिए एम्फोटेरिसिन -बी इंजेक्शन मंगाए है।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने शनिवार को एम्फोटेरिसिन -बी इंजेक्शन के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की थी। इस दौरान प्रदेश को केंद्र सरकार ने समय पर 24000 इंजेक्शन भेजने का आश्वासन दिया है।

दरअसल ब्लैक फंगस का इलाज करने के लिए एंटीफंगल इंजेशन दिए जाते है। ऐसा ही एक इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन बी है जो ब्लैक फंगस के मरीजों को दिया जाता है।

वहीं मुख्यमंत्री ने सनफार्मा के प्रमुख दिलीप सांघवी से भी फोन पर चर्चा कर ब्लैक फंगस के उपचार हेतु एंटीफंगल इंजेक्शन की आपूर्ति के संबंध में बात की है। जानकरी के अनुसार सन फार्मा प्रदेश को 2000 इंजेक्शन शीघ्र उपलब्ध कराएगी।

मध्यप्रदेश में खोले जाएंगे पोस्ट कोविड सेंटर

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मध्य प्रदेश अब कोरोना के साथ साथ ब्लैक फंगस से भी परेशान है। देखा जा रहा है कि कोरोना से ठीक होने के बाद कई मरीजों को ब्लैक फंगस का सामना करना पड़ रहा है। बीते 3 दिनों में इसके मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इससे निपटने के लिए सरकार अब प्रदेश में पोस्ट कोविड सेंटर शुरू करने जा रही है।

सीएम शिकराज ने कहा कि ब्लैक फंगस के इजाल के लिए भोपाल में हमीदिया और जबलपुर मेडिकल कॉलेज में अलग इसके लिए अलग वार्ड बनाए जा रहे थे। लेकिन अब प्रदेश के सभी पांचों मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के इलाज के लिए अलग वार्ड बनाया जाएगा। उनमें इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और रीवा के भी मेडिकल कॉलेज शामिल है।

सीएम ने निर्देश देते हुए कहा है कि  कोरोना संक्रमण अभी और 2 से 3 साल तक चल सकता है। ऐसे में सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मैनेजमेंट सुधार समेत बचाव के संसाधन और कार्यक्रम को स्थायी करने की बहुत जरूरत है।

भोपाल में ब्लैक फंगस के कारण 2 दिन में भर चुके है आधे से ज़्यादा बेड

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भोपाल में ब्लैक फंगस (Black fungus) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 70 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके है। पिछले 15 दिनों में तेजी से ब्लैक फंगस का संक्रमण फैला है। हमीदिया अस्पताल में इस बीमारी के इलाज के लिए बनाया गया वार्ड भी फुल होने के कगार पर आ चुका है। 2 दिन में आधे बेड फुल हो चुके है।

बता दे कि भोपाल में अलग-अलग अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 70 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है। हमीदिया अस्पताल में लगभग 23 मरीज भर्ती है। कोविड वार्ड में भर्ती 8 मरीजों का ब्लैक फंगस और कोरोना दोनों का एक साथ इलाज हो रहा है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ब्लैक फंगल इंफेक्शन को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर है। सरकार ने बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि पहले फेज में गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल और जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में यूनिट शुरू की जा रही है।

वहीं ब्लैक फंगस इंफेक्शन से निपटने के लिए चार विंग काम कर रही है। जिसमे ईएनटी, नेत्र रोग विभाग, न्यूरोलॉजी और मेडिसन को मिलाकर एक  यूनिट बनायी गयी है।