Home Tags #cabinet

Tag: #cabinet

शिवराज कैबिनेट का विस्तार: सिंधिया समर्थकों के साथ यह भी लेंगे शपथ

0

मध्यप्रदेश के राज्य सरकार के कैबिनेट का विस्तार तय हो गया है। शिवराज की टीम में दो मंत्री शामिल किए जाएंगे। रविवार 3 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे राजभवन में होगा शपथ सम्मारोह। मंत्रिमंडल विस्तार की सूचना मंत्रालय से राजभवन भेजी गई है और इसकी पुष्टि राजभवन ने कर दी है।

कैबिनेट विस्तार में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत के साथ मध्यप्रदेश के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक भी शपथ लेंगे। मंत्रियों और नए मुख्य न्यायाधीश को शपथ दिलाने के लिए रविवार सुबह 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भोपाल आएंगी।

उपचुनाव के परिणाम 10 नंवबर को आए थे। इसके बाद से शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार किया जा रहा था। इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की चार दौर की बैठकें हुई। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार सुबह ही राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार की अनुमति मिली है। इसके बाद कार्यक्रम तय किया गया है।

तुलसी को जल संसाधन व गोविंद को परिवहन व राजस्व विभाग मिलेगा

मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि तुलसी सिलावट को जल संसाधन और गोविंद सिंह राजपूत को परिवहन व राजस्व विभाग मिलना लगभग तय है। शिवराज सरकार सत्ता में आने के बाद सिलावट और राजपूत को यही विभाग सौंपे गए थे। बीजेपी अब इन दोनों को अन्य विभाग देना चाहती थी, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व और सिंधिया के बीच हुई सहमति के बाद दाेनों को एक बार फिर उन्हीं विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

4 पद रह जाएंगे खाली

शिवराज कैबिनेट के 14 सदस्‍यों गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, डॉ. प्रभुराम चौधरी, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंषाना, हरदीप सिंह डंग, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, बृजेंद्र सिंह यादव, गिर्राज दंडौतिया, सुरेश धाकड़ और ओपीएस भदौरिया ने चुनाव लड़ा था। इसमें से इमरती देवी, एदल सिंह कंषाना और गिर्राज दंडोतिया चुनाव हार गए थे। इसमें से 2 तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को छह माह का कार्यकाल पूरा होने पर चुनाव के दौरान ही मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अब दोनों को फिर से कैबिनेट में लिया जा रहा है। इसके बाद भी 4 पद खाली रह जाएंगे। यानी आगे भी कैबिनेट विस्तार होगा।

तुषार मेहता मोदी सरकार के नए सॉलिसिटर जनरल नियुक्त

0

वरिष्ठ वकील तुषार मेहता को भारत का नया सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया है। अभी वह एडिशनल सॉलिसिटर जनरल हैं। कैबिनेट की नियुक्ति कमेटी ने तुषार मेहता के नाम को मंजूरी उनके कार्यकाल संभालने के साथ ही कर ही दी है। वह 30 जून 2020 तक या अगले आदेश तक इस पद पर रहेंगे। तुषार गुजरात के एडवोकेट जनरल रह चुके हैं। पूर्व सॉ़लिसिटर जनरल रंजीत कुमार के इस्तीफे के बाद यह पद खाली था। पिछले साल 20 अक्टूबर को उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। रंजीत कुमार ने निजी वजहों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था। सॉलिसिटर जनरल सरकारी लॉ ऑफिसर की दूसरी सबसे बड़ी रैंक है।

कई अहम मामलों में की सरकार की नुमाइंदगी

मेहता 2014 से नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के समय से ही एडिशनल सॉलिसिटर जनरल की भूमिका निभा रहे हैं। वह कई अहम मामलों में सरकार की ओर से कोर्ट में उतरे हैं। उनमें आईटी एक्ट के सेक्शन 66ए की दी गई चुनौती का मामला भी शामिल है।

रंजीत कुमार के इस्तीफे के बाद सॉलिसिटर जनरल का पद खाली था

रंजीत कुमार ने निजी वजहों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था।उनके  इस्तीफे के बाद सॉलिसिटर जनरल का पद खाली था। अपने तीन साल के कार्यकाल में रंजीत कुमार ने कई अहम मु्ददों मसलन नोटबंदी और प्रदूषण पर सरकार का पक्ष रखा था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को यह तय करने में भी मदद की थी कि राज्य सरकार ऐसे मामलों में दोषी को मृत्यु दंड का फैसला करती सकती है, जिनकी जांच और सुनवाई सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं।

रंजीत कुमार ने भी कई मामलों में गुजरात सरकार का पक्ष रखा था। वह सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ कांड में गुजरात सरकार का पक्ष रख चुके हैं। साथ ही आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी वह जयललिता की भी पैरवी कर चुके हैं।

भिंड नगर पालिका बनेगी नगर निगम,करीब 35 गांव होंगे शामिल,कैबिनेट से मिली मंजूरी

0

भिंड नगर पालिका को नगर निगम बनाने की मंजूरी मिल गई है। सोमवार को भोपाल में आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में ये मंजूरी दी गई है। नगर निगम में शहर के आसपास के करीब 35 गांव शामिल होंगे। इसी के साथ शहर को डवलप करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। मास्टर प्लान के तहत शहर में चौड़ी सड़कें होंगी। साथ ही ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए 2 रिंग रोड होंगे और शहर से बाहर 2 ट्रांसपोर्ट नगर भी बनाए जाएंगे।


भिंड नगर पालिका का बजट अरबों में पहुंच जाएगा

1 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक में भिंड और दतिया नगर पालिका को नगर निगम बनाने की मंजूरी दी है। नगर निगम बनने से नपा का सालाना बजट भी बढ़ जाएगा। भिंड नगर पालिका का अभी सालाना 65 करोड़ रुपए का बजट है। नगरनिगम बनने से यह बजट अरबों में पहुंच जाएगा, जिससे शहर का विकास और तेजी से होगा।

शामिल होने वाले गावों की सूचि

भिंड नगर निगम बनने के बाद इसमें दबोहा, कीरतपुरा, मंगदपुरा, जामना, मानपुरा, रतनूपुरा, दीनपुरा, हैवदपुरा, कुम्हरौआ, मुड़ियाखेरा, चंदनपुरा, बाराकलां, मुडियाखेरा, मुरलीपुरा सहित अन्य पंचायतों को शहर में शामिल किया जाएगा। इससे इन गांवों को शहरी सुविधाएं मिलेंगी।