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कूनो में एक और चीते ने तोड़ा दम, बचे कुल 17 चीते

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मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत हो गई। इस मौत का कारण चीतों से आपसी लड़ाई है। 3 महीने के अंदर नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए बीस चीतों में से अब तक तीन चीतों की मौत हो चुकी है।

बता दें कि इससे पहले कूनो नेशनल पार्क में चीते साशा और उदय की मौत हुई थी। मौत से पहले उदय का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में चीता उदय बाड़े में चलते समय लड़खड़ाते हुए नजर आ रहा था। उदय को दक्षिण अफ्रीका से दूसरी खेप में लाया गया था।

जानकारी के अनुसार पहली खेप में नामीबिया से 8 चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। 17 सितंबर को पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन पर इन चीतों को बाड़े में रिलीज किया था। इसके बाद 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे। जिनको सीएम शिवराज ने बाड़े में छोड़ा था।

कूनो में 70 साल बाद 20 चीते छोड़े गए थे। लेकिन 3 की मौत हो गई है। अब पार्क में 17 चीते ही बचे हैं। हालांकि मादा चीता सियाया ने 4 शवकों को जन्म भी दिया है।

कूनो नेशनल पार्क में चीते उदय की मौत के पहले का वीडियो हुआ वायरल…..

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श्योपुर। मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रविवार को चीते उदय की मौत के बाद उसका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उदय बाड़े में चलते समय लड़खड़ाते हुए नजर आ रहा है। बता दें कि उदय को दक्षिण अफ्रीका से मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क लाया गया था। प्रबंधन के अनुसार उदय कुछ समय से बीमार चल रहा था और रविवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, उदय सुबह से ही सिर झुकाए और सुस्त हालत में बैठा मिला था। उसके करीब जाने पर वह उठकर लड़खड़ाकर चलने लगा। वीडियो में भी चीता चलते समय लड़खड़ाते हुए दिख रहा है, हालांकि इस वारयल वीडियो की पुष्टि Newbuzzindia नहीं करता।

नामीबिया से पहली बार में 8 चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर को अपने जन्मदिन के मौके पर इन चीतों को बाड़े में छोड़ा था। इन चीतों में से एक मादा चीता साशा की पहले ही मौत हो गई थी। फिर इसके बाद 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे जिनको सीएम शिवराज ने बाड़े में छोड़ा था। कूनो में 70 साल बाद 20 चीते छोड़े गए जिनमें 2 की मौत हो चुकी है। अब पार्क में 18 चीते ही बचे हैं।

कूनो नेशनल पार्क में नर चीते उदय की मौत, इसके पहले मादा चीता साशा ने तोड़ दिया था दम

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श्योपुर। मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत हो गई है। अब कूनो नेशनल पार्क में कुल 18 चीते बचे हैं। पिछले साल नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से कूनो नेशनल पार्क में 20 चीते लाए गए थे जिसमें से 2 की मौत हो चुकी है।

चीते का नाम उदय है जिसे दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाया गया था। वहीं इससे पहले मादा चीता साशा की भी मौत हो चुकी है। चीता उदय की मौत रविवार शाम चार बजे लगभग हुई है। वन विभाग के अनुसार सुबह उदय के स्वास्थ्य गड़बड़ नजर आने पर उसे ट्रैंकुलाइज करके मेडिकल सेंटर लाया गया था पर शाम 4 बजे उसकी मौत हो गई।

उदय दक्षिण अफ्रीकी चीता था और इसी साल फरवरी में 11 अन्य चीतों के साथ कूनो लाया गया था। अप्रैल में क्वारंटाइन पीरियड पूरा होने के बाद अफ्रीकी चीतों को बाडे़ से जंगल में छोड़ दिया गया था। साउथ अफ्रीका से बीती फरवरी को कूनो लाए गए 12 चीतों में से तीन नर चीतों को 17 अप्रैल को क्वारंटीन बाडे़ से बड़े बाडे़ में छोड़ दिया गया था।

वहीं 18 अप्रैल और 19 अप्रैल को शेष 9 चीतों को भी कूनो के बड़े बाडे़ में छोड़ा गया था। चीते उदय के शव के पोस्टमॉर्टम के लिए भोपाल और जबलपुर से वेटनरी विशेषज्ञों को कूनो भेजा गया है। पूरे पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की जाएगी, ताकि समस्या का पता लगाया जा सके।

कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता ‘ओबान’ खेत में दिखा, चीते के इस तरह खुले घूमने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल

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श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क से शनिवार-रविवार की रात निकला चीता ओबान अभी तक वापस नहीं लौटा है। दो दिन से टीमें लगातार उसके पीछे-पीछे है। सोमवार को उसकी लोकेशन झलवास गांव में मिली है। सुबह के वक़्त मारौरा झलवासा और जरिया खुर्द के बीच ओबान ने एक काले हिरण का शिकार किया। इसके अवशेष ग्रामीणों को खेत में मिले थे।

इस घटना के बाद जहां ग्रामीणों में दहशत का माहौल हैं वहीं अधिकारियों का कहना है कि अभी ओबान को ट्रेंकुलाइज नहीं किया जाएगा, क्योंकि ओबान अभी आबादी से सुरक्षित दूरी पर है और वैसे भी इंसानों पर चीते के हमले के मामले कम ही सामने आते हैं। दरअसल ओबान नाम का ये चीता श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से शनिवार-रविवार की दरमियानी रात निकल गया था। रविवार को कूनो की सीमा से 30 किमी दूर शिवपुरी के जौराई इलाके में वह दिखा था। सोमवार को यहां से 10 किमी दूर झलवासा गांव के पास वो एक खेत में बैठा नजर आया था।

बता दें कि कूनो के जंगल में छोड़े गए चार चीतों में से ओबान ही शिवपुरी क्षेत्र में लगातार आमद दर्ज करा रहा है। इससे पहले एक से छह अप्रैल तक वह यहां रहा था। अधिकारियों के मुताबिक कूनो व शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क से सटे जंगल में माहौल एक जैसा ही है। शायद इस वजह से ही ओबान बार-बार वहां जा रहा है।

इस क्षेत्र में काले हिरणों की आबादी अधिक है, जिसके कारण यह क्षेत्र चीते को लुभा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पिछली दफा भी ओबान ने यहां एक काले हिरण का शिकार किया था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक जेएस चौहान के अनुसार जंगली जानवार कहीं भी आ जा सकता है। अब शिवपुरी का इलाका पार्क से लगा हुआ है, इसलिए वह वहां चला जाता है। फिलहाल अभी उसे इसी तरह घूमते रहने देने का फैसला लिया गया है। हां, जरूरत पड़ने पर ट्रेंकुलाइज किया जाएगा।