भोपाल: प्रदेश में कोरोना का कहर अभी जारी है। रोजाना लगभग 10 हज़ार के करीब सक्रिय मामले दर्ज किए जा रहे हैं। कोरोना के गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में कील कोरोना अभियान चल रहा है। इसके साथ साथ
प्रत्येक घर में जाकर देख रहे है कि कोई क़ोरोना के लक्षण वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है।
सारंग ने आगे बताया कि यदि किसी व्यक्ति में कोरोना संबंधी लक्षण पाए जाते हैं तो उनका तत्काल टेस्ट किया जा रहा है। टेस्ट के रिपोर्ट के अनुसार उनका उपचार भी किया जा रहा है। कोरोना जांच की रिपोर्ट पॉज़िटिव आने के बाद उनका इलाज कोरोना प्रोटोकॉल के हिसाब से किया जा रहा है ।
मंत्री सारंग ने यह भी बताया कि मरीज को क्वारंटाइन सेंटर में रख कर और उनके स्वस्थ का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि स्टडी ये कहती है की मेडिकल किट बाटना सही निर्णय रहा है।
आपको बता दे कि किल कोरोना अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड नियंत्रण, बचाव व उपचार के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग के फ्रंट लाइन वर्कर सर्वे कर रहे हैं। ग्रामों में थर्मल स्कैनिंग और आक्सीजन लेवल की जांच प्राथमिक दल आशा, आंगनवाडी कार्यकर्ता, रोजगार सहायक सर्वे कर रहे हैं। इनमें सर्दी, खांसी व बुखार जैसे लक्षण होने पर उनकी लाइन लिस्ट करके द्वितीयक पर्यवेक्षण दल को जानकारी दी जाती है।

