मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 18 और उसके ऊपर वालों के लिए टीकाकरण शुरू हुए 15 दिन से अधिक समय बीत जाने पर भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कोविड टीका नहीं लग रहा है। इसकी वजह वैक्सीनेश की जटिल प्रक्रिया बताई जा रही है।
दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में स्लाॅट बुकिंग की जटिल प्रक्रिया लोगों के टीकाकरण कराने में बाधा बन रही है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 18 वर्ष से अधिक उम्र से अधिक लोगों को वैक्सीन नहीं लगाई जा सकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोग है जिनके पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट है। वे ही लोग टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन करा रहे है।
बता दें कि शुरवात में शहरी क्षेत्रों में भी वैक्सीन के प्रति लोगों का कम रुझान दिखाई दिया था। लेकिन बाद में लोगों ने टीका लगवाना शुरू कर दिया था। हालांकि अब ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण को लेकर जागरूकता नहीं दिखाई दे रही है। कई केंद्र तो ऐसे है जहां पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह से शाम तक बैठी रहती है, लेकिन टीका लगवाने कोई नही आता।


