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मध्यप्रदेश के धार जिले में अब शिक्षक नहीं करेंगे श्मशान घाटों में ड्यूटी

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धार जिले में श्मशान घाट पर शिक्षकों की ड्यूटी लगाने के आदेश को निरस्त कर दिया गया है।इस बात की पुष्टि धार कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने कर दी है। उन्होंने कहा कि अब मनावर में शिक्षकों की ड्यूटी श्मशान घाट पर अस्थि विसर्जन और शवों के अंतिम संस्कार के लिए नहीं लगाई जाएगी।

दरअसल, जिले में एक आदेश जारी करते हुए घाट पर 8 शिक्षकों की ड्यूटी शवों के अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन के लिए लगा दी थी। इसका विरोध करते हुए शिक्षक संघ ने कहा मनावर एसडीएम का यह फैसला कही से भी तर्गसंगत नहीं है। और मांग करी की इस फैसले को वापिस ले लिया जाए।

आपको बता दें कि प्रदेश में अब तक करीब 400 से अधिक शिक्षकों की मौत कोरोना ड्यूटी के चलते हो चुकी है। बावजूद उन्हें कोरोना वॉरियर्स की भूमिका में नहीं शामिल किया गया है।

मध्यप्रदेश के इस जिले में श्मशान घाटों पर ड्यूटी करेंगे शिक्षक

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मध्य प्रदेश के धार में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच शिक्षकों की ड्यूटी को लेकर अजीब आदेश जारी हुआ है। उन्हें अब श्मशान घाटों में शवों के अंतिम संस्कार की पूरी निगरानी करनी होगी। शिक्षक श्मशान घाट के साथ अस्थि विसर्जन घाट में 2-2 शिफ्टों में ड्यूटी करेंगे।

आदेश में लिखा है 8 शिक्षकों की श्मशान घाट और स्नान घाट पर ड्यूटी लगाई जाती है। पहली शिफ्ट में 2 शिक्षक सुबह 6 बजे से खलघाट श्मशान घाट में दोपहर 1 बजे तक ड्यूटी करेंगे, जबकि बाकी के 2 शिक्षक खलघाट स्नान घाट में ड्यूटी करेंगे।

इस आदेश में कहा गया है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण से ग्राम पंचायत खलघाट और धामनोद के शवों का खलघाट श्मशान घाट पर ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। दूसरे गांवो और शहरों से आने वाले शवों का खलघाट और धामनोद के शमशान घाट में अंतिम संस्कार पर प्रतिबंध रहेगा।

बता दे कि शिक्षक कोरोना के संक्रमण के बीच लगातार कोविड वार्ड में ड्यूटी कर रहे है। मरीज को मिल रही दवाओं और उनकी स्थिति का डेटा तैयार कर रहे है। इसके अलावा वैक्सीनेशन को लेकर लोगों को जागरूक करना, टीकाकरण केंद्र, चेक पोस्ट, सैंपल कलेक्शन और कंटेनमेंट एरिया के सुपरविजन में भी इनकी ड्यूटी लगी है।

भाजपा सांसद के असंवेदनशील पोस्ट पर बवाल, लोग बोले दवाई,इंजेक्शन,बेड दिलवाओ,श्मशान…

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देश और प्रदेश में फैले कोरोनावायरस के संकट से लोग हलाकान हैं। वो इससे बचने के लिए अपने स्तर पर प्रयास भी कर रहे हैं। जब कोई अपने स्तर पर प्रयास नहीं कर पाता तभी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाता है। कई जनप्रतिनिधि तो अपने क्षेत्र के लोगों की खूब मदद कर रहे हैं लेकिन कई ऐसे भी हैं जो महीनों से गायब हैं पर अचानक से प्रकट हो जाते हैं।

ताजा मामला सिवनी बालाघाट संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद डॉक्टर ढाल सिंह बिसेन से जुड़ा है सांसद ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था जिसमें इस बात का जिक्र था कि उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से श्मशान घाटों में लकड़ियां पहुंचाने की बात कही है।

भाजपा सांसद ढाल सिंह बिसेन वो पोस्ट जिसपर बवाल हुआ।

भाजपा सांसद का यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गया जब लोगों ने देखा कि उनका जन प्रतिनिधि चुना हुआ सांसद उनकी चिताओं पर लिए लकड़ियों का इंतजाम करवाने में जुटा हुआ है तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने सांसद को खूब खरी-खोटी सुना डाली।

इसी बीच कई लोगों ने तो सांसद से पूछ भी लिया कि आप हमारे चुने हुए जनप्रतिनिधि हो आप हमारे लिए बेड ऑक्सीजन और इंजेक्शन की व्यवस्था तो पहले कर देते लेकिन आप यह तीनों तो करने में असमर्थ हो तो आपने हमारी चिताओं के लिए लकड़ियों का इंतजाम शुरू कर दिया?।

पोस्ट वायरल होने के 3 घंटे बाद घबराए सांसद ने पुराना पोस्ट डिलीट कर दिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को टैग करके एक नया पोस्ट लिख दिया जिसमें इस बात का जिक्र है कि उनके संसदीय क्षेत्र के लोगों के लिए इंजेक्शन बेड और ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था की जाए।

सीसीएफ बालाघाट नरेंद्र कुमार सनोडिया ने इस बात की पुष्टि की है कि सांसद बिसेन ने हमें वारासिवनी के मेंढकी और बालाघाट के गायखुरी में लकड़ी का प्रबंध करने का निर्देश दिया था जिस पर हमने वहां के रेंजर को बोल कर दो ट्रैक्टर लकड़ी का इंतजाम भी कर दिया है।

आपको बता दें कि सिवनी बालाघाट संसदीय क्षेत्र के लोग सांसद के 2 महीनों से गायब होने से परेशान हैरान हैं जिले में 25 मार्च से कोरोनावायरस तक दे दी थी जिसके कारण लोग मूलभूत चिकित्सा सेवाओं के लिए भी दर-दर भटकने को मजबूर हैं लेकिन सांसद महोदय है कि गायब ही रहते हैं इसीलिए आज जब सांसद ने चिताओं की लकड़ियों का इंतजाम किया तो जनता का 2 महीनों से भरा गुस्सा अचानक फूट पड़ा।

हालांकि सांसद डॉक्टर ढाल सिंह बिसेन ने अपने पोस्ट पर सफाई देते हुए कहा कि मैंने तो मानवता के नाते लोगों के चित्रों की लकड़ियों का इंतजाम किया था लेकिन अगर लोगों को इस बात का बुरा लगा है तो मैंने वह पोस्ट डिलीट कर दी है और और मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया है कि मेरे संसदीय क्षेत्र के लोगों के लिए दबाव का समुचित इंतजाम करने का कष्ट करें।