Home Tags Crime

Tag: crime

अपराध

धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में बजरंग दल के पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज !

0

Newbuzzindia: विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के यहां स्थित मुख्यालय कारसेवकपुरम् में शौर्य प्रशिक्षण शिविर में एक सम्प्रदाय के लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में बजरंग दल के पदाधिकारियों,कार्यकर्ताओं और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

फैजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहित गुप्ता ने आज यहां बताया कि बजरंग दल के शौर्य प्रशिक्षण शिविर में आतंकवादियों के भेष में एक धर्म विशेष के लोगों को दिखाया गया था, जबकि सैनिक के रुप में दूसरे सम्प्रदाय के युवकों को दिखाया गया था।

पुलिस की ओर से कल देर रात लिखायी गयी रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे धर्म विशेष के लोगों की भावनायें आहत हुई है। पुलिस ने अयोध्या कोतवाली में भारतीय दंड संहिता की धारा 153(ए) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरु कर दी है। शिविर के बारे में राज्यपाल रामनाईक का कल बयान आने के बाद इस मामले ने और तूल पकड लिया। श्री नाईक ने कहा था कि आत्मरक्षा में शौर्य प्रशिक्षण गलत नहीं है ।

आत्मरक्षा के लिये प्रशिक्षण लेना गलत नहीं है। श्री नाईक के इस बयान के बाद सरगर्मियां और तेज हो गयी और पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करना पडा। समाजवादी पार्टी प्रवक्ता के राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि साम्प्रदायिक शक्तियां माहौल खराब करने में लगी हुई हैं लेकिन कानून किसी को हाथ में लेने नहीं दिया जायेगा। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा कि इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिये।

साम्प्रदायिक माहौल खराब करने में लगे लोगों को जेल में डालना होगा। गौरतलब है कि गत 14 मई को कारसेवकपुरम् में आयोजित शौर्य प्रशिक्षण शिविर में बजरंग दल कार्यकर्ताओं को हथियार चलाने,लाठी चलाने, आग के गोले में कूदने के साथ ही आतंकवादियों से जूझने तक की ट्रेनिंग दी गयी थी। इस दौरान कार्यकर्ता जय श्रीराम ,भारत माता की जय और वंदेमातरम् के नारे लगा रहे थे। कार्यकर्ताओं ने सिर पर भगवा रंग की पट्टी बांध रखी थी। –

NewBuzzIndia से फेसबुक पे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें..
**Like us on facebook**
[wpdevart_like_box profile_id=”858179374289334″ connections=”show” width=”300″ height=”150″ header=”small” cover_photo=”show” locale=”en_US”]

सुषमा स्वराज के भाई के खिलाफ महिला उत्पीड़न का केस दर्ज !

0

Newbuzzindia: केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के भाई व स्थानीय भाजपा नेता हनुमत भारद्वाज पर उनकी पत्नी ने मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। सुषमा स्वराज की भाभी ने सोमवार को एसपी राजेश दुग्गल से मिलकर शिकायत सौंपी। महिला थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

ओमैक्स सिटी निवासी हनुमत भारद्वाज केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के सौतेले भाई हैं व भाजपा के जिला उपाध्यक्ष भी हैं। उनकी पत्नी आंचल उर्फ अर्चना में पिछले करीब एक महीने से झगड़ा चल रहा है। मार्च माह में भी आंचल और हनुमत के बीच झगड़ा हुआ था। तब पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे और दोनों को समझाया था। परिजनों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था, परंतु दोनों के बीच खींचतान जारी थी।

जानकारी के मुताबिक कि आंचल व हनुमत ने करीब 15 साल पहले लव मैरिज की थी। उनके 14 साल का एक बेटा और नौ साल की एक बेटी है।  पिछले कुछ समय से दोनों बच्चे हिमाचल प्रदेश के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ रहे हैं। आंचल का आरोप है कि पति ने उन्हें बच्चों से न मिलने देने के लिए उनसे दूर किया है। 18 अप्रैल को आंचल अपने भाई के साथ एसपी राजेश दुग्गल के पास पहुंची थीं।

आंचल ने एसपी से कहा था कि राजनीतिक दबाव में पुलिस उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर रही है। आंचल ने एसपी से हनुमत भारद्वाज के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी। फिलहाल, एसपी के आदेश पर महिला थाना पुलिस ने आंचल की शिकायत पर मंगलवार की शाम मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।

NewBuzzIndia से फेसबुक पे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें..
**Like us on facebook**
[wpdevart_like_box profile_id=”858179374289334″ connections=”show” width=”300″ height=”150″ header=”small” cover_photo=”show” locale=”en_US”]

भाजपा विधायक द्वारा पीटे गए शक्तिमान ने कहा दुनिया को अलविदा !

0

Newbuzzindia: भारतीय जनता पार्टी के विधायक गणेश जोशी द्वारा घायल किए गए घोड़े शक्तिमान की आज मौत हो गई। उत्तराखंड के भाजपा विधायक गणेश जोशी तथा पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शक्तिमान को बुरी तरह घायल कर दिया था।

इस प्रदर्शन के दौरान शक्तिमान की टांग में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उसको काटना पड़ा था।

शक्तिमान की मौत के बाद भाजपा का कहना है कि सरकार ने इस मामले में लापरवाही दिखाई तथा घोड़े का सही से इलाज नहीं किया। भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार अगर  सही से इलाज करती तो शक्तिमान का जीवन बचाया जा सकता था।

बता दें शक्तिमान एक सरकारी पुलिसकर्मी की ही भांति उत्तराखंड पुलिस में तैनात था और एक जवान की तरह मेहनत और सैलरी पाता था।

इस पूरे मामले पर आरोपी भाजपा विधायक गणेश जोशी का कहना था कि मेरे ऊपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं, प्रदर्शन के दौरान घोड़े ने एक कार्यकर्ता को धक्का मार दिया था जिसके बाद मैंने डंडे से उसे हमला करने से रोका था, मारा नहीं था।

उन्होंने कहा कि बाद में मैंने देखा कि सड़क किनारे लगे लोहे के एंगल में घोड़े का पैर फंस गया था जिसके बाद उसे चोट आई थी।

NewBuzzIndia से फेसबुक पे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें..
**Like us on facebook**
[wpdevart_like_box profile_id=”858179374289334″ connections=”show” width=”300″ height=”150″ header=”small” cover_photo=”show” locale=”en_US”]

जाने माइनिंग घोटाले में किसे कितनी रिश्वत देता था अडानी ग्रुप , SIT की रिपोर्ट में हुआ खुलासा ।

0

Newbuzzindia: जज से लेकर एसपी और एमपी से लेकर एमएलए तक , कर्णाटक की समूची सत्ता का एक हिस्सा अडानी ग्रुप के पे-रोल पर था. कॉर्पोरेट भ्रष्टाचार का ये सनसनीखेज खुलासा अरबों रूपए के माइनिंग घोटाले की जांच कर रही लोकायुक्त की SIT ने किया  है.

पिछले चार साल से कर्नाटक में हो रही जांच में SIT  ने  Adani  Enterprise Limited के कई गोपनीय ईमेल को डिकोड करके ये खुलासा किया है की लगभग 500 अधिकारी और नेता को अडानी ग्रुप हर महीने रिश्वत के तौर पर बंधी हुई रकम दे रहा था.SIT का आरोप है की कर्नाटक के बेलेकर पोर्ट से आयरन ओर निर्यात कर रहे अडानी ग्रुप ने भारी घपलेबाज़ी की है.

इस पोर्ट से आंख बंद कर मानक से ज्यादा  खनिज लोहा अडानी ग्रुप ने विदेश भेज दिया. कई और कम्पनियां भी इस धांधली में शामिल थी. कुलमिलाकर ये घपला 15000 करोड़ रूपए से ज्यादा का है.

SIT की अदालत में दी गई रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2010 में लोकायुक्त ने बेलेकर पोर्ट पर छापे डाले जिसमे अडानी एंटरप्राइज लिमिटिड के दफ्तर से कई फाइल और कंप्यूटर हार्ड डिस्क बरामद की गई. दो साल बाद हार्ड डिस्क से बरामद डेटा में कुछ ईमेल मिले जिसमे अफसरों और नेताओं को माहवारी रिश्वत देने का ब्योरा था.

सूत्रों के मुताबिक ये ईमेल अडानी एंटरप्राइज के अकाउंट सेक्शन के प्रवीण बाजपाई ने सैमुअल डेविड को भेजा था.चूँकि अडानी ने कथित तौर पर चोरी छिपे खनिज निर्यात किये थे इसलिए अफसरों और नेताओं को रिश्वत दी गई थी. ज्यादतर पेमेंट कार्गो भेजे जाने के हिसाब से किये गए थे.

यानि जितना माल चोरी से भेज जा रहा था उसी के हिसाब से अहम अफसरों और नेताओं को पैसा दिया जा रहा था. ईमेल से पता लगा की अडानी ग्रुप स्थानीय एसपी को 1 लाख रूपए प्रति माह, अडिशनल एसपी को 25,000 रूपए , डिप्टी एसपी को 10,000 प्रति माह देता था. इसी तरह एमपी और एमएलए की भी मुठ्ठी गरम की जा रही थी.

उधर बंगलोर के अख़बार मिरर को अडानी ग्रुप ने इस मामले में जवाब देते हुए कहा है कि अडानी को सिर्फ कार्गो का ठेका मिला था जबकि खनन का काम बाकि कम्पनियां कर रही थीं. अडानी के प्रवक्ता का कहना है कि किसी को रिश्वत दिया जाने का सवाल ही नहीं उठता है.

जिस ईमेल के डेटा को सबूत मान जा रहा उसकी पुष्टि कभी भी कम्पनी ने नहीं की है. प्रवक्ता के मुताबिक ईमेल की तस्दीक जांच एजेंसी भी नहीं कर सकी  हैं. उधर ईमेल भेजने वाले अडानी के तत्कालीन अकाउंट  अधिकारी प्रवीण बाजपाई को अभी तक SIT  नहीं ढून्ढ पायी है. अब तक की जांच में अडानी ग्रुप के शीरस्थ अधिकारी भी बचते चले आये हैं.

NewBuzzIndia से फेसबुक पे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें..
**Like us on facebook**
[wpdevart_like_box profile_id=”858179374289334″ connections=”show” width=”300″ height=”150″ header=”small” cover_photo=”show” locale=”en_US”]