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एनएसयूआई ने स्वास्थ्य मंत्री के बंगले के बाहर लगाए पोस्टर, रवि परमार समेत 10 कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुआ मुकदमा

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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में एनएसयूआई ने स्वास्थ्य मंत्री के बंगले के बाहर “डॉ. बिकाऊ लाल चौधरी की तबादले की दुकान” के पोस्टर चस्पा कर दिए। दरअसल, स्वास्थ्य मंत्री पर एनएसयूआई मेडिकल विंग ने ये पोस्टर लगाकर तबादले की दुकान चलाने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई नेता रवि परमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री के बंगले पर पहुंचकर बंगले के बाहर जगह-जगह पोस्टर चस्पा किए।

वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर प्रभुराम चौधरी के बंगले पर ‘डॉक्टर बिकाऊ लाल की तबादले की दुकान’ के पोस्टर लगाना NSUI कार्यकर्ताओं को महंगा पड़ गया। टीटी नगर पुलिस ने इस मामले को लेकर नेता रवि परमार समेत करीब 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।

जानकारी के मुताबिक भोपाल की टीटी नगर पुलिस ने मंत्री प्रभुराम चौधरी के बंगले के बाहर खड़े गार्ड की शिकायत पर टीटी रवि परमार समेत करीब 10 लोगों पर केस दर्ज किया है। पुलिस ने छात्र नेताओं के खिलाफ धारा 353 (शासकीय कार्य में बाधा), 491, 294 , 149 संपत्ति निवारण अधिनियम जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

मुकदमा दर्ज होने के बाद नेता रवि परमार ने बताया कि हम पुलिस से डरने वाले नहीं है। शिवराज सरकार जब भी डरती है तो पुलिस को आगे करती है। रवि ने कहा कि सरकार के खिलाफ निरंतर प्रदर्शन जारी रहेगा। जिस प्रकार से बिकाऊ लाल सिर्फ तबादलों पर ध्यान दे रहें है, उसके खिलाफ NSUI लगातार आवाज़ उठाएगी।

दरअसल मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार हर जगह विरोध का सामना कर रही है। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी के विरुद्ध मंगलवार को एनएसयूआई मेडिकल विंग का अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई मेडिकल विंग के संयोजक रवि परमार के नेतृत्व में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने डॉ प्रभुराम चौधरी के बंगले की नेमप्लेट सहित बंगले के बाहर पोस्टर चस्पा कर दिया।

एनएसयूआई द्वारा चस्पा किए गए पोस्टर में “डॉ बिकाऊ लाल चौधरी की तबादले की दुकान” और “यह स्वास्थ्य मंत्री का बंगला नहीं बिकाऊ लाल चौधरी का तबादलो का कारखाना है” लिखा था। इस प्रदर्शन के जरिए एनएसयूआई ने मेडिकल विभाग में हो रहे तबादलों का विरोध जताया है। इस दौरान रवि परमार ने स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, “स्वास्थ्य विभाग में नियमों को अनदेखी करते हुए लाखों रुपयों लेकर धड़ल्ले से तबादले किए जा रहे हैं।

परमार ने चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा, “हम भाजपा को चेतावनी देना चाहते हैं कि उनकी सत्ता ज्यादा दिन तक नहीं रहेगी। छः महीने बाद राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी और सबका कच्चा-चिट्ठा बाहर आएगा। परमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि चौधरी यदि तबादलों का कारखाना बंद नहीं करेंगे तो प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा।

मध्यप्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, कोरोना और ब्लैक फंगस के इलाज पर हो सकता है असर

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मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टर आज से हड़ताल पर है। हड़ताल के पहले दिन आज सामान्य ओपीडी सहित इमरजेंसी सेवाए बंद रखने का फैसला लिया गया है। आज वे कोविड मरीजों का इलाज करेंगे और 1 जून से पूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे। जूडो के हड़ताल पर जाने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं तथा कोरोना और ब्लैक फंगस के इलाज पर इसका असर पड़ सकता है।

बता दे कि भोपाल में 11 बजे से जूनियर डॉक्टर्स हमीदिया अस्पताल में डीन कार्यालय के बाहर इकट्ठा होकर बैठे है। जूनियर डॉक्टर्स अपनी छह सूत्रीय मांगे नहीं माने जाने से नाराज हैं। जिसकी लंबे समय से सरकार के सामने अपनी मांगे रखते आए हैं।

वहीं इससे पहले जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार को कल 30 मई तक अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि 30 मई तक आदेश नहीं निकाला गया तो 31 मई से हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद भी कोई लिखित आदेश नहीं निकला है। 

जूडो ने कहा था कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री को आश्वासन दिये 5 महीने पूरे होने जा रहे है। उन्होंने कहा कि वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक उनकी सारी मांगों के लिखित आदेश नहीं आ जाते।

जूडो की ये है मांगे

  • सरकार की ओर से 6% सालाना मानदेय बढ़ाने का वायदा पूरा किया जाए
  • जूनियर डॉक्टरों के इलाज की बेहतर व्यवस्था की जाए
  • कोरोना के दौरान प्रति महीने 10 हज़ार रुपये मानदेय देने का वायदा पूरा किया जाए
  • जूनियर डॉक्टर्स को ग्रामीण सेवा के बंधन से मुक्त किया जाए
  • कोरोना काल में सेवा के लिए प्रशस्ती पत्र दिया जाए जिसका फायदा सरकारी भर्तियों में मिले

भोपाल के अस्पातल में फिर देखी गई लापरवाही, मरीजों से कहा ICU छोड़ दे

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कोरोना महामारी का कहर अभी थमा नही है। अभी भी कोरोना संक्रमित मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल स्थित रेड क्रॉस हॉस्पिटल ने ICU में भर्ती मरीजों के परिजनों को अस्पताल छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया गया है। यह मामला बुधवार का है जहां मरीज के परिजन को बिना स्वस्थ्य हुए ही उन्हें डिस्चार्ज करने का स्लिप दे दिया गया।

कथित तौर पर बताया जा रहा है कि अस्पताल में डॉक्टरों की टीम नहीं है इसलिए वे ICU वार्ड को खाली कर दें। बात दे की इस पूरे मामले का एक वीडियो सामने आया है जिसमे ICU में भर्ती एक महिला के पति पूरी स्थिति के बारे में बता रहे हैं।

वीडियो में कुल तीन मरीजो के बारे में बताया जा रहा है। जिसमे एक पुरूष पूरी तरह से वेंटिलेटर पर है, एक महिला जो कि 70 फीसदी वेंटिलेटर पर निर्भर हैं और वहीं एक और पुरूष हैं जो की वेंटिलेटर पर नही हैं। इस वीडियो में महिला के पति बात रहे हैं की कैसे उनकी पत्नी का डिस्चार्ज स्लिप उनको घंटों पहले दे दिया गया।

गौरतलब है कि सरकार के तरफ से कहा जा रहा है अब जिले में स्थिति सामान्य हो रही है और संक्रमित मरीजों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। लेकिन अस्पताल मैनजमेंट की तरफ से हो रही लापरवाही के कारण कोरोना संक्रमित मरीज और उनके परिजनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

नेताओं की फटकार के बाद चिरायु अस्पताल आया बैकफुट पर, आयुष्मान योजना के तहत होगा इलाज

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चिरायु अस्पताल प्रबंधन दुबारा फटकार लगने के बाद बैकफुट पर आया और मरीज से लिए गए 2 लाख रूपय को लौटा दिया। जानकारी है कि अब मरीज का इलाज आयुष्मान कार्ड से ही होगा।

बता दे कि आयुष्मान योजना के तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्ड धारी कोरोना मरीजों का निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज का आदेश दिया था। और चिरायु अस्पताल भी रजिस्टर्ड अस्पतालों की सूची में शामिल है। 

योगेन्द्र रघुवंशी ने कहा कि उन्होंने चिरायु अस्पताल में आयुष्मान कार्ड देकर उन्हें आयुष्मान योजना के तहत उनकी दादी को भर्ती करने का आग्रह किया था। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इंकार कर दिया था। उन्हें कहा कि चिरायु अस्पताल में आयुष्मान कार्ड नहीं चलता। जिसके बाद योगेन्द्र ने पैसों का इंतजाम कर 2 लाख रुपये अस्पताल में जमा करवाएं।

योगेंद्र ने बताया कि राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ प्रभुराम चौधरी ने चिरायु अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई। फटकार के बाद प्रबंधन ने सरजू बाई रघुवंशी के 2 लाख रुपय लौटा दिये। बता दे कि उनका इलाज अब आयुष्मान योजना के तहत किया जाएगा।

मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नहीं जानते कि कोरोना के कितने वैरियंट सक्रिय है

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मध्य प्रदेश सरकार कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निबटने की तैयारियां शुरू करने का दावा कर रही है लेकिन स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी को ये भी नहीं पता कि प्रदेश में कोविड-19 के कितने वैरिएंट सक्रिय है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री और मीडिया द्वारा कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन भी हुआ था।

दरअसल बार-बार सवाल किए जाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के वैरिएंट की जांच के लिए मध्य प्रदेश में कोई प्रयोगशाला ही नही है। इसका पता लगाने के लिए राज्य की बाहर की प्रयोगशाला में सैंपल भेजे गए है।

बता दे इंदौर में कोरोना नियंत्रण की समीक्षा बैठक में मंत्री शामिल हुए थे। साथ ही इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल थे। इसके बाद इंदौर में कोरोना की हालत पर संतोष जताते हुए चौधरी ने दावा किया कि दूसरी लहर का प्रकोप अब कम होने लगा है। और कहा कि अप्रैल के दौरान राज्य में महामारी की संक्रमण दर बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच गई थी जो फिलहाल घटकर 13.87 प्रतिशत रह गई है।

उन्होंने कहा कि महामारी की तीसरी लहर के खतरे से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह सजग है। सरकार मरीजो के लिए ऑक्सिजन, बिस्तर, रेमडेसिविर इंजेक्शन और अन्य जरूरी चीजों की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के जिले में मरीज के लिए एम्बुलेंस की जगह ठेले का किया इस्तेमाल

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मध्य प्रदेश में कोरोना का संक्रमण से संक्रमित लोगों की परेशानी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। प्रदेश के अस्पतालों में जगह नहीं मिल रही है। कहीं जगह मिल भी गई दवाइयों की कमी तो कहीं ऑक्सीजन सिलेंडर की। वहीं मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी के गृह क्षेत्र की कमियां सामने आ रही है।

दरअसल मंत्री के गृह क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां एक युवक बुजुर्ग महिला को हाथ ठेले पर बिठाकर अस्पताल ले जा रहा था। बताया जा रहा है कि वे महिला कोरोना पॉजिटिव है।

बता दे कि 70 वर्षीय बसंती बाई को सर्दी जुकाम और बुखार की शिकायत थी। उसे कोई अपने वाहन से अस्पताल तक ले जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। और साथ ही साथ लॉकडाउन के कारण ऑटो, टैक्सी बंद है। ऐसे में बुजुर्ग महिला नीलेश कुशवाह ने अपने हाथ ठेले को ही एंबुलेंस बनाकर बैठा लिया और इलाज के लिए उन्हें एक किमी दूर एक निजी डॉक्टर के क्लीनिक तक ले गया।

इसके बाद भी कोई अपने वाहन में बसंती बाई की मदद के लिए तैयार नहीं हुआ। ऐसे हालात में नाती नीलेश से रहा नहीं गया तो उसने अपने हाथ ठेले पर ही अपनी को बैठा कर एक किलोमीटर प्राइवेट डॉक्टर के पास इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ा।

मध्यप्रदेश में अब पर्यटकों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्म से जोड़ा जाएगा

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मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव (Urban Body Election) और पंचायत चुनाव (Panchayat Election) होने से पहले शिवराज सरकार हिन्दुत्व की राह पर चल पड़ी है। राम मंदिर (Ram Mandir) और धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2020 (Religious Freedom Bill 2020) कानून बनाने के बाद अब प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि पर्यटकों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्म से जोड़ा जाएगा।इसके पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

इसी दौरान साँची में बुद्ध जम्बूद्वीप पार्क तथा पर्यटक सुविधा केन्द्र का लोकार्पण करने पहुंची पर्यटन, संस्कृति एवं आध्यात्म मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पर्यटकों को पर्यटन के साथ साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्म से जोड़ा जाएगा। परिणाम स्वरूप पर्यटकों के बीच साँची और भी अधिक लोकप्रिय बनेगा।

मंत्री ने कहा कि हम सिटी म्यूजियम के माध्यम से मध्यप्रदेश की आने वाली पीढ़ी को सच्चा इतिहास बताना चाहते हैं। गुरुनानक देव जी की 550वीं जयंती को दृष्टिगत रखते हुए सिक्ख गुरुओं की बलिदानी पावन परम्परा पर सुंदर संग्रहालय बनाया जायेगा । उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के मद्देनजर प्रदेश में स्प्रिचुएबल टूरिज्मको बढ़ावा दिया जाएगा।

मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि साँची क्षेत्र में किये जा रहे विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों से नि:संदेह पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को रोजगार के नवीन अवसर भी प्राप्त होंगे। साँची आने वाले पर्यटकों को सभी प्रकार की सुविधाएँ मुहैया कराने के लिये 5 करोड़ की लागत से पर्यटक सुविधा केन्द्र स्थापित किया गया है।

स्वदेश दर्शन योजना के तहत बुद्धिस्ट स्थलों पर सुविधाएँ बढ़ाई गई हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बुद्ध जम्बूद्वीप थीम पार्क 17 एकड़ में फैला हुआ है। पार्क महात्मा बुद्ध के जीवन सिद्धांतों के अनुसार बनाया गया है। बुद्ध जम्बूद्वीप पार्क में इंटरप्रिटेशन सेंटर भी बनाया गया है। इसमें बुद्ध और बौद्ध धर्म का कालानुक्रमिक समय, इसका उद्भव, विस्तार और प्रसार सेंटर की गैलरियों में प्रस्तुत किया गया है।