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बीएसपी सांसद मलूक नागर पर करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप, आर्थिक अपराध शाखा में FIR दर्ज

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उत्तरप्रदेश के बिजनौर से बहुजन समाज पार्टी के सांसद मलूक नागर के खिलाफ दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा में धारा 420 और 406 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें जुर्माने के साथ ही 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। मामले में मलूक नागर के अलावा 3 और लोगों अजय कुमार, संजीव कुमार और मनोज कुमार रे पर भी करोड़ों की हेराफेरी करने का आरोप है। आरोप है कि इन चारों व्यक्ति ने नॉएडा स्थित रियल एस्टेट कंपनी एम्स मैक्स गार्डिनिया डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। आरोपों के मुताबिक मलूक नागर पर नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी के 1000 करोड़ रुपये बकाया है, जिसे नागर ने गलत तरीके से अपनी दूसरी परियोजनाओं में लगाकर अथॉरिटी को चूना लगाया है। आरोप है कि काफी कोशिशों के बाद भी नोएडा अथॉरिटी बसपा संसद से यह पैसा वसूल करने में नाकाम रही है।

शिकायतकर्ता कुलदीप नरोत्रा का आरोप है कि मलूक नागर ने पद, पैसे और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मुंबई के साथ ही विदेश के कई शाहरों में भी संपत्ति बना ली है। शिकायतकर्ता के मुताबिक अगर सांसद द्वारा की गई धोखाधड़ी की सही तरह से छानबीन करवाई जाए तो काफी बड़े- बड़े घोटाले सामने आ सकते है।

आरोपी सांसद मलूक नागर की तस्वीर

क्या है पूरा मामला ?

कंस्ट्रक्शन कंपनी जेएमडी लिमिटेड द्वारा दायर किये गये मुक़दमे के अनुसार बीएसपी संसद ने 3 अन्य साथियों के साथ नॉएडा में एक रियल एस्टेट कंपनी एम्स मैक्स गार्डिनिया डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड शुरू की जिसका ऑफिस दिल्ली के विनोबापुरी में है। आरोप है कि मलूक नागर समेत कंपनी के चारों डायरेक्टरों ने जेएमडी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील बेदी से मुलाकात कर नॉएडा अथॉरिटी द्वारा सेक्टर 75 में इको सिटी के आवंटन का दावा पेश किया। कंपनी ने जेएमडी को इको सिटी में लगभग 2 एकड़ व्यावसायिक जमीन लीज पर देने का प्रस्ताव दिया। जमीन का सौदा 2500/- रुपये वर्ग फीट के दाम पर 65.34 करोड़ रुपये में तय किया गया। जिसमें से 15 करोड़ रुपये का भुगतान जेएमडी द्वारा एम्स को कर दिया गया। भुगतान के बाद से ही लीज के डाक्यूमेंट्स देने में एम्स द्वारा देरी की जा रही थी। बार- बार मोहलत लेने के बाद भी जब कंपनी लीज डाक्यूमेंट्स देने में नाकाम रही तो जेएमडी ने नॉएडा अथॉरिटी से संपर्क किया। संपर्क करने के बाद पता चला की एम्स ने लीज के लिए आवेदन ही नही किया। वहीं दूसरी तरफ एम्स ने उस 2 एकड़ जमीन पर बनने वाली दुकानों को बेचने के लिए अखबारों में विज्ञापन तक दे दिया। जिसके बाद जेएमडी ने इस धोखाधड़ी की शिकायत आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज करवाई।

बता दें कि बीएसपी सांसद मलूक नागर 2009 से लगातार लोकसभा सांसद है। बिजनौर से पहले वह मेरठ से भी बीएसपी की टिकट पर लोकसभा पहुंचे थे। इससे पहले भी दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट नें मलूक नागर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। जब उनकी एक अन्य कंपनी मैसर्स एम्स सान्या डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने कर्मचारियों का टीडीएस काटने के बाद भी आयकर विभाग में जमा नही किया था।

(नोट: एम्स मैक्स गार्डिनिया डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ यह मामला दिनांक 4/11/2019 को दर्ज किया गया था। वहीं हमें इस मामले की जानकारी आज 10/12/2019 को ईमेल के माध्यम से प्राप्त हुई है)