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रूठे कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे MP के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न, खेला रस्साकशी का खेल

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मध्यप्रदेश की राजनीति में अपना अलग अंदाज रखने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर इन दिनों विधानसभा क्षेत्र के नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं को साधने में जुटे हैं। दरअसल, तोमर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मंडल बैठक के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने रस्साकशी खेला। तोमर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ रस्सी खींचते हुए नजर आए।

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर ऊर्जा मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। तोमर के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती भाजपा के नाराज कार्यकर्ताओं को मनाना है। इसी को देखते हुए अब वे लगातार बैठकें आयोजित कर रहे हैं। प्रद्युम्न सिंह तोमर ने राजा मानसिंह तोमर मंडल में बैठक आयोजित की जिसमें बीजेपी के सभी सिंधिया समर्थक और मूल कार्यकर्ताओं को बुलाया गया। बैठक में तोमर ने कहा कि कुछ ही समय में विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में हम सबको नाराज़गी दूर करके पार्टी के काम में लगना चाहिए।

तोमर ने आगे कहा कि हो सकता है मुझसे या पार्टी से कुछ गलतियां हो गई हों, जिससे आप नाराज हों। लेकिन शिकवे दूर कर हमें अब चुनावी मैदान में आ जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं के बिना पार्टी आगे नहीं बढ़ सकती। आप सभी की मेहनत है, जिस कारण शहर में विकास प्रगति पर है और जिस कार्यकर्ता को किसी भी तरह की कोई परेशानी है तो वह कभी भी मेरे पास आ सकता है। हम सब मिलकर परेशानियां दूर करने का प्रयास करेंगे।

कर्नाटक के बाद अब एमपी फतह के लिए जुटी कांग्रेस, पांच गारंटी के साथ मैदान में उतरेंगे कमलनाथ

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भोपाल। कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस के हौंसले बुलंद है। कर्नाटक में कांग्रेस ने जिस फॉर्मूले की मदद से बीजेपी को मात दी है अब उसी फॉर्मूले को मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़ने जा रही है। विधानसभा चुनाव में जनता से पांच गारंटी के वादे के साथ पार्टी पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ की हनुमान भक्त वाली छवि को जनता के बीच भुनाने की तैयारी में है। कर्नाटक में कांग्रेस की जीत की इबारत लिखने वाले सुनील कानुगोलू अब कर्नाटक चुनाव के बाद मध्यप्रदेश में पूरी तरह सक्रिय होंगे और पूरी चुनावी रणनीति तैयार करेंगे।

बताया जा रहा है कि कर्नाटक में कांग्रेस की प्रचंड जीत के लिए पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादे की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। यहीं कारण माना जा रहा है कि कर्नाटक में जीत के बाद राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने जनता से जो 5 प्रमुख वादे किए गए हैं उस सभी वादों पर सरकार बनते ही काम शुरू हो जाएगा।

दरअसल कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पांच गारंटी वादे के साथ चुनावी मैदान में गई थी। कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि राज्य की परिवार की हर महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये भत्ता दिया जाएगा, बेरोजगार स्नातकों को दो साल के लिए 3,000 रुपये प्रति माह और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों को 1,500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे।

वहीं कांग्रेस ने कर्नाटक के लोगों को गृह ज्योति योजना के माध्यम से 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का ऐलान किया था। अन्नभाग्य योजना के तहत 10 किलो चावल मुफ्त देने के साथ अगले 5 सालों में किसान कल्याण के लिए 1.5 लाख रुपये, फसल नुकसान की भरपाई के लिए 5000 करोड़ रुपये और नारियल किसानों और अन्य के लिए MSP सुनिश्चित करने का भी ऐलान किया था।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस की जीत जनता की जीत है। हमें आगे बहुत कुछ करना है। हमें वादे निभाने हैं, हमारी 5 गारंटी हम पूरी करेंगे।कर्नाटक में जिस तरह से कांग्रेस ने स्थानीय मुद्दों के उठाकर बीजेपी को करारी मात दी है। अब उसी तर्ज पर अब मध्यप्रदेश में कांग्रेस स्थानीय मुद्दों को जनता के बीच ले जाकर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

जानकारी के अनुसार कर्नाटक में जीत के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस में चुनाव की रणनीति तैयार करने को लेकर बैठकों का सिलसिला तेज हो गया है। चुनाव में पार्टी के वचन पत्र को अंतिम रूप देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास पर पार्टी के बड़े नेताओं की बैठक हुई। मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने पर नारी सम्मान योजना के तहत महिलाओं को 1500 रु देने का वादा करने के साथ 500 में गैस सिंलेंडर का वादा कर रही है।

मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस युवा वोटरों को साधने के लिए रोजगार देने का वादा करने के साथ सत्ता में आने पर बेरोजगारी भत्ता देने का वादा करने जा रही है। पार्टी अपने वचन पत्र में सत्ता आने पर बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ दो से ढाई हजार तक बेरोजगारी भत्ता देने का वादा कर सकती है।

एमपी में कांग्रेस किसान वोट बैंक को साधने के लिए कर्जमाफी का वादा करने जा रही है। बताया जा रहा है कि पार्टी किसानों का बिजली बिल आधा करने, किसानों को फसल का उचित मूल्य देना , फसल में नुकसान होने पर उचित मुआवजा देने का वादा भी किया है।

बता दें कि वह कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कट्टर हिंदुत्व के कार्ड और बजरंग दल विवाद को बजरंग बली से जोड़ने के बाद कांग्रेस ने सॉफ्ट हिंदुत्व का कार्ड खेलते हुए सत्ता में आने पर पूरे प्रदेश बजरंग बली के मंदिर बनवाने की घोषणा की थी। ठीक वैसे ही मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड को चुनौती देने के लिए कांग्रेस सॉफ्ट हिंदुत्व का कार्ड खेलने की तैयारी में है। चुनाव के लिए अपने वचन पत्र में पार्टी प्रदेश में राम वन गमन पथ का निर्माण करने, समस्त पंचायतों में गौशाला खोलने, नर्मदा परिक्रमा पथ का विकास करने, धार्मिक नगरों को पवित्र घोषित करने का वादा लोगों से करने जा रही हैं।

बीजेपी नेताओं को होगी जेल ! कांग्रेस अपने वचन पत्र में जारी करेगी करप्शन की सूची

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भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां अपने चरम पर है। दोनों ही मुख्य पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी हुई है। इसी बीच एमपी कांग्रेस अपना वचन पत्र तैयार कर रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के वचन पत्र में बीजेपी नेताओं को जेल भेजने का वचन देगी।

बता दें कि कांग्रेस अपने आने वाले वचन पत्र में करप्शन का मुद्दा लेकर आएगी। इसके अलावा वचन-पत्र में सरकारी विभागों में करप्शन की सूची जारी की जाएगी और जिन नेताओं पर आरोप है उन्हें जेल भेजने का वचन देगी। इसके अलावा कांग्रेस पुराने मामले फिर से खोलने का भी वचन देगी।

इस बारे में जानकारी देते हुए पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि जिस दिन कांग्रेस सरकार आएगा उसी दिन जिन्न बाहर निकलेगा। यह जिन्न घोटालों का होगा जो बाहर आएगा। इसमें व्यापमं, सिंहस्थ, पेंशन और बीजेपी सरकार ने जितने अन्य घोटाले किए है सब बाहर आएंगे।

सज्जन वर्मा के बयान और वचन पत्र पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस हमेशा द्वेष से काम करती है। 15 महीने में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किए गए, मकान तोड़े गए। कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो वोट नहीं मिलने पर जनता से भी बदला लेती है। जनता को सब दिखता है और हमें जनता पर पूरा विश्वास है कि वे कांग्रेस को नहीं चुनेगी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ली बैठक, आगामी चुनाव से पहले BJP के मंत्री और कार्यकर्ताओं को साधने की कवायद

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ग्वालियर। मध्यप्रदेश में होने वाले 2023 के विधानसभा चुनाव में अब काफी कम वक्त बचा है। ऐसे में मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पूर्व बीजेपी कार्यकर्ता और अपने साथ कांग्रेस से बीजेपी में आए कार्यकर्ताओं के बीच सामंजस्य बनाने में लगे हुए हैं। इसी के चलते ग्वालियर के एक होटल में सिंधिया ने भाजपा के कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की। इस बैठक में सिंधिया ने भाजपा कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारियों को लेकर प्लान समझाया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया का पूरा ध्यान सिर्फ ग्वालियर चंबल अंचल पर है। इसके साथ ही वे ग्वालियर जिले की छह विधानसभा सीटों को लेकर पूरी तैयारी में जुटे हैं और कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को किस तरह हराया जाए, इस पर ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले बीजेपी के मंडल अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं के साथ सिंधिया ने सीधे तौर पर बातचीत की। सिंधिया के मुताबिक उनके और कार्यकर्ताओं के बीच चुनाव को लेकर आगे के प्लान पर चर्चा हुई है, ताकि सरकार की योजनाओं को लेकर जनता को बताया जा सके। इससे जनता चुनाव से पहले भाजपा की योजनाओं और उनके लाभों के बारे में जान सके।

बैठक में ज्योतिरादित्य ने ग्वालियर और ग्रामीण के सभी 30 मंडल के अध्यक्षों को बुलाया था। साथ ही बैठक में दोनों जिलाध्यक्ष के साथ मंत्री प्रघुम्न सिंह तोमर, कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त मुन्नालाल गोयल मौजूद रहे। बैठक को हालांकि पार्टी के लोग परिचय बैठक बता रहे हैं, लेकिन मंडल अध्यक्षों और संजोयकों की मानें तो आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर किस तरह से बीजेपी को ग्राउंड जीरो पर कैसे तालमेल बिठाकर काम करना है, उस पर बातचीत की गई।

खबर तो ये भी है कि उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों और पुराने बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच अंदरूनी तौर पर रस्साकसी चल रही है। विधानसभा चुनाव में ये रस्साकसी पार्टी को नुकसान न पहुंचाए इसलिए सिंधिया ने बीजेपी के मंडल अध्यक्षों के साथ ये बैठक की है, ताकि चुनाव से पहले सभी मसले हल कर लिए जाएं।

BJP नेताओं में नाराज़गी ! दीपक जोशी के बाद कई बड़े नाम होंगे कांग्रेस में शामिल- कमलनाथ

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भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका दिया है। दीपक जोशी के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर उन्होंने कहा कि दीपक जोशी तो सिर्फ ट्रेलर मात्र हैं, बीजेपी के कई बड़े नेता जल्द ही कांग्रेस में शामिल होंगे। दरअसल, 6 मई को बीजेपी के दिग्गज नेता रहे दीपक जोशी ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया।

दीपक जोशी पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता स्व. कैलाश जोशी के बेटे हैं। वह शिवराज सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। जोशी का कांग्रेस में जाना बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके साथ ही ऐसी भी चर्चा है कि बीजेपी के कई और बड़े नेता भी कांग्रेस के संपर्क में हैं और जल्द ही कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।

कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है। प्रदेश के एक करोड़ युवा बेरोजगार हैं। देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी प्रदेश में हैं। योजनाओं का फायदा जनता को नहीं मिल रहा। कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। कमलनाथ ने अपने कार्यकाल के कामों को गिनाते हुए बहनों को 1500 रुपये प्रतिमाह, गैस सिलेंडर 500 रुपए में देने की भी बात कही। ये बात कमलनाथ ने सिवनी जिले के उड़ेपानी में कार्यकर्ताओं और मंडल पदाधिकारियों से संवाद करते हुए कही। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारी में जुटने का निर्देश भी दिया।

मिशन 2023 : MP में भाजपा और कांग्रेस ने करवाया सर्वे, चौंकाने वाले परिणाम आए सामने

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भोपाल। इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए शिवराज सिंह चौहान और कमलनाथ ने सर्वे कराया है। पहले चुनाव से जुड़े सर्वे (Survey) पार्टियां ही करवाती थीं लेकिन अब तो नेता-मंत्री भी सर्वे करवाने लगे हैं। इन दिनों भोपाल के राजनीतिक गलियारों में जिन सर्वे की चर्चा है वो हैं, शिवराज सरकार की तरफ से कराए गए सर्वे, मध्य प्रदेश पुलिस की शाखा इंटेलिजेंस का सर्वे या रिपोर्ट, कांग्रेस नेता कमलनाथ के सर्वे और संघ के सर्वे है।

इनमें शिवराज और कमलनाथ कुछ महीनों के अंतराल में विधानसभा वार सर्वे कराते हैं, जिसमें मुद्दों के साथ-साथ प्रत्याशियों की लोकप्रियता जांची जाती है। कमलनाथ ने पिछले स्थानीय निकाय चुनाव में अपने सर्वे के आधार पर ही टिकट दिए थे, जिसमें कांग्रेस ने नगर निगम के चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया था। वो अपना सर्वे सभी टिकट चाहने वालों के सामने रखकर सच्चाई से रूबरू कराते हैं।

कमलनाथ के सर्वे में कांग्रेस की दोबारा दमदार वापसी बताई जा रही है वहीं शिवराज के सर्वे में सरकार बनाने लायक विधायक जीतकर आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पहले इंटेलिजेंस और संघ के सर्वे में बीजेपी की हालत नाज़ुक दिख रही थी मगर अब बीजेपी वापसी करती दिख रही है। इसका क्रेडिट शिवराज की लाडली बहना योजना को दिया जा रहा है।

शिवराज कैबिनेट के मंत्रियों को किया गया तलब, सक्रियता बढ़ाने को लेकर बंद कमरे में हुई चर्चा…

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भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में होना हैं, हालांकि अभी तक चुनाव की तारीखों को लेकर किसी तरह की जानकारी सामने नहीं आयी है। लेकिन बीजेपी ने अपने स्तर पर चुनावी तैयारियां ज़रूर शुरू कर दी हैं। आज बीजेपी ने सीएम शिवराज कैबिनेट के निष्क्रिय नेताओं और मंत्रियों को प्रदेश कार्यालय में तलब किया। संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और प्रदेश प्रभारी पी. मुरलीधर राव ने बंद कमरे में इन नेताओं के साथ काफी देर तक चर्चा की।

इस मीटिंग में पदाधिकारियों ने नेताओं और मंत्रियों की फीडबैक रिपोर्ट भी पेश की।
इस मीटिंग में प्रदेश के डिएक्टिव नेताओं और मंत्रियों को उनके जमीनी फीडबैक से अवगत कराया गया। घंटों चली इस मीटिंग में चुनावी साल होने पर मंत्रियों को उनके क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाने के लिए कहा गया।
BJP ने चुनाव पर फोकस करते हुए घर-घर कैंपेन जैसे कई प्लान तैयार किए हैं। जैसे मंत्रियों द्वारा प्रदेश की जनता के पास जाना, उनसे जुड़ना और उनकी समस्याएं सुनकर उनका निपटारा करना भी शामिल है।

मुख्यमंत्री शिवराज ने प्रदेश के सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर जन मानस की समस्याएं सुनें और उन्हें सुलझाएं। प्रदेश की जनता की समस्याओं का निपटारा खुद मंत्री करेंगे। सभी मंत्री और नेता 10 मई से अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जनता से मिलेंगे और जनसमस्याएं सुनेंगे।