असम में भाजपा विधायक की गाड़ी में ईवीएम मिलने के मामले में चुनाव आयोग ने प्रशासन ने इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है। चुनाव आयोग को अब तक मिली जानकारी के अनुसार, पोलिंग पार्टी की गाड़ी खराब हो गई थी, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी ने भाजपा विधायक की गाड़ी से लिफ्ट मांगी , क्योंकि इस दौरान चुनाव आयोग की तरफ से नियुक्त सेक्टर अफसर ने कोई गाड़ी की व्यवस्था नहीं की थी।
चुनाव आयोग को जिला निर्वाचन अधिकारी से अब तक मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पोलिंग पार्टी को शुरुआत में जानकारी नहीं थी कि वह जिस गाड़ी में वो लिफ्ट ले रहे हैं, व गाड़ी भाजपा के विधायक की है। बता दें कि गाड़ी भाजपा विधायक की पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड है।
लिफ्ट लेकर जब भाजपा विधायक की गाड़ी से पोलिंग पार्टी लौट रही थी, तभी स्थानीय लोगों ने देख लिया और गाड़ी रोक दी गई। पोलिंग पार्टी के सदस्यों को स्थानीय लोगों ने गाड़ी से निकाल दिया और भीड़ हिंसात्मक भी होने लगी। चुनाव आयोग को मिली सूचना के मुताबिक जो ईवीएम विधायक की गाड़ी से मिला है, वोटिंग के बाद मिला ईवीएम है। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक ईवीएम का सील नहीं टूटा है।

विधायक की गाड़ी में ईवीएम मिलने पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘हर बार ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जिनमें प्राइवेट गाड़ियों में ईवीएम ले जाते हुए पकड़े जाते हैं।अप्रत्याशित रूप से उनमें कुछ चीजें कॉमन होती है। गाड़ियां भाजपा उम्मीदवार या उनके साथियों से जुड़ी होती हैं। वीडियो एक घटना के रूप में सामने आते हैं और फिर झूठ बताकर खारिज कर दिया जाता है।
चुनाव आयोग ने ईवीएम मामले में पीठासीन अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है। चुनाव आयोग ने चार मतदान अफसरों को भी निलंबित कर दिया है और एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।







