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मध्यप्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, कोरोना और ब्लैक फंगस के इलाज पर हो सकता है असर

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मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टर आज से हड़ताल पर है। हड़ताल के पहले दिन आज सामान्य ओपीडी सहित इमरजेंसी सेवाए बंद रखने का फैसला लिया गया है। आज वे कोविड मरीजों का इलाज करेंगे और 1 जून से पूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे। जूडो के हड़ताल पर जाने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं तथा कोरोना और ब्लैक फंगस के इलाज पर इसका असर पड़ सकता है।

बता दे कि भोपाल में 11 बजे से जूनियर डॉक्टर्स हमीदिया अस्पताल में डीन कार्यालय के बाहर इकट्ठा होकर बैठे है। जूनियर डॉक्टर्स अपनी छह सूत्रीय मांगे नहीं माने जाने से नाराज हैं। जिसकी लंबे समय से सरकार के सामने अपनी मांगे रखते आए हैं।

वहीं इससे पहले जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार को कल 30 मई तक अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि 30 मई तक आदेश नहीं निकाला गया तो 31 मई से हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद भी कोई लिखित आदेश नहीं निकला है। 

जूडो ने कहा था कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री को आश्वासन दिये 5 महीने पूरे होने जा रहे है। उन्होंने कहा कि वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक उनकी सारी मांगों के लिखित आदेश नहीं आ जाते।

जूडो की ये है मांगे

  • सरकार की ओर से 6% सालाना मानदेय बढ़ाने का वायदा पूरा किया जाए
  • जूनियर डॉक्टरों के इलाज की बेहतर व्यवस्था की जाए
  • कोरोना के दौरान प्रति महीने 10 हज़ार रुपये मानदेय देने का वायदा पूरा किया जाए
  • जूनियर डॉक्टर्स को ग्रामीण सेवा के बंधन से मुक्त किया जाए
  • कोरोना काल में सेवा के लिए प्रशस्ती पत्र दिया जाए जिसका फायदा सरकारी भर्तियों में मिले

कमलनाथ पर हुई एफआईआर के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ क्राइम ब्रांच को सौपा आवेदन

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मध्य प्रदेश में कोरोना से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस जहां सरकार पर लगातार वार कर रही है वहीं बीजेपी भी चुप बैठने का नाम नहीं ले रही है। इस मामले में पूर्व सीएम कमलनाथ पर एफआईआर के बाद अब अब कांग्रेस सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी।

बता दे कि कांग्रेस ने प्रशासन से सीएम चौहान पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक आरिफ मसूद, पूर्व महापौर विभा पटेल, विधायक कुणाल चौधरी सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एफआईआर के लिए क्राइम ब्रांच में आवेदन सौंपा है।

वहीं शिवराज सिंह पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस क्राइम ब्रांच में शिकायती आवेदन सौंपेगी। तो दूसरी तरफ बीजेपी फिर आज दूसरे जिलों में कमलनाथ के खिलाफ सोमवार को एफआईआर दर्ज कराएगी।

मध्यप्रदेश में खाली है डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के पद

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मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के इस कठिन दौर में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। डॉक्टरों के 5 हजार पद तो वहीं नर्सिंग स्टाफ के 16 हजार पद खाली है पूरे प्रदेश भर में खाली है। वहीं प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में सीनियर डॉक्टर के 800 से ज्यादा पद खाली है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदेश में अभी लगभग 16996 लोगों पर एक डॉक्टर की व्यवस्था है। जबकि डब्ल्यूएचओ(WHO) के मुताबिक एक हजार लोगों पर एक डॉक्टर होना चाहिए।

बता दे कि सरकार के वैकेंसी निकालने के बाद भी कोई आने को तैयार नहीं है। पिछले साल अप्रैल में मात्र 6 मेडिकल ऑफिसर्स की भर्ती हुई थी। लेकिन उनका भी समय पूरा होने से पहले हटा दिया गया।

भोपाल के अस्पातल में फिर देखी गई लापरवाही, मरीजों से कहा ICU छोड़ दे

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कोरोना महामारी का कहर अभी थमा नही है। अभी भी कोरोना संक्रमित मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल स्थित रेड क्रॉस हॉस्पिटल ने ICU में भर्ती मरीजों के परिजनों को अस्पताल छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया गया है। यह मामला बुधवार का है जहां मरीज के परिजन को बिना स्वस्थ्य हुए ही उन्हें डिस्चार्ज करने का स्लिप दे दिया गया।

कथित तौर पर बताया जा रहा है कि अस्पताल में डॉक्टरों की टीम नहीं है इसलिए वे ICU वार्ड को खाली कर दें। बात दे की इस पूरे मामले का एक वीडियो सामने आया है जिसमे ICU में भर्ती एक महिला के पति पूरी स्थिति के बारे में बता रहे हैं।

वीडियो में कुल तीन मरीजो के बारे में बताया जा रहा है। जिसमे एक पुरूष पूरी तरह से वेंटिलेटर पर है, एक महिला जो कि 70 फीसदी वेंटिलेटर पर निर्भर हैं और वहीं एक और पुरूष हैं जो की वेंटिलेटर पर नही हैं। इस वीडियो में महिला के पति बात रहे हैं की कैसे उनकी पत्नी का डिस्चार्ज स्लिप उनको घंटों पहले दे दिया गया।

गौरतलब है कि सरकार के तरफ से कहा जा रहा है अब जिले में स्थिति सामान्य हो रही है और संक्रमित मरीजों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। लेकिन अस्पताल मैनजमेंट की तरफ से हो रही लापरवाही के कारण कोरोना संक्रमित मरीज और उनके परिजनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भेजा गौमूत्र और किए कई सवाल

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राजधानी भोपाल की सांसद के बयान को लेकर अब कांग्रेस ने पलटवार किया है। दरअसल पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को गौमूत्र की शीशी भेजी है। इसके साथ ही उन्होंने डॉ हर्षवर्धन को एक पत्र भी भेजा है।

बता दे कि पत्र में सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान पर सवाल उठाया है। सांसद ने कोरोना से बचने के लिए गोमूत्र पीने की बात कही थी। पूर्व मंत्री ने डॉ हर्षवर्धन से सवाल किया कि क्या ICMR और DRDO ने यह वैज्ञानिक तौर पर मान लिया है कि गौमूत्र से कोरोना का ईलाज हो सकता है ?

पूर्व मंत्री द्वारा लिखा गया पत्र

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने पत्र में लिखा है कि गौमाता को हम माँ मानते है तथा गौमाता का दूध पौष्टिक है गौ गोबर, गौमूत्र का धार्मिक महत्व है। पर क्या इस धार्मिक भावना का प्रदेश व देश की गरीब जनता को गुमराह करने के लिए नहीं हो रहा है ?

उन्होंने आगे लिखा कि क्या केन्द्र के स्वास्थ्य विभाग व मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने तय कर लिया है कि अब कोरोना एवं ब्लैक फंगस का ईलाज गौमूत्र से होगा ? क्या अब वैक्सीन लगवाने की आवश्यकता नहीं होगी? क्या स्वास्थ्य विभाग ICMR एवं DRDO यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित करते है ?

नेताओं की फटकार के बाद चिरायु अस्पताल आया बैकफुट पर, आयुष्मान योजना के तहत होगा इलाज

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चिरायु अस्पताल प्रबंधन दुबारा फटकार लगने के बाद बैकफुट पर आया और मरीज से लिए गए 2 लाख रूपय को लौटा दिया। जानकारी है कि अब मरीज का इलाज आयुष्मान कार्ड से ही होगा।

बता दे कि आयुष्मान योजना के तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्ड धारी कोरोना मरीजों का निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज का आदेश दिया था। और चिरायु अस्पताल भी रजिस्टर्ड अस्पतालों की सूची में शामिल है। 

योगेन्द्र रघुवंशी ने कहा कि उन्होंने चिरायु अस्पताल में आयुष्मान कार्ड देकर उन्हें आयुष्मान योजना के तहत उनकी दादी को भर्ती करने का आग्रह किया था। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इंकार कर दिया था। उन्हें कहा कि चिरायु अस्पताल में आयुष्मान कार्ड नहीं चलता। जिसके बाद योगेन्द्र ने पैसों का इंतजाम कर 2 लाख रुपये अस्पताल में जमा करवाएं।

योगेंद्र ने बताया कि राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ प्रभुराम चौधरी ने चिरायु अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई। फटकार के बाद प्रबंधन ने सरजू बाई रघुवंशी के 2 लाख रुपय लौटा दिये। बता दे कि उनका इलाज अब आयुष्मान योजना के तहत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज की फटकार का भी नहीं हुआ असर , फिर एक बार विवादों में घिरा चिरायु अस्पताल

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भोपाल: राजधानी भोपाल का जाना माना चिरायु हॉस्पिटल एक बार फिर से विवादों के घेरे में आ गया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आदेशों की फिर से अवहेलना की जा रही है। चिरायु प्रबधंन ने एक कोरोना मरीज का इलाज आयुष्मान कार्ड के जरिये निःशुल्क करने से मना कर दिया।

मामला सोमवार का है जब पीड़ित योगेंद्र रघुवंशी कोरोना संक्रमित अपने दादी के इलाज के लिए वहां पहुँचें थे। आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद चिरायु हॉस्पिटल ने उनका निशुल्क इलाज करने से मना कर दिया।

चिरायु मेडिकल कॉलेज के मालिक अजय गोयनका अपने जिद्द पर अड़े हुए है। पहले भी ऐसा ही मामला सामने आ चुका है। पीड़ित व्यक्ति को चिरायु हॉस्पिटल के प्रबधंन ने धक्का देकर हॉस्पिटल के बहार निकाल दिया था।

आपको बता दे कि हाल ही में एक और मामला वीडियो के जरिए खूब वायरल हुआ था जहाँ चिरायु अस्पताल के डॉक्टर ने आयुष्मान कार्ड कर इलाज करने से मना कर दिया था। उस वक्त भी जब गोयनका से पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि यहां आयुष्मान कार्ड एप्लीकेबल नही है।

भोपाल के चिरायु अस्पताल के डॉक्टर ने कहा सरकार का आदेश हम नहीं मानेंगे

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राजधानी भोपाल के एक बड़े प्राइवेट अस्पताल का अमानवीय चेहरा सामने आया है। चिरायु अस्पताल प्रबंधन के एक डॉक्टर ने मरीज के परिजन को साफ़ शब्दों में बोलता नज़र आ रहा है यहाँ नहीं चलेगा सरकार का कोई आदेश। डॉक्टर की यह करतूत सीएम और सरकार के आदेश की धज्जियाँ उड़ाते हुए कैमरे में कैद किया गया है।

डॉक्टर ने मरीज के परिजन को धमकाते हुए लहजे में बोलता नज़र आ रहा है कि बनाओ विडियो मैं देता हूँ जवाब। इतना ही नही, विडियो के बाद परिजन को गार्ड से धक्का देकर बाहर निकालने के आदेश भी दे रहा है।

इस संदर्भ में जब डॉक्टर गोयनका से बात की गई तो उनके मुताबिक़ आयुष्मान कार्ड एप्लिकेबल नही हैं। वहां पर आयुष्मान कार्ड के आधार पर इलाज नही किया जाएगा।

आपको बता दें कि आपदा में अवसर तलाशने वाला चिरायु अस्पताल को जब सरकार से एडवांस में हो रही थी फ़ंडिंग तब चिरायु अस्पताल कोविड के ज़्यादा से ज़्यादा मरीज़ों को इलाज देकर ठीक होने का दावा करता था। आज यही अस्पताल आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी बेटे को मां का शव पैसे लेने के बाद दी।

गौरतलब है कि सरकार ने आदेश जारी किया की आयुष्मान कार्ड है तो नही देना होगा मरीजों को पैसा लेकिन चिरायु अस्पताल के मालिक गोयनका ने आयुष्मान कार्ड से इलाज करने के लिए मना किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साधा शिवराज पर निशाना, मुख्य आरोपी की फोटो शिवराज के साथ करी वायरल

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मध्य प्रदेश में रेमेडसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी मामले में सियासत गर्मा गई है। सीएम शिवराज सिंह के इसपर बयान दिया था कि कालाबाजारी के नर पिशाच को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ये भी कहा था को आरोपी कोई भी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बयान पर हमला करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शिवराज के साथ कालाबाजारी करने वाले आरोपी का फोटो ट्वीटर में पोस्ट कर सवाल उठाया है।

बता दे कि उन्होंने आकाश दुबे के साथ मुख्यमंत्री का फोटो ट्वीट किया है। ट्वीट कर सीएम शिवराज से पूछा है कि नरपिशाच आकाश दुबे को पहचानते हो न। ये वही आकाश दुबे है जो जेके अस्पताल इंजेक्शन कालाबाजारी में मुख्य आरोपी है। जानकरी मिली है कि अस्पताल के आईटी डिपार्टमेंट के मैनेजर पोस्ट पर आकाश दुबे काम करता है। देखते हैं आप इसके खिलाफ क्या कार्रवाई करते है।

दरअसल आरोपी आकाश दुबे फरार है। इस मामले में आकाश के 3 साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके है। गिरफ्तार 3 आरोपियों में से एक अंकित सलूजा है। इसकी फोटो चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के साथ वायरल हो रही है और इसे एमपी कांग्रेस ने इसे ट्वीट किया है। कांग्रेस ने सीएम और मंत्री के साथ फोटो पोस्ट कर इसे नकली इंजेक्शन का हाईप्रोफाइल कनेक्शन बताया है। कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा है कि गंदा है पर इनका धंधा है।

जबलपुर के बीजेपी नेता ने किया कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन, महिला कांस्टेबल से की अभद्रता

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मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री की कही बातों का और कोरोना से रोक ठाम के लिए जो नियम बनाये गए है उनका बीजेपी कार्यकर्ताओं पर असर नहीं हो रहा है।दरअसल जबलपुर में बीजेपी के मंडल महामंत्री और उनका साथी बिना मास्क के ही घूम रहे थे। जब पुलिस की महिला कांस्टेबल ने उन्हें रोका तब वे दोनों अभद्रता पर उतर आए।

बता दे कि बीजेपी मंडल महामंत्री पुष्पराज पटेल, रंजीत ठाकुर, ऋषभ दास में से दो बिना मास्क के निकल रहे थे। वहां पुलिस की चेकिंग लगी थी। उन्हें देख वहां मौजूद लेडी कांस्टेबल गरिमा ने तीनों को रोक बिना मास्क में मिलने पर चालान बनाने की बात कही। यही सुनकर महामंत्री हंगामा करने लगे। धमकी देते हुए कहा कि वर्दी उतरवा कर घर पर बैठा दूंगा। साथ में चिल्ला-चिल्ला ये भी कहा कि यहीं एसपी और कलेक्टर को बुलाओ तभी यहां से उठेंगे।

बिना मास्क में नजर आने वाले बीजेपी नेताओं पर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी लेकिन हुआ इसके विपरीत। अधिकारियों ने अपने ही लोगों को फटकार लगा दी। फिर माफी मंगाते हुए समझौता करवा दिया।

गरिमा ने सफाई देते हुए कहा कि वह अपनी ड्यूटी कर रही हैं। बिना मास्क मिलने पर सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उनके साथ मौजूद दूसरे पुलिसकर्मी पदाधिकारियों के सामने भीगी बिल्ली बन गए थे। जानकरी मिली है कि पदाधिकारियों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी। ल