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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का दावा झूठा, कुम्भ मेले में 1700 लोग पॉजिटिव, एक साधु की कोरोना से मौत    

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हरिद्वार कुम्भ मेले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण उत्तराखंड के नवनियुक्त मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का वह दावा झूठा साबित हो गया है जिसमे उन्होंने कहा था कि माँ गंगा के पावन जल से स्नान करने से कोरोना नही होगा।

कल मेष संक्रांति के दौरान उमड़ी साधुओं की भीड़

देश मे लगातार बढ़ते कोरोना वायरस के संक्रमण और बेकाबू होते कोरोना के कारण देश के कई बुद्धिजीवियोँ ने यह चिंता जाहिर की थी कि कुम्भ में लाखों करोड़ों की भीड़ एकत्रित है इससे कोरोना विस्फोट हो सकता है लेकिन उत्तराखंड सरकार ने इसपर बिल्कुल भी ध्यान नही दिया और न ही कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाया जिससे कुछ दिनों से कुम्भ मेले के हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

बीते 5 दिनों की बात करें तो कुम्भ मेले में 1701 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं यह वह लोग हैं जिनकी तबियत बिगड़ने के बाद हरिद्वार कुंभ मेले में ही जांच की गई थी। अब कोरोना की रिपोर्ट आई है जिसपर जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कहा कि पिछले पांच दिनों में मेला क्षेत्र में 1701 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. ये आकंड़ा सामने आने के बाद अब मेले में कोरोना संक्रमण का डर और बढ़ गया है। इन आकंड़ो में आरटीपीसीआर और रैपिड एंटीजन दोनों जांच रिपोर्ट का आंकड़ा शामिल है.

निर्वाणी अखाड़े से जुड़े संत की कोरोना से हुई मौत

हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र 670 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इसमें हरिद्वार, टिहरी और देहरादून जिलों के साथ-साथ ऋषिकेश का इलाका भी शामिल है। कोरोना संक्रमण के वावजूद प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी हर अखाड़े और देश के सभी साधु संतों ने इस मेले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इस बीच निर्वाणी अखाड़ा के महामंडलेश्वर कपिल देव की कोरोना संक्रमित होने के बाद मौत हो गई है। उनका इलाज नोएडा में चल रहा था।

जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद जी महाराज के नेतृत्व में उमड़ी नागा साधु संतों की भीड़


आपको बता दें कि 12 अप्रैल को सोमवती अमावस्या और 14 अप्रैल को मेष संक्रांति के मौके पर जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद जी महाराज के नेतृत्व में 50 लाख लोगों ने शाही स्नान में भाग लिया था। जिसमे खुलेआम कोरोना नियमों का उल्लंघन भी हुआ था लेकिन मामला धर्म से जुड़ा होने के कारण किसी भी प्रकार की सख्ती शासन और प्रशासन द्वारा नही की गई जो कोरोना संक्रमण बढ़ने का बड़ा कारण है।