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फुटपाथ पर हॉकी खेल रहे खिलाड़ी, निगम ने हॉकी मैदान पर ही बना दिया कचरा स्टेशन…

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भारत में खेलों के प्रति आज भी उतनी गंभीरता नहीं है जितनी गंभीरता होनी चाहिए। इस वजह से भारत आज भी खेलों के मामले में उन कई देशों से पीछे है जिनकी आबादी बेहद कम है। खेलों के प्रति देश मे किस तरह की लापरवाही की जाती है इसकी बानगी प्रदेश के इंदौर शहर में भी देखने को मिली है। इंदौर का प्रकाश हॉकी क्लब जिसने देश को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। आज यहां के भी हाल बेहाल होते नज़र आ रहे हैं।

दरअसल, 83 साल पुराने इस क्लब के युवा खिलाड़ी फुटपाथ पर खेलने के लिए मजबूर हैं। रेसीडेंसी के सामने बने इस क्लब के मैदान को नगर निगम ने कचरा ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए ले लिया है। इस कारण अब इस क्लब के खिलाड़ी डेली कालेज के सामने फुटपाथ पर खेलने के लिए मजबूर हैं। इन खिलाड़ियों में कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी हैं जो यहां अभ्यास कर रहे हैं।

खिलाड़ियों के अनुसार फुटपाथ पर अभ्सास के दौरान कई बार खिलाड़ियों को गंभीर चोंटें भी आ चुकी हैं। सड़क पर वाहन चलने के कारण हादसे का खतरा भी बना रहता है। प्रकाश हॉकी क्लब के सचिव देवकीनंदन सिलावट ने बताया कि हमारी तीसरी पीढ़ी इस क्लब का संचालन कर रही है। यहां रोज 150 खिलाड़ी अभ्यास के लिए आते हैं। यह क्लब रेसीडेंसी के सामने 1940 से मौजूद था, बाद में 2016 में इसे वहां से हटा दिया गया। 

प्रकाश हॉकी क्लब में 45 साल से बच्चों को हॉकी सिखा रहे एनआईएस कोच अशोक यादव ने बताया कि क्लब के 500 बच्चे राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं तक पहुंचे हैं। लेकिन प्रदेश सरकार की अनदेखी और रवैये से वे बेहद दुखी हैं। निगम ने कचरा स्टेशन के पास मिनी खेल मैदान बनाया है लेकिन वहां पर खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाते। कोच यादव ने आगे बताया कि वहां पर पूरे समय कचरे की तेज बदबू आती है जिस वजह से वहां बैठना भी संभव नहीं हो पाता।
भारतीय हाकी टीम के कोच और अंतरराष्ट्रीय प्लेयर मीर रंजन नेगी भी यहां पर बच्चों को अभ्यास करवाने के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि हम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कई बार निवेदन कर चुके हैं लेकिन अब तक हमारी सुनवाई नहीं हुई।

ओलिंपिक खिलाड़ी एडरिन डिसूजा ने युवा खिलाडिओं को दी ‘गोलकीपिंग टिप्स’

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भोपाल स्तिथित मेजर ध्यानचंद हॉकी खेल परिसर में शनिवार को ओलिंपिक खिलाड़ी एड्रियन डिसूजा ने युवा खिलाडियों को अच्छे गोलकीपर बनने की टिप्स और ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग में मध्यप्रदेश पुरूष एवं महिला हॉकी अकादमी तथा हॉकी फीडर सेन्टर के खिलाडियों ने हिस्सा लिया। जिनमे 20 बालक और 12 बालिका सहित कुल 32 खिलाड़ी शामिल हुए। संचालक खेल और युवा कल्याण डॉ एस.एल. थाउसेन ने बताया कि हॉकी खिलाड़ियों को गोलकीपिंग का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह ट्रेनिंग दी जा रही है।

लगभग एक सप्ताह की ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को एडरिन डिसूजा ने गोलकीपिंग की बारीकियां सिखाई और उन्हें अच्छे गोलकीपर बनने की तकनीकी जानकारी से रूबरू कराया। डिसूजा ने बताया कि अच्छा गोलकीपर बनने के लिए बेसिक जानकारी पता होना सबसे ज्यादा जरूरी हैएडरिन डिसूजा माइंड के साथ फोकस होना चाहिए और रनिंग और कीकिंग के दौरान किट में कम्र्फटेबल महसूस चाहिए। गोलकीपर को पेनाल्टी कार्नर, पेनाल्टी स्ट्रोक से बचाव के तरीके और अटैक के दौरान गोलकीपर के मूवमेंट की जानकारी होना जरूरी है। कूलिंग डाउन सहित तीन तरह की ट्रेनिंग का साल भर अभ्यास आवश्यक है।

बता दें की वर्ष 2004 एथेंन में हुए ओलंपिक गेम्स में एडरिन डिसूजा भारतीय टीम के गोलकीपर रहे थे।मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक श्री तुषार खंडकर ने बताया कि हमारे खिलाड़ियों को इस ट्रेनिंग के माध्यम से बहुत कुछ सीखने को मिला है। खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा निखारने में यह प्रशिक्षण काफी लाभदायक साबित होगी। हॉकी अकादमी ग्वालियर की खिलाड़ी बिछु देवी ने बताया कि मुझे इस प्रशिक्षण से गोलकीपिंग की बारीकियां सीखने का अवसर मिला। ग्वालियर की ही सोनिया कुशवाह ने बताया कि इस ट्रेनिंग के माध्यम से मुझे अपनी बेसिक कमियों के बारे में जानने और उन्हें दूर करने का अवसर मिला। वहीं हॉकी अकादमी भोपाल के खिलाड़ी वैभव खुशलानी, पुलकित पाटीदार, धनराज सिंह, तुषार सिंह, सुनील यादव, साईं भोपाल के खिलाड़ी इस्लाम ईम्तयाज, डे-बोर्डिंग खिलाड़ी अमान खान आदि ने भी इस ट्रेनिंग को उपयोगी बताया और गोलकीपर विधा को निखारने में काफी मददगार बताते हुए प्रशिक्षण की सराहना की।