चिरायु अस्पताल प्रबंधन दुबारा फटकार लगने के बाद बैकफुट पर आया और मरीज से लिए गए 2 लाख रूपय को लौटा दिया। जानकारी है कि अब मरीज का इलाज आयुष्मान कार्ड से ही होगा।
बता दे कि आयुष्मान योजना के तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्ड धारी कोरोना मरीजों का निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज का आदेश दिया था। और चिरायु अस्पताल भी रजिस्टर्ड अस्पतालों की सूची में शामिल है।
योगेन्द्र रघुवंशी ने कहा कि उन्होंने चिरायु अस्पताल में आयुष्मान कार्ड देकर उन्हें आयुष्मान योजना के तहत उनकी दादी को भर्ती करने का आग्रह किया था। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इंकार कर दिया था। उन्हें कहा कि चिरायु अस्पताल में आयुष्मान कार्ड नहीं चलता। जिसके बाद योगेन्द्र ने पैसों का इंतजाम कर 2 लाख रुपये अस्पताल में जमा करवाएं।
योगेंद्र ने बताया कि राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ प्रभुराम चौधरी ने चिरायु अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई। फटकार के बाद प्रबंधन ने सरजू बाई रघुवंशी के 2 लाख रुपय लौटा दिये। बता दे कि उनका इलाज अब आयुष्मान योजना के तहत किया जाएगा।

