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इंदौर में दावा के गौदाम में लगी आग

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इंदौर में भारत सीरम एंड वैक्सीन लिमिटेड के गोदाम में आग लग गई, जिसके चलते कई बीमारियों में इस्तेमाल आने वाली वैक्सीन जलकर खाक हो गई। हालांकि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया था।

जानकारी के अनुसार भारत सीरम एंड वैक्सीन लिमिटेड के गोदाम में रविवार दोपहर आग लग गई है। आगजनी की घटना में कई बीमारियों में इस्तेमाल आने वाली वैक्सीन जलकर खाक हो गई है। बता दे कि ब्लैक फंगर्स बीमारी में इस्तेमाल 1 हजार वैक्सीन को बचा लिया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साधा शिवराज पर निशाना, मुख्य आरोपी की फोटो शिवराज के साथ करी वायरल

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मध्य प्रदेश में रेमेडसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी मामले में सियासत गर्मा गई है। सीएम शिवराज सिंह के इसपर बयान दिया था कि कालाबाजारी के नर पिशाच को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ये भी कहा था को आरोपी कोई भी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बयान पर हमला करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शिवराज के साथ कालाबाजारी करने वाले आरोपी का फोटो ट्वीटर में पोस्ट कर सवाल उठाया है।

बता दे कि उन्होंने आकाश दुबे के साथ मुख्यमंत्री का फोटो ट्वीट किया है। ट्वीट कर सीएम शिवराज से पूछा है कि नरपिशाच आकाश दुबे को पहचानते हो न। ये वही आकाश दुबे है जो जेके अस्पताल इंजेक्शन कालाबाजारी में मुख्य आरोपी है। जानकरी मिली है कि अस्पताल के आईटी डिपार्टमेंट के मैनेजर पोस्ट पर आकाश दुबे काम करता है। देखते हैं आप इसके खिलाफ क्या कार्रवाई करते है।

दरअसल आरोपी आकाश दुबे फरार है। इस मामले में आकाश के 3 साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके है। गिरफ्तार 3 आरोपियों में से एक अंकित सलूजा है। इसकी फोटो चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के साथ वायरल हो रही है और इसे एमपी कांग्रेस ने इसे ट्वीट किया है। कांग्रेस ने सीएम और मंत्री के साथ फोटो पोस्ट कर इसे नकली इंजेक्शन का हाईप्रोफाइल कनेक्शन बताया है। कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा है कि गंदा है पर इनका धंधा है।

हमीदिया हॉस्पिटल से रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी मामले में बड़ा खुलासा…

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राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया हॉस्पिटल से 863 रेमडेसिविर इंजेक्शन की चोरी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।

खुलासे में पता चला है कि हॉस्पिटल प्रबंधन और कुछ बाहरी रसूखदारों ने ही आपस में मिलकर इंजेक्शनों का बंदरबांट कर लिया है इस मामले में छह नाम प्रमुखता से सामने आए है। मामले में सौरभ दत्ता,गौरव बुंदेला,वंशज,हनी सिंह,सोहेल कंप्यूटर वाला और सुभाष का नाम सामने आया है।

प्रदेश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनल IBC24 के खुलासे की माने तो इन छह आरोपियों ने 863 इंजेक्शनों को आपस में बांट लिया था जिसमें किसी को 10 किसी को 12 किसी को 20 और किसी को 50 इंजेक्शन मिले थे।

इन इन लोगों की कितनी बड़ी पहुंच है इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि किसी भी तरह की एंट्री के लिए कोई रजिस्टर या दस्तावेज भी अस्पताल प्रबंधन के पास मौजूद नहीं हैं।

सूत्र बताते हैं कि कुछ लोगों का हमीदिया अस्पताल में सिक्का चलता है वह अपने हिसाब से दवाइयों और इंजेक्शनों की धांधली करते हैं। इसीलिए इन्होंने धांधली के बाद इस मामले को चोरी में बदलने का प्रयास किया जिसमें वह लगभग असफल ही साबित हुए हैं

सोचने वाली बात यह है कि हमीदिया प्रबंधन किस हद की लापरवाही कर सकता है इस घोटाले से समझ आता है लेकिन क्या इसके पहले ऐसे कई इंजेक्शन और कई प्रकार की दवाइयां गुम नहीं हुई होंगी या ऐसे कई और घोटाले नहीं हुए होंगे इसकी क्या गारंटी है?

सूत्रों की माने तो आला अफसरों के निर्देश मिलते ही क्राइम ब्रांच हॉस्पिटल प्रबंधन पर कभी भी बड़ी कार्यवाही कर सकता है।