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जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा की पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात, देखें तस्वीरें

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आखिर कब तक राहुल का बोझ उठाएगी टीम इंडिया ?

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बात अब से कुछ ही महीने पहले ऑस्ट्रेलिया में खेले जा रहे टी20 वर्ल्ड कप की है. टीम इंडिया के बल्लेबाज लोकेश राहुल के लगातार संघर्ष पर मीडिया में सवाल उठ रहे थे और हैरानी इस बात पर जताई जा रही थी कि आखिर ऋषभ पंत जैसे बल्लेबाज को को मौके क्यों नहीं दिए जा रहे हैं. प्रेस कांफ्रेस में कोच राहुल द्रविड़ आने वाले थे और करीब 3 दर्जन से ज़्यादा भारतीय पत्रकारों ने अगले आधे घंटे तक सिर्फ और सिर्फ के एल राहुल पर तीखे प्रहार किए.

किसी ने सम्मानपूर्वक पूछा तो किसी ने झुंझलाहट में, किसी ने नाराज़गी में तो किसी ने पक्षपात रवैया की तरफ इशारा करते हुए. लेकिन, उन तमाम सवालों पर द्रविड़ ने उसी सहजता से जवाब दिया जिस अंदाज में वो खौफनाक विरोधी के खिलाफ बेहद मुश्किल पिचों पर सीधे बल्ले से शॉट लगाते हुए आक्रमण को कुंद कर देते थे. ऐसा लग रहा था कि द्रविड़ को बखूबी पता था कि उनके अलावा केएल को इतनी गंभीरता और तर्कों का हवाला देकर कोई भी खिलाड़ी या फिर कप्तान बचाव नहीं कर सकता है.

द्रविड़ ने कहा, ‘मुझे लगता है कि राहुल एक शानदार प्लेयर हैं. उनका ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा रहा है. मेरी राय में वो अच्छी बैटिंग कर रहे हैं. यह चीजें टी-20 क्रिकेट में आम हैं. ओपनिंग करना हमेशा से मुश्किल रहा है. यह आसान नहीं.’ कोच ने आगे कहा, ‘यह टूर्नामेंट किसी के लिए आसान नहीं रहा. हम राहुल की काबिलियत जानते हैं और कई बार देख चुके हैं. वो ऑलराउंड प्लेयर हैं और ऑस्ट्रेलिया के हालात को बहुत बेहतर तरीके से समझते हैं. उम्मीद है वो आने वाले मैचों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे. हम अक्सर खिलाड़ियों से बातचीत करते रहते हैं. हमारे रिलेशन बेहतर हुए हैं और राहुल जानते हैं कि टीम उन्हें सपोर्ट करती है. टीम मैनेजमेंट और प्लेयर्स के बीच क्लैरिटी है. उनके करियर में ऐसा कठिन समय पहले भी आया है और उन्होंने हमेशा कमबैक किया है. कप्तान रोहित को भी अपने प्लेयर्स पर पूरा भरोसा है. हम जानते हैं कि राहुल कितनी अटैकिंग बैटिंग कर सकते हैं.’

देशभर में NIA की रेड, मध्यप्रदेश के कई जिलों में भी कार्रवाई जारी

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मंगलवार सुबह देशभर में NIA (National Investigation Agency) की रेड हुई है। बताया जा रहा है कि देश के कई राज्यों में 70 से भी ज़्यादा जगहों पर NIA ने रेड मारते हुए कार्रवाई की है। एक साथ पूरे देश में की गई इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। वहीं मध्यप्रदेश में भी कई जगहों पर NIA की टीम पहुंची है। सूत्रों की माने तो एनआईए द्वारा गैंगस्टर और उनके आपराधिक सिंडिकेट के खिलाफ दर्ज मामलों पर यह रेड की गई। खुफिया जानकारी के बाद मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा सहित और भी कई जिलों में बड़ी कार्रवाई की गई है।

मध्य प्रदेश से देश भर में हथियारों की सप्लाई के नेक्सस को तोड़ने के लिए छापेमारी 

प्राथमिक जानकारी में यह सामने आया है कि NIA ने देशभर में हथियार सप्लाई करने वाले सिकलीकर गैंग पर शिकंजा कसा है। एनआईए ने मध्य प्रदेश से देश भर में हथियारों की सप्लाई के नेक्सस को तोड़ने के लिए यह छापेमारी की है।  यहाँ प्रदेश के खरगोन, धार, भिंड, बुरहानपुर, जबलपुर, मुरैना इलाकों में सर्चिंग जारी है। बताया जा रहा है कि पंजाब और यूपी सहित कई अन्य राज्यों की काउंटर इंटेलिजेंस के इनपुट के बाद मध्यप्रदेश में यह कार्रवाई कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। NIA को मिली जानकारी के अनुसार टेरर फंडिंग और गैंगवार से जुड़े हुए मामलों में मध्यप्रदेश के सिकलीकर गैंग का हाथ भी सामने आया है।

वही जांच में यह साबित हुआ है कि गायक सिद्धू मूसेवाले की हत्या में भी मध्यप्रदेश से हुई हथियारों की सप्लाई थी। इससे पहले करीबन 3 महीने पहले खरगोन से पंजाब पुलिस ने 80 से अधिक हथियारों को जप्त किया था। हथियारों को बेचने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाता था। खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट के बाद ही प्रदेश के अलग अलग जिलों में NIA की कार्रवाई जारी है। सोशल मीडिया पर हथियारों की टेस्टिंग और निशानेबाजी की वीडियो भी पुलिस और NIA को हाथ लगे हैं। सूत्रों के अनुसार अवैध हथियारों की बिटकॉइन के माध्यम से भी फंडिंग की जानकारी सामने आई है।

लगता है मोदी सरकार की लाल आंख पर लग गया है चीनी चश्मा, खड़गे का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी सेना के साथ सीमा पर हुए टकराव के मुद्दे पर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मोदी सरकार की लाल आंख पर चीनी चश्मा लग गया है। क्या भारतीय संसद में चीन के विरूद्ध बोलने की अनुमति नहीं है?

वहीं तवांग मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शायद भारतीय इतिहास और कूटनीति के कुछ अध्यायों पर दोबारा गौर करना चाहिए। दुर्भाग्य से वे वही गलती कर रहे हैं जो रक्षा मंत्री कृष्णा मेनन ने की थी। जब खतरा चीन है तो पाकिस्तान पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

भारत चीन सीमा पर सैनिकों की झड़प

तवांग में भारतीय पोस्ट को हटवाने के लिए 9 दिसंबर को चीनी सैनिक आए थे। भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों के देखते ही मोर्चा संभाला और भिड़ गए। आमने-सामने के क्षेत्र में तैनात भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को करारा जवाब दिया। हिंसक घटना में 6 भारतीय जवान घायल हो गए। कई चीनी सैनिकों के घाल होने की भी खबर है। हालांकि चीन की तरफ से कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया।

भारत के मशहूर वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने कोविड पैनल के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा

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कोरोना के इस कठिन समय में देश के मशहूर वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने वैज्ञानिकों के सलाहकार समूह के फोरम से इस्तीफा दे दिया है। यह फोरम कोरोना वायरस के विभिन्न वैरिएंट का पता लगाने के लिए गठित किया गया था। बताया जा रहा है कि उन्हें SARS-CoV-2 वायरस के जीनोम स्ट्रक्चर की पहचान करने हेतु वैज्ञानिक सलाहकार ग्रुप का प्रमुख बनाया गया था। लेकिन उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया।

बता दे कि जमील ने कई हफ्तों पहले कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के सरकार के तौरतरीकों पर सवाल उठाए थे। वहीं कोरोना संकट के बीच डॉ शाहिद जमील को सरकार की ओर से अहम जिम्मेदारी दी गई थी।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जमील ने कहा है कि इसकी वजह बताना उनकी मजबूरी नहीं है। हालांकि मंत्रालय की सचिव रेणु स्वरूप ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया अभी नहीं दी है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के वैरिएंट B.1.617 को भारत में कोरोना की दूसरी भयानक लहर का सबसे बड़ा जिम्मेदार माना जा रहा है।

कोरोना की दवा 2डीजी अगले हफ्ते से होगी उपलब्ध

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देश में कोरोना वायरस का कहर अभी भी जारी है और इस बीच वैक्सीनशन पर अधिक जोर दिया जा रहा है। देश में अभी कोवैक्‍सीन या कोविशील्‍ड वैक्सीन लगाई जा रही है। रूस में निर्मित स्पूतनिक V के टीके भी बाजार में जल्दी ही उपलब्ध हो जाएंगे। इसके अलावा कोरोना की एक और वैक्सीन बाजार में आने वाली है जिससे कोरोना से लोगों को काफी राहत मिल सकती है।

दरअसल रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के अधिकारियों के कहा कि कोरोना की दवा 2 डीजी की 10,000 खुराक का पहला खेप अगले सप्ताह से बाजार में उपलब्ध हो जाएगा। ये दवा कोरोना के मरीजों को जल्द ठीक करती है और उसके साथ साथ उनकी ऑक्सीजन पर निर्भरता कम करती है।

बता दे कि डीआरडीओ के निर्माताओं ने कहा है कि दवा निर्माता अपने उत्पादन पर तेजी लाने पर काम कर रहे हैं जिससे भविष्य में कोई परेशानी ना हो। आपको बता दें कि इस दवा को डीआरडीओ की एक टीम ने विकसित किया है। संकट के इस समय में वरदान मानी जा रही इस दवा को तैयार करने के पीछे तीन वैज्ञानिकों की मेहनत रही है जिनमे डॉ. सुधीर चांदना, डॉ. अनंत नारायण भट्ट और डॉ. अनिल मिश्रा शामिल है।

2-डीजी (2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज) दवा को ऐसे समय मंजूरी मिली है जब भारत कोरोना वायरस की महामारी की दूसरी लहर से घिरा हुआ है और देश के स्वास्थ्य अवसंरचना पर भारी दबाव है। खास बात यह है कि यह दवा पाउडर के रूप में पैकेट में आती है, इसे पानी में घोलकर पीना होता है।

इस दवा को लेकर रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि कोविड-19 की चल रही दूसरी लहर की वजह से बड़ी संख्या में मरीजों को ऑक्सीजन और अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ रही है। इस दवा से अधिक लोगों के बचने की उम्मीद है क्योंकि यह दवा संक्रमित कोशिकाओं पर काम करती है। यह कोविड-19 मरीजों के अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम करती है।

कोरोना से मुकाबला करने के लिए ट्विटर कंपनी ने भारत को दिए 1.5 cr dollar

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ट्विटर ने भारत में कोविड-19 संकट का मुकाबला करने के लिए 1.5 करोड़ डॉलर दिए है। ट्विटर के सीईओ जैक पैट्रिक डोर्सी ने सोमवार को ट्वीट किया कि यह राशि तीन गैर-सरकारी संगठनों- केयर, एड इंडिया और सेवा इंटरनेशनल यूएसए को दान की गई है।

उन्होंने कहा कि सेवा इंटरनेशनल एक हिंदू आस्था आधारित मानवीय और गैर-लाभकारी सेवा संगठन है। सेवा इंटरनेशनल के हेल्प इंडिया डिफीट कोविड-19 अभियान के तहत ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर, बायपैप मशीनों जैसे जीवन रक्षक उपकरणों को खरीदा जाएगा।’

उन्होंने आगे कहा कि सेवा की प्रशासनिक लागत लगभग पांच प्रतिशत है जिसका अर्थ है कि दान में मिले प्रत्येक 100 डॉलर सें 95 डॉलर उन लोगों पर खर्च किया जाता है। ह्यूस्टन मुख्यालय वाले सेवा यूएसए ने अब तक भारत में कोविड-19 राहत कार्यों के लिए 1.75 करोड़ अमरीकी डालर जुटाए है।

अस्पताल में भर्ती होने के लिए अब कोरोना की रिपोर्ट की ज़रूरत नहीं

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कोरोना को लेकर अब सरकार ने नई गाइडलाइन बनाई गई है। अब मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाए जाने के लिए कोविड-19 की पॉजिटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी।

बता दे कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड रोगियों को अस्पताल में भर्ती किए जाने की राष्ट्रीय नीति में बदलाव किया है। अब कोविड वायरस से संक्रमित किसी भी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने के लिए पॉजिटिव सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी। पहले अस्पतालों में भर्ती करवाने के लिए कोविड की पॉजिटिव रिपोर्ट या फिर सीटी-स्कैन की जरूरत होती थी।

दरअसल गंभीर मामले वाले मरीज को केस की गंभीरता के मुताबिक संदिग्ध वॉर्ड सीसीसी, डीसीएचसी और डीएचसी में भर्ती किया जाएगा। किसी भी मरीज को किसी भी वजह से सेवाएं देने से मना नहीं किया जाएगा। उसके साथ ऑक्सीजन या आवश्यक दवाएं जैसी दवाएं शामिल है।

इस नीति के मुताबिक किसी भी मरीज को उस शहर में जहां अस्पताल स्थित है वैध पहचान पत्र न उपलब्ध करा पाने में सक्षम न होने पर प्रवेश देने से मना नहीं किया जाएगा। अब अस्पताल में प्रवेश जरूरत के आधार पर दिया जाएगा।

भारत को मिल सकती है कोरोना के खिलाफ एक और वैक्सीन

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भारत को कोरोना के खिलाफ चौथे वैक्सीन के मिलने की संभावना है। अहमदाबाद की कंपनी ज़ाइडस कैडिला इस महीने भारत में अपनी कोविड-19 वैक्सीन ‘ZyCoV-D’ के आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी पाने के लिए आवेदन दे सकती है।

बता दे अगर मंजूरी मिली तो ZyCoV-D भारत के Covid-19 टीकाकरण अभियान में इस्तेमाल होने वाली चौथी वैक्सीन होगी। ZyCoV-D के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी जाती है तो देश के टीकाकरण अभियान में आ रही कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।

इससे पहले अप्रैल में Zydus Cadila ने घोषणा की थी कि उसकी दवा Virafin को Covid-19 के हल्के मामलों के उपचार के लिए भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल से प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिली है।

कोरोना की तीसरी लहर आना तय, विजयराघवन ने कहीं ये बात

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केंद्र सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के विजयराघवन ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर बड़ी बात कही है। बता दे हर शाम होने वाली प्रेस कांफ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के साथ मौजूद विजयराघवन ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर का आना तय है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है उसे देखते हुए ये कहा जा सकता है कि तीसरी लहर आएगी। लेकिन ये स्पष्ट नहीं कह सकते कि यह कितनी ख़तरनाक होगी और कब आएगी। साथ ही साथ उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हमें तीसरी लहर के लिए तैयार रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन कोरोना के इस नए वेरिएंट के ख़िलाफ़ भी असरदार है। कोरोना का नया वेरिएंट पूरी दुनिया में पैदा होगा और भारत में भी लेकिन जिस वेरिएंट के कारण संक्रमण बढ़ रहा है वो कम भी होगा।

उन्होंने ये भी कहा कि भारत और पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इस प्रकार के वैरिएंट्स को पहले से ही पहचानने और उनके खिलाफ कारगर दावा बनाने में काम कर रहे है।