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इंदौर के सरकारी अस्पताल की सामने आई लापरवाही,19 दिन के बच्चे के उंगलियां कुतर गया चूहा

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मध्य प्रदेश के इंदौर के सरकारी यशवंतराव होलकर अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल के नर्सरी वार्ड में 19 दिन के मासूम बच्चे को चूहे ने कुतर दिया। जानकरी मिली है कि इसके चलते नवजात के पैर और उंगलियों में गंभीर घाव हो गए हैं।

दरअसल नर्सरी में प्री-मैच्योर बच्चे को जन्म के बाद रखा गया था। इस घटना की जानकारी बच्चे की माँ ने प्रबंधन को दी जब वे नर्सरी में दूध पिलाने गई थी। वहीं मां की शिकायत के बाद अस्पताल के अधीक्षक ने कहा कि घटना सामने आई है उसकी विस्तृत जांच करेंगे।

गौरतलब है कि अस्पताल में लगातार इस तरह के मामले सामने आते रहते है। इसी नर्सरी में पिछले सप्ताह एक बच्चे का पैर वार्मर में झूलस गया था।

मध्यप्रदेश में हुई Cowin वेबसाइट हैक,मुंबई से हो रहीं है हैकिंग

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मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर की कालाबाजारी के बाद एक चौका देने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि इंदौर में वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुक को लेकर लोगों ने प्रशासन से साइट के हैक होने की शिकायत की है। हालांकि इससे पहले डॉ. प्रवीण जड़िया ने कलेक्टर से साइट हैकिंग की शिकायत की थी।

बता दें कि शहर में वैक्सीन लगवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे है। वहीं आयुष तिवारी (साइबर लॉ प्रोफेशनल) ने भी स्लॉट बुक करने का प्रयास किया था। फिर कई बार बुक करने पर वे अपने नजदीकी वैक्सिन सेंटर गए जहां उन्होंने देखा कि कुछ युवा टेलीग्राम पर एक ग्रुप के माध्यम से अन्य लोगों को जानकारी शेयर कर रहे हैं कि उन्हें कैसे स्लॉट बुक करना चाहिए।

आयुष ने जब पूरी जानकारी निकाली तब पता चला कि मुंबई का रहने वाला हैकर टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से वेब एपीआई एक्सेस के माध्यम से गवर्नमेंट की साइड में गैरकानूनी तरीके से एक्सेस कर रहा है। इस दौरान वैक्सीन स्लॉट खुलते ही सभी स्लॉट बुक कर ले रहा है।

बता दे कि इंदौर आईजी हरिनारायण मिश्र ने कहा कि गैरकानूनी तरीके से शासकीय या अन्य साइट को हैक करना आईटी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में जानकारी जुटाई जा रही है यदि जांच में युवक द्वारा दिए गए सबूत सही पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मध्यप्रदेश के श्मशान घाटों पर लग रहा है अस्थियों का अंबार

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मध्य प्रदेश में कोरोना से हुई मृत्यु के आंकड़ों पर काफी सवाल उठाए जा रहे है। सरकारी आंकड़ा कुछ और बयान करता है वहीं श्मशान की तस्वीरें कुछ और। ऐसे में इंदौर में कोरोना से हुई मौतें भले ही प्रशासन के आंकड़ों से मेल नहीं खा रहा है। दरअसल मुक्तिधाम पर मृतकों की पड़ी अस्थियां कुछ और ही बता रही है। यहां दाह संस्कार के बाद कई मृतकों के परिजन शव जलाने के वाद अस्थियां ले जाना ही भूल गए जिसका आंकड़ा सैकड़ों में पहुंच रहा है।

बता दे कि इंदौर के पंचकुइया मुक्तिधाम में इन दिनों अस्थियों का अंबार लगा हुआ है। कहीं मृतकों के परिजनों को बीमारी का डर है तो वहीं परिवारिक विवाद के चलते अस्थियां नहीं ले जा रहे है। इसके चलते मुक्तिधाम में बने अस्ति संख्या ग्राम में सैकड़ों की संख्या में अस्थियों के फूल टांगे हुए है।

शिवनारायण भावसार ने कहा कि कई लोग अस्थियां ले जाना भूल जाते है वहीं कई परिवारिक विवाद के चलते वह सालों बाद आते है। दरअसल बीमारी के डर से भी कई लोग अस्थियां लेने नहीं आ रहे है। उनका मानना है कि बीमारी के खत्म होने के बाद ही इन अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अस्थि सभागृह में लगभग 500 से 800 मृतकों की अस्थियां रखी हुई है। उसके साथ ही वहां मौजूद अन्य लोगों का यह कहना था कि कोरोना और लॉकडाउन के बाद पूरी विधि-विधान से अस्थि विसर्जन किया जाएगा इसी कारण से यहां अस्थियां वहीं रखी हुई है।

मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नहीं जानते कि कोरोना के कितने वैरियंट सक्रिय है

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मध्य प्रदेश सरकार कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निबटने की तैयारियां शुरू करने का दावा कर रही है लेकिन स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी को ये भी नहीं पता कि प्रदेश में कोविड-19 के कितने वैरिएंट सक्रिय है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री और मीडिया द्वारा कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन भी हुआ था।

दरअसल बार-बार सवाल किए जाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के वैरिएंट की जांच के लिए मध्य प्रदेश में कोई प्रयोगशाला ही नही है। इसका पता लगाने के लिए राज्य की बाहर की प्रयोगशाला में सैंपल भेजे गए है।

बता दे इंदौर में कोरोना नियंत्रण की समीक्षा बैठक में मंत्री शामिल हुए थे। साथ ही इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल थे। इसके बाद इंदौर में कोरोना की हालत पर संतोष जताते हुए चौधरी ने दावा किया कि दूसरी लहर का प्रकोप अब कम होने लगा है। और कहा कि अप्रैल के दौरान राज्य में महामारी की संक्रमण दर बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच गई थी जो फिलहाल घटकर 13.87 प्रतिशत रह गई है।

उन्होंने कहा कि महामारी की तीसरी लहर के खतरे से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह सजग है। सरकार मरीजो के लिए ऑक्सिजन, बिस्तर, रेमडेसिविर इंजेक्शन और अन्य जरूरी चीजों की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

मध्यप्रदेश में लगातार हो रही है दवाइयों की कालाबाजारी

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मध्य प्रदेश में कालाबाजारी रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। ऐसे में इंदौर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी सामने आई है। इंदौर की विजयनगर पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के पास से 5 रेमेडीसिविर इंजेक्शन के साथ ही 4 एंटीबायोटिक इंजेक्शन व अन्य दवाइयां पुलिस ने बरामद किया है।

बता दे कि सभी आरोपी मेडिकल स्टोर में काम करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने कहा कि वे 25 से 35 हजार में इंजेक्शन बेचते थे और अब तक 100 से ज्यादा इंजेक्शन बेच चुके हैं। मामले में पुलिस आरोपियों के बाकी साथियों की तलाश में जुटी है।

इंदौर में पिछले 24 घंटे में 10475 सैंपल की जांच की गई, जिसमें 1832 मरीज सामने आए। यह लगातार 7वां दिन है, जब यहां नए केस 1800 के पार आए हैं। हालांकि संक्रमण दर अन्य तीनों बड़े शहरों से काफी नीचे 18% है। यहां लगातार दूसरे दिन भी 2000 से ज़्यादा मरीज स्वस्थ हुए। एक्टिव केस भी घटकर 11 हजार 992 हो गए है।

इंदौर से भोपाल आ रहीं Fabiflu रास्ते में हुई चोरी

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मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है। ऑक्सीजन ,दवाएं, और अस्पतालों की स्तिथि काफी खराब है। ऐसे में आज इंदौर से भोपाल के बीच चलते ट्रक से फेबीफ्लू टेबलेट का एक कार्टन चोरी हो गया है। पुलिस ने दवा कारोबारी से लिखित शिकायत लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हनुमानगंज थाना पुलिस के मुताबिक नयन गुप्ता की घोड़ा नक्कास मेडिकेश फार्मा नाम से दुकान है।

उन्होंने बुधवार को लिखित शिकायत दर्ज करी है। 26 अप्रैल को इंदौर के एसबी वेयर हाउसिंग एंड लाजिस्टिक से फेबीफ्लू 400 एवं 800 एमजी दवाई के सात कार्टन बुक कराए थे। यह कार्टन मधुर कोरियर इंदौर से बुक किए गए थे, जो 27 अप्रैल को मधुर कोरियर भोपाल के कबाड़खाना स्थित कार्यालय से मिलने थे।

बता दे कि जब वह कार्टन लेने पहुंचे तो उन्हें छह कार्टन प्राप्त हुए। उन्होंने ये बताया गया कि एक कार्टन संभवत: डोडी घाटी पर किसी ने चोरी कर लिया है। चोरी गए कार्टन में फेबीफ्लू-800 एमजी की 60 से 70 स्ट्रीप थी जिनकी खरीद कीमत एक लाख से ज्यादा है। कोरोना संक्रमण के इस दौर में इस दवा की काफी जरूरत है। थाना प्रभारी महेंद्रसिंह ठाकुर के मुताबिक नयन गुप्ता की लिखित शिकायत दर्ज कर ली गई है।