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आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने की तैयारी, कमलनाथ ने 16 नेताओं को सौंपी अलग-अलग जिलों की कमान

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भोपाल। 2023 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कांग्रेस के 16 नेताओं को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है। सभी नेता आवंटित जिलों में संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने के साथ ही चुनाव की कार्ययोजना को लेकर कार्य करेंगे। कमलनाथ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी को विंध्य, अरुण यादव और जीतू पटवरी को बुंदेलखंड और जयवर्धन सिंह को इंदौर व उज्जैन जिले की ज़िम्मेदारी सौंपी है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और फूल सिंह बरैया ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में चुनाव की तैयारियां संभालेंगे। चुनाव अभियान समिति की बैठक में वरिष्ठ नेताओं को जिले सौंपने का निर्णय लिया गया था। सभी की सहमति के बाद जिले आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को ग्वालियर, दतिया और शिवपुरी की जिम्मेदारी दी गई है तो फूल सिंह बरैया श्योपुर, मुरैना और भिंड में मतदान केंद्र स्तर पर चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी को सीधी, रीवा, कटनी और सिंगरौली, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह को अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और जबलपुर का प्रभार दिया गया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया के पास आदिवासी बहुल बड़वानी और खरगोन जिले में पार्टी को जिताने का काम रहेगा। संगठन ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को बुंदेलखंड के निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और जीतू पटवारी को सतना, दमोह, पन्ना के साथ रायसेन की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

सज्जन सिंह वर्मा छिंदवाड़ा, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, बाला बच्चन खंडवा, बुरहानपुर और धार जिले में चुनाव अभियान को देखेंगे। तो वहीं मीनाक्षी नटराजन को आलीराजपुर, झाबुआ और आगर को संभालने की ज़िम्मेदारी दी गई है। रामनिवास रावत को राजगढ़ और शाजापुर, केपी सिंह को गुना, अशोकनगर और विदिशा तो वहीं तरुण भनोत को डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, मंडला और नरसिंहपुर की कमान सौंपी है। कमलेश्वर पटेल को नीमच, मंदसौर और रतलाम जिले का प्रभार दिया गया है। सीहोर और देवास जिले में पार्टी को जिताने का दायित्व लाखन सिंह यादव का होगा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को समन्वय का कार्य सौंपा गया है।

जनगणना की मांग को लेकर भाजपा-कांग्रेस में खींचातानी, दोनों पार्टियों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी

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2023 के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। कांग्रेस के पूर्व मंत्री अरूण यादव ने यूपीए सरकार में हुई जातिगत जनगणना के आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके अलावा कांग्रेस ने आबादी के हिसाब से आरक्षण देने की भी मांग की है। कांग्रेस की इस मांग के बाद बीजेपी ने भी इस पर पलटवार किया है।

 बीजेपी के पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य ने बयान दिया है कि कांग्रेस के नेताओं ने कभी हिंदुस्तान के दलित गरीब को आगे नहीं आने दिया। यूपीए की 57 साल केंद्र में सरकार रही वहीं मध्य प्रदेश में भी कई वर्षों तक सरकार रही, तब किसने मना किया था कि जातिगत जनगणना मत कीजिए। आर्य ने आगे कहा कि जब सत्ता उनके खुद के हाथ में थी उस वक़्त क्यों जातिगत जनगणना नहीं हुई?

लाल सिंह आर्य ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का काम सिर्फ झूठे वादे करना, भ्रम फैलाना और वोट के लिए राजनीति करना है। हमेशा यही सब कांग्रेस के राज में होता आया है। 

पूर्व मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कांग्रेस कुछ काम कर लेती तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आयुष्मान कार्ड ना बनाना पड़ता, ना ही शौचालय बनवाना पड़ता और ना ही बैंक में खाते खुलवाने पड़ते। दलित और पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के लिए सिर्फ वोट बैंक हैं।

अरुण यादव ने इस पर कहा कि मनमोहन सरकार के समय जनगणना का काम किया गया था, सिर्फ रिपोर्ट जारी करना ही बाकी रह गया था। पर पिछले 10 साल में भाजपा सरकार ने कुछ नहीं किया।

वहीं जातिगत जनगणना की मांग को लेकर वरिष्ठ पत्रकार विजयदत्त श्रीधर का बयान भी सामने आया है। श्रीधर का कहना है कि ये पूरी तरह वोट की राजनीति है। जिन भी वर्गों के लिए ये मांग की जा रही है उन वर्गों का हक़ इसमें कैसे संरक्षित होगा। उन्होंने आगे कहा कि अंबेडकर हमेशा चाहते थे कि पिछड़े समाज के या अलग-अलग समुदायों से आने वाले लोग मुख्यधारा में किसी के साथ भी मुकाबला कर सकें। आज ज़रूरत सिर्फ इस बात की है कि ऐसे लोगों की योग्यता को बढ़ाया जाए। श्रीधर के अनुसार जातिगत जनगणना बिलकुल भी ज़रूरी नहीं है। इस तरह की मांगों से समाज में बिखराव बढ़ता है।  

जाति के आधार पर आबादी की गिनती को जातीय जनगणना कहते हैं। किस वर्ग को कितनी हिस्सेदारी मिली, कौन वंचित रहा, जातीय जनगणना से इन सभी बातों का पता लगता है। जातियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का भी पता चलता है। 

शर्मसार कर देने वाली घटना, सगे भाई ने किया नाबालिग बहन के साथ दुष्कर्म

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इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, एक सगे भाई ने कथित तौर पर अपनी नाबालिग बहन को अगवा किया और फिर रिश्तेदार के घर ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। फिलहाल परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

परिजनों के अनुसार, उनकी 17 साल की नाबालिग लड़की घर से लापता हो गई थी। जब लड़की का काफी समय तक तलाश करने पर भी कुछ पता नहीं चला तो परिवार ने थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। किशोरी के लापता होने की खबर से पुलिस ने तुरंत लड़की की तलाश तेज कर दी। पुलिस के प्रयास के बाद कुछ ही घंटों में लड़की को बरामद कर लिया गया।

पुलिस द्वारा पूछताछ में किशोरी ने जो बताया उसे सुनकर सभी दंग रह गए। लड़की ने बताया कि उसके सगे भाई ने उसका अपहरण किया फिर दुष्कर्म को अंजाम दिया। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित आईपीसी की कई अन्य धाराओं में केस दर्ज करके आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस इस मामले में रिश्तेदार की भूमिका की भी जांच कर रही है।

सागर में बाइक और स्कूटी में भिड़ंत, तेरहवीं से लौट रहे थे मृतक

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मध्यप्रदेश के सागर जिले के नरयावली में भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल है। घायल व्यक्ति के वहां से गुजर रही एंबुलेंस देवदूत बनकर आई। एंबुलेंस की मदद से समय रहते अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे उसकी जान बच गई।

वहीं दूसरी ओर वहां से स्कूटी सवार दिलीप पटेल निवासी हिरण छिपा से सागर की ओर जा रहे थे, तभी नरयावली ऑइल डिपो के सामने आपस में भिड़ गए। इसी दौरान एक 108 एंबुलेंस मरीज को छोड़ कर वापस लौट रही थी और पायलट मनोज राय व डॉक्टर हरिराम अहिरवार ने घायल अमान आदिवासी का प्राथमिक उपचार कर ऑक्सीजन के सपोर्ट पर तत्काल बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।

बताया जा रहा है कि नरयावली ऑइल डिपो के सामने मोटरसाइकिल और स्कूटी सवार आपस में टकरा गए जिसमें 3 लोग की मौत हो गई वहीं एक घायल है।

जानकारी के अनुसार मोटरसाइकिल पर सवार बृजभान आदिवासी, कृपाराम आदिवासी, अमान आदिवासी तीनों इमलिया तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होकर कानोनी जा रहे थे। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार फिलहाल घायल का इलाज जारी है।

अमान आदिवासी के लिए 108 एंबुलेंस वरदान साबित हुई। इस घटना को लेकर नरयावली पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के धुर विरोधी को शिवराज ने बनाया OSD, कांग्रेस बोली योगी के बाद अब यही लगाएंगे मोदी का बेड़ा पार?

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक ऐसे व्यक्ति को अपना ओएसडी(OSD) नियुक्त किया है जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हमेशा खिलाफत की है। कल मध्य प्रदेश के समान प्रशासन विभाग ने तुषार पांचाल को मुख्यमंत्री का विशेष कर्तव्य अधिकारी नियुक्त करने के आदेश जारी किए जिसके बाद से तुषार का एक ट्वीट सोशल मीडिया और कांग्रेसी नेताओं के हैंडल पर खूब वायरल हो रहा है।

दरअसल मुख्यमंत्री के नई नवेली ओएसडी बने तुषार पांचाल ने कुछ लिखा ही ऐसा था कि उस पर बवाल कटना तय है उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित अपने एक ट्वीट में लिखा ‘ किस्मत हो तो मोदी जैसी हो। सवाल पूछने के लिए ऑफिस में विपक्ष का नेता नहीं घर में बीवी नहीं। I am sure this is old, but just read it.’

मुख्यमंत्री के OSD तुषार पांचाल का ट्वीट जिसपर बवाल कटा हुआ है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के मीडिया सलाहकार नरेंद्र सलूजा ने इस पर तंज कसते हुए ट्वीट किया ‘ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नए OSD, मीडिया सलाहकार के उच्च विचार..? इससे शिवराज जी का मोदी प्रेम साफ झलक रहा है..?

कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा का ट्वीट

वही सामाजिक कार्यकर्ता और वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट अजय दुबे ने भी अपने फेसबुक अकाउंट पर नए नवेले ओएसडी तुषार पांचाल के इस ट्वीट को पोस्ट करते हुए लिखा ‘मध्यप्रदेश सरकार के नए सलाहकार तुषार सोशल मीडिया पर छा गए 😀’

सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे का फेसबुक पोस्ट

बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल सोशल मीडिया के एक्सपर्ट और बीते 6 सालों से उनके साथ उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स को चलाने वाले तुषार पांचाल को संविदा आधार पर नियुक्ति प्रदान करवाई है। हालांकि पहले से भी मुख्यमंत्री के पास सत्येंद्र खरे OSD के पद पर कार्यरत हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मोदी विरोधी को अपना एचडी बनाए जाने पर मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस के मीडिया विभाग अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने तंज कसते कहा कि जिस प्रकार से शिवराज जी मोदी के विरोध में अपनी नई टीम तैयार कर रहे हैं इससे यह जाहिर होता है कि मोदी जी के बहुत ज्यादा ‘अच्छे दिन’ अब पार्टी में बचे नहीं हैं क्योंकि कुछ अच्छे दिनों को कम करने का ठेका तो योगी जी पहले ही ले चुके है।

हनीट्रैप की पेन ड्राइव पर बुरे फंसे कमलनाथ, SIT ने भेजा नोटिस, कांग्रेस की बोलती बंद

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ अपने कुछ बयान पर फंसते नजर आ रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि हनीट्रैप प्रकरण की पेनड्राइव उनके पास है।

बीती 21 मई को कमलनाथ ने उज्जैन की एक पत्रकार वार्ता में यह दावा किया था कि हनीट्रैप प्रकरण की पेन ड्राइव उनके पास है जिस पर प्रदेश सरकार ने उनके ऊपर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है इसी क्रम में एसआईटी ने कमलनाथ को नोटिस भेजकर 2 जून को पूछताछ के लिए उनके बंगले आने की बात कही है।

आपको बता दें कि प्रदेश में कमलनाथ की सरकार के समय हनीट्रैप प्रकरण उजागर हुआ था जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों राजनेताओं और बड़े लोगों के नाम सामने आए थे जिस पर सरकार ने एक एसआईटी का गठन करके इसकी निष्पक्ष जांच कराने की बात कही थी लेकिन कमलनाथ सरकार गिर जाने के बाद इसकी जांच ठंडे बस्ते में चली गई थी।

पूर्व मंत्री उमंग सिंगार पर अपनी महिला मित्र को आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज होने के बाद विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि उनके पास हनीट्रैप प्रकरण की पेनड्राइव है अगर उन्हें सरकार को ब्लैकमेल करना होता तो वह कब का कर चुके होते जिसके बाद प्रदेश की राजनीति अचानक से गर्म आ गई और अब एसआईटी के जांच अधिकारी शशिकांत चौरसिया ने कमलनाथ को उस पेनड्राइव को देने का नोटिस जारी किया है जिसकी बात कमलनाथ ने पत्रकार वार्ता और विधायक दल की बैठक में कही थी।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश युवा कांग्रेस की बैठक ली

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कोरोना काल के दौरान युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने युवा कांग्रेस के किए गए कार्यों की सराहना भी की। साथ ही युवा कांग्रेस से जोड़ने, बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन और कोरोना काल में दिवंगत हुए लोगों के परिवार को न्याय दिलाने के बारे में विस्तृत चर्चा कर दिशा निर्देश दिए है।

वहीं प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भुरिया ने कमलनाथ के निर्देशासनुसार कार्ययोजना तैयार कर सभी पदाधिकारियों को संगठन कार्य और सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरुद्ध कमर कसने के निर्देशित दिए है।

इस बैठक में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मनीष चौधरी, एकता ठाकुर, प्रदेश मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी, सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष चंचलेश व्यास उपस्थित थे।

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लापता होने का पोस्टर हुआ वायरल

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मध्य प्रदेश में कोरोना और ब्लैक फंगस के कहर के बीच बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के विदेश जाने की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि सिंधिया चार दिन ही पहले प्राइवेट जेट से दुबई के लिए रवाना हो गए है। जिसके बाद ग्वालियर में एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें जगजीत सिंह द्वारा गाई मशहूर गजल “चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वह कौन सा देश, जहां तुम चले गए” लिखा हुआ है।

बता दे कि इस पोस्टर को ग्वालियर से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने भी साझा किया है। पाठक ने शायराना अंदाज में तंज कसते हुए ट्वीट किया, ‘मत ढूंढो इन्हें संकट के समय मध्य प्रदेश में, सिंधिया जी अपने निजी कार्यों से हैं विदेश में। अपने शहर में जब सब कुछ सामान्य हो जाएगा, इनका कारवाँ तभी यहाँ आएगा। आप तो बैठिए दुबई, जनता है भरोसे राम के, अभी चुनाव थोड़ी है अभी आम लोग आपके क्या काम के।’

प्रदेश की समस्त जनता को निवेदक बताने वाले इस पोस्टर में लिखा गया है कि, ‘महाराज कहां हो आप? भारतीय जनता पार्टी की सरकार मौत के आंकड़ें छिपा रही है। आपके उसूलों पर आंच कब आएगी, आप सड़क पर कब उतरेंगे?’ इसी के साथ 80 के दशक का मशहूर गजब चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वो कौन सा देश जहां तुम चले गए लिखा हुआ है।

वहीं कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘जनता चौखट से बाहर निकले तो डंडा, —और ये महाराज बहादुर दुबई की सैर पर..? शिवराज जी, आपके नेताओं को जनता से कोई सरोकार क्यों नहीं बचा..?भारत में उतरने को सड़कें थीं कम, इसलिये दुबई में जनसेवा करेंगे हम।’

दरअसल सिंधिया के विदेश जाने की बात सामने आने के बाद लोगों के मन में एक यह सवाल भी है कि जब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगे हुए हैं तो सिंधिया दुबई कैसे गए? दरअसल, एयर बबल के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चल रही हैं। इस व्यवस्था के तहत चयनित देशों के बीच द्विपक्षीय विमानों का संचालन हो रहा है।

कमलनाथ के ऊपर हुई FIR का पूरे मध्यप्रदेश में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी तरीके से किया विरोध प्रदर्शन

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पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के एक बयान को आधार बना कर भाजपा के प्रतिनिधि मंडल ने कल भोपाल क्राइम ब्रांच में एक ज्ञापन सौपा,जिसके बाद शिवराज सरकार के इशारे पर कमलनाथ जी के ऊपर एक मुकदमा दर्ज कर लिया जाता है। इसके विरोध में आज मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में गांधीवादी तरीके से अपना विरोध प्रदर्शित किया।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने अपने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कोरोना गाइडलाइन का पालन कर अपने जिले/विधानसभा/ब्लॉक में गांधीजी या अंबेडकरजी की प्रतिमा/चित्र के सामने धरना देने को कहा। जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने कोरोनो गाइडलाइन का पालन करते हुए काली पट्टी बांध कर धरना दिया।

विक्रांत भूरिया झाबुआ जिले में गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। डॉ भूरिया ने शिवराज सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कमलनाथ पर हुए FIR को तत्काल वापस लेकर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान पर FIR किये जाने की मांग की है। उन्होंने कहा की सरकार पूरे प्रदेश में कोरोना महामारी में लाखो मृतको की जिम्मेदार है।

वहीं भोपाल में युवा कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल के साथ क्राइम ब्रांच थाने जा कर शिकायती आवेदन प्रस्तुत कर शिवराज चौहान पर FIR की मांग की है। विवेक त्रिपाठी ने बीजेपी पर घ्रणित राजनीति करने का आरोप लगाया है। त्रिपाठी ने सवाल पूछा की जो भाजपा के नेता और विधयाक कल कमलनाथ पर fIR करवाने थाने आगये थे वे अस्पतालों की मनमाने बिलो की शिकायत ले कर,रेमडीसीवेर इंजेक्शन,ऑक्सीजन,की काला बाजारी,या हमीदिया हॉस्पिटल से चोरी गए इंजेक्शन के मामले में थाने क्यों नही गए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पे राजनीति का आरोप लगाने वाले बीजेपी के नेता पहले अपने गिरेबान देखे। त्रिपाठी ने कहा की कमलनाथ पर FIR करना शिवराज सरकार की विपक्ष को दबाने की कायराना हरकत है जिसका हम मुँह तोड़ जवाब देंगे।

कमलनाथ पर हुई एफआईआर के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ क्राइम ब्रांच को सौपा आवेदन

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मध्य प्रदेश में कोरोना से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस जहां सरकार पर लगातार वार कर रही है वहीं बीजेपी भी चुप बैठने का नाम नहीं ले रही है। इस मामले में पूर्व सीएम कमलनाथ पर एफआईआर के बाद अब अब कांग्रेस सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी।

बता दे कि कांग्रेस ने प्रशासन से सीएम चौहान पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक आरिफ मसूद, पूर्व महापौर विभा पटेल, विधायक कुणाल चौधरी सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एफआईआर के लिए क्राइम ब्रांच में आवेदन सौंपा है।

वहीं शिवराज सिंह पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस क्राइम ब्रांच में शिकायती आवेदन सौंपेगी। तो दूसरी तरफ बीजेपी फिर आज दूसरे जिलों में कमलनाथ के खिलाफ सोमवार को एफआईआर दर्ज कराएगी।