कर्नाटक
Tag: karnataka
कर्नाटक के बाद अब एमपी फतह के लिए जुटी कांग्रेस, पांच गारंटी के साथ मैदान में उतरेंगे कमलनाथ
भोपाल। कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस के हौंसले बुलंद है। कर्नाटक में कांग्रेस ने जिस फॉर्मूले की मदद से बीजेपी को मात दी है अब उसी फॉर्मूले को मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़ने जा रही है। विधानसभा चुनाव में जनता से पांच गारंटी के वादे के साथ पार्टी पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ की हनुमान भक्त वाली छवि को जनता के बीच भुनाने की तैयारी में है। कर्नाटक में कांग्रेस की जीत की इबारत लिखने वाले सुनील कानुगोलू अब कर्नाटक चुनाव के बाद मध्यप्रदेश में पूरी तरह सक्रिय होंगे और पूरी चुनावी रणनीति तैयार करेंगे।
बताया जा रहा है कि कर्नाटक में कांग्रेस की प्रचंड जीत के लिए पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादे की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। यहीं कारण माना जा रहा है कि कर्नाटक में जीत के बाद राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने जनता से जो 5 प्रमुख वादे किए गए हैं उस सभी वादों पर सरकार बनते ही काम शुरू हो जाएगा।
दरअसल कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पांच गारंटी वादे के साथ चुनावी मैदान में गई थी। कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि राज्य की परिवार की हर महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये भत्ता दिया जाएगा, बेरोजगार स्नातकों को दो साल के लिए 3,000 रुपये प्रति माह और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों को 1,500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे।
वहीं कांग्रेस ने कर्नाटक के लोगों को गृह ज्योति योजना के माध्यम से 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का ऐलान किया था। अन्नभाग्य योजना के तहत 10 किलो चावल मुफ्त देने के साथ अगले 5 सालों में किसान कल्याण के लिए 1.5 लाख रुपये, फसल नुकसान की भरपाई के लिए 5000 करोड़ रुपये और नारियल किसानों और अन्य के लिए MSP सुनिश्चित करने का भी ऐलान किया था।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस की जीत जनता की जीत है। हमें आगे बहुत कुछ करना है। हमें वादे निभाने हैं, हमारी 5 गारंटी हम पूरी करेंगे।कर्नाटक में जिस तरह से कांग्रेस ने स्थानीय मुद्दों के उठाकर बीजेपी को करारी मात दी है। अब उसी तर्ज पर अब मध्यप्रदेश में कांग्रेस स्थानीय मुद्दों को जनता के बीच ले जाकर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
जानकारी के अनुसार कर्नाटक में जीत के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस में चुनाव की रणनीति तैयार करने को लेकर बैठकों का सिलसिला तेज हो गया है। चुनाव में पार्टी के वचन पत्र को अंतिम रूप देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास पर पार्टी के बड़े नेताओं की बैठक हुई। मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने पर नारी सम्मान योजना के तहत महिलाओं को 1500 रु देने का वादा करने के साथ 500 में गैस सिंलेंडर का वादा कर रही है।
मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस युवा वोटरों को साधने के लिए रोजगार देने का वादा करने के साथ सत्ता में आने पर बेरोजगारी भत्ता देने का वादा करने जा रही है। पार्टी अपने वचन पत्र में सत्ता आने पर बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ दो से ढाई हजार तक बेरोजगारी भत्ता देने का वादा कर सकती है।
एमपी में कांग्रेस किसान वोट बैंक को साधने के लिए कर्जमाफी का वादा करने जा रही है। बताया जा रहा है कि पार्टी किसानों का बिजली बिल आधा करने, किसानों को फसल का उचित मूल्य देना , फसल में नुकसान होने पर उचित मुआवजा देने का वादा भी किया है।
बता दें कि वह कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कट्टर हिंदुत्व के कार्ड और बजरंग दल विवाद को बजरंग बली से जोड़ने के बाद कांग्रेस ने सॉफ्ट हिंदुत्व का कार्ड खेलते हुए सत्ता में आने पर पूरे प्रदेश बजरंग बली के मंदिर बनवाने की घोषणा की थी। ठीक वैसे ही मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड को चुनौती देने के लिए कांग्रेस सॉफ्ट हिंदुत्व का कार्ड खेलने की तैयारी में है। चुनाव के लिए अपने वचन पत्र में पार्टी प्रदेश में राम वन गमन पथ का निर्माण करने, समस्त पंचायतों में गौशाला खोलने, नर्मदा परिक्रमा पथ का विकास करने, धार्मिक नगरों को पवित्र घोषित करने का वादा लोगों से करने जा रही हैं।
कर्नाचक में कांग्रेस को मिली प्रचंड जीत, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मिलेगा फायदा ?
कर्नाटक विधानसभा चुनावों में वोटों की गिनती जारी है। मौजूदा नतीज़ों के अनुसार कांग्रेस कर्नाटक में प्रचंड जीत मिलती दिख रही है। रुझानों और नतीजों को लेकर दिल्ली और कर्नाटक समेत देशभर के कांग्रेस दफ्तरों में जश्न मनाया जा रहा है। वहीं भाजपा ने हार स्वीकार कर ली है। सीएम बोम्मई ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि हम मंजिल तक नहीं पहुंच पाए। साथ ही पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि “हार-जीत भाजपा के लिए बड़ी बात नहीं है। 2 सीट से शुरुआत कर भाजपा आज सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। कार्यकर्ताओं को दुखी होने की जरूरत नहीं है। हम अपनी हार पर पुनर्विचार करेंगे और हम जनता के फैसले का सम्मान करते हैं।”

ताजा आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस को 137 सीटें वहीं भाजपा को 63 सीटें जेडीएस को 20 सीटें और अन्य को चार सीटें मिलती दिख रही है।
कांग्रेस को मिल रही जीत पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को बधाई और धन्यवाद देता हूं। कर्नाटक के चुनाव में गरीब जनता की शक्ति जीती है। मोहब्बत की दुकान चुनने के लिए कर्नाटक की जनता का शुक्रिया। कर्नाटक की जनता से हमने 5 वादे किए थे, उन्हें पूरा करेंगे। कर्नाटक की जनता को बधाई देना चाहता हूं।
बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव की 224 सीटों पर 10 मई को मतदान हुआ था। हालांकि इस बार के चुनाव में 73.19 फीसदी मतदान हुआ था, जो 2018 के चुनाव के मुक़ाबले 1% कम है। एग्जिट पोल की बात करें तो 4 में कांग्रेस को बहुमत दिया था। एक सर्वे में बीजेपी की सरकार बनने का अनुमान जताया था और 6 सर्वे ने हंग असेंबली का दावा किया था। अब रुझानों की मानें तो कांग्रेस ही कर्नाटक की किंग बनकर उभरती दिख रही है। बीजेपी और जेडीएस काफी पीछे दिख रही हैं।
एबीपी-सीवोटर सर्वे: कर्नाटक में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत, 57 प्रतिशत लोग बदलना चाहते है सरकार
कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आए एबीपी-सीवोटर के विशेष जनमत सर्वेक्षण के अनुसार, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के खिलाफ जबरदस्त सत्ता विरोधी लहर है। इस ओपिनियन पोल में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। जनमत सर्वे के अनुसार कांग्रेस 224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में अधिकांश सीटों पर जीत हासिल करेगी। राज्य में 10 मई को मतदान होना है और 13 मई को परिणाम आने हैं।
57 प्रतिशत लोग सरकार बदलना चाहते हैं
सर्वेक्षण के अनुसार, कम से कम 57 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वह परेशान हैं और वर्तमान राज्य सरकार को बदलना चाहते हैं। चुनावी राज्य में बेरोजगारी और बुनियादी ढांचे के बाद भ्रष्टाचार तीसरा सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। एबीपी-सीवोटर सर्वेक्षण के अनुसार, 50.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने बीजेपी सरकार के प्रदर्शन को ‘खराब’ बताया है। इसके विपरीत, केवल 27.7 प्रतिशत ने इसे ‘अच्छा’ और अन्य 21.8 प्रतिशत ने ‘औसत’ के रूप में प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।
मुख्यमंत्री बोम्मई का प्रदर्शन बेहद ‘खराब’
एबीपी-सीवोटर सर्वेक्षण ने कर्नाटक में 25,000 उत्तरदाताओं के साथ बातचीत की। इस सर्वे में बीजेपी के लिए और भी बुरी खबर है। मुख्यमंत्री की बात करें तो संभावित मतदाताओं में से 46.9 प्रतिशत ने मौजूदा मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के प्रदर्शन को ‘खराब’ बताया, जबकि सिर्फ 26.8 फीसदी ने उनके प्रदर्शन को ‘अच्छा’ बताया। उसी सर्वेक्षण में, काफी अधिक अनुपात (39.1 प्रतिशत) ने कांग्रेस नेता सिद्धारमैया को अगले मुख्यमंत्री के रूप में चुना, जबकि 31.1 प्रतिशत ने बोम्मई को चुना।
कांग्रेस का वोट शेयर 38 से 40.1 फीसदी होने का अनुमान
एबीपी-सीवोटर ने जबरदस्त सत्ता-विरोधी लहर के बीच कांग्रेस को 115 और 127 सीटों के बीच दिया हैं, जो 224-सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में आरामदायक बहुमत है। सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस का वोट शेयर 2018 के 38 फीसदी से बढ़कर इस बार 40.1 फीसदी हो सकता है। सर्वेक्षण से यह भी पता चलता है कि पार्टी कर्नाटक के सभी क्षेत्रों में प्रतिद्वंद्वियों बीजेपी और जेडीएस से आगे चल रही है। यहां तक कि पुराने मैसूर क्षेत्र में भी, जो जेडीएस का गढ़ रहा है, कांग्रेस के अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे निकलने का अनुमान है, जबकि बीजेपी के इस क्षेत्र में बहुत खराब प्रदर्शन करने का अनुमान है।
Center has to supply 700 MT oxygen everyday to Delhi: SC
New Delhi: No relief to the Center even from the Supreme Court. The central government has to supply 700 metric ton of medical oxygen to Delhi everyday till further order, said supreme court on Friday. As the situation deteriorates and the hospitals in the national capital continue to combat rise in Covid-19 cases.
Justice DY Chandrachud commenting on the petition filed by Tushar Mehta said, “We want 700 MT oxygen to be supplied to Delhi on daily basis and we mean business. It has to be supplied and we don’t want to be coercive. Our order will take time to be uploaded by 3 pm. But you proceed and arrange the oxygen.”
Earlier the Delhi High Court on Tuesday issued a show cause notice to the Central Government asking Why it should not entertain contempt proceedings against the government ? When they have failed to comply with the judicial order to supply oxygen for the treatment of covid-19 patients of the national capital.
Against the contempt notice of the Delhi High Court,Tushar Mehta, Solicitor General, Government of India, took up the matter in front of the bench headed by Chief Justice NV Ramana, as Justice DY Chandrachud’s bench was not available on Wednesday.
On which the Chief Justice directed to list the petition of the Center for hearing to the bench headed by Justice DY Chandrachud.
The Supreme Court agreeing with the Delhi High Court order said, “If nothing is to be hidden, let it come before the nation how allocation and distribution is done transparently by the centre. The centre continues to be in contempt for not supplying 700 MT of oxygen to Delhi.”
Justice D Y Chandrachud has also turned down the Central government’s plea to stay the Karnataka high court order directing it to increase the supply of medical oxygen to the state to 1,200 MT per day.
“We don’t want to leave the citizens of Karnataka in the lurch. The order of the High Court is a careful, calibrated and judicial exercise of power. We see no reason to entertain the SLP,” said a bench headed by Justice D Y Chandrachud.
लॉकडाउन के बीच भाजपा विधायक ने मनाया जन्मदिन, बिरयानी पार्टी में जुटी भीड़
कोरोना वायरस के चलते एक ओर पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया गया है। ऐसे में जहां आम जनता कई परेशानियों के बावजूद घर से बाहर नही निकल रहे है तो वहीं कई लोग इसकी धज्जियां उड़ा रहे है। इसी बीच अब ताजा खबर है कि कर्नाटक के तुरुवेकेरे के बीजेपी विधायक एम जयराम का शुक्रवार को जन्मदिन था और लॉकडाउन के नियमों को ताक पर रखते हुए उन्होंने बर्थडे का जश्न मनाया।
बीजेपी विधायक ने तुमकुर के गुब्बी तालुक में गांव वालों को भी अपने बर्थडे सेलिब्रेशन में शामिल किया। एम जयराम ने हाथ में ग्लव्स पहनकर एक बड़ा केक काटा। उनकी पार्टी में बड़ी संख्या में लोगों और बच्चे भी पहुंचे थे। तस्वीरों और वीडियो में मेहमान पास-पास खड़े दिख रहे हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग भी फॉलो होता नहीं दिखा। केक के बाद गुब्बी कस्बे में बिरयानी भी बांटी गई।
200 से ऊपर पहुंची संख्या
कर्नाटक में अब 200 से ज्यादा सक्रिय केस हैं जबकि 6 की मौत हो चुकी है। कर्नाटक में बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए सीएम येदियुरप्पा भी राज्य में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन जारी रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने डॉक्टरों के एक एक्सपर्ट पैनल की धीरे-धीरे लॉकडाउन हटाने की सिफारिश को खारिज कर दिया।
कर्णाटक: कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायकों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
कर्नाटक के बागी विधायकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा के तत्कालीन स्पीकर द्वारा विधायकों की अयोग्यता के फैसले को सही ठहराया लेकिन कांग्रेस और जेडीएस के 17 अयोग्य विधायकों को राहत देते हुए उन्हें उपचुनाव लड़ने की अनुमति दे दी है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्य विधायकों की याचिका पर 25 अक्टूबर को सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इन विधायकों को विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने अयोग्य घोषित कर दिया था। न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की तीन सदस्यीय पीठ ने इन विधायकों की याचिकाओं पर 25 अक्टूबर को सुनवाई पूरी की थी।
5 दिसंबर को होगे उपचुनाव
इन विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने की वजह से 17 में से 15 सीटों के लिए पांच दिसंबर को उपचुनाव हो रहे हैं। अयोग्य विधायकों ने अपनी याचिका में 5 दिसंबर को होने वाले उपचुनाव पर रोक लगाने की मांग भी की थी। विधायकों का कहना था कि उपचुनाव तब तक नहीं होने चाहिए जब तक कि उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला न आ जाए।
उपचुनाव न कराने के लिए दायर की थी याचिका
उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 18 नवंबर है। इन विधायकों ने शीर्ष अदालत में एक आवेदन दायर कर 15 सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव की तारीख स्थगित करने का निर्वाचन आयोग को निर्देश देने का अनुरोध किया था। इन विधायकों का कहना था कि उनकी याचिकाओं पर कोर्ट का निर्णय आने तक निर्वाचन आयोग को इन सीटों पर चुनाव नहीं कराने चाहिए। अयोग्य घोषित विधायकों की दलील थी कि सदन की सदस्यता से इस्तीफा देना उनका अधिकार है। अध्यक्ष का निर्णय दुर्भावनापूर्ण है और इससे प्रतिशोध झलकता है। इन विधायकों में से अनेक ने सदन की सदस्यता से इस्तीफा देते हुए अध्यक्ष को पत्र लिखे थे।
तत्कालीन स्पीकर रमेश कुमार ने ठहराया था अयोग्य
बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने विधान सभा में एचडी कुमारस्वामी सरकार के विश्वास प्रस्ताव से पहले ही 17 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। वहीं विधानसभा में विश्वास मत्र प्राप्त करने मे विफल रहने पर कुमारस्वामी की सरकार ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद, बीजेपी के बी एस येदियुरप्पा के नेतृत्व में राज्य में नई सरकार का गठन हुआ।
कर्नाटक विधानसभा का गणित
कर्नाटक विधानसभा में इस समय बीजेपी के पास 105 विधायक हैं जबकि एक निर्दलीय विधायक ने समर्थन दिया है। वहीं विपक्ष (कांग्रेस+जेडीएस+बीएसपी) के पास कुल 101 सीटें हैं। इसमें कांग्रेस के पास 66, जेडीएस के पास 34 और बीएसपी के पास 1 सीट है। इन 17 विधायकों ने विश्वास प्रस्ताव से पहले पाला बदलते हुए इस्तीफा दे दिया था जिसकी वजह से तत्कालीन स्पीकर आर रमेश कुमार ने इन्हें अयोग्य ठहरा दिया था। इस वजह से सदन में सदस्यों की संख्या घटकर 211 रह गई थी और मैजिक नंबर 106 हो गया था। इस आधार पर बीजेपी कर्नाटक में सरकार बनाने में सफल रही थी। कर्नाटक की फिलहाल जो 17 सीटें खाली हैं उनसे 15 सीटों पर 5 दिसंबर को उपचुनाव होने हैं।
कांग्रेस के बागी विधायकों की सदस्यता रद्द, 15 सीटों के लिए 5 दिसंबर को होगी वोटिंग
कर्नाटक विधानसभा की 15 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान आज हो गया है। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने चुनाव की तारीखओं का एलान करते हुए कहा कि 5 दिसंबर को मतदान और 9 दिसंबर को मतों की गिनती होगी। इसके साथ ही आज 11 नवंबर से प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।
रद्द हो गई थी बागी विधायकों की सदस्यता
बता दें कि कर्नाटका में कांग्रेस के कुछ विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद कुमारस्वामी की सरकार अल्पमत में आ गई थी और उन्हें अपने सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था। कुमारास्वामी के इस्तीफे के बाद बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने प्रदेश में अपनी सरकार बनाई थी। तब बीजेपी पर यह इल्जाम लगा था कि इन बागी विधायकों से पैसे के दम पर इस्तीफा दिलाया गया है। बाद में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई और फैसले के बाद बागी विधायकों को अयोग्य घोषित किए गया था। इन्ही बागी विधायकों की सदस्यता रद्द होने के बाद खाली हुई सीटों पर उपचुनाव होने है।
कर्नाटका में उपचुनाव के प्रचार की रणनीति बनाने के लिए बेंगलुरु में कांग्रेस नेताओं ने आज कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में एक बैठक की। बैठक में पार्टी नेता सिद्धारमैया, बीके हरिप्रसाद, डीके शिवकुमार और दिनेश गुंडू राव मौजूद थे।
Rebel JDS Lawmakers might approach Supreme Court against Disqualification
Karnataka Government saga doesn’t seem to stop. Rebel Janata Dal Secular lawmaker AH Vishwanath, who was disqualified by the Karnataka Speaker on Sunday, said the decision was “against the law”, adding he and other disqualified legislators would approach the Supreme Court for redressal tomorrow.
Karnataka Assembly Speaker KR Ramesh Kumar on Sunday disqualified 14 more rebel MLAs — 11 from the Congress and three from the JDS — under the anti-defection law till the end of the current term of the House in 2023.
Speaker Ramesh Kumar had disqualified three Congress rebel lawmakers on Thursday.
“The disqualification is against the law… just under a whip served on them, you cannot force the legislators to come to the House,” Mr Vishwanath told news agency Press Trust of India over phone.
“The speaker has disqualified 20 members of the legislature on the grounds that they have not attended the House… so against this decision pronounced by the Speaker, we are approaching the Supreme Court on Monday,” the MLA said from an undisclosed location.
The disqualifications came a day ahead of Chief Minister BS Yediyurappa seeking the trust vote in the assembly to prove his majority.
सरकार को अस्थिर करना भाजपा की आदत बन गई है: सिद्धारमैया
कर्नाटक का सियासी संग्राम लाइव, जानें पल पल की अपडेट
कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन के 15 विधायकों के इस्तीफे के बाद शुरु हुई सियासी लडाई आज भी जारी है। इस्तीफा दे चुके ज्यादातर विधायक मुंबई जाकर होटल में रुके हुए है। कांग्रेस भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगा रही है तो वही भाजपा इस मामले में अपना हाथ होने के इंकार कर रही है। कांग्रस ने आज सर्कुलर जारी करते हुए सभी विधायकों को विधायक दल की बैठक में पहुंचने को कहा है। कांग्रेस को उम्मीद है कि इस्तीफा देने वाले कुछ विधायक आज वापिस आ सकते है।
कर्नाटक की इस सियासी लड़ाई की पल-पल की अपडेट से जुड़े रहने के लिए पढ़ते रहें हमारा यह लाइव ब्लाग
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और बीके हरिप्रसाद आज बेंगलुरु जाएंगे।
हमने राज्य में विकास नहीं होने के कारण विधायक पद से इस्तीफा दिया है। कर्नाटक सीएम विधायकों को बताए बिना विदेश यात्रा पर चले जाते है, राज्य में कोई काम नहीं हुआ। हम यहां 2 दिन रुकेंगे और फिर लौटेंगे।
जेडीएस नेता नारायण गौड़ा, मुंबई में
कुल 10 विधायकों (कांग्रेस-जेडीएस) ने स्पीकर और कर्नाटक के राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हम अभी भी कांग्रेस पार्टी में हैं लेकिन हमने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। हमें किसी मंत्री पद की उम्मीद नहीं है।
मुंबई में कांग्रेस नेता एसटी सोमशेखर
सरकार को अस्थिर करना भाजपा की आदत रही है। यह अलोकतांत्रिक है, लोगों ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए जनादेश नहीं दिया। लोगों ने हमें ज्यादा वोट दिए हैं। जेडी (एस) और कांग्रेस दोनों को एक साथ 57% से अधिक वोट मिले है।
सिद्धारमैया, कांग्रेस
इस बार न केवल बीजेपी की राज्य शाखा बल्कि अमित शाह और नरेंद्र मोदी जैसे राष्ट्रीय स्तर के नेता भी शामिल हैं। उनके निर्देश पर सरकार को अस्थिर करने के प्रयास किए गए हैं। यह लोकतंत्र और लोगों के जनादेश के खिलाफ है। वे पैसे और पद की पेशकश कर रहे हैं।
सिद्धारमैया, कांग्रेस
उन्होंने बीजेपी के साथ सांठगांठ की, मैंने उनसे वापस आने और अपना इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया है। हमने उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए स्पीकर के समक्ष याचिका दायर करने और इस्तीफा स्वीकार नहीं करने का अनुरोध करने का फैसला किया है।
सिद्धारमैया, कांग्रेस
हम अध्यक्ष से भी दलबदल विरोधी कानून के तहत कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध कर रहे हैं। हम अपने पत्र में उनसे अनुरोध कर रहे हैं कि वे न केवल उन्हें अयोग्य घोषित करें बल्कि उन्हें 6 साल के लिए चुनाव लड़ने से भी रोकें।
सिद्धारमैया, कांग्रेस
वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम से मेरा कोई संबंध नही है। मैं संविधान के अनुसार काम कर रहा हूं। अब तक किसी भी विधायक ने मुझसे मिलने का समय नही माँगा है। अगर कोई मुझसे मिलना चाहता है, तो मैं अपने कार्यालय में उपलब्ध रहूंगा।
कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष, के आर रमेश कुमार
गृहमंत्री राजनाथ सिंह कह रहे हैं कि ‘हम कहीं परेशान नहीं हैं, हमें सरकार गिराने में कोई दिलचस्पी नहीं है, हम इस बारे में नहीं जानते हैं’। बीएस येदियुरप्पा भी यही कह रहे हैं, लेकिन वह अपने पीए को हमारे सभी मंत्रियों को लेने के लिए भेज रहे हैं।
डीके शिवकुमार, कांग्रेस
अपनी विफलता के लिए किसी पर भी आरोप लगाना कांग्रेस का स्वभाव बन गया है। उनके विधायकों ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और उसी के अनुसार निर्णय लेंगे।
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी
बेंगलुरु में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कब्बन पार्क से राजभवन तक मार्च निकाला।
विधायकों के इस्तीफे स्वीकारने से जुड़े प्रश्न पर बोले विधानसभा अध्यक्ष, ” इस मामले में कुछ नियम हैं,उन के अनुसार फैसला लिया जाएगा। मुझे जिम्मेदारी के साछ फैसला लेना होगा। इस मामले में किसी समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया गया है।
कर्नाटक में बड़ी कांग्रेस-जेडीएस सरकार की मुश्किलें, लगभग 8 विधायकों ने दिया इस्तीफ़ा
कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही. आज के ताजा राजनैतिक घटनाक्रम में कांग्रेस और जेडीएस के लगभग 8 विधायकों ने अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अगर विधानसभा अध्यक्ष ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया, तो जेडीएस – कांग्रेस की सभा में संख्या 111 हो जाएगी। वहीं भाजपा के पास इस समय सदन में 105 विधायक हैं।
इन विधायकों ने दिया है इस्तीफ़ा
मीडिया मीडिया चल रही रिपोर्ट्स के अनुसार इस्तीफ़ा देने वालों में कांग्रेस विधायक रमेश जारकीहोली, बीसी पाटिल, महेश कुमटल्ली, प्रथापसौदा पाटिल, शिवराम हेब्बार, सुब्बा रेड्डी शामिल है वहीं जेडीएस विधायकों में एच विश्वनाथ, नारायण गौड़ा और के गोपालैया का नाम सामने आ रहा हैं।
कांग्रेस विधायकों का एक अन्य दल जिसमें रामलिंग रेड्डी, सौम्या रेड्डी, एन मुनिरत्ना, एसटी सोमशेखर और बैराठी बसवराज शामिल है, ने भी विधानसभा स्पीकर से मुलाकात की। हालांकि, दोनों दलों ने बार-बार कहा है कि गठबंधन को कोई खतरा नहीं है और सरकार अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेगी।
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद छाए खतरे के बादल
हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में, कांग्रेस और जेडीएस ने कर्णाटक में सत्ता दल होने के बावजूद बेहद ही ख़राब प्रदर्शन किया। वहीं भाजपा ने लोकसभा की 28 में 25 सीटें जीतने में कामयाबी मिली थी। जिसके बाद कयास लगाए जा रहे थे की भाजपा जल्द ही कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को तोड़कर राज्य की सत्ता पाने की कोशिश करेगी।








