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मध्यप्रदेश को ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की मदद करेगा टाटा संस

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मध्य प्रदेश में कोरोना का प्रकोप बरकरार है। आज भी ऑक्सीजन और दवाइयों को समस्या से इंसान जूझ रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने टाटा सन्स के प्रमुख एन चंद्रशेखरन से फोन पर बात की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर देने में वे हमारी मदद करेंगे। उन्होंने ये भी बताया कि ऑक्सीजन प्लांट लगाने में भी उनका सहयोग हमे मिलेगा। और साथ ही साथ टाटा की सीटी स्कैन मशीन भी प्रदेश को उपलब्ध करवाई जाएगी।

प्रदेश ने ट्वीट कर बताया कि, TataCompanies के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन से फोन पर चर्चा हुई।चर्चा के दौरान टाटा समूह की ओर से मध्यप्रदेश को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और कोविड से लड़ने हेतु अन्य उपयोगी सहायता प्रदान करने की पहल का मैं स्वागत करता हूँ।हम सब मिलकर जल्दी ही इस महामारी से जीतेंगे।

बता दे कि प्रदेश में दूसरी लहर आने पर भी आक्सीजन की उपलब्धता को लेकर अधिकारियों के शुरुआती दावे भ्रमित करने वाले रहे हैं। भोपाल में देखें तो यहां आक्सीजन की मांग प्रतिदिन 110 टन की है, जबकि उपलब्धता 80 टन ही है। फिलहाल ऐसी ही स्थिति पूरे प्रदेश की है। अच्छी बात यह है कि देर से ही सही आक्सीजन की कमी से पैदा समस्या का समाधान ढूंढने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

मध्यप्रदेश में अब मुख्यमंत्री करेंगे ऑक्सीजन सप्लाई की ऑडिट

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मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू है और उसके कारण ऑक्सीजन की कमी और कालाबाजारी की खबरे आ रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में अब ऑक्सीजन की भी ऑडिट होगी। उन्होंने कहा कि किस जिले में कितनी ऑक्सीजन की जरुरत है और कितनी आपूर्ति हो रही है, कितनी ऑक्सीजन कहां जा रही है इसका भी अधिकारियों को हिसाब किताब रखना होगा।

दरअसल प्रदेश में ऑक्सीजन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम गड़बड़ चल रहा है। ऑक्सीजन की वितरण प्रणाली पर सीएम नाराज हो गए। अधिकारियों के साथ चल रही बैठक में उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। सीएम ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि जिले ऑक्सीजन की डिमांड पहले बताएं। ल

बता दे कि व्यवस्थाओं में गड़बड़ी सामने आने के बाद अब सीएम माइक्रो मॉनिटरिंग करेंगे। सीएम ने समीक्षा के लिए जिलों को तीन ग्रुप A, B और C में बांट दिया है।

ग्रुप A में है ये जिले

इंदौर, उज्जैन, रतलाम, टीकमगढ़, धार, अनूपपुर, झाबुआ, नीमच, देवास, निवाड़ी, मंदसौर, खरगोन, शाजापुर, आगर, मालवा, अलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर जिले है।

ग्रुप B में है ये जिले

 भोपाल, ग्वालियर, बैतूल, दतिया, विदिशा, सीहोर, मुरैना, शिवपुरी, होशंगाबाद, अशोक नगर, रायसेन, राजगढ़, गुना, हरदा, श्योपुर, भिंड जिले है।

ग्रुप C में है ये जिले

जबलपुर, रीवा, नरसिंहपुर, सिंगरौली, सीधी, पन्ना, सतना, सागर, शहडोल, कटनी, छतरपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा और दमोह जिले शामिल है।

ऑक्सीजन लेकर भोपाल पहुची ऑक्सीजन एक्सप्रेस

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कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मरीजों की वजह से प्रदेश में ऑक्सीजन की किल्लत हो गई है। इसी बीच बोकारो से संजीवनी लेकर पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन देर रात भोपाल पहुच गई है। इस ऑक्‍सीजन एक्सप्रेस में छह टैंकर है जिसमें 64 मीट्रिक टन ऑक्सीजन है। बताया जा रहा है कि इसमे से एक टैंकर ऑक्‍सीजन जबलपुर, तीन टैंकर सागर और दो टैंकर मंडीदीप भोपाल के लिए पहुंचाई गई है।

बात दे कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस के कम समय में राज्यों तक पहुंचाने और तेज आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है। साथ ही लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन क्रायोजेनिक लोड होने के चलते ट्रेन की स्पीड और एक्सेलेरेशन का भी ध्यान रखा गया है।

दरअसल मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बाद भारतीय रेलवे की तरफ से पिछले हफ्ते ऑक्सीजन ट्रेन की शुरुआत की गई थी। ऑक्सीजन की आपूर्ति जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के लिए ऑक्सीजन टैंकरो को इस ट्रेन के जरिए सड़क मार्ग के मुकाबले कम से कम घंटों में राज्यों में पहुंचाया जा रहा है। और ऑक्सीजन एक्सप्रेस से एमपी में ऑक्सीजन की आपूर्ति जारी रहेगी।

मध्यप्रदेश के 13 जिलों में शुरू होगा ऑक्सीजन प्लांट

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मध्य प्रदेश में बढ़ते कोरोना के कारण ऑक्सीजन की किल्लत बढ़ गई है। इसको देखते हुए 13 जिलों में एक महीने के अंदर ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाएंगे। बता दे कि केंद्र सरकार ने आठ जिला अस्पतालों में आक्सीजन संयंत्र की स्वीकृति करीब छह माह पहले दी थी लेकिन काम बेहद धीमी गति से चला। अब जब संकट बढ़ा तो सरकारी तंत्र जागा और पांच जिला अस्पतालों में संयंत्र बनाकर तैयार किए गए।

इसके अलावा ऑक्सीजन प्लांट को 37 और जिलों में स्थापित किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक एक माह के अंदर 13 जिलों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो जाएंगे।

बता दे कि केंद्र सरकार ने आठ जिला अस्पतालों खंडवा, शिवपुरी, सिवनी, उज्जैन, जबलपुर, रतलाम, मंदसौर और मुरैना में लगभग छह माह पहले आक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की स्वीकृति दी थी।

बताया जा रहा है कि अब खंडवा, शिवपुरी, उज्जैन और सिवनी में प्लांट शुरू हो चुके है। इसके अलावा जबलपुर का काम पूरा हो गया है और ठीक यही स्थिति रतलाम, मंदसौर और मुरैना की है।

वहीं, सागर, सीहोर, विदिशा, गुना, सतना, रायसेन, बालाघाट, खरगोन, कटनी, बड़वानी, नरसिंहपुर, बैतूल और भोपाल के काटजू अस्पताल में चार सौ से छह सौ लीटर प्रति मिनट आक्सीजन उत्पादन क्षमता के संयंत्र लगाए जाएंगे।

मध्यप्रदेश के इस जिले में ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी का हुआ पर्दाफाश

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कोरोना की इस महामारी में कालाबाजारी रुक ही नहीं रही। बीते दिन शिक्षक कॉलोनी डबरा में चेतन गुप्ता के मकान में दर्जनों ऑक्सीजन सिलेंडर का स्टॉक मिला है। एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर के नेतृत्व में हुई छापामार हुई है । बताया गया है कि ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लैक में बेचने के लिए यहां पर भंडारित किए गए थे।

एसडीएम प्रदीप शर्मा ने बताया कि प्रशासन को अज्ञात व्यक्ति ने सूचना दी थी कि शिक्षक कॉलोनी के एक मकान को ऑक्सीजन सिलेंडर का अवैध गोदाम बना लिया गया है। यहां से ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी की जा रही है।

एसडीएम ने कहा कि जिन लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है और प्रारंभिक मेडिकल जांच में वह सभी लोग कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इस घर में रहने वाले कई सदस्य पॉजिटिव पाए गए है।

दमोह उपचुनाव के बाद बीजेपी नेता प्रह्लाद पटेल ने दिखाया रंग, मतदाता को दी ‘दो तमाचे’ मारने की धमकी

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बुधवार की शाम दमोह सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद पटैल ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया और कोरोना मरीजों को मिलने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में सिविल सर्जन डॉ. ममता तिमोरी से जानकारी ली।

जब उन्होंने निरीक्षण कि तब वहां पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिला अस्पताल में आक्सीजन की लूट मार मचाने वाली जो घटना हुई है उस पर कार्रवाई भी की जाएगी। लोगों को धैर्य रखना चाहिए आखिर डाक्टर 24 घंटे मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस स्थति से हम सबको मिलकर निपटना होगा। 

ऐसे में वहां एक वीडियो दुबारा सामने आया है जिसमे एक कार्यकर्ता अपने मंत्री से अपनी माँ के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की गुहार लगा रहा था और मंत्री जी ने बोल दिया कि बकवास करेगा तो 2 थप्पड़ पड़ेंगे।

बता दे कि बीते दिन दमोह में चुनाव का माहौल था। तब सरकार हर उसका इलाज कर रही थी जिन्हें कोरोना था। उस समय उनके लिए भरपूर दावा और ऑक्सीजन था। और आज जब चुनाव हो गए है तो सरकार ने दमोह में लॉकडाउन लगा कर उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता के के मिश्रा में ट्वीट किया है कि , दमोह में मतदान के पहले हर संक्रमित को प्रदेश के मंत्री कारों से भोपाल-जबलपुर अस्पतालों में भर्ती करवा रहे थे,अब जिला अस्पताल में अपनी माँ को बचाने के लिए ऑक्सीजन की गुहार करने वाले BJP कार्यकर्ता को दो चांटे देने की बात कह रहे हैं केंद्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल! काम निकल

सुप्रीम कोर्ट ने इस समय को कहा ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ , केंद्र सरकार से मांगा है जवाब

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कोरोना संकट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, देश में इमरजेंसी जैसे हालात

देश में फैले कोरोना संक्रमण(Corona) पर सुप्रीम कोर्ट(Supreem Court) ने सख्त टिप्पणी की है SC ने कहा कि देश मे इमरजेंसी जैसे हालात हो गए हैं।

देश के बिगड़ते हालात पर सर्वोच्च न्यायालय ने स्व संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस भी जारी किया है। कोर्ट ने मोदी सरकार से पूछा है कि ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर केंद्र के पास क्या प्लान है।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को ऐसे समय में नोटिस जारी किया है जब दिल्ली हाईकोर्ट,मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बेड़ों की कमी,ऑक्सीजन की कमी को लेकर राज्य और केंद्र सरकारों को बुरी तरह लताड़ लगा चुके हैं।

भारत के मुख्य न्यायाधीश(CJI) एस ए बोबड़े की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन न्यायधीशों की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को कोविड-19 पर राष्ट्रीय स्तर की योजना बनाकर पेश करने के लिए कहा है।

कोर्ट ने केंद्र के वकील को दिए दिशानिर्देशों में कहा है कि आप केंद्र की तरफ से ऑक्सीजन की आपूर्ति, आवश्यक दवाओं की आपूर्ति, वैक्सीनशन का तरीका और राज्यों में लॉकडाउन के फैसले पर अपना जवाब पेश करे। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को करेगी।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से मचे हाहाकार पर ऐसे समय टिप्पणी की है जब कल ही दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन की कमी को लेकर केंद्र सरकार को बुरी तरह लताड़ा था। कल देर शाम एक याचिका पर सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि केंद्र चाहे भीख मांगे, उधार ले या चोरी करे, बस ऑक्सीजन लाकर दे। न्यायालय ने केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि हम ऑक्सिजन की कमी से इस तरह लोगों को मरता नहीं देख सकते।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने की नवीन जिंदल से बात, कहा वे भी करेंगे ऑक्सीजन की पूर्ति करने में मदद

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मध्य प्रदेश में तेजी से कोरोना संक्रमण फैल रहा है। इसके बढ़ते संक्रमण के असर ने सरकार की परेशानी को बढ़ा दिया है। ऐसे में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने निवास पर कोरोना से निपटने के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में ऑक्सीजन, रेमेडिसिवर इंजेक्शन की कालाबाज़ारी और कोरोना वैक्सिनेशन को लेकर मंत्रियों को दिए गए प्रभार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने की नवीन जिंदल से बात


मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू के सकारात्मक रुझान देखने मिले है और पॉजिटिव केस में रुकावट दिखाई दे रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोरोना कर्फ्यू को बनाए रखे क्योंकि इसी से संक्रमण की चैन टूटेगी। वहीं मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑक्सीजन को लेकर उन्होंने नवीन जिंदल से चर्चा हुई है और बताया कि वे ऑक्सीजन की आपूर्ति में मध्य प्रदेश का सहयोग करेंगे । साथ ही DRDO भी आक्सीजन की आपूर्ति में प्रदेश का सहयोग करेगा ।

कालाबाजारी करने वालों पर होगी कार्यवाही

उन्होंने कहा कुछ असामाजिक तत्व रेमेडिसिवर इंजेक्शन और आक्सीजन के संबंध में भ्रामक जानकारी फैलाते है, इन्हें पहचान कर कड़ी कार्यवाई की जाए। रेमेडिसिवर इंजेक्शन की हो रही कालाबाजारी को लेकर मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिए है कि इंजेक्शन की कालाबाजारी पर सख्ती की जाए साथ ही कठोर दंड दें और रासुका लगाए।

दमोह जिले के सरकारी अस्पातल में ऑक्सीजन सिलेंडर की मची लूट

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मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस रफ्तार से बढ़ रहा है। शासन प्रशासन और हेल्थ वर्कर्स सभी लाचार और बेबस नजर आ रहे हैं। प्रदेश में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। जनता ने सरकार से भी उम्मीद छोड़ दी है। वहीं दमोह स्थित सरकार अस्पताल में नए ऑक्सीजन सिलेंडर ( Oxygen Cylinder) उतरने ही लोगों ने लूट लिए।

बता दे कि दमोह के सरकारी अस्पताल में आक्सीजन सिलेंडर की लूट कल रात हुई। भर्ती मरीज़ों के परिजन ऑक्सीजन सिलेंडर ( Oxygen Cylinder) आते ही टूट पड़े, मेडिकल स्टाफ़ ने इलाज बंद करने की धमकी दी। पूरे प्रदेश में आक्सीजन की भारी क़िल्लत है।

ऐसा अनुमान है कि बेकाबू हालातों को देखते हुए सरकार लॉकडाउन आगे भी बढ़ा सकती है। पहले सरकार ने 19 अप्रेल तक लाकडाउन की घोषणा की थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 30 अप्रेल तक कर दिया गया है। लेकिन स्थिति नियंत्रित होने की स्थिति में सरकार आगे भी लॉकडाउन जारी रख सकती है।

भोपाल के अस्पताल में फिर दिखी लापरवाही

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सोमवार(monday) को भोपाल(bhopal) के पीपुल्स हॉस्पिटल(people’s hospital) में ऑक्सीजन(oxygen) की कमी से करीब 12 से ज्यादा लोगों की मौत(death) होने की खबर सामने आई है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन(hospital officials) ने इस खबर से इनकार कर दिया है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि सुबह ऑक्सीजन सप्लाई कुछ देर के लिए बाधित जरूर हुई थी लेकिन इसकी वजह से मौतें नहीं हुई हैं।

बता दे कि पिछले कुछ दिनों से पीपुल्स अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी और मरीजों की परेशानी सामने आ रही थी। मरीजों के परिजन शिकायत कर रहे थे कि प्रबंधन ऑक्सीजन की कमी बताते हुए मरीजों को भर्ती कर रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि अस्पताल में आक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध ना होने से देर रात या सुबह ऑक्सीजन खत्म या कम हो जाती है। बताया जा रहा है कि पीपुल्स कोविड हॉस्पिटल सेंटर में सोमवार सुबह ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से 12 से 15 मरीज़ों क़ी मौत हो गई। वहीं अस्पताल प्रबंधन का दावा है, मौत होने की वजह बिगड़ी हुई तबियत है। ऑक्सीजन की सप्लाई कम या ज्यादा होती रहती है।