भोपाल। इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए शिवराज सिंह चौहान और कमलनाथ ने सर्वे कराया है। पहले चुनाव से जुड़े सर्वे (Survey) पार्टियां ही करवाती थीं लेकिन अब तो नेता-मंत्री भी सर्वे करवाने लगे हैं। इन दिनों भोपाल के राजनीतिक गलियारों में जिन सर्वे की चर्चा है वो हैं, शिवराज सरकार की तरफ से कराए गए सर्वे, मध्य प्रदेश पुलिस की शाखा इंटेलिजेंस का सर्वे या रिपोर्ट, कांग्रेस नेता कमलनाथ के सर्वे और संघ के सर्वे है।
इनमें शिवराज और कमलनाथ कुछ महीनों के अंतराल में विधानसभा वार सर्वे कराते हैं, जिसमें मुद्दों के साथ-साथ प्रत्याशियों की लोकप्रियता जांची जाती है। कमलनाथ ने पिछले स्थानीय निकाय चुनाव में अपने सर्वे के आधार पर ही टिकट दिए थे, जिसमें कांग्रेस ने नगर निगम के चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया था। वो अपना सर्वे सभी टिकट चाहने वालों के सामने रखकर सच्चाई से रूबरू कराते हैं।
कमलनाथ के सर्वे में कांग्रेस की दोबारा दमदार वापसी बताई जा रही है वहीं शिवराज के सर्वे में सरकार बनाने लायक विधायक जीतकर आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पहले इंटेलिजेंस और संघ के सर्वे में बीजेपी की हालत नाज़ुक दिख रही थी मगर अब बीजेपी वापसी करती दिख रही है। इसका क्रेडिट शिवराज की लाडली बहना योजना को दिया जा रहा है।






