भोपाल में बढ़ते कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव हेतु कोरोनावायरस लगाया गया है जो 26 अप्रैल तक प्रभावी है लेकिन इस बीच में लोगों के आर्थिक कामकाज ना रुके इस सुविधा हेतु भोपाल के बैंक खुले हुए हैं लेकिन बैंकों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने पर भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने एक बैंक को तत्काल सील करवा दिया।
मामला भोपाल के वार्ड नंबर 17 बैरसिया रोड स्थित केनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया से जुड़ा हुआ है जहां पर कोरोना कर्फ्यू लागू होने के बावजूद भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना होने पर नगर निगम के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी AHO-04 मो.शाहाब खान ने की कार्यवाही करते हुए बैंक सील कर दिया।
नगर निगम के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अनुसार भोपाल कलेक्टर के कोरोनावायरस के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और गाइडलाइन का पालन करवाने का स्पष्ट आदेश है लेकिन केनरा बैंक की बेरसिया रोड स्थित शाखा में इसका पालन नहीं किया जा रहा था जिसके कारण बैंक को 7 दिन के लिए सील कर दिया गया है।
बैंक ऑफ इंडिया शाखा बैरसिया रोड वार्ड नंबर 17 में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना होने के कारण बैंक को 3 दिन के लिए सील और ₹20000 का स्पॉट फाइन लगाया गया है।
इस दौरान भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया,भोपाल शहर डीआईजी इरशाद वली,नगर निगम का अमला और पुलिस अमला साथ था।
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क्राइम ब्रांच भोपाल की बड़ी कार्यवाही, रेमडेसिविर इन्जेक्शन की कालाबाजारी करते हुए 04 आरोपियों को किया गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच भोपाल की टीम ने कोरोना महामारी के बीच बड़ी कार्यवाही की है। क्राइम ब्रांच की टीम को विश्वश्नीय मुखबिर ने सूचना दी की शाहजहानाबाद इस्लामी गेट पर कुछ लडके कोरोना दवा के इन्जेक्शन को ब्लैक में बेचने के लिये खडे है। जिन्हे ऊची कीमत पर बेचा जा रहा है। सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामला राजधानी भोपाल का है जहाँ पर क्राइम ब्रांच ने शाहजहांबाद इस्लामी गेट पर दबिश देकर 04 लोगों को गिरफ्तार किया है पकड़े गए आरोपियों के नाम शमी खान निवासी शाहजहानाबाद,अखलाख खान निवासी डीआईजी बंगला,डॉ एहशान खान निवासी एमआईजी कॉलोनी करोंद और नोमान खान निवासी शाहजहानाबाद हैं।
क्राइम ब्रांच ने जब विश्वस्त मुखबिर की सूचना पर इन चारों की तलाशी ली तो इनके कब्जे से 04 नग रेमडेसिविर इन्जेक्शन जिनका इस्तेमाल कोरोना मरीज के इलाज में किया जाता है मिले जिनके संबंध में दस्तावेज मांगे गये तो आवश्यक दस्तावेज न होना बताया गया और कालाबाजारी करते पाये जाने से विधिवत जप्त किये गये।
पुलिस ने ओरापीगणों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 122/2021 धारा 269, 270 भादवि धारा 53/57 आपदा प्रबंधन अधिनियम, धारा 3 महामारी अधिनियम, धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम, धारा 5/13 म.प्र. ड्रग कन्ट्रोल अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना जारी है।
ऐसे मिले थे इंजेक्शन
पूछताछ में आरोपीगणों ने बताया कि हम लोगों को रेमडेसिविर इन्जेक्शन शाहजहानाबाद निवासी नोमान खान से 07 हजार रूपये प्रतिनग के हिसाब से दिए थे। जिन्हे हम लोग जरूरतमंद कोरोना मरीजों को 12 हजार से 18 हजार रूपये में बेचकर लाभ अर्जित करने की नियत से इन्जेक्शन बेचने की फिराक में खडे थे।

