मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन (कोरोना कर्फ्यू) को अब प्रशासन संक्रमण की घटती दर को देखते हुए धीरे-धीरे हटा रहा है अब वह सख्ती भी नहीं अपनाई जा रही जो अप्रैल और मई के महीने में प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा की गई थी।
इस बीच सतना जिले के मैहर विधानसभा से विधायक नारायण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर धार्मिक स्थल खोलने की मांग की है इसके पीछे त्रिपाठी का तर्क है कि धार्मिक स्थलों से कई परिवारों की आजीविका लगी हुई है और वह परिवार इस कोरोना संकट में बहुत परेशानी से जूझ रहे हैं अगर धार्मिक स्थल खोल दिए जाएंगे और मंदिरों में दर्शन की व्यवस्था पुनः प्रारंभ हो जाएगी तो इनकी रोजी रोटी का संकट उत्पन्न नहीं होगा।
त्रिपाठी ने कहा कि भिखारी से लेकर मंदिर के बाहर दुकान चलाने वाले चप्पलों को सहेज कर रखने वाले पार्किंग स्टैंड वाले सभी की आजीविका इन धार्मिक स्थलों से लगी हुई है इसलिए मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को खोला जाना चाहिए।
पार्टी ने मैहर के शारदा माता मंदिर उज्जैन के बाबा महाकाल,चित्रकूट की कामदगिरि परिक्रमा कामतानाथ मंदिर,ओंकारेश्वर मंदिर समेत पूरे प्रदेश के समस्त धार्मिक स्थलों को खोलने की मांग की है।
त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री से अभी मांग की है कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए स्थानीय प्रशासन कोई ऐसी वैकल्पिक व्यवस्थाओं का निर्माण सुनिश्चित करें जिससे लोगों को दर्शन भी मिल सके और वह संक्रमण से भी बच सके।
बता दें कि त्रिपाठी की विधानसभा मैहर में शारदा माता का विश्व प्रसिद्ध मंदिर है यहां पर करोड़ों की संख्या में लोग प्रतिवर्ष आते हैं और देवी से मन्नतें मांगते हैं नवरात्रि में तो रोज 500000 से ऊपर लोग दर्शनों के लिए आते हैं उनकी विधानसभा के अधिकतम लोग प्रसाद चोला और मंदिर साफ सफाई इत्यादि से जुड़े हुए हैं इसलिए त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री से यह मांग की है।
Tag: narayan tripathi
धार्मिक स्थल खोले जाने की मांग को लेकर भाजपा विधायक ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र
भाजपा विधायक ने किया कांग्रेस विधायक विपिन वानखेड़े के बयान का समर्थन, बोले सरकार यह काम करें तो…
आगर मालवा से कांग्रेस विधायक विपिन वानखेड़े के उस बयान का समर्थन भाजपा विधायक ने किया है जिसमें उन्होंने जिला कलेक्टर आगर मालवा को पत्र लिखकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ का प्रमुख आधार बन चुके झोलाछाप डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा ट्रेनिंग दिलवा कर काम करवाने की बात कही थी।
अपने विवादित बयानों के लिए मशहूर मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर झोलाछाप डॉक्टरों को कोरोना की श्रेणी में सम्मिलित किए जाने की मांग की है उन्होंने कहा है कि कोरोना की दूसरी लहार में यही झोलाछाप डॉक्टर ही ग्रामीण क्षेत्रों में देवदूत बने हुए थे इसलिए इन्हे स्वास्थ्य रक्षक और स्वास्थ्य सेवक का दर्जा दिया जाना चाहिए।
विधायक त्रिपाठी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोग निवास करते हैं जिनके पास इतना पैसा और इतने संसाधन नहीं होते हैं कि वह शहर जाके महंगे अस्पतालों में अपना इलाज करवा सकें इसलिए वह मजबूरी में ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत झोलाछाप डॉक्टरों के पास सर्दी,खांसी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करवाते हैं और ठीक हो जाते हैं।
विधायक त्रिपाठी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रदेश सरकार ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों को चिन्हित कर उन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा ट्रेनिंग दिलवा दे जिससे वह समुचित रूप से लोगों की मदद कर सके।
आपको बता दें कि इसके पहले आगर मालवा से कांग्रेस विधायक विपिन वानखेड़े ने भी झोलाछाप डॉक्टरों की वकालत करते हुए जिला कलेक्टर आगर को एक पत्र लिखा था और कहा था कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का इलाज करने वाले बंगाली और झोलाछाप डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग से संचित ट्रेनिंग दी जानी चाहिए और लोगों की स्वास्थ्य की रक्षा में इन लोगों के योगदान को सराहा जाना चाहिए।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पर फिर गिरी गाज, बीजेपी विधायक ने कहीं ये बात
मध्यप्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। और इस बीच फिरसे बीजेपी के एक विधायक ने हमला बोला है। बता दे कि मैहर विधानसभा से बीजेपी के विधायक नारायण त्रिपाठी ने कोरोना काल में शिवराज सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए है।
उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज को चिट्ठी लिखकर लोगों के लिए दवा, बेड और ऑक्सीजन की व्यवस्था करने की अपील की है। और साथ ही साथ मुख्यमंत्री से कहा है कि वर्चुअल मीटिंग के तमाशे से कुछ नहीं होने वाला है।

मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में नारायण त्रिपाठी ने लिखा है कि कोरोना से पूरे विंध्य के साथ-साथ मध्यप्रदेश का बुरा हाल है। मरीज को सतना से रीवा रैफर करने तक की सुविधा नहीं है. संक्रमित मरीजों को रीवा से जबलपुर ले जाने का कोई फायदा नहीं है। इलाज की मंडी नागपुर का भी बुरा हाल है।भोपाल हो या दिल्ली हर जगह यही स्थितियां है। प्रदेश में न बेड हैं, न वेंटिलेटर का नामोनिशान है। ऑक्सीजन के बिना लोग दम तोड़ रहे है। जरूरी दवाओं का कोई इंतजाम नहीं है और रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए हाहाकार है।
विधायक ने पत्र में लिखा कि टीवी चैनलों पर जारी बयानों में सब कुछ ठीक है। ये सब लोगों के लिए मजाक बन कर रह गए है।प्रदेश का हर आदमी दहशत में है। सब कोरोना की चपेट में है कब किसके साथ क्या हो जाए कोई नहीं जानता।


