भारतीय शास्त्रीय संगीतकार उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का आज निधन हो गया । उनकी बहू नम्रता गुप्ता खान ने यह दुखद जानकारी साझा की है। उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का जन्म 3 मार्च 1931 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था। वह रामपुर सहसवान घराने से ताल्लुक रखते थे । संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वह महान दिग्गज सिंगर सोनू निगम के गुरु थे।
उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान के निधन पर लता मंगेशकर ने दुख जताया और उन्होंने ट्वीट कर लिखा मुझे अभी यह दुखद खबर मिली है कि महान शास्त्रीय गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान साहब इस दुनिया में नहीं रहे । यह सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ वह गायक तो अच्छे थे ही पर इंसान भी बहुत अच्छे थे। उन्होंने आगे लिखा मेरी भांजी ने भी खान साहब से संगीत सीखा है, मैंने भी उनसे थोड़ा संगीत सीखा था। उनके जाने से संगीत की बहुत हानि हुई है। मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि- उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान के चले जाने से हमारे सांस्कृतिक संसार को क्षति पहुंची है। वे संगीत की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कलाकार थे। उनकी कला काफी विविध थी जिसने दुनियाभर के लोगों को प्रेरित किया और वे कई पीढ़ियों के प्रिय बन। मेरे जेहन में उनसे मुलाकात की सुखद यादें ताजा हैं। उनके परिवार और करीबियों के प्रति मेरी संवेदनाएं।
भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया-उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान भारतीय शास्त्रीय संगीत के लेजेंड थे। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे 2018 में उन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित करने का मौका मिला। उनके जाने से संगीत की दुनिया ने न सिर्फ अपना अगुआ खो दिया बल्कि नई पीढ़ी ने मेन्टॉर भी खोया है। उनके परिजनों, दोस्तों और शिष्यों के प्रति मैं अपनी संवेदना प्रकट करता हूं।
