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दिग्विजय सिंह ने BJP की आईटी सेल और बजरंग दल पर लगाए गंभीर आरोप, कही ये बात…

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पुलवामा हमले को लेकर जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक (satyapal malik) के दिए गए बयान ने राजनैतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। मलिक के बयान का मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने समर्थन किया है। दरअसल मलिक ने एक इंटरव्यू में पुलवामा हमले की एक वजह केंद्र सरकार की खामी बताया था।

सत्यपाल मलिक जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने से पहले यहां के आखिरी राज्यपाल थे। जिस समय पुलवामा अटैक हुआ, उस वक्त भी मलिक राज्यपाल के पद पर थे। सत्यपाल मलिक के इंटरव्यू में दिए गए इस बयान के बाद एक बार फिर कांग्रेस मोदी सरकार पर निशाना साध रही है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सत्यपाल मलिक के बयान का समर्थन किया है। सिंह कहा कि पहले ही दिन इंटेलिजेंस फेलियर का खुलासा हो गया था। वहीं उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी के आईटी सेल और बजरंग दल के लोग आईएसआई (ISI) से पैसे लेकर जासूसी करते हैं।

दिग्विजय ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सतना में बजरंग दल का अध्यक्ष और भोपाल में ध्रुव सक्सेना के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। लेकिन देशद्रोह का मामला राज्य सरकार ने दर्ज क्यों नहीं किया? जमानत कैसे हो गई? इन सभी सवालों के सरकार को जवाब देना चाहिए।

मिशन 2023 : भाजपा ने संगठन को मज़बूत बनाने के लिए शुरू की छटनी

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मध्यप्रदेश में आगामी 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दोनों ही मुख्य पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गई हैं। जीत हासिल करने के लिए दोनों ही पार्टियों के संगठन खुद को मजबूत बनाने में लगे हैं। ऐसे में भाजपा ने जीत हासिल करने के लिए कसावट का दौर फिर शुरू कर दिया। चंद महीनों से भाजपा ने धीरे-धीरे करके चुनाव के हिसाब से छटनी शुरू की है।

जानकारी के अनुसार भाजपा के संगठन द्वारा 18 जिलाध्यक्षों को बदला है और 6 से ज्यादा जिलाध्यक्ष अब रडार पर हैं। 6 संभागीय प्रभारी भी खराब परफॉर्मेंस के कारण बदले गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इनके बाद प्रदेश पदाधिकारियों की जिम्मेदारी भी जल्द बदली जाएगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा चुनावी रणनीति के हिसाब से संगठनात्मक ढांचे पर फोकस कर रहे हैं, और जिन्हें चुनाव लड़ना है या चुनाव लड़वाना है, उन्हें उसके हिसाब से जिम्मेदारी दी जाने की तैयारी की जा रही है।

आपको बता दें कि मई 2020 में 24 अध्यक्ष वीडी शर्मा द्वारा बनाए गए थे। 18 को शर्मा ने ही परफॉर्मेंस के आधार पर बदला था। लेकिन इस बार बदलने वाले अध्यक्षों को साधने का नया फॉर्मूला अपनाया गया है। जिन्हें हटाया है उन्हें प्रदेश कार्यसमिति में सदस्य बना दिया गया।

जानकारी के अनुसार भाजपा संगठन में ही अब दर्जनों चेहरे टिकट के दावेदार हैं। इन्हें साधना और टिकट देना या न देना चुनौती बन गई है। जिन 103 हारी सीटों पर प्रभारी बनाए गए हैं, उनमें दो दर्जन से ज्यादा खुद टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। ऐसे सभी प्रभारियों को लेकर संगठन ने नाराजगी जाहिर की थी।

वहीं जिलाध्यक्ष भी टिकट के दावेदार हैं। भोपाल से सुमित पचौरी और इंदौर से गौरव रणदीवे टिकट की दावेदारी में हैं। भाजपा के प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी, उपाध्यक्ष आलोक शर्मा, मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर, प्रवक्ता डॉ. हितेश वाजपेयी, मंत्री राहुल कोठारी सहित कई अन्य नेता खुद टिकट के दावेदार हैं। एक ओर जहां संगठन के नेता टिकट के दावेदार हैं, तो दूसरी ओर ऐसे भी दर्जनों नेता हैं जो अभी हाशिये पर दिन गुजार रहे हैं, लेकिन अब संगठन में जिम्मेदारी चाहते हैं। इनके फेरे भी प्रदेश भाजपा नेतृत्व के यहां पर बढ़ गए हैं।

विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस ने सीधा फॉर्मूला रखा है। यदि चुनाव लड़ना है तो संगठन का पद छोड़ो। इसे लेकर बीते महीनों में कई नेता संगठन की जिम्मेदारी से किनारा कर चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सर्वे, फीडबैक, जिताऊ चेहरे के आधार पर टिकट देने का ऐलान किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्षों को चुनाव नहीं लड़ाएगी। संगठन पदाधिकारी को टिकट नहीं दिया जाएगा।

दरअसल कांग्रेस ने बीते दिनों 12 से ज्यादा जिलों में अध्यक्षों की नई नियुक्ति की है। इसके बाद भी 6 से ज्यादा जिलों में और बदलाव होने हैं। हर जिले में प्रभारी बनाकर फीडबैक लिया जा रहा है। इसी के आधार पर अध्यक्षों की परफॉर्मेंस देखी जा रही है। टिकट वितरण में प्रभारियों का फीडबैक अहम रहेगा।

विंध्य में किसकी खुलेगी किस्मत ! क्या तीसरी पार्टी मध्यप्रदेश में दिखा पाएगी अपना कमाल ?

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मध्यप्रदेश में चुनावी साल में भाजपा को बड़ा झटका लगा। भाजपा के विधायक और विंध्य के बड़े नेता माने जाने वाले नारायण त्रिपाठी ने हाल ही में अपनी अलग पार्टी बनाने का ऐलान किया। अलग पार्टी बनाने के अलावा नारायण त्रिपाठी ने विंध्य की 30 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया। नारायण त्रिपाठी के बयान के बाद सियासत शुरू हो गई है।

अगर देखा जाए तो विंध्य की राजनीति में नारायण त्रिपाठी वह नाम है जो सपा,कांग्रेस और भाजपा के टिकट पर पिछले चार चुनावों से विधानसभा पहुंचते रहे है। हालांकि नारायण त्रिपाठी पिछले कुछ समय से लगातार ही भाजपा से बागी तेवर अपनाए हुए थे। ऐसा माना जाता है कि नारायण त्रिपाठी की आस्था कभी एक पार्टी में नहीं रही है। विधायक नारायण त्रिपाठी साल 2003 में समाजवादी पार्टी के टिकट से विधायक बने थे। 2008 के चुनाव में सपा के टिकट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें भाजपा प्रत्याशी के हाथों करारी हार मिली। जिसके बाद नारायण त्रिपाठी ने कांग्रेस का दामन थामा और 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट मिला और त्रिपाठी चुनाव जीत गए।

जानकारी के अनुसार 2014 के लोकसभा चुनाव में जब कांग्रेस से अजय सिंह राहुल को टिकट मिला तो वे फिर कांग्रेस के विरोधी हो गए। 2015 में उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और साल 2016 के विधानसभा के उपचुनाव में भाजपा के टिकट से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की। फिर 2018 के चुनाव में भी वे भाजपा के टिकट से चुनाव जीते।

नारायण त्रिपाठी ने बीते मंगलवार को सतना में एक कार्यक्रम में अलग पार्टी बनाने का ऐलान करने के साथ जनता से कहा कि तुम मुझे 30 दो, मैं तुम्हें 2024 में विंध्य दूंगा। नारायण त्रिपाठी ने पार्टी के नाम का खुलासा करते हुए कहा विंध्य जनता पार्टी विंध्य की सभी 30 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

गौरतलब है कि नारायण त्रिपाठी ने पिछले लंबे समय से विंध्य प्रदेश की मांग कर रहे थे। 4 बार के विधायक नारायण त्रिपाठी की गिनती विंध्य के दिग्गज नेता के तौर पर होती है। हालांकि भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी के अलग से पार्टी बनाने और चुनाव लड़ने का एलान के बाद अब भाजपा ने उनके खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि नारायण त्रिपाठी के मसले पर संगठन जल्द निर्णय लेगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि ये लोकतंत्र है और चुनावी साल है। सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। लेकिन, अगर हमारी पार्टी का कोई विधायक ऐसा करता है तो संगठन से बातचीत की जाएगी और जो भी फैसला होगा, वही आगे निर्णायक होगा। नारायण त्रिपाठी की विंध्य प्रदेश की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम का भी एक बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि विंध्य प्रदेश की मांग बिलकुल बुरी नहीं है, कौन नहीं चाहता ऐसा हो। लेकिन बात ये है कि वाकई में ईमानदारी से विंध्य प्रदेश चाहते है या अपने आप को नेता बनाना चाहते है। हमारा विंध्य हमें लौटा दो इस बात का मतलब बहुत बड़ा है।विंध्य वापसी का मतलब दतिया को वापस लाना, रीवा में शामिल करना है। दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी ऐसे कई जिले के लोग है। लेकिन लोग मना कर देते हैं कि हम नहीं जाना चाहते।

2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने विंध्य की 30 विधानसभा सीटों में से 27 सीटों पर जीत हासिल की थी। विंध्य में भाजपा की चली आंधी में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह भी चुरहट विधानसभा से चुनाव हार गए थे। लेकिन इस बार विंध्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे के मुकाबले के बीच आम आदमी पार्टी भी अ्पने पैर जमाने की तैयारियों में जुटी हुई है।

CM शिवराज ने PCC अध्यक्ष को बताया ‘पैसे वाला’, कमलनाथ ने किया पलटवार

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भोपाल। मध्यप्रदेश में आगमी विधानसभा चुनाव से पहले बयानों का सिलसिला जारी हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamal Nath) को लेकर एक बार फिर बयान दिया है। इस बार उन्होंने कमलनाथ को बड़ा उद्योगपति बताया है।

सीएम ने बिना नाम लिए कमलनाथ पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उनके पास हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर, दौलत-संपत्ति इसलिए वो मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार, ये बात कांग्रेस के लोग खुद कह रहे है। लेकिन मेरे पास जनता का प्यार है।

शिवराज सिंह ने आगे कहा कि कांग्रेस अगर इस पैमाने पर अपना नेता तय करती है तो वो करती रहे। लोकतंत्र में यह मापदंड किसी भी नेता को चुनने का नहीं हो सकता।

वहीं मुख्यमंत्री शिवराज के उद्योगपति वाले बयान पर पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सीएम शिवराज का बिना झूठ बोले खाना हजम नहीं होता है। मेरा कोई उद्योग नहीं, मैं किसी कंपनी का मालिक नहीं हूं।

कमलनाथ ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बताएं कौन सा उद्योग मेरा है। उन्हें मेरे खिलाफ कुछ नहीं मिला तो मुझे उद्योगपति बता दिया। शिवराज जी जवाब दें कि मैं किस कंपनी का मालिक हूं।

दिग्विजय सिंह के बयान पर सीएम शिवराज सिंह का पलटवार, जनता को डराना चाहती है कांग्रेस: शिवराज

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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के हाल ही में दिए बयान को लेकर सियासी गरमा-गरमी शुरू हो गयी है। दिग्विजय सिंह के मुस्लिमों की अपेक्षा हिंदुओं की आबादी अधिक होने वाले बयान पर सीएम शिवराज ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा दिग्विजय सिंह कह रहे थे कि हिंदुओं के मुकाबले मुस्लिमों की संख्या कम हो रही है, तो कुछ दिन पहले कमलनाथ कह रहे थे कि दंगे भड़क रहे हैं। मप्र में शांति बरकरार है तो चुनाव के समय इस तरह के बयान देकर क्यों लोगों को डराना चाहते हो आप लोग।

मध्यप्रदेश के सागर जिले में पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बयान दिया था कि हिंदुओं के मुकाबले मुसलमानों की आबादी कम है। उन्होंने यह भी कहा था कि बीजेपी और संघ यह दुष्प्रचार करती है कि मुसलमानों की आबादी तेजी से बढ़ रही है जो कि सरासर गलत है।

दिग्विजय ने कहा था कि मैं प्रमाणिकता के साथ इस बात को साबित कर सकता हूं कि हिंदुओं की आबादी मुसलमानों के मुकाबले तेजी से बढ़ रही है, और कहा कि जनगणना को लेकर हमारा स्टैंड साफ है कि जनगणना ओबीसी आधारित और राष्ट्रीय स्तर पर होनी चाहिए।

मुसलमानों की तुलना में हिंदुओं की आबादी ज्यादा तेजी से बढ़ रही है: दिग्विजय सिंह

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सागर। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का कहना है कि हिंदुओं की आबादी मुसलमानों के मुकाबले अधिक तेजी से बढ़ रही है। दिग्विजय ने आगे कहा कि बीजेपी और संघ यह दुष्प्रचार करती है कि मुसलमानों की आबादी तेजी से बढ़ रही है, जबकि ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं प्रमाणिकता के साथ इस बात को साबित कर सकता हूं कि हिंदुओं की आबादी ज्यादा तेजी से बढ़ रही है।
दरअसल दिग्विजय सिंह पिछले तीन दिनों से सागर जिले के दौरे पर थे जहां मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने ये बात कही।

उन्होंने ये भी कहा कि जनगणना को लेकर हमारा स्टैंड एकदम साफ है। जनगणना ओबीसी आधारित और राष्ट्रीय स्तर पर होनी चाहिए। भाजपा और संघ जो प्रचार कर रहे हैं कि मुसलमानों की आबादी तेजी से बढ़ रही है यह सरासर झूठ है। असल में हिंदुओं की आबादी मुसलमानों के मुकाबले अधिक तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने ये भी कहा कि मैं प्रमाणित कर सकता हूं कि बीजेपी और आरएसएस झूठ फैला रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही हर एक तबके का ध्यान रखती आयी है। फिर चाहे वो कोई भी हो। उन्होंने यह तक कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस अपनी सरकार बनाएगी। कांग्रेस हमेशा से गरीबों के हक की लड़ाई लड़ती आई है। कांग्रेस ने सभी को न्याय दिलाया है। बेरोजगारों को रोजगार दिया और भूमिहीनों को भूमि दी है। उन्होंने कहा कि आबादी की जानकारी के लिए जनगणना होना बेहद जरूरी है।

ऐसा पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने भाजपा पर दुष्प्रचार का इल्जाम लगाया हो। पहले भी कांग्रेस इस तरह के इल्ज़ाम लगाती आ रही है। दरअसल आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही एकदूसरे पर निशाना साधने से नहीं चूक रहे। दोनों ही पार्टियों के नेता एकदूसरे पर इल्ज़ाम लगाते नज़र आ रहे हैं।

दिग्विजय सिंह का ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तंज, कहा- ‘इस बार बिकाऊ नहीं, टिकाऊ माल आएगा’

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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हरदा जिले की टिमरनी विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए मंच से बात स्वीकारी है की कांग्रेस का संगठन कमजोर है और अब बीजेपी के संगठन की तर्ज पर चुनाव लड़ेंगे. साथ ही उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ बीेजपी का दामन थामने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में बिकाऊ नहीं, टिकाऊ माल होगा. मंडलम के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाने को लेकर टिप्स दिए.

इस साल के अंत में होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कई राजनीतिक पार्टियां मैदान में हैं. भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच में सीधा मुकाबला है. कांग्रेस अपने पुराने अनुभव के आधार पर  फिर सत्ता पर काबिज होने की तैयारियों में जुटी हुई है. इसी सिलसिले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह हरदा जिले में कार्यकर्ताओ के बीच पहुंचे.

कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र

इस दौरान कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी ने झूठे मतदाता जोड़े हैं. अतः सभी लोग निरंतर बैठक लेकर समन्वय स्थापित करें. गुटबाजी हमारे लिए उचित नहीं है. जिसको टिकट मिलेगा उन्हें हमें सहयोग करना चाहिए. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें जनता के बीच बीजेपी की कमियों को बताना चाहिए. जब पूर्व सीएम कार्यकर्ताओं को पार्टी की जीत का मंत्र दे रहे थे तो उस दौरान पार्टी नेताओं की आपसी फूट उभरकर सामने आ गई और कार्यकर्ता आपस मे भिड़ गए.

इस बार बिकाऊ नहीं, टिकाऊ माल आएगा

दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं को एकता का मंत्र बताते हुए मंच से यह स्वीकार किया की जनता हमको चाहती है लेकिन हमारा संगठन मजबूत न होने से हम चुनाव हार जाते हैं. मीडिया से चर्चा में दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस बार कांग्रेस चुनाव जीतेगी. ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम लिए बिना दिग्विजय सिंह ने उन पर तंज कसा और कहा कि इस बार बिकाऊ नहीं टिकाऊ माल आएगा. उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस में ऐसे लोगों को अपना प्रत्याशी बनाया जाएगा जो बिकाऊ नहीं बल्कि टिकाऊ होगा.

विकास यात्रा को लेकर बीजेपी पर निशाना

प्रदेश में निकाली जा रही बीजेपी की विकास यात्रा को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि विकास यात्रा के नाम पर जनता के पैसों की बर्बादी की जा रही है. शासकीय पैसों का दुरुपयोग कर बीजेपी विकास यात्रा निकाल रही है. इस यात्रा में शामिल होने को लेकर लोगों को डराया धमकाया जा रहा है. 

मध्यप्रदेश के गृह मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री के ट्वीट पर किया पलटवार, कहा शायद वे अघोरी है

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मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ट्वीट पर पलटवार किया है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा यह जनता के साथ क्रूर मजाक कर रहे है। ये असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है। इन्हें मुर्दों की आवाज सुनाई पड़ने लगी है। लेकिन जनता के दर्द की आवाज सुनाई नहीं देती। उन्होंने कमलनाथ को अघोरी कहा । 

दरअसल कमलनाथ ने ट्वीट में किया कि “श्मशान में शव आपस में बातें कर रहे थे- अगर ‘अच्छे दिन’ और ‘15 लाख‘ के लालच में नहीं पड़ते तो अभी तक जीवित होते और 25-30 वर्ष और जी लेते “ ?

उन्होंने आगे कहा कि , “कुछ वर्षों पहले कही गई बात आज कितनी सच है ?
“लोग इतना झूठ सुन चुके होंगे कि सच को भी नहीं पहचान पाएंगे। हम लोग लगातार झूठ सुन-सुनकर सच को भी पहचानना भूल गए हैं और यदि कोई सच भी बोलता है तो हमें वो भी झूठ लगता है ? मानवता के लिए यह मुश्किल दौर है। हर विषय पर परोसे जाने वाली झूठ की कीमत आने वाली पीढ़ियां चुकायेगी “ झूठ को पहचाने -सच्चाई का साथ दें।”

BJP protests against Bengal political violence

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Bhopal: BJP workers protested at party office on Wednesday against the violence allegedly unleashed by the TMC workers post party’s win in West Bengal Assembly elections. Several senior BJP leaders including Home Minister Narottam Mishra, BJP State President VD Sharma, Union Minister Pahlad Patel and Agriculture Minister Kamal Patel sat on the strike  shouting slogans against Mamata Banerjee.

After the declaration of West Bengal Assembly election results on May 2, the politics of revenge has started in the state. The ruling TMC workers resorted to violence  targeting the BJP workers across state. Allegedly they are killing BJP workers and burning their houses, shops and places of business.

Home Minister Narottam Mishra said that the workers of Bharatiya Janata Party were protesting there under the leadership of BJP National President JP Nadda. “Today, Violence is rampant under the leadership of Mamata Banerjee and they are killing innocent people based on their political affiliation”, he added.

He further said, “the Bharatiya Janata Party is demonstrating against the land mafia, sand mafia which have grown in the last 10 years of Mamata’s rule along with the violence that has become a common thing. We demand that military rule should be imposed in Bengal”.

State President VD Sharma said, “Today, the sit-in demonstration is being done under the leadership of Nadda ji. Our party workers from Bengal are not alone. They have our full support and this Gunda Raj of didi will not be tolerated”.

अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बने जो बाइडेन,वहीं कमला हैरिस ने ली उपराष्ट्रपति की शपत

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जो बाइडन (Joe Biden) अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपत ली है। वहीं, कमला हैरिस (Kamala Harris) ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली है। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने अमेरिकी कैपिटल के वेस्ट फ्रंट में जो बाइडन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले जो बाइडन ने ट्वीट कर कहा कि यह ‘अमेरिका के लिए नया दिन है.’

कमला हैरिस ने पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति बनकर इतिहास रचा। उन्हें सुप्रीम कोर्ट की पहली लैटिन सदस्य न्यायमूर्ति सोनिया सोटोमेयर ने पद की शपथ दिलाई।

जो बाइडन और कमला हैरिस शपथ लेने के लिए कैपिटल हिल जाने से पहले अपने परिवार के सदस्यों के साथ यहां एक स्थानीय ऐतिहासिक गिरजाघर में एक प्रार्थना सभा में शामिल हुए। बाइडन और हैरिस ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ ‘द कैथेड्रल ऑफ सेंट मैथ्यू द एपोस्टल’ में आयोजित सामूहिक प्रार्थना सभा में भाग लिया।