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बीजेपी नेताओं को होगी जेल ! कांग्रेस अपने वचन पत्र में जारी करेगी करप्शन की सूची
भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां अपने चरम पर है। दोनों ही मुख्य पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी हुई है। इसी बीच एमपी कांग्रेस अपना वचन पत्र तैयार कर रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के वचन पत्र में बीजेपी नेताओं को जेल भेजने का वचन देगी।
बता दें कि कांग्रेस अपने आने वाले वचन पत्र में करप्शन का मुद्दा लेकर आएगी। इसके अलावा वचन-पत्र में सरकारी विभागों में करप्शन की सूची जारी की जाएगी और जिन नेताओं पर आरोप है उन्हें जेल भेजने का वचन देगी। इसके अलावा कांग्रेस पुराने मामले फिर से खोलने का भी वचन देगी।
इस बारे में जानकारी देते हुए पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि जिस दिन कांग्रेस सरकार आएगा उसी दिन जिन्न बाहर निकलेगा। यह जिन्न घोटालों का होगा जो बाहर आएगा। इसमें व्यापमं, सिंहस्थ, पेंशन और बीजेपी सरकार ने जितने अन्य घोटाले किए है सब बाहर आएंगे।
सज्जन वर्मा के बयान और वचन पत्र पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस हमेशा द्वेष से काम करती है। 15 महीने में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किए गए, मकान तोड़े गए। कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो वोट नहीं मिलने पर जनता से भी बदला लेती है। जनता को सब दिखता है और हमें जनता पर पूरा विश्वास है कि वे कांग्रेस को नहीं चुनेगी।
सावधान! बस एक मैसेज से हो सकता है आपका whatsapp हैक।
WhatsApp और Telegram जैसे मैसेजिंग ऐप की सिक्योरिटी को लेकर इंजरायल की सिक्योरिटी फर्म चेक प्वॉइंट ने बड़ा खुलासा है। चेक प्वाइंट के दावे के मुताबिक सिर्फ एक मैसेज भेजकर आपके व्हाट्सऐप और टेलीग्राम मैसेंजर को हैक किया जा सकता है।
कंपनी ने इसकी जानकारी व्हाट्सऐप और टेलीग्राम को दे दी है और बताया है कि हैकर्स एक इमेज भेजकर यूजर्स के मैसेज में सेंध लगा सकते हैं। दावे के मुताबिक हैकर्स एक मासूम से दिखने वाली इमेज यूजर्स को मैसेज में भेजते हैं और यूजर्स के इमेजे के डाउनलोड करते ही हैकर्स फोटो, शेयर्ड फाइल, चैट हिस्ट्री तक पढ़ सकते हैं। हालांकि कंपनी ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हैक करने का तरीका नहीं बताया है।
चेक प्वाइंट ने इस बात का खुलास नहीं किया है कि कितने अकाउंट हैकर्स के कब्जे में हैं, हालांकि यह खतरा ब्राउजर में व्हाट्सऐप और टेलीग्राम यूज करने वाले अकाउंट ही हैक हो सकते हैं। कंपनी के मुताबकि ऐप पूरी तरह से सुरक्षित है।
बता दें कि हाल ही में चेक प्वॉइंट ने दावा किया था कि सैमसंग, ओप्पो, शाओमी और गूगल जैसी कंपनियों के 38 डिवाइस में प्री-इंस्टॉल मालवेयर आ रहे हैं जिसे हटाना यूजर्स के बस की बात नहीं है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ‘आप’ पर गिरी गांज, केजरीवाल के प्रधान सचिव 50 करोड़ के घोटाले में हुए गिरफ्तार
NewBuzzIndia:
देश में भ्रष्टाचार विरोधी राजनीति की आवाज़ बुलंद किए जब आम आदमी पार्टी लोगों के बीच पहुँची तो लोगों ने की उम्मीदें जग गई। आम जनता के लिए केजरीवाल किसी युग पुरुष की तरह लोगों के बीच छा गए। पर आज जब दिल्ली के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ही 50 करोड़ के घोटाले में शामिल हो तो जनता भरोसा करे भी तो किसपे करे और कैसे करे ?
भ्रष्टाचार के आरोप में सीबीआई ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। राजेंद्र कुमार के अलावा डिप्टी सेक्रेट्री तरुण शर्मा, एंडेवर कंपनी के डायरेक्टर दिनेश और संदीप और एक अन्य व्यक्ति को सोमवार को गिरफ्तार किया गया है। राजेंद्र कुमार पर एक कंपनी का फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का गलत इस्तेमाल करने और भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। इसके बाद पिछले साल सीबीआई अधिकारियों ने दिल्ली सचिवालय में छापे मारे थे।
सीबीआई के प्रवक्ता आरके गौड़ ने बताया, ‘राजेंद्र कुमार के अलावा दिल्ली सीएम के डिप्टी सेक्रेट्री तरुण शर्मा, एक कंपनी के दो डायरेक्टर और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों को मंगलवार को दिल्ली की पटियाला कोर्ट में पेश किया जाएगा। इन पर भ्रष्टाचार और अपने पद के दुरुपयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।’
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमारी सरकार को केंद्र सरकार कमजोर कर रही है। यह एक षड़यंत्र है। हमारी सरकार में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों का तबादला किया जा रहा है। पंजाब में हमारी सरकार बनती दिख रही है तो केंद्र सरकार ऐसे कदम उठा रही है। पीएम मोदी हमारी सफलता से घबरा गए हैं। केंद्र सरकार बहुत ही घटिया स्तर पर उतर आई है। मोदी जी दिल्ली के लोगों से बदला लेना चाह रहे हैं कि उन्होंने दिल्ली में भाजपा को कैसे हरा दिया। इसका बदला पीएम मोदी अब निकाल रहे हैं।
बिहार: अब विधायक की डिग्री आई घेरे में,12 वर्ष की उम्र में ग्रेजुएशन और 13 वर्ष में कर चुकी थी बी.एड.
NewBuzzIndia:
बिहार आज कल लगातार अपने शिक्षा के बदहाल स्तर को ले कर देश भर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अभी बिहार बोर्ड टॉपर्स फर्ज़ीवाड़े के कारण विवाद में घिरा हुआ है की एक और नयी मुसीबत सामने आ खड़ी हुई है। बिहार शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालेश्वर प्रसाद तथा उनकी पत्नी उषा सिन्हा जो की जनता दल(यू) की पूर्व विधायक भी है सरकार के लिए नई फजीहत बन गए। उषा सिन्हा का शैक्षिक रिकॉर्ड उनके लिए समस्या का कारण बन गया है।
उषा सिंह ने 2010 में बिहार विधानसभा चुनाव के लिए उन्होंने जो हलफनामा दिया था, उसके अनुसार उन्होंने महज 8 वर्ष की उम्र में ही दसवीं पास कर लिया था, 10 वर्ष की उम्र में 12वीं पास, 12 वर्ष की उम्र में अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री तो 13 वर्ष की उम्र में बीएड भी कर लिया था।
बिहार बोर्ड व विवि सूत्र बताते हैं कि जिस उम्र में ऊषा सिन्हा के उपरोक्त परीक्षाओं के उत्तीर्ण होने की बात कही जा रही है, वह कतई संभव नहीं है। इस बाबत बिहार बोर्ड के अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं, लेकिन उन्हें इस बात से इंकार नहीं कि अगर मामले की जांच हो तो उम्र या डिग्री का कोई नया घोटाला सामने आने की आशंका है। ऊषा सिन्हा फिलहाल फरार हैं, इसलिए इस बाबत उनका पक्ष ले पाना संभव नहीं हो सका।
जानिए वो 10 मुद्दें जिन पर मोदी कभी कुछ बोल ना पाए, सरकार भी रही बैकफुट पर
NewBuzzIndia | Exclusive:
केंद्र में भाजपा सरकार के आने के पूर्व भाजपा ने अनेकों वादे किए। इन वादों में से मोदी सरकार ने कुछ पुरे किए तो वहीं बहुत से वादों पर चुप्पी साधी रखी है। इसी तरह प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने भी कई मसलों पर कुछ नही कहा और बिलकुल चुप रहे।
हम आपको उन महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में बता रहे है जिन पर आवश्यक होने पर भी मोदी चुप रहे है-
1. राम मंदिर :-
भाजपा ने जब पहली बार राजनीती में जगह बनाई थी तब से राम मंदिर के मुद्दे को सबसे ऊपर उठाया था, पर अभी भी मोदी इस मुद्दे पर चुप है। और यह मुद्दा वैसा ही है जैसा पहले था।
2. धारा 370 :-
लोकसभा चुनाव के वक़्त मोदी के वादों में धारा 370 सबसे ऊपर था, पर अब मोदी इससे यू-टर्न लेते हुए दिखाई दे रहे है।
3. JNU मुद्दा :-
यह एक ऐसा मुद्दा था जिसने सरकार की जड़े हिला कर रख दी, पर फिर भी मोदी इससे दूर ही रहे।
4. व्यापम :-
यह भाजपा सरकार के सबसे बड़े घोटालों में से एक है, जिसमे कई लोगों की जान तक चली गयी, यह मुद्दा अभी भी नही सुलझा है। इस पर भी मोदी ने कोई रिएक्शन नही दिया।
5. काला धन :-
भाजपा को जीत दिलाने का यह सबसे बड़ा हथियार था, जिसमे विदेशो में जमा काला धन वापस लाने की बात कही गयी थी, पर अब तक ऐसा कुछ भी नही हुआ।
6. अख़लाक़ :-
अख़लाक़ एक ऐसा मुद्दा बन गया जिसमे देश में सहिष्णुता और असहिष्णुता के बीच जंग छिड़ गयी, पर इससे भी मोदी दूर भागते दिखे।
7. महंगाई:
वादों पर ध्यान दिया जाए तो मंहगाई को कम करने की बात कही गयी थी, पर फिलहाल स्थिति इसके बिलकुल विपरीत है।
8. चीन:
लोकसभा चुनाव के वक़्त, प्रचार के महत्वपूर्ण मुद्दों में चीन का मुद्दा अहम था। लगातार चीन का भारत के ज़मीन पर कब्ज़ा, अरुणांचल प्रदेश के कई हिस्सों को अपना कहना जैसे कई मुद्दे थे जिनपर उम्मीद की जा रही थी कि मोदी सरकार का रुख सख्त होगा। पर जैसे जैसे दिन ढले, इन मुद्दों को ठंडे बस्ते में डाल के भूल गयी सरकार।
9. डिग्री विवाद:
केजरीवाल के द्वारा उछाला गया मोदी की डिग्री का विवाद, इस पर भी मोदी कभी खुलकर सामने नही आये।
10. पत्नी:
यह मुद्दा मोदी के निजी जीवन का है। मोदी ने कभी सामने आकर अपनी पत्नी का नाम उजागर नही किया।
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बिहार: जानिए बिहार में कैसे बने फ़र्ज़ी टॉपर
NewBuzzIndia:
बिहार के इंटरमीडिएट एग्जाम के रिजल्ट के बाद एक टीवी इंटरव्यू में आर्ट्स और विज्ञान विषय के टॉपरों का का पर्दाफाश हुआ है, इस मामले में हो रहे रोज़ नए खुलासों से बिहार शिक्षा बोर्ड की नींद हराम हो गई है। इस काण्ड में अभी तक पांच छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वही बिहार बोर्ड के अध्यक्ष लालकेश्वर सिंह और बिशुन राय कॉलेज के संचालक बच्चा राय अभी तक फरार हैं।
पुलिस लगातार अपने तफ़तीस में लगी हुई है। घोटाले और गिरफ्तारियों की कड़ियों को जोड़ कर मामले की तह तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है। इस पुरे घटना की छानबीन करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जिसने हाजीपुर स्थित बिसुन राय कॉलेज में गुरुवार शाम छापामारी भी की।
वहीं टॉपरों को लेकर देश में अपनी तरह के इस पहले घोटाले के बीच बड़ा सवाल ये है कि आखिर इन छात्रों ने टॉप किया कैसे? क्या इसके लिए कुछ छात्रों को विशेष तौर पर नकल करवाई गई या फिर बोर्ड के सेंटर लगवाने में हेराफेरी की गई या इन सबसे इतर कोई अन्य तरीका अपनाया गया।
अभी तक की जांच में टॉप करवाने का जो सच सामने आया है वो थोड़ा चौंकाने वाला है। तो चलिए आपको तफशील से बताते हैं वो सच जिससे जुड़ा है टॉपर बनाने का वो खेल जिसने बिहार की पूरी माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था पर कालिख पोत दी है।
आइए जाने कैसे होती थी कॉपियों की हेरा फेरी
परीक्षाओं में पास कराने या टॉप करने की हेराफेरी के जितने भी मामले सामने आते हैं उनमें ज्यादातर मामले नकल या सामूहिक नकल कराने के ही होते हैं। लेकिन बिहार में टॉप कराने के मामले में बिल्कुल अलग तरीका अपनाया गया जिससे कहीं पर भी शक की गुंजाइश न रहे और न ही चोरी पकड़ में आ सके।
असल में फर्जीवाड़े का यह सारा खेल बच्चा राय और बोर्ड अधिकारियों की शह पर खेला जाता था। बच्चा राय अपने कालेज विशुन राय कालेज का सेंटर अपनी मर्जी से लगवाता था। इसके बाद कॉपियां कहां चेक होनी हैं ये भी वह खुद ही तय करता था। परीक्षा होने के बाद जब सारी कॉपियां जांच होने के लिए केंद्र पर पहुंच जाती थी तब ये सारा खेल शुरू होता था।
सूत्रों के अनुसार जिन छात्रों को टॉप करवाना या नंबर अच्छे रखवाने होते थे उनकी कॉपियां बंडल में से ढूंढकर निकाल ली जाती थी। फिर उन कॉपियों के ऊपर के पिन खोलकर अंदर के पेज निकाल लिए जाते थे, फ्रंट पेज पहले वाला ही रखा जाता था।
इसी बीच एक व्यक्ति या छात्र इत्मीनान से सही सवालों के जवाब खाली उत्तर पुस्तिका में लिखते थे जिसके ऊपर का पेज उतारकर वापस पुरानी वाली कॉपी के फ्रंट पेज के अंदर डाल दिया जाता था। यह सारा काम इतने शातिर तरीके से किया जाता था कि कॉपी से छेड़छाड़ का अंदाजा लगाना मुश्किल होता था।
