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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साधा शिवराज पर निशाना, मुख्य आरोपी की फोटो शिवराज के साथ करी वायरल

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मध्य प्रदेश में रेमेडसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी मामले में सियासत गर्मा गई है। सीएम शिवराज सिंह के इसपर बयान दिया था कि कालाबाजारी के नर पिशाच को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ये भी कहा था को आरोपी कोई भी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बयान पर हमला करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शिवराज के साथ कालाबाजारी करने वाले आरोपी का फोटो ट्वीटर में पोस्ट कर सवाल उठाया है।

बता दे कि उन्होंने आकाश दुबे के साथ मुख्यमंत्री का फोटो ट्वीट किया है। ट्वीट कर सीएम शिवराज से पूछा है कि नरपिशाच आकाश दुबे को पहचानते हो न। ये वही आकाश दुबे है जो जेके अस्पताल इंजेक्शन कालाबाजारी में मुख्य आरोपी है। जानकरी मिली है कि अस्पताल के आईटी डिपार्टमेंट के मैनेजर पोस्ट पर आकाश दुबे काम करता है। देखते हैं आप इसके खिलाफ क्या कार्रवाई करते है।

दरअसल आरोपी आकाश दुबे फरार है। इस मामले में आकाश के 3 साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके है। गिरफ्तार 3 आरोपियों में से एक अंकित सलूजा है। इसकी फोटो चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के साथ वायरल हो रही है और इसे एमपी कांग्रेस ने इसे ट्वीट किया है। कांग्रेस ने सीएम और मंत्री के साथ फोटो पोस्ट कर इसे नकली इंजेक्शन का हाईप्रोफाइल कनेक्शन बताया है। कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा है कि गंदा है पर इनका धंधा है।

भोपाल में ब्लैक फंगस के कारण 2 दिन में भर चुके है आधे से ज़्यादा बेड

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भोपाल में ब्लैक फंगस (Black fungus) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 70 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके है। पिछले 15 दिनों में तेजी से ब्लैक फंगस का संक्रमण फैला है। हमीदिया अस्पताल में इस बीमारी के इलाज के लिए बनाया गया वार्ड भी फुल होने के कगार पर आ चुका है। 2 दिन में आधे बेड फुल हो चुके है।

बता दे कि भोपाल में अलग-अलग अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 70 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है। हमीदिया अस्पताल में लगभग 23 मरीज भर्ती है। कोविड वार्ड में भर्ती 8 मरीजों का ब्लैक फंगस और कोरोना दोनों का एक साथ इलाज हो रहा है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ब्लैक फंगल इंफेक्शन को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर है। सरकार ने बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि पहले फेज में गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल और जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में यूनिट शुरू की जा रही है।

वहीं ब्लैक फंगस इंफेक्शन से निपटने के लिए चार विंग काम कर रही है। जिसमे ईएनटी, नेत्र रोग विभाग, न्यूरोलॉजी और मेडिसन को मिलाकर एक  यूनिट बनायी गयी है।

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर बोले सारंग, कहा बढ़ाये जाएंगे आईसीयू बेड

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भोपाल: प्रदेश में कोरोना महामारी से अब राहत की खबर आ रही है। भोपाल में कोरोना पाजिटिविटी रेट में कमी दर्ज की गई है। शुक्रवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि भोपाल में 35% पोसिटीवी रेट पहुँचा था। मगर लगातार प्रयासों से अब वह रेट कम हुआ है। उन्होंने आगे यह भी बोला कि अब अस्पतालों में बेड भी उपलब्ध है।

मंत्री सारंग ने कोरोना महामारी के व्यवस्था को लेकर कहा कि हर ज़िले कि स्थिति का आँकलन करके निर्णय लिया जाएगा। क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप यह तय करेगा की कौन से ज़िले में कैसी स्थिति है। उसके बाद ही निर्णय लिया जाएगा।

जानकारों के अनुसार जैसा कहा जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर का आना तय है, उसे रोका नही जा सकता। इस पर सारंग ने बताया कि तीसरी लहर को लेकर बच्चों के लिए बढ़ाएँ जाएँगे ICU वार्ड। अस्पतालों में बच्चों के ICU बढ़ाया जा रहे है। चाहे वो निजी अस्पताल हो या फिर सरकारी।

सारंग ने यह भी कहा कि सरकार हर वर्ग के लिए काम कर रही है। अंत में उन्होंने दवाइयों की हो रही कालाबाजारी पर सख्त होते हुए बोला कि नक़ली इंजेक्शन बनाने वालों पर कार्यवाही लगातार कि जा रही है।

मंत्री विश्वास सारंग बोले जारी है किल कोरोना अभियान

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भोपाल: प्रदेश में कोरोना का कहर अभी जारी है। रोजाना लगभग 10 हज़ार के करीब सक्रिय मामले दर्ज किए जा रहे हैं। कोरोना के गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में कील कोरोना अभियान चल रहा है। इसके साथ साथ
प्रत्येक घर में जाकर देख रहे है कि कोई क़ोरोना के लक्षण वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है।

सारंग ने आगे बताया कि यदि किसी व्यक्ति में कोरोना संबंधी लक्षण पाए जाते हैं तो उनका तत्काल टेस्ट किया जा रहा है। टेस्ट के रिपोर्ट के अनुसार उनका उपचार भी किया जा रहा है। कोरोना जांच की रिपोर्ट पॉज़िटिव आने के बाद उनका इलाज कोरोना प्रोटोकॉल के हिसाब से किया जा रहा है ।

मंत्री सारंग ने यह भी बताया कि मरीज को क्वारंटाइन सेंटर में रख कर और उनके स्वस्थ का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि स्टडी ये कहती है की मेडिकल किट बाटना सही निर्णय रहा है।

आपको बता दे कि किल कोरोना अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड नियंत्रण, बचाव व उपचार के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग के फ्रंट लाइन वर्कर सर्वे कर रहे हैं। ग्रामों में थर्मल स्कैनिंग और आक्सीजन लेवल की जांच प्राथमिक दल आशा, आंगनवाडी कार्यकर्ता, रोजगार सहायक सर्वे कर रहे हैं। इनमें सर्दी, खांसी व बुखार जैसे लक्षण होने पर उनकी लाइन लिस्ट करके द्वितीयक पर्यवेक्षण दल को जानकारी दी जाती है।

मध्यप्रदेश में जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल, सरकार को ठहराया है दोषी

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कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है। जूडा एसोसिएशन ने मानदेय बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुवात कर ली है। इतना ही नहीं जूनियर डॉक्टर्स ने 6 मई गुरुवार से इमरजेंसी सेवाएं और 7 मई से कोरोना से जुड़ी सेवाएं बंद करने की भी चेतावनी दी है।

दरअसल जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार पर वादा पूरा न करने का आरोप लगाया है। जूडा का आरोप है कि 12 अप्रैल को चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग द्वारा मांगे पूरी करने का आश्वासन दिए जाने के बाद उन्होंने आंदोलन स्थगित कर दिया था लेकिन इस बात को 3 हफ्ते बीत चुके है और अबतक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है सिर्फ आश्वाशन पर बात चल रही है।

बता दे कि जूनियर डॉक्टर्स ने चेतावनी दी है कि इस बार अगर उनकी मांगों पर आदेश जारी नहीं हुए तब फिर 6 मई से वो इमरजेंसी सेवाएं रोक देंगे और 7 मई से कोरोना से जुड़ी सेवाएं बंद कर देंगे।

जूनियर डॉक्टर्स की ये है प्रमुख मांगे

  • मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में कोरोना के सिर्फ गंभीर मरीजों का ही इलाज किया जाए। जिससे चिकित्सा छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
  • जूनियर डाक्टरों के एक ऐसा प्रशस्ति पत्र दिया जाए भविष्य में जब भी वह किसी विभाग में सेवा के लिए आवेदन करें तो उन्हें 10 नंबर अतिरिक्त मिले।
  • जूनियर डाक्टरों ने पिछले 1 साल में अपनी सारी परेशानी भूल कर मरीजों की सेवा की है। लिहाजा उनकी एक साल की शिक्षण शुल्क माफ की जाए।
  • जूनियर डाक्टरों का मानदेय पिछले 3 साल से नहीं बढ़ा है, जबकि मुख्यमंत्री ने हर साल 6 परसेंट बढ़ाने की बात कही थी। 3 साल के मिलाकर 18 फीसद मानदेय बढ़ाया जाए।
  • कोरोना के इलाज में लगे डाक्टरों को सरकार ने 10 हजार रुपए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की बात कही थी। एक साल बाद भी यह राशि नहीं मिली है।

रेडक्रॉस हॉस्पिटल को कोविड केयर सेंटर बनाएगी सरकार, मंत्री विश्वास सारंग ने किया निरीक्षण

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राजधानी भोपाल के रेडक्रॉस हॉस्पिटल(Red Cross Hospital) को सरकार कोविड केअर सेंटर( covid care centre) बनाएगी उक्त बातें चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग( vishwas sarang) ने आज रेडक्रॉस हॉस्पिटल में निरीक्षण के दौरान कही।

मंत्री सारंग के साथ एसीएस हेल्थ मोहम्मद सुलेमान और भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया भी रेडक्रॉस हॉस्पिटल पहुँचे थे जहाँ सभी ने तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देशित किया।

मंत्री विश्वास सारंग का बयान

मंत्री ने कहा हम अस्पताल में ज़रूरी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर निरीक्षण कर रहे हैं और जिन भी चीजों की कमी है उसकी पूर्ति करके इसको कोविड केअर सेंटर में बदल दिया जाएगा।

आपको बता दें कि भोपाल में कोरोना बेकाबू हो चुका है भोपाल के लगभग सभी हॉस्पिटल मरीजों से ठसाठस भरे हुए हैं। कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी है,कई जगह बेड नही है इन्ही सब चीजों की पूर्ति और बेडो को संख्या बढ़ाने के लिए सरकार रेडक्रॉस हॉस्पिटल को कोविड केअर सेंटर बनाने जा रही है।