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पीएम मोदी के सीएम रहते गुजरात मे हुआ हजारों करोड़ का घोटाला, कांग्रेस ने पेश किए दस्तावेज।

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कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने आज दिल्ली में प्रेस वार्ता संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए सरकारी बिजली कंपनी जीएसपीसी में भारी मात्रा में घोटाला हुआ। साथ ही इस घोटाले को छिपाने के लिए पीएम मोदी ने आरबीआई के सर्कुलर तक का विरोध किया।

कांग्रेस ने पीएम मोदी और उनकी सरकार पर गुजरात की सरकारी कंपनी गुजरात स्टेट पॉवर कॉर्पोरेशन (जीएसपीसी) के घोटाले को छिपाने के लिए आरबीआई की साख को गिराने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के बाद आरबीआई पर ये दूसरी बड़ी चोट की गई है, जो उसका एक तरह से अंतिम संस्कार करने के समान है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया कि गुजरात की सरकारी कंपनी जीएसपीसी को दिवालिया घोषित होने से बचाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने आरबीआई के सर्कूलर का विरोध किया है और उसे पलटने के लिए कहा है। यही नहीं, जयराम रमेश ने बताया कि जीएसपीसी के कर्ज को कम करने के लिए मोदी सरकार ने भारतीय नवरत्न कंपनियों में से एक ओएनजीसी को भी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ओएनजीसी बोर्ड की असहमित के बावजूद पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के दबाव के कारण ओएनजीसी को 8000 करोड़ में जीएसपीसी से गैस भंडार खरीदना पड़ा।

क्या है जीएसपीसी घोटाला ?

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि जून 2005 में गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी ने केजी बेसिन में बड़े तेल भंडार होने की खबर मिली। नरेंद्र मोदी ने तत्काल प्रभाव से इस तेल भंडार का नाम दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रख दिया। नरेंद्र मोदी ने इस तेल भंडार को निकालने का काम जीएसपीसी को दिया। जीएसपीसी ने इस योजना को पूरा करने के लिए 15 बैंकों से 20 हजार करोड़ का कर्ज लिया। जिसमे सबसे ज्यादा कर्ज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से लिया गया। जीएसपीसी ने इसके बाद गैस निकलने का ठेका कुछ पसंद की प्राइवेट कंपनियों को दे दिया। जिनमे अडानी पावर और बारबाडोस शामिल है। इस दोनों ही कंपनियों को इसीसे पहले इस काम का कोई अनुभव नही था। 20 हजार करोड़ खर्च करने के बाद भी केजी बेसिन से न तो तेल निकला और न ही जीएसपीसी ने बैंकों का कर्ज चुकाया।

दरअसल इस घोटाले का खुलासा जीएसपीसी पर गुजरात विधानसभा में पेश सीएजी की रिपोर्ट से हुआ है। सीएजी ने 31 मार्च 2015 को गुजरात विधानसभा में जीएसपीसी पर एक रिपोर्ट पेश की थी। दूसरी रिपोर्ट 31 मार्च 2016 को पेश की गयी।

दरअसल कांग्रेस ने दो साल पहल भी जीएसपीसी घोटाले का मुद्दा उठाया था। पढ़ें कांग्रेस ने खोला नरेंद्र मोदी का नया “जीएसपीसी घोटाला”, 20,000 करोड़ का है घोटाला !

देखें जीएसपीसी घोटाले पर कांग्रेस का वीडियो

https://youtu.be/7Os5tRA1Oto

कांग्रेस ने खोला नरेंद्र मोदी का नया “जीएसपीसी घोटाला” । 20,000 करोड़ का है घोटाला !

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Newbuzzindia : राहुल गांधी और अरविन्द केजरीवाल ने कुछ दिनों पहले सहारा-बिड़ला घोटाला खोलते हुए नरेंद्र मोदी पर हमला बोला था । सहारा-बिड़ला घोटाले में नरेंद्र मोदी पर 65 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप है ।

इसी बीच अब कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी का एक और घोटाला खोला है । कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसपीसी में 20,000 करोड़ का घोटाला किया है । कुछ समय पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था कि –

मोदी ने 2005 में जोर-शोर से घोषणा की थी कि जीएसपीसी ने केजी बेसिन ने भारत के सबसे बड़े गैस भंडार का पता चला है लेकिन 20 हजार करोड़ रुपए के निवेश और 11 साल बर्बाद करने के बाद वहां से कोई गैस नहीं निकली। रमेश ने कहा कि जीएसपीसी घोटाला टूजी स्पेक्ट्रम और कोयला घोटाले से भी बड़ा है।
घोटाला छिपाने के लिए 30000 करोड़ बर्बाद कर रही मोदी सरकार !

यह मामला एक बार फिर चर्चा में इसलिए आ गया है क्योंकि मोदी सरकार अब गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कार्पोरेशन (जीएसपीसी) के तीस हजार करोड़ के कर्ज को ओएनजीसी पर थोपने का प्रयास कर रही है । यदि यह अधिग्रहण किया गया तो ओएनजीसी सीधे तौर पर तीस हजार करोड़ के घाटे में पहुंच जाएगा