4निर्भया कांड याद है ?

अब जरा याद कीजिए 16 दिसंबर 2012 को हुए निर्भया कांड की घटना को, यही सर्दी थी, जब शर्मसार हुआ था देश, दिल्ली की सड़कों पर नारे लग रहे थे निर्भया हम शर्मिंदा हैं तुम्हारे कातिल जिंदा हैं, क्यों कि इस दिलदहला देने वाली घटना ने आत्मा झकझोर दी थी, हर शख्स खुद से पूछ रहा था कि आखिर कमी रह कहां गई, और हर किसी की जुबान पर जन सरोकार वाली पत्रकारिता की तारीफ थी, क्यों कि उन दिनों देश की मीडिया ने पूरे देश को एक सूत्र में बांध दिया था, बल्कि ऐसी कई घटनाएं भी सामने आईं थीं जब निर्भयां कांड का जिक्र होते ही एंकर्स की आंखों से आंसू छलक उठे थे,