Home Tags अमेरिका

Tag: अमेरिका

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक पॉल जी. एलन का निधन,कैंसर से थे पीड़ित

0

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक पॉल जी. एलन का सोमवार को अमेरिका के सिएटल में निधन हो गया। वह कैंसर (नॉन-होजकिंग लिम्फोमा) से पीड़ित थे। श्री एलन 65 साल के थे। पॉल जी. एलन की बहन सुश्री जोडी एलन ने कहा, ‘मेरा भाई हर स्तर पर एक अद्भुत व्यक्ति था। अधिकांश लोग श्री एलन को एक प्रौद्योगिकीविद और समाज-सेवी के रूप में जानते थे। हमारे लिए वह प्यारा भाई, चाचा और एक असाधारण दोस्त था।’

गौरतलब है कि पॉल गार्डनर एलन का जन्म 21 जनवरी 1953 को अमेरिका के सिएटल में हुआ था। उन्होंने बिल गेट्स के साथ मिलकर 1975 में माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना की थी। माईक्रोसॉफ्ट विश्व की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कम्पनी है।

कमलनाथ और सीएम शिवराज की ट्विटर पर हुई नोकझोंक,फिर चर्चा में एमपी की सड़क

0

मध्य प्रदेश की सड़क एक बार फिर चर्चा में हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने खराब सड़क की एक फोटो के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा। इसके बाद उस पर रिप्लाई करते हुए सीएम शिवराज ने उस सड़क की फोटो को बांग्लादेश का बता दिया।

कमलनाथ ने ट्विटर पर लिखा, ‘मामा जी के राज में भ्रष्टाचारी रास्तों की लगी है झड़ी, और वाशिंगटन से अच्छी मख़मली सड़क कर लो घड़ी, भाजपा के सामने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड लजाते हैं, मामाजी जाते जाते तथाकथित विकास को घड़ी कर साथ लिए जाते हैं।

इसके बाद सीएम शिवराज ने रिप्लाई करते हुए लिखा कि, हमारे कांग्रेसी मित्रों का क्या कहना, पहले दिग्विजय जी पाकिस्तान के पुल को भोपाल ले आए, और अब कमलनाथ जी बांग्लादेश की सड़क को मध्य प्रदेश ले आए।

कमलनाथ और सीएम शिवराज की ट्विटर पर इस नोकझोंक के बाद मध्य प्रदेश की सड़कें फिर से चर्चा में आ गईं। साथ ही सीएम शिवराज के उस बयान की याद दिलाने लगी जब उन्होंने अमेरिका में कहा था कि मध्य प्रदेश की सड़कें वॉशिंगटन से भी अच्छी हैं।

अमेरिका के प्रतिबंध लगाने के बावजूद भारत और रूस के बीच हुई एस-400 मिसाइल सिस्टम डील

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत भारत को रूस से सतह से हवा में मार करने वाली आधुनिक ट्रायम्फ मिसाइल स्क्वॉड्रन मिलेगी। इसके तहत भारत का एक मॉनिटरिंग स्टेशन रूस के साइबेरिया स्थित नोवोसिबिर्स्क में स्थापित किया जाएगा। अमेरिका की प्रतिबंध लगाने की धमकी के बावजूद भारत और रूस के बीच 40 हजार करोड़ के एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम का समझौता हुआ।

मोदी को पुतिन का न्योता

पुतिन ने कहा- दोनों देश दोस्ती के अटूट धागे से जुड़े हैं। भारत ने हमेशा रूस के साथ अपने रिश्तों को प्राथमिकता दी है। मुझे बहुत खुशी हो रही है कि मैं मोदी को अगले व्लादिवोस्तोक फोरम में एक बार फिर मुख्य अतिथि के तौर पर न्योता दे रहा हूं।

भारत और रूस के प्रयासों से लोगों के बीच संबंध होंगे मजबूत : मोदी 

भारत और रूस के बीच सहयोग का विस्तार अतीत के दायरों के पार ले जाएगा। भारत की विकास यात्रा में रूस हमेशा साथ रहा है। हमारा अंतरिक्ष में अगला लक्ष्य गगनयान में भारतीय अंतरिक्ष यात्री को भेजना है। रूस ने पूरे सहयोग का आश्वासन दिया है। भारत और रूस के प्रतिभा संपन्न बच्चे अपने इनोवेटिव आइडिया बताएंगे। हमने ऐसे प्रयासों पर विचार किया है, जिससे लोगों के बीच संबंध मजबूत हों। मैं विश्वास से कह सकता हूं की भारत और रूस की दोस्ती अनूठी है। इस रिश्ते के लिए पुतिन की प्रतिबंद्धता से ये दोस्ती और मजबूत होगी। हम नई बुलंदियों पर पहुंचेंगे।

अमेरिका की प्रतिबंध लगाने की धमकी के बावजूद हुई डील,कानून का उल्लंघन

ये डील काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेंक्शंस एक्ट (सीएएटीएसए) का उल्लंघन मानी जाएगी। इसके तहत अमेरिकी संसद (कांग्रेस) ने रूस से हथियार खरीदने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। हालांकि, कुछ अमेरिकी सांसदों का कहना है कि इस मामले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से विशेष छूट मिल सकती है।

क्या है एस-400

एस-400 मिसाइल सिस्टम, एस-300 का अपडेटेड वर्जन है। जमीन से हवा में मार करने वाला यह सिस्टम दुश्मन देशों के लड़ाकू जहाजों, मिसाइलों और ड्रोन को पलक झपकते ही खत्म कर देता है। रूस ने इस सिस्टम को सीरिया में तैनात कर रखा है। एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलों और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को भी 400 किलोमीटर के दायरे में आते ही खत्म कर देगा।

क्यों माना जा रहा है एस-400 सौदा महत्वपूर्ण

डिफेंस सिस्टम एक तरह से मिसाइल शील्ड का काम करेगा। यह पाकिस्तान और चीन की एटमी क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलों से भारत को सुरक्षा देगा। यह सिस्टम अमेरिका के सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट एफ-35 को भी गिरा सकता है। यह सिस्टम 36 परमाणु क्षमता वाली मिसाइलों को एकसाथ नष्ट कर सकता है। अगर सौदा होता है तो चीन के बाद इस सिस्टम को खरीदने वाला भारत दूसरा देश होगा।

भारत-रूस में यह भी अन्य समझौते हुए

भारत और रूस के बीच में एस-400 मिसाइल के अलावा कुछ अन्य समझौते भी हुए है। इन समझौतों में रेलवे में सहयोग, एमएसएमई क्षेत्र में सहयोग,फर्टिलाइजर, क्टर में करार,गगनयान अभियान में सहयोग, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सहयोग, ऊर्जा के क्षेत्र में करार,परमाणु क्षेत्र में सहयोग शामिल है।

अमेरिका वियना संधि के प्रोटोकॉल से निकल रहा बाहर, फिलीस्तीन से जुड़ा है मामला

0

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा कि अमेरिका वियना संधि के ऑप्शनल प्रोटोकॉल से बाहर निकल रहा है। बुधवार को व्हाइट हाउस में प्रेस को संबोधित करते हुए बोल्टन ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फैसला किया है कि अमेरिका राजनयिक संबंधों पर वियना संधि को लेकर हुए विवाद के कारण ऑप्शनल प्रोटोकॉल से बाहर निकल रहा है। बोल्टन ने कहा कि हमारा यह कदम फिलीस्तीन के उस मामले से जुड़ा है, जिसमें फिलीस्तीन ने अमेरिका के दूतावास को तेल अवीव से हटाकर जेरूसलम ले जाने पर सवाल खड़े किए थे। यह प्रोटोकॉल 1964 में अस्तित्व में आया था,जिसमें अमेरिका भी शामिल था।

बोल्टन ने आगे कहा की मैं जोर देकर यह कहना चाहता हूं कि अमेरिका राजनयिक मामलों पर वियना संधि से जुड़ा रहेगा लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि सभी पक्ष संधि के तहत अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पालन करेंगे।

क्या है वियना संधि?

वियना संधि एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है जिसमे अबतक लगभग 191 देशों ने अपनी सहमति जताकर हस्ताक्षर किए हैं। 1961 में वियना कन्वेंशन हुआ था जिसमे इस अंतराष्ट्रीय संधि का प्रावधान किया गया।वियना संधि को 18 अप्रैल 1961 में पारित किया गया था पर लागू 24 अप्रैल 1964 से किया गया। इसमें हस्ताक्षर करने वाले देशों के द्वारा दूसरे देशो के राजनयिकों को विशेष सुविधाए उपलब्ध करायी जाती है ताकि राजनयिक बगैर किसी डर के अपने मूल देश के हितो के बारे में पक्ष रख सके। वियना संधि में कुल 53 आर्टिकल ( अनुच्छेद ) हैं।

भारत का रूस के साथ S-400 रक्षा सौदे पर हो सकता है समझौता,बढ़ी अमेरिका की चिंता

0

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को दो दिन की यात्रा पर भारत आ रहे हैं। पुतिन अपनी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दोनों नेता ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के मद्देनजर कच्चे तेल की स्थिति समेत विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं। इस दौरान रूस के साथ एस-400 वायु प्रतिरक्षा प्रणाली सौदे पर समझौता हो सकता है। 19वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेता रूसी रक्षा कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध की पृष्टभूमि में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की भी समीक्षा कर सकते हैं। पुतिन की भारत यात्रा के दौरान मुख्य जोर एस-400 वायु प्रतिरक्षा प्रणाली सौदे पर समझौते पर केंद्रित रहेगा।

5 अरब डॉलर से ज्यादा का है एस-400 सौदा

व्लादिमीर पुतिन की इस यात्रा की मुख्य विशेषता एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति के लिए समझौते पर दस्तखत करना होगा और यह करार पांच अरब डॉलर की राशि से ज्यादा का होगा। पुतिन के शीर्ष विदेश नीति सलाहकार युरी उशाकोव ने कहा कि राष्ट्रपति 4 अक्टूबर को भारत रवाना हो रहे हैं और इस दौरान एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति के लिए समझौते पर जोर होगा। इस खरीद से अमेरिका के काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन एक्ट (सीएएटीएसए) का उल्लंघन होगा। हालांकि इससे छूट मिलने की संभावना है।

अमेरिका की भारत को चेतावनी,रूस से हथियारों का सौदा करने पर लग सकते हैं प्रतिबंध

पुतिन के दौरे का असर अमेरिका और भारत के संबंधों पर भी देखने को मिल सकता है। अमेरिका ने पुतिन के दौरे से पहले भारत को चेतावनी दी है। उसने कहा है कि मॉस्को के साथ किसी भी तरह का रक्षा सौदा करने पर भारत को अप्रत्यक्ष प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

अमेरिकी प्रतिबंध कॉउंटरिंग अमेरिकास एडवर्सरीज़ थ्रू सैंक्शन एक्ट (CAATSA) कानून का हिस्सा हैं। यूएस स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने कहा कि साल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में रूसी हस्तक्षेप, सीरियाई विद्रोह में रूस की भूमिका और क्रीमिया पर कब्जा करने के लिए रूस को सजा देने के लिए इस कानून को लाया गया है। हम अपने सभी साथियों और साझेदारों से आग्रह करते हैं कि वह रूस के साथ ऐसा कोई लेन-देन नहीं करे, जिससे उसके खिलाफ CAATSA लगाना पड़े। अमेरिकी राष्ट्रपति इसमें छूट दे सकते हैं यदि यह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए कोई खतरा नहीं हो।

मेडिसिन क्षेत्र में 2018 के नोबेल पुरस्कार से जेम्स पी.एलिसन और तासुकू होंजो होंगे सम्मानित

0

नोबेल पुरस्कारों की सूची में पहली घोषणा मेडिसिन के क्षेत्र में हुई है। नेगेटिव इम्युन रेग्युलेशन के इनहिबिशन के जरिए कैंसर थेरेपी की खोज के लिए वर्ष 2018 का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से अमेरिका के जेम्स पी एलिसन और जापान के तासुकू होंजो को दिया गया है। इन दोनों वैज्ञानिकों को कैंसर थेरपी की खोज के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। कैंसर की दुर्लभ बीमारी की इलाज के लिए दोनों ने ऐसी थेरपी विकसित की है जिससे शरीर की कोशिकाओं (सेल्स) में इम्यून सिस्टम को कैंसर ट्यूमर से लड़ने के लिए मजबूत बनाया जा सकेगा।

दोनों वैज्ञानिकों को पुरस्कार राशि के तौर पर 1.01 मिलियन डॉलर (लगभग साढ़े 7 करोड़ रुपए) मिलेंगे। उन्हें 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में किंग कार्ल XVI गुस्ताफ के हाथों एक औपचारिक कार्यक्रम में यह इनाम मिलेगा।

नोबेल पुरस्कारों की शुरुआत करने वाले एलफ्रेड नोबेल की बरसी के दिन इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।

विदेश नीति में कांग्रेस की कामयाबी को नही भुना पाई मोदी सरकार ।

0

image

Newbuzzindia : जवाहरलाल नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक कांग्रेस पार्टी की विदेश नीति दुनिया भर में कामयाब रही । रूस के साथ रिश्ते हो या मनमोहन सिंह द्वारा की गई nuclear deal हो । कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार के मुकाबले ज्यादा कामयाब रही है ।

आर्थिक मंदी के दौर में जब अमेरिका समेत सभी देशों की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई थी । तब मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत रही ।

जवाहरलाल नेहरू के दौर में भारत ने दोनों रूस और अमेरिका से अच्छे रिश्ते बनाए रखे । यह वो समय था जब भारत का डंका पूरी दुनिया में बजता था । आज जो लोग मोदी की विदेश नीति की तारीफ करते नही थक रहे है , उन्हें जवाहरलाल नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह की विदेश नीति पड़नी चाहिए ।

मोदी जी पाकिस्तान जाते है तो बदले में पठानकोट मिलता है । मोदी जी चीन जाते है तो वह पाकिस्तान के साथ चला जाता है । यहाँ तक की नेपाल और रूस जैसे हमारे पुराने दोस्त भी अब हमारे खिलाफ होते जा रहे है ।

इतने सब के बाद भी भक्त “मोदी-मोदी” करते नही थक रहे है । विदेश नीति के नाम पर अमेरिका-अमेरिका कर रहे है । मेक इन इंडिया की बात करने वाले मोदी जी अमेरिका में बने हथियारों का भंडार खरीद रहे है । दुगनी कीमत पर राफेल सौदा करते है और उनका निर्माण भी फ्रांस में करवाते है ।

नजर डाली जाए तो मोदी सरकार की विदेश नीति में कई विफलताएं है । जिनमें प्रमुख है –
* NSG
* राफेल सौदा
* पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद
* पाकिस्तान-रूस सैन्याभ्यास
* चीन का पाकिस्तान को समर्थन

मोदी सरकार के आने के बाद भारत के सबसे भरोसेमंद और पुराने दोस्त रूस ने भी पाकिस्तान से नजदीकियां बड़ा ली है । रूस पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास कर रहा है । पाकिस्तान को हथियार बेच रहा है और आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ खड़ा भी नजर आ रहा है । रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने पाकिस्तान को सन्देश भेजते हुए कहा है कि ” रूस आतंकवाद के मुद्दे पर उसके साथ है”

मोदी भक्त मीडिया चाहे कुछ भी कहे लेकिन अगर आंकड़ों और तथ्यों पर नजर डाली जाए तो विदेश नीति के मुद्दे पर मोदी सरकार पूरी तरह फेल रही है ।

लेखक : रोहित गुप्ता
ईमेल   : rohit.newbuzzindia@gmail.com

भारत में बढ़ती असहिष्णुता चिंता का विषय : अमेरिका 

0


NewBuzzIndia: ​अमेरिका ने भारत में असहिष्णुता के बढ़ते मामले पर प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए इसे चिंता का विषय बताया है। कड़ी कार्रवाई न होने के कारण अपराधियों के बढ़ते हौसले को भी गंभीरता से लिया है। अमेरिका ने भारत सरकार से कहा है कि वे अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। हर समुदाय के लोगों की सुरक्षा के उपाय किए जाएं। गोमांस का उपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर बात करते हुए अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि सभी तरह की असहिष्णुता से मुकाबला करने में हम भारत सरकार का सहयोग करेंगे।
दरअसल हाल ही में मी‍डिया में कुछ ऐसी खबरें आई हैं जो समुदाय विरोधी हैं। इसमें प्रशासन की चुप्‍पी के कारण इससे गलत संदेश गया। इसी हफ्ते मध्य प्रदेश के मंदसौर में गोमांस होने की शक में दो महिलाओं की पिटाई की गई थी। यह सब कुछ पुलिस की मौजूदगी में ये सब हुआ था। उनके पास भैंस का मांस था जबकि लोगों को शक था कि उनके पास गोमांस है। इससे पहले गुजरात में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। यहां कुछ दिनों पहले दलित युवकों पर हमला किया गया था। दलित युवकों की पिटाई मृत गाय की खाल उतारने के आरोप में की गई थी।
कुछ महीने पहले पश्चिमी यूपी के बिसाहड़ा में गौ मांस के उपयोग को लेकर दो समुदायाें में संघर्ष हुआ था। घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। महीनों तक वहां तनाव का माहौल रहा। राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्‍यारोप लगाती रही।ऐसे में देश में ध्रवीकरण की राजनीति शरू होने का भी खतरा है। भारत में लोकतंत्र है और अमेरिका में भी लोकतंत्र है। ऐसे में लोकतंत्र के उलट हो रहे क्रिया कलापों पर अमेरिका ने कड़ी प्र‍तिक्रया व्‍यक्‍त की है।
अमेरिका ये बयान ऐसे वक्‍त पर आया है जब असहिष्णुता को लेकर देश में बीते दिनों खूब चर्चा हो चुकी है। कई लोगों ने देश में बढ़ती असहिष्णुता का हवाला देते हुए अपने पुरस्‍कार लौटा दिए थे। कई सिने अभिनेता और सेलीब्रिटी ने भी असहिष्णुता की बात की थी। अब जॉन किर्बी के भारत में असहिष्णुता की बात करने पर एक बार फर से इस बात के जोर पकड़ने के पूरे आसार हैं। बीते दिनों की तरह दुबारा लोग देश में बढ़ते असहिष्णुता की बात न शुरू कर दें। हालांकि अमेरिका का कहना है कि सहिष्णु विचारों को साकार करने के लिए दोनों देश को साथ मिलकर काम करना चाहिए। यह दोनों देशों के हित में है।

ओबामा को भाए मोदी , जून में फिर बुलाया अमेरिका !

0

Newbuzzindia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी साल जून में अमेरिका के दौरे पर जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो वो अपने दो साल के कार्यकाल में चौथी बार अमेरिका जाएंगे। इस बार पीएम मोदी वॉशिंगटन के स्टेट विजिट पर होंगे। ये दौरा दोनों देशों के बीच की द्विपक्षीय वार्ता के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस मुलाकात को लेकर उत्सुकता जताई है।

स्टेट विजिट दो देशों के रिश्तों को मजबूत करने का सबसे अहम माना जाता है। इसके दौरान दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंधों को मजबूत करने के लिए पॉम्प, आधिकारिक डिनर और कई आयोजन किए जाते हैं।

जाहिर है कि पीएम मोदी के स्टेट विजिट से बराक ओबामा अपने कार्यकाल में भारत-अमेरिका के संबंधों को एक बेहतर मुकाम पर ले जाना चाहेंगे, क्योंकि यह राष्ट्रपति के तौर पर उनके कार्यकाल में किसी नेता की आखिरी स्टेट विजिट होगी। मिल रही जानकारी के मुताबिक, बराक ओबामा अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले मोदी से मिलना चाहते थे।

पीएम मोदी और ओबामा की ये मुलाकात के अमेरिका के ‘एशिया फोकस’ और भारत की ‘लुक ईस्ट’ पॉलिसी पर चर्चा के लिहाज से बेहद खास होगी। बता दें इससे पहले स्टेट विजिट के तौर पर साल 2009 में मनमोहन सिंह अमेरिका गए थे।

ओबामा ने चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओं का 2011 और शी जिनपिंग का 2015 में स्टेट विजिट के दौरान स्वागत किया था। इनके अलावा ब्रिटेन, फ्रांस, मैक्सिको और साउथ कोरिया के प्रमुख भी स्टेट विजिट पर जा चुके हैं।

NewBuzzIndia से फेसबुक पे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें..
**Like us on facebook**
[wpdevart_like_box profile_id=”858179374289334″ connections=”show” width=”300″ height=”150″ header=”small” cover_photo=”show” locale=”en_US”]