अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा कि अमेरिका वियना संधि के ऑप्शनल प्रोटोकॉल से बाहर निकल रहा है। बुधवार को व्हाइट हाउस में प्रेस को संबोधित करते हुए बोल्टन ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फैसला किया है कि अमेरिका राजनयिक संबंधों पर वियना संधि को लेकर हुए विवाद के कारण ऑप्शनल प्रोटोकॉल से बाहर निकल रहा है। बोल्टन ने कहा कि हमारा यह कदम फिलीस्तीन के उस मामले से जुड़ा है, जिसमें फिलीस्तीन ने अमेरिका के दूतावास को तेल अवीव से हटाकर जेरूसलम ले जाने पर सवाल खड़े किए थे। यह प्रोटोकॉल 1964 में अस्तित्व में आया था,जिसमें अमेरिका भी शामिल था।
बोल्टन ने आगे कहा की मैं जोर देकर यह कहना चाहता हूं कि अमेरिका राजनयिक मामलों पर वियना संधि से जुड़ा रहेगा लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि सभी पक्ष संधि के तहत अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पालन करेंगे।
क्या है वियना संधि?
वियना संधि एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है जिसमे अबतक लगभग 191 देशों ने अपनी सहमति जताकर हस्ताक्षर किए हैं। 1961 में वियना कन्वेंशन हुआ था जिसमे इस अंतराष्ट्रीय संधि का प्रावधान किया गया।वियना संधि को 18 अप्रैल 1961 में पारित किया गया था पर लागू 24 अप्रैल 1964 से किया गया। इसमें हस्ताक्षर करने वाले देशों के द्वारा दूसरे देशो के राजनयिकों को विशेष सुविधाए उपलब्ध करायी जाती है ताकि राजनयिक बगैर किसी डर के अपने मूल देश के हितो के बारे में पक्ष रख सके। वियना संधि में कुल 53 आर्टिकल ( अनुच्छेद ) हैं।
