संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए उसकी असलियत दुनिया के सामने रखी है। भारतीय राजनयिक भाविका मंगलनंदन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान, जो दुनियाभर में आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए बदनाम है, भारत जैसे सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश पर हमला करने का दुस्साहस कर रहा है। भारत ने स्पष्ट किया कि सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
‘सीमापार आतंकवाद को हथियार बनाता है पाकिस्तान’
भारतीय राजनयिक ने 79वें सत्र के दौरान ‘जवाब देने के अधिकार’ का इस्तेमाल करते हुए कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से अपने पड़ोसियों के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को हथियार के रूप में उपयोग करता आ रहा है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने हमारी संसद, मुंबई, बाजारों और तीर्थयात्रा मार्गों पर हमला किया है। ऐसे देश का कहीं भी हिंसा के बारे में बात करना सबसे बड़ा पाखंड है।”
1971 नरसंहार और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार
भाविका मंगलनंदन ने आगे कहा कि पाकिस्तान, जिसने 1971 में नरसंहार किया और आज भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करता आ रहा है, वह असहिष्णुता और डर के बारे में बोलने की हिम्मत कैसे कर सकता है? यह हास्यास्पद है कि एक ऐसा देश, जो लंबे समय तक ओसामा बिन लादेन को पनाह देता रहा और आतंकवाद की पनाहगाह बना हुआ है, वह इन मुद्दों पर बोलने का साहस कर रहा है।
पाकिस्तान को दी चेतावनी
भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान को यह समझना चाहिए कि सीमा पार आतंकवाद के परिणाम उसे भुगतने होंगे। भारत किसी भी तरह के आतंकवाद के साथ कोई समझौता नहीं करेगा और इसके खिलाफ सख्त कदम उठाएगा।
