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बिलासपुर में मायावती ने रैली को किया सम्बोधित,कहा पूर्ण बहुमत से बनेगी जोगी-बसपा सरकार

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छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में गठबंधन हुआ है। जोगी कांग्रेस से गठबंधन के बाद बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पहली बार शनिवार को बिलासपुर में हुई संयुक्त रैली को सम्बोधित किया है। महारैली को संबोधित करते बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

बिलासपुर के मंच से मायावती ने दावा किया कि इस बार पूरे बहुमत से छत्तीसगढ़ में बसपा-छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी की सरकार बनेगी। इस विशाल रैली में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी प्रमुख अजीत जोगी भी शामिल हुए। प्रदेश में जोगी कांग्रेस 55 और बसपा 35सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

मायावती ने कहा आगे कहा, छत्तीसगढ़ में चुनाव को घोषणा को चुकी है। गठबंधन के लोगों की पूरी कोशिश होनी चाहिए कि हमारी पूर्ण बहुमत से सरकार बन सके। मायावती ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अल्पसंख्कों का शोषण हो रहा है। उनके विकास के लिए कोई कार्य नहीं किए गए। नोटबंदी ने लोगों की कमर तोड़ दी है। देश में फैले भ्रष्टाचार से लोग परेशान है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होने कहा कि राफेल और बोफर्स घोटाले के दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही हैं, गौरक्षक के नाम पर बने कानून का दुरुपयोग हो रहा है।

तुषार मेहता मोदी सरकार के नए सॉलिसिटर जनरल नियुक्त

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वरिष्ठ वकील तुषार मेहता को भारत का नया सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया है। अभी वह एडिशनल सॉलिसिटर जनरल हैं। कैबिनेट की नियुक्ति कमेटी ने तुषार मेहता के नाम को मंजूरी उनके कार्यकाल संभालने के साथ ही कर ही दी है। वह 30 जून 2020 तक या अगले आदेश तक इस पद पर रहेंगे। तुषार गुजरात के एडवोकेट जनरल रह चुके हैं। पूर्व सॉ़लिसिटर जनरल रंजीत कुमार के इस्तीफे के बाद यह पद खाली था। पिछले साल 20 अक्टूबर को उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। रंजीत कुमार ने निजी वजहों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था। सॉलिसिटर जनरल सरकारी लॉ ऑफिसर की दूसरी सबसे बड़ी रैंक है।

कई अहम मामलों में की सरकार की नुमाइंदगी

मेहता 2014 से नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के समय से ही एडिशनल सॉलिसिटर जनरल की भूमिका निभा रहे हैं। वह कई अहम मामलों में सरकार की ओर से कोर्ट में उतरे हैं। उनमें आईटी एक्ट के सेक्शन 66ए की दी गई चुनौती का मामला भी शामिल है।

रंजीत कुमार के इस्तीफे के बाद सॉलिसिटर जनरल का पद खाली था

रंजीत कुमार ने निजी वजहों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था।उनके  इस्तीफे के बाद सॉलिसिटर जनरल का पद खाली था। अपने तीन साल के कार्यकाल में रंजीत कुमार ने कई अहम मु्ददों मसलन नोटबंदी और प्रदूषण पर सरकार का पक्ष रखा था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को यह तय करने में भी मदद की थी कि राज्य सरकार ऐसे मामलों में दोषी को मृत्यु दंड का फैसला करती सकती है, जिनकी जांच और सुनवाई सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं।

रंजीत कुमार ने भी कई मामलों में गुजरात सरकार का पक्ष रखा था। वह सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ कांड में गुजरात सरकार का पक्ष रख चुके हैं। साथ ही आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी वह जयललिता की भी पैरवी कर चुके हैं।

बड़ा खुलासा: RBI की सांठ-गांठ से नोटबंदी के एक साल बाद तक बदले जा रहे पुराने नोट !

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आप को सुनकर हैरानी होगी पर यह सच है। भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए लागू की गई नोटबंदी एक साल बाद तक सिर्फ मनी लॉन्ड्रिंग स्कीम यानी काळा धन को सफेद करने की योजना बन कर रह गयी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि नोटबंदी के एक साल बाद तक पुराने नोट बदले जा रहे है।

इंडिया टुडे के ऑपरेशन डेमो माफिया में हुआ खुलासा

अंग्रेजी न्यूज़ चैनल इंडिया टुडे ने अपने एक्सक्लूसिव स्टिंग ऑपरेशन डेमो माफिया में एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो नोटबंदी के एक साल बाद अभी तक मोटी कमीशन पर पुराने नोट बदल रहा है। आप को बता दें कि इंडिया टुडे के पत्रकार नितिन जैन ने स्टिंग ऑपरेशन कर दिल्ली की एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है जो आरबीआई में काम कर रहे अफसरों से सांठ गांठ करके पुराने नोट बदल रहे है।

इंडिया टुडे के इस स्टिंग ऑपरेशन में दिल्ली के सरिता विहार के रहवासी शिवानंद अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर पुराने नोट को बदलवाने का दावा कर रहा है। रिपोर्टर नितिन जैन ने जब शिवानंद से पूछा कि वह कितना पैसा बदलवा सकता है ? तो जवाब में शिवानंद कहता है कि आप 100 करोड़ ले आओ या 200 करोड़ ले आओ हम बदलवा देंगे।
नोटबंदी से सिर्फ भ्रष्टाचारियों के आए अच्छे दिन
नोटबंदी में जहां 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी, हजारों की संख्या में कारखाने बंद हो गए, लाखों लोगों की नौकरी चली गयी और सरकार जश्न मना रही है। कुछ भी कहा लेकिन नोटबंदी के बाद अच्छे दिन तो आए ही है फिर चाहे वो भ्रष्टाचारियों के ही क्यों नही हो।

देखें इंडिया टुडे का ऑपरेशन डेमो माफिया

https://twitter.com/IndiaToday/status/928953471230820352

कभी नही किया नोटबंदी के समर्थन, सरकार को बताया था महँगी पड़ सकती है नोटबंदी : रघुराम राजन

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर रघुराम राजन ने द टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए रविवार को कहा था कि देश के गरीबों पर नोटबंदी का असर बहुत बुरा हुआ है । राजन ने कहा कि इस हिसाब से नोटबंदी  को आर्थिक सफलता के रूप में नहीं माना जा सकता है ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई नोटबंदी का असर देश की जीडीपी और गरीबों को भुगतना पड़ा । 

राजन का कहना है कि उन्होंने सरकार से बात की थी और कहा था कि नोटबंदी की बजाय में आपको कालेधन को बाहर निकलने का कोई दूसरा उपाय बताता हूं । 

राजन के अनुसार उन्होंने फरवरी 2016 को नोटबंदी को लेकर सरकार के सामने अपने विचार रखे थे । इसके साथ ही RBI ने सरकार को दी रिपोर्ट में नोटबंदी की दिशा और समय बताया था । 
राजन ने कहा कि हमने सरकार को बताया था कि अगर पूरी तैयारी नही की गई तो उससे क्या नुकसान हो सकते है । राजन का कहना है कि हालांकि नोटबंदी का उद्देश्य सही था पर उसकी कीमत बहुत महँगी थी । 

राजन का कहना है कि नोटबंदी को आर्थिक तौर पर सफल नही कहा जा सकता । 

रविश कुमार ने अपने ही अंदाज में खोली नोटबंदी की पोल !

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वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार ने एक बार फिर नोटबंदी को आड़े हांथो लेते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला है . दरअसल हाल ही में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अध्यक्षा ने कहा है कि नोटबंदी ने भारतीय अर्थव्यस्था को धीमा कर दिया है . जिसका रविश कुमार ने अपने ही अंदाज में जवाब दिया है . रविश कुमार ने कहा है कि –

नोटबंदी के दौरान स्टेट बैंक की अध्यक्षा बोलती रहीं कि सब ठीक है। सरकार के बचाव में बैंक का बचाव भूल गईं। फिर बैंक बचाने के लिए खाता धारकों पर तरह तरह की सुविधा शुल्क थोपने लगीं । नोटबंदी के छह महीने बाद अब बोल रही है कि नोटबंदी ने अर्थव्यवस्था धीमी कर दी है।अब सब कुछ अनिश्चित लग रहा है।

मेरी माने तो भारत को इससे घबराने की जरूरत नहीं है।इसके लिए करना ये होगा कि टीवी पर गाय, सेना का सम्मान, तलाक़, राष्ट्रवाद , एंटी नेशनल जैसे रोज़गार परक मुद्दे की फ्रीक्वेंसी बढ़ानी होगी। इससे भारत के बेरोज़गार भी गर्व करेंगे कि नौकरी उनके लिए जरूरी नहीं है। टीवी पर एेसे मुद्दे देखने और सोशल मीडिया पर इन मुद्दों का विस्तार प्रचार करने वालों के बीच रहने से याद भी नहीं आएगा कि रोज़गार ज़रूरी है। वैसे नोटबंदी से काला धन, नक्सलवाद और आतंकवाद समाप्त हो ही गया है।

 

जन्मदिन पर बोली मायावती , नोटबंदी के कारण 90% लोग हुए कंगाल !

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Newbuzzindia : बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज अपने 61वे जन्मदिन के मौके पर पीएम मोदी पर बड़ा हमला किया है । मायावती ने कहा है कि नोटबंदी के कारण 090% लोग कंगाल हो गए है । मायावती ने आगे कहा कि “नोटबंदी मोदी सरकार द्वारा अपनी कमियों और विफलताओं से प्रदेश और देश की जनता का ध्यान बंटाने के लिए सोची समझी साजिश है”
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में बसपा की सरकार बनने का भरोसा व्यक्त करते हुए पार्टी प्रमुख मायावती ने रविवार (15 जनवरी) को कहा कि नोटबंदी का फैसला केंद्र की भाजपा सरकार की सोची समझी साजिश है और राजनीतिक स्वार्थ में लिये गये इस फैसले से देश का आम आदमी अभी तक उबर नहीं पाया है। मायावती ने यहां अपने 61वें जन्मदिन के मौके पर संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अपनी कमियों और विफलताओं से प्रदेश और देश की जनता का ध्यान बंटाने के लिए सोची समझी साजिश के तहत केंद्र की भाजपा सरकार ने राजनीतिक स्वार्थ में विधानसभा चुनाव घोषित होने से कुछ समय पहले आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी का फैसला किया।’’

उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में लिये गये इस फैसले से देश की जनता विशेषकर मध्यम वर्ग अभी उबर नहीं पा रहा है। पचास दिन से ज्यादा बीत गये लेकिन अभी तक देश में हालात पहले की तरह सामान्य नहीं हुए। नोटबंदी से देश में डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मायावती ने कहा, ‘‘देश भर में ये भी आम चर्चा है कि नोटबंदी का ये फैसला लेने से पहले दस महीने में भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी और राष्ट्रीय नेताओं और चंद पूंजीपतियों एवं धन्नासेठों के काले धन को पूरे तौर से ठिकाने लगवा दिया था।’’

उन्होंने कहा कि इस बात में काफी कुछ सच्चाई इसलिए भी नजर आ रही है क्योंकि गत वर्ष हमारी पार्टी व परिवार के कुछ सदस्यों द्वारा एक ‘रूटीन’ में नियमों के तहत बैंक खाते में जमा धन को भी भाजपा व केंद्र की सरकार ने सोची समझी राजनीतिक साजिश के तहत उसे मीडिया में ऐसे उजागर कराया जैसे कि ये हमारा धन काला धन है।
मायावती ने कहा कि भाजपा और मोदी में थोड़ी सी भी ईमानदारी और सच्चाई है और वे खुद को पूरी तरह बेदाग और दूध के धुले समझते हैं तो नोटबंदी का फैसला लागू करने से पहले के दस महीने और आठ नवंबर के बाद का पार्टी नेताओं और पूंजीपतियों के बैंक खातों का ब्यौरा सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा, ‘‘इन खातों में कितना धन जमा हुआ और किन किन कार्यों पर कितना खर्च किया गया है, उसका भी हिसाब किताब देशवासियों के सामने देना चाहिए। लेकिन वे :भाजपा: ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि इससे उनका असली चेहरा सामने आ जाएगा कि वे कितने बेदाग हैं।’’

मायावती ने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में भाजपा एंड कंपनी के लोगों को अपने विरोधियों और उनके रिश्तेदारों के पास खासकर उनके काम को लेकर कुछ भी आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रहा है लेकिन फिर भी ये लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ में नैतिकता को दरकिनार करते हुए मान मर्यादा की हदों को पार कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश चुनाव में खासकर बसपा की मजबूती देखकर और उसे सत्ता में आने से रोकने के लिए बसपा कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के मकसद से भाजपा आये दिन कभी पार्टी तो कभी परिवार के लोगों पर आरोप लगा रही है।

मायावती ने कहा, ‘‘मेरे परिवार के लोग जो भी छोटा मोटा कारोबार पिछले कई साल से कर रहे हैं और यदि केंद्र सरकार को उनके कारोबार में कुछ गड़बड़ी नजर आ रही थी तो ये लोग अब तक के आधे शासनकाल में क्या कर रहे थे। चुनाव के नजदीक आते ही मेरे परिवार में गड़बड़ी नजर आयी अर्थात चुनाव के दौरान पार्टी और परिवार में सभी कमियां नजर आने लगी हैं।’’ जन्मदिन के मौके पर मायावती ने ‘मेरे संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा’ पुस्तक का विमोचन भी किया।

चाय के लिए भी डिजिटल पेमेंट करने वाली भाजपा के उत्तरप्रदेश कार्यालय में पकड़ाए 3 करोड़ नगद !

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Newbuzzindia :  प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी के फैसले पर सवाल उठा रही कांग्रेस ने नोटबंदी की समय सीमा समाप्त होने से पहले भाजपा के यूपी ऑफिस में 3 करोड़ रुपऐ के कैश को लेकर सवाल उठाया है।

कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी आप चाय के लिए भी डिजिटल पेमेंट करने को कहते हो लेकिन आपके उत्तर प्रदेश पार्टी ऑफिस में 3 करोड़ रुपऐ में कैश क्यों गया?

रणदीप सुरजेवाला ने नोटबंदी पर तंज करते हुए कहा,’रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा, मेहनतकश खड़ा होगा लाइन में और बेईमान का कर्ज चुकाएगा।’

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की खुली पोल , मोदी के मंत्री ने किया 450 करोड़ का घोटाला !

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Newbuzzindia : भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के नाम पर नोटेबंदी करने वाली मोदी सरकार के मंत्री पर 450 करोड़ के घोटाले के आरोप लगे है । दरअसल मोदी सरकार में मंत्री किरण रिजिजू पर 450 करोड़ के बड़े घोटाले के आरोप लगे है । 

गौरतलब है कि किरेन रिजिजू पेशे से कांट्रेक्टर उनके एक चचेरे भाई गोबोई रिजिजू और नीपको के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक के नाम अरुणाचल प्रदेश में बन रही एक जलविद्युत परियोजना में करीब 450 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप हैं

दिसंबर 2015 में गोबोई रिजिजू सतीश वर्मा से मिले थे और उनसे रोका गया भुगतान जारी करने का अनुरोध किया था.

वर्मा के यह कहने पर कि सही बिल मिलने तक भुगतान नहीं किया जाएगा, गोबोई रिजिजू ने उन्हें ऐसे किसी भी काम में मदद की पेशकश की थी जो उनके भाई किरण रिजिजू के जरिये हो सकता है. 

Twitter पर नोटबंदी की तारीफ करने के लिए लोगों को मिले पैसे । देखे सबूत !

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Newbuzzindia : मोदी सरकार की नोटबंदी को 1 महीने से ज्यादा हो चुका है । 85 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है । 80 लाख से ज्यादा मजदूरों की नौकरी जा चुकी है । 2000 रुपये बदलवाने के लिए शहरों में लोगों को 4-5 घंटे लग रहे है । वहीं गाँव में लोगों 4-5 दिन लाइन में लगने के बाद भी पैसे नही मिल रहे । 
आप सोच रहे होंगे की 85 लोगों की जान जाने के बाद , लाखों – करोड़ों की नौकरी जाने के बाद , लोगों को हो रही इतनी परेशानी के बाद भी लोग नोटबंदी की तारीफ क्यों कर रहे है ? इसका जवाब हम आपको देते है । 

दरअसल मोदी सरकार के आने के बाद जनता की राय मोबाइल app पर ली जाती है । जनता का समर्थन और विरोध facebook और twitter पर देखा जाता है । बिकाऊ मीडिया भी इसी को जनता की राय समझ लेती है । 
इसी बीच नोटबंदी के मुद्दे पर समर्थन पाने के लिए भाजपा पैसे देते हुए पकड़ा गई है । दरअसल भाजपा ने नोटबंदी के समर्थन के लिए एक campain चलाया । इस कंपैन में #IndiaDefeatsBlackMoney ट्रेंड किया गया । किसी भी hashtag को ट्रेंड करवाने के लिए इस hashtag पर कई tweet करवाने होते है ।

लोगों से ट्विटर पर #IndiaDefeatsBlackMoney के साथ ट्वीट करने पर पैसे दिए गए । इस campaign में उन लोगों को शामिल किया गया जिनके followers 30,000 से ज्यादा है । इन लोगों को इस कंपैन की जानकारी दी गई । 

Campaign में इन influencers को दिन में 10 ट्वीट करने को कहा गया था । बाकी जानकारी नीचे दी गई फोटो में दी गई है । आप खुद ही देखे की नोटबंदी की तारीफ में माहौल बनाने के लिए लोगों को कैसे पैसे दिए गए । 

नोटबंदी के चलते अब तक 82 मौतें , 80 लाख मजदूर हुए बेरोजगार !

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Newbuzzindia : ​नोटबंदी के कारण देश की बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने के सरकार के दावों के बावजूद 25 दिन बाद भी स्थिति समान्य होती नज़र नहीं आ रही। अब तक नोट बंदी की वजह से देश भर में करीब 82 लोगों की मौत हो चुकी है। मज़दूरों और किसानों को भी इसका भारी खामियाज़ा भुगतना पड़ा रहा है।
नोट बंदी से मरने वालों की संख्या 82 हुई

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक नोट बंदी के बाद से 1 दिसंबर तक मरने वालों की संख्या 82 हो गई है। ताज़ा मामले की जानकारी देते हुए इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि बिहार के बलरामपुर में गुरुवार को एक 32 दिनों के बच्चे की नोटबंदी के चलते इलाज में देरी से मौत हो गई।
इंडियन एक्सप्रेस ने बिहार के एक और मामले की जानकारी देते हुए बताया कि नोटबंदी के चलते पैसों की कमी की वजह से अस्पताल ने 12 घंटे तक एक लाश को उसके परिजनों को नहीं सौंपा।
पीएम मोदी के नोटबंदी के ऐलान के दूसरे दिन ही ओड़िशा में एक नवविवाहित महिला को उसके ससुराल वालों ने दहेज में नए नोटों की मांग न पूरी होने के कारण मौत के घाट उतार दिया।
नोट बंदी से करीब 80 लाख मज़दूरों को नहीं मिली दिहाड़ी

नोटबंदी के ऐलान के बाद से 80 लाख से ज़्यादा बीड़ी मज़दूर बेरोज़गारी की स्थिति में पहुंच गए हैं। बीड़ी मज़दूरों को 8 नवंबर के बाद से कोई भी दिहाड़ी नहीं मिली है। बता दें कि बीड़ी उत्पादन में देश की तकरीबन 2000 कंपनियां काम करती हैं। इस कारोबार की कीमत करीब 7000 करोड़ है। जो कि नोट बंदी से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
‘बिज़नेस स्टैंडर्ड’ के मुताबिक इस कारोबार में 80 लाख मज़दूरों में करीब 70 फीसदी महिला मज़दूर हैं। जो कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के ग्रामीण और पिछड़े इलाकों से आती हैं।
सूरत का डॉयमंड पॉलिंशिंग कारोबार पर भी नोट बंदी के कारण प्रभावित हुआ है। बता दें कि इस कारोबार में तकरीबन 20 लाख मज़दूर काम करते हैं।
ताजनगरी आगरा की शू मेकिंग इंडस्ट्री पर भी नोट बंदी का बुरा असर पड़ा है। नोटबंदी के बाद से जूतों के उत्पादन में भारी गिरावट आई है।