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फ्लॉप हुई नोटबंदी : 67 दिन बाद भी मोदी नही बता पा रहे कितना कालाधन पकड़ा गया !

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Newbuzzindia :बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने 61वें जन्मदिन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर निशाना साधा है. मायावती ने कहा है कि बीजेपी बुरे दिनों के लिए तैयार हो जाए. नोटबंदी से बेहाल जनता यूपी में बीजेपी का बिहार जैसा ही हाल करेगी.

मायावती ने कहा , ‘’नोटबंदी के 50 दिन से ज्यादा गुजर जाने के बाद भी पीएम यह नहीं बता पा रहे हैं कि इससे कितना काला धन पकड़ा गया है.’’ मायावती ने कहा, ‘’नोटबंदी का फैसला राजनीतिक स्वार्थ के लिए लिया गया है.’’
मायावती ने आगे कहा, ‘’बीजेपी मुझे और मेरे रिश्तेदारों को बेवजह परेशान कर रही है. अगर बीजेपी मेरा और मेरे रिश्तेदारों की संपत्ति का ब्योरा चाहती है, तो सबसे पहले बीजेपी अपने नेताओं की संपत्ति का खुलासा करे.’’ उन्होंने बीजेपी से नोटबंदी लागू होने के 10 महीने पहले का हिसाब देने की मांग भी की.
मायावती ने बीजेपी के अलावा प्रदेश की सपा सरकार पर भी आरोप लगाए. मायावती अपने जन्मदिन मनाने को लेकर कहा, ‘’अखिलेश ने पिता के जन्मदिन के नाम पर यूपी को जनता को लूटा है. मेरा जन्मदिन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन की तरह शाही अंदाज में नहीं मनाया जाता.’’

मायावती ने कहा, ‘’सपा और बीजेपी की अंदरूनी मिलीभगत के चलते यूपी में जंगलराज चल रहा है. बीजेपी के खिलाफ जनता में गुस्सा है और कांग्रेस ऑक्सीजन पर चल रही है. उत्तर प्रदेश में जनता बीएसपी को सत्ता में लाने का निश्चय कर चुकी है.’’

प्रियंका गांधी से मिले अखिलेश यादव , साथ चुनाव लड़कर उत्तरप्रदेश जीतेंगे सपा और कांग्रेस !

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Newbuzzindia : सपा में चल रहे घमासान के बीच अखिलेश यादव ने प्रियंका गांधी से मुलाकात की है । मुलाकात में कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन पर बात की गई ।गठबंधन की राह में रोड़ा बनाने वाली ताकतें कमजोर हो गई हैं। राज्य में चुनाव की घोषणा के तत्काल बाद चुनावी समझौते का ऐलान हो सकता है।
सपा और कांग्रेस के बीच बनने से पहले ही बिखरने की आशंका में डूब रहे चुनावी गठबंधन को अखिलेश की मजबूती का सहारा मिल गया है। अखिलेश यादव को सियासी मजबूती मिली तो गठबंधन के सहयोगियों के बांछें खिल गई हैं। लेकिन फिलहाल कोई भी दल खुलकर कुछ बोलने से बच रहा है। लेकिन माना जा रहा है कि चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में चुनावी गठबंधन की कवायद तेज हो जाएगी। उसी समय इसकी घोषणा हो सकती है।

समाजवादी पार्टी के नेता व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चुनावी गठबंधन के बयान के बाद राजनीतिक अटकलों का बाजार गरमा गया था। लेकिन गठबंधन के आकार लेने के पहले ही सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने यह कहकर हवा निकाल दी कि समाजवादी पार्टी अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। उसका किसी दल से कोई समझौता नहीं होगा। इसके बावजूद कांग्रेस समेत अन्य छोटे दलों को अखिलेश यादव पर गठबंधन के बनाये जाने पर पूरा भरोसा था।

पिछले एक पखवारे से समाजवादी पार्टी के भीतर मचे घमासान को लेकर गठबंधन की संभावनाएं क्षीण होने लगी थीं। लेकिन सपा की कलह अपने चरम पर पहुंच गई और पार्टी की कमान अखिलेश यादव के हाथों में पहुंच गई है। मुलायम सिंह यादव को नये राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन कर हाशिये पर डाल दिया गया है। इसके बाद अखिलेश यादव अपने मनमाफिक फैसला लेने को स्वतंत्र हो गये हैं। इससे संभावित गठबंधन के सहयोगी दलों को पूरी उम्मीद बंध गई है।

सपा के साथ कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल के समझौते की उम्मीद को बल मिला है। इन दलों के एक साथ आ जाने से राज्य में मुस्लिम मतों के बीच होने वाले बिखराव को रोका जा सकता है। सपा के दोफाड़ होने के बाद कांग्रेस के नेता गठबंधन को खारिज नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि उनकी पार्टी प्रदेश की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयार है। हालांकि केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर अभी दोनों ओर से कोई वार्ता नहीं हो पाई है।

सपा की ओर से पिछले सप्ताह लगभग चार सौ सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा के बाद कांग्रेस गठबंधन न होने की संभावना से निराश जरूर थी। लेकिन समाजवादी पार्टी के भीतर की कलह के निर्णायक मोड़ तक पहुंचने से उसके गठबंधन के हितैषियों के चेहरे खिल गये हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लगातार संपर्क में रहते हैं। उनकी मानें तो सपा और कांग्रेस के बीच चुनावी समझौता होना लगभग तय है। इसमें कहीं कोई विवाद नहीं है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा को चुनौती के लिए गठबंधन पूरी ताकत से उतरेगा।

Breaking News : मुलायम सिंह हुए कठोर , अखिलेश यादव और रामगोपाल को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला !

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Newbuzzindia : सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने सीएम अखिलेश यादव और रामगोपाल को पार्टी से निकाल दिया है. इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया है कि यूपी का सीएम कौन होगा यह वो तय करेंगे.

वहीं सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि अखिलेश यादव थोड़ी ही देर में सीएम पद से इस्तीफा देंगे

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को कारण बताओ नोटिस भेजने के बाद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अचानक प्रेस कांन्फ्रेंस बुलाई जिसमें वह भावुक हो गए. इस दौरान उनके साथ यूपी प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव भी मौजूद थे.

इसके बाद मुलायम ने रामगोपाल यादव को पार्टी से बर्खास्त करने का ऐलान कर दिया. उनके ऊपर अनुशासनहीनता का आरोप का लगाया गया है.

मुलायम ने कहा कि रामगोपाल  यादव को पार्टी बैठक बुलाने का कोई हक नहीं है. सपा सुप्रीमो ने कहा कि रामगोपाल यादव ने सीधे मेरे ऊपर हमला बोला है.  इसके साथ ही मुलायम ने अपने बेटे अखिलेश को भी नसीहत देते हुए कहा कि वह पूरी बात समझ नहीं रहे हैं. वह गुटबाजी कर रहे हैं.

रामगोपाल की ओर से पार्टी का आपात अधिवेशन बुलाने से नाराज मुलायम सिंह यादव ने कहा कि उनको पार्टी की कोई बैठक बुलाने का हक नहीं है. यह अधिकार सिर्फ अध्यक्ष के पास है.

पत्रकारों से बात करते हुए भावुक मुलायम ने कहा कि इतिहास में किसी ने भी अपने बेटे को सीएम नहीं बनाया है. लेकिन रामगोपाल अखिलेश का भविष्य खत्म करने की साजिश रच रहे हैं. 

लालू प्रसाद यादव ने जमकर की राहुल गांधी की तारीफ !

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Newbuzzindia : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने आज राहुल गांधी की जमकर तारीफ की । देखा जाए तो यह पहला मौका है जब लालू ने राहुल गांधी का खुलकर समर्थन किया है । लालू प्रसाद यादव का कहना है कि प्रदानमंत्री मोदी आज राहुल गांधी के आगे बहुत बौने नजर आ रहे है । 

लालू प्रसाद यादव ने आगे कहा कि अब वह राहुल गांधी के साथ मिलकर नरेंद्र मोदी से लड़ेंगे और हराएंगे । लालू प्रसाद ने अपने twitter अकाउंट पर लिखा है कि – “राहुल गाँधी ने सही कहा विरोध विचारों का है।हम उन्हें लड़कर हराएँगे। लेकिन वे हमारे PM हैं, उनका मुर्दाबाद हम नहीं कहेंगे “

लालू प्रसाद यादव यही नही रुके । लालू ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि “मोदीजी राहुल गांधी के सामने छोटे दिखाई देने लगे हैं।शिवनगरी व कबीर और तुलसी की कर्मभूमि बनारस में प्रधानमंत्री ने अपने को राहुल से बहुत बौना साबित किया “

गौरतलब है कि राहुल गांधी इस समय पुरे देश में नोटबंदी के खिलाफ परिवर्तन रैली निकाल रहे है । इसी बीच अब समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव और राजद से लालू प्रसाद यादव राहुल गांधी के समर्थन में आ गए है । देखना दिलचस्प होगा की यह नोटबंदी मोदी जी को क्या क्या दिन दिखाएगी । 

साक्षी महाराज की बदज़ुबानी, कहा ‘गांधी और फ़ारूक़ अब्दुल्लाह दोनों एक ही बाप के औलाद।’

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Newbuzzindia: अपनी बदज़ुबानी के लिए मशहूर भाजपा सांसद साक्षी महाराज अपनी बदज़ुबानी के वजह से फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार ने बार  उन्‍होंने नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारुख अब्दुल्ला और महात्मा गांधी एक ही बाप की औलाद है कहा है।

​उन्होंने गांधी परिवार और फारुख अब्दुला को एक ही खानदान का बताया। इसके साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को उन्होंने नचनिया करार दिया। साक्षी ने अखिलेश यादव के विकास कार्यों को घोटालों से संलिप्‍त बताया।
उन्होंने आगे कहा कि फारुक और गांधी परिवार एक ही वृक्ष की शाखाएं हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक वाले फारुक के बयानों को लेकर कहा कि पीओके और कश्मीर तो हमारे बाप का है, पाकस्तिान क्या उनके बाप का है। साक्षी यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि मोदी को चाहिए जिस तरह सर्जिकल स्ट्राइकर करके पाकिस्‍तान को सबक सिखाया है। उसी तरह देश में आस्तीन के सांपों पर भी सर्जिकल ऑपरेशन करें। यह खाते तो भारत का हैं और गुण  पाकस्तिान के गाते हैं।

सर्वे से हुआ खुलासा, सपा के कलह से बड़ी अखिलेश यादव की ‘लोकप्रियता’!

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Newbuzzindia:  सपा का कलह, सपाइयों के बीच झड़प, सपा के नेताओं की टक्कर और सपा का बिखरने तक पहुँचना, इन बातों से कोई भी अंजान नही है। उत्तरप्रदेश ही नही देश के हर राज्य और राज्य का हर व्यक्ति सपा के इस गृह कलह से भलीभांति परिचित है। सपा में इतना कुछ हुआ और आखिरकार मामला शांत हो गया। पर क्या आपने सोचा है कि इन सब से फायदा किसको हुआ ? कहा जा रहा था कि सपा में चल रहे इस बवाल से राजनीति में सपा की पकड़ ढीली पड़ जाएगी और सपा का अस्तित्व तक खतरें में पड़ जाएगा। पर ऐसा कुछ भी नही हुआ, इतना सब कुछ हो गया और इसका फायदा भी मिला।

सपा के कलह और अंतर्द्वंद से जिस व्यक्ति को फायदा हुआ है, वह है उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ! एक सर्वे से खुलासा हुआ है कि सपा में चल रहे बवाल से अखिलेश यादव को अधिक लोग जानने लगे है। उनके चर्चे आम लोगों तक पहुचें है और इसी के चलते उनकी लोकप्रियता में इजाफा भी हुआ है।

यह सर्वे सी-वोटर की तरफ से किया गया था जिसमे सितम्बर और अक्टूबर के आंकड़े जारी किये गए है। जो की आम लोगों तक जाकर इकट्ठा किये गए है। सर्वे के मुताबिक सितंबर अखिलेश को पसंद करने वालों की संख्या 77.1 फीसदी थी, तो अक्तूबर में 83.1 फीसदी लोगों ने अखिलेश को पसंद किया। बतौर मुख्यमंत्री अखिलेश को 66.7 फीसदी लोगों ने पसंद किया। वहीं, उन्हें अक्टूबर मुख्यमंत्री के तौर पसंद करने वालों की आंकड़ा 75.7 फीसदी रहा।

वहीँ सर्वें से चौकाने वाला खुलासा भी हुआ है। सपा के अंतर्द्वंद से सपा के महानायक मुलायम सिंफह यादव की छवि को खासा नुकसान हुआ है। उत्तरप्रदेश में उनके चाहने वालों की संख्या में गिरावट देखी गयी है। मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री के रूप में देखने वालों को संख्या पहले 19.1 फीसदी थी जो अब मात्र 14.9 फीसदी रह गयी है।

सपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए अखिलेश यादव , बोले देश हित में लिया फैसला ।

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Newbuzzindia: जी हां आप सही सुन रहे है । समाजवादी पार्टी से परेशां होकर अखिलेश यादव ने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है । अखिलेश यादव का कहना है कि उन्होंने यह फैसला देश हित में लिया है । दरअसल अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी में चल रहे विवाद से परेशान हो चुके थे । अब इसके पहले आप ज्यादा सोचें हम आपको पूरी बात बताते है ।

दरअसल समाजवादी पार्टी में चल रहे विवाद और भारी उठापटक के बीच पार्टी की नीतियों रीतियों से खफा होकर फैजाबाद के मसौधा चतुर्थ से जिला पंचायत सदस्य अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी से रिश्ता तोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है सोमवार को फैजाबाद के रिकाबगंज क्षेत्र स्थित कमला नेहरु भवन में अखिलेश यादव को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने पार्टी की सदस्यता दिलाई ।

समाजवादी पार्टी छोड़ कर कांग्रेस ज्वाइन करने वाले जिला पंचायत सदस्य अखिलेश यादव ने कहा जनता के हित को ध्यान में रखते हुए आज से कांग्रेस के साथ एक नयी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर रहा हूं ।किसानो का हित कांग्रेस की सरकार में है नौजवान,गरीब मजलूम का हक़ कांग्रेस की सरकार में सुरक्षित है इसलिए अब पूरी निष्ठा के साथ कांग्रेस के लिए काम करूँगा | इस दौरान 2017 चुनाव प्रभारी और हरियाणा में कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके राव नरेंद्र सिंह यादव और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता मौजूद रहे ।

सामने आया अखिलेश यादव का कांग्रेस प्रेम , जल्द हो सकता है गठबंधन ।

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Newbuzzindia: समाजवादी पार्टी में चल रहे अंतर्कलह के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विरिष्ट समाजवादी नेताओं के बीच अकेले पड़ गये है । ऐसे में अब अखिलेश यादव की छवी उभर कर सामने आ रही है । समाजवादी पार्टी के किसी भी नेता के मुकाबले अखिलेश यादव जनता की सहानुभूति बटोरने में सबसे आगे रहे ।

ऐसे में अब कांग्रेस ने ऐलान किया है कि अगर अखिलेश यादव को बहुमत साबित करना पड़ा तो कांग्रेस अखिलेश यादव का साथ देगी । इसके पहले भी कई बार अखिलेश यादव और राहुल गांधी एक दुसरे की तारीफ कर चुके है ।

वहीं सूत्रों की माने तो अखिलेश यादव भी कांग्रेस का दामन थमने का मन बना चुके है । हालाँकि अखिलेश यादव कांग्रेस में शामिल नही होंगे , पर कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव जरूर लड़ सकते है ।

मुलायम सिंह यादव एक ओर शिवपाल का साथ छोड़ने के लिए तैयार नही है । तो वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव और शिवपाल का विवाद ख़त्म नही हो रहा । अब अगर अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी से हटकर चुनाव लड़ते है तो वह कांग्रेस का साथ दे सकते है । कांग्रेस पार्टी भी ऐसे में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री पद दे सकती है ।

देखना दिलचस्प होगा की उत्तरप्रदेश की राजनीति आखिर किस मोड़ पर आकर रूकती है । चुनाव पूर्व किस पार्टी का किसके साथ गठबंधन होता है और किस पार्टी का गठबंधन टूटता है ।

एक बार फिर अखिलेश यादव ने दिया राहुल गांधी का साथ, मोदी सरकार पर किया बड़ा हमला..!

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Newbuzzindia : सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पुरे विपक्ष ने मोदी सरकार और भारतीय सेना की तारीफ की थी । सर्जिकल स्ट्राइक का राजनैतिक फायदा उठाने के बाद से ही मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गयी थी । राहुल गांधी , अरविन्द केजरीवाल , मायावती और संजय निरुपम ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया था । अब उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर राहुल गांधी का साथ देते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला है ।

सर्जिकल स्ट्राइक पर जारी सियासत अब यूपी पहुंच गई है। रविवार को यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा तो सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इस बहस में कूद पड़े। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के ‘खून की दलाली’ वाले विवादित बयान का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कहा है तो कुछ सोच समझ कर ही कहा होगा। अखिलेश के इस बयान के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

सोमवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अखिलेश ने कहा, ‘कांग्रेस का पता नहीं पर राहुल जी से हमारे संबंध अच्छे हैं, उन्होंने कहा तो कुछ सोच समझ कर ही कहा होगा, इसके पीछे उन्हें जानकारी जरूर होगी।’ सीएम अखिलेश ने कहा कि उन्होंने यूपी में रहने वाले शहीद के परिवार वालों की मदद की है, वह खुद उन परिवार वालों से मिलने गए। अखिलेश का कहा, ‘आखिरकार जान तो गरीब की, किसान की, उसके बेटे की जा रही है, वे लोग क्या जानें सर्जिकल स्ट्राइक? सवाल केवल इतना है कि हमारा आपका संबंध अच्छा है पर सीमा पर संबंध अच्छे न हों तो यह बात समझ में नहीं आती।’

इसके अलावा कौमी एकता दल के समाजवादी पार्टी में विलय को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा, ‘इस पर मेरी राय और विचार आप जानते हैं।’ साथ ही मंगलवार को पीएम मोदी के लखनऊ में दशहरा कार्यक्रम में शामिल होने पर यूपी के सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव अगर बिहार में होता तो रावण बिहार में जलता।

गौरतलब है कि पिछले महीने ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को ‘अच्छा इंसान’ और ‘अच्छा लड़का’ बताते हुए कहा था कि राहुल को उत्तर प्रदेश में बार बार आना चाहिए। 2017 में होने वाले यूपी चुनाव को देखते हुए अखिलेश यादव के उस बयान के भी सियासी मायने निकाले गए थे, साथ ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों ने चुटकियां भी ली थीं।

सपा फिर से सरकार में आयी तो UP होगा ‘गुलजार’- अखिलेश यादव 

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Newbuzzindia: उत्तरप्रदेश सरकार में जहां एक तरफ अंदरूनी कलह जारी है तो वहीँ अखिलेश यादव फिर से सत्ता में आने के सपने सँजो रहे है। सत्ता को बरक़रार रखने के लिए सपा और अखिलेश यादव भरसक कोशिश में लग चुके है। वे और उनके कार्यकर्ता हर मुमकिन तरीके से जनता को रिझाने के नए तरीके ढूंढ रही है।

यह भी पढ़े- अखिलेश यादव की सभा में भीड़ जुटाने के लिए विधायक बाट रहे पेटीकोट और ब्लाउज..!
अखिलेश यादव् ने यह बात लखनऊ में हुए स्माल न्यूज़पेपर एसोसिएशन के कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चुनाव यात्राएं निकलनी शुरू हो चुकी हैं। सभी दल अपनी-अपनी यात्राओं पर हैं। ऐसे में जनता सोच रही है कि समाजवादी कब यात्राएं निकालेंगे।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की इस सरकार ने अपने एक बार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में इतने विकास के कार्य कराए हैं। सोचिए अगर दूसरी बार भी हमें सरकार बनाने का मौका मिला तो यहां कितना और अधिक विकास होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का एक एक्सप्रेस-वे अगले माह में चालू होने जा रहा है, इससे न सिर्फ प्रदेश की बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तमाम सूचनाएं अलग-अलग माध्यमों से सरकार तक पहुंचती हैं और सरकार सूचनाओं व समस्याओं का समाधान करती है। उन्होंने कहा कि पत्रकार कहीं न कहीं लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं। हम उनकी समस्याओं व परेशानियों से परिचित हैं।