Home Tags Black marketing

Tag: black marketing

रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर बीजेपी ने किया पलटवार, कहा कांग्रेस के नेता है शामिल और आरोप हमपर लगाती है

0

मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी को लेकर सियासत तेज हो गई है। दिग्विजय सिंह द्वारा सीएम शिवराज के साथ इंजेक्शन कालाबाजारी के आरोपी का फोटो ट्विटर में पोस्ट करने के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने कहा कालाबाजारी और नकली रेमडेसिविर के मामले मे कांग्रेस के नेता शामिल है और आरोप हमपर लगा रहे है।

बता दे कि बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार लगातार ऐसे लोगों पर रासुका की कार्रवाई कर ही रही है। उन्होंने ये भी कहा कि किसका फोटो किसके साथ है ये सवाल नहीं लेकिन ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो रही है या नहीं वो बड़ा सवाल है।

वहीं इस मामले को लेकर चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग भी मैदान में आ गए है। उन्होंने दिग्विजय के ट्वीट पर कहा कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हमारी सरकार ने की है अब कोई किसी के साथ फोटो खिंचवा लें लेकिन अपराध करेगा तो कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साधा शिवराज पर निशाना, मुख्य आरोपी की फोटो शिवराज के साथ करी वायरल

0

मध्य प्रदेश में रेमेडसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी मामले में सियासत गर्मा गई है। सीएम शिवराज सिंह के इसपर बयान दिया था कि कालाबाजारी के नर पिशाच को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ये भी कहा था को आरोपी कोई भी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बयान पर हमला करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शिवराज के साथ कालाबाजारी करने वाले आरोपी का फोटो ट्वीटर में पोस्ट कर सवाल उठाया है।

बता दे कि उन्होंने आकाश दुबे के साथ मुख्यमंत्री का फोटो ट्वीट किया है। ट्वीट कर सीएम शिवराज से पूछा है कि नरपिशाच आकाश दुबे को पहचानते हो न। ये वही आकाश दुबे है जो जेके अस्पताल इंजेक्शन कालाबाजारी में मुख्य आरोपी है। जानकरी मिली है कि अस्पताल के आईटी डिपार्टमेंट के मैनेजर पोस्ट पर आकाश दुबे काम करता है। देखते हैं आप इसके खिलाफ क्या कार्रवाई करते है।

दरअसल आरोपी आकाश दुबे फरार है। इस मामले में आकाश के 3 साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके है। गिरफ्तार 3 आरोपियों में से एक अंकित सलूजा है। इसकी फोटो चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के साथ वायरल हो रही है और इसे एमपी कांग्रेस ने इसे ट्वीट किया है। कांग्रेस ने सीएम और मंत्री के साथ फोटो पोस्ट कर इसे नकली इंजेक्शन का हाईप्रोफाइल कनेक्शन बताया है। कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा है कि गंदा है पर इनका धंधा है।

मध्यप्रदेश की जबलपुर पुलिस ने किया सरबजीत सिंह मोखा को गिरफ्तार

0

मध्य प्रदेश के जबलपुर में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में पुलिस ने सिटी अस्पताल संचालक एवं मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह के साथ पुलिस एनएसए (NSA) के तहत कार्रवाई करेगी।

दरअसल पुलिस की दी गई जानकारी के हिसाब से सरबजीत सिंह मोखा की गिरफ्तार के बाद कई आरोपी इस मामले में सामने आ सकते है। वहीं पुलिस अब मुख्य आरोपी को जांच के लिए कई ठिकानों पर ले जाएगी। साथ ही कोर्ट में भी पुलिस आरोपी के रिमांड करने की बात कर रही है।

बता दे कि नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद विश्व हिंदू परिषद(VHP) ने सरबजीत सिंह मोखा को जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। इसका निर्णय विहिप की उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया है।

इंदौर का कद्दावर कांग्रेस नेता कर रहा था ऑक्सीमीटर की कालाबाजारी

0

इंदौर के राजेंद्र नगर पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता यतिन्द्र वर्मा (यति) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान यतिन्द्र वर्मा को पकड़ा है। आरोपी कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को ऑक्सीमीटर ब्लैक में बेच रहा था।

पुलिस ने कहा कि पकड़े गए आरोपी यतिन्द्र वर्मा कांग्रेस पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता है। पुलिस को शिकायत मिली थी कि आरोपी ऑक्सीफ्लोमीटर की कालाबाजारी कर रहा है। और 7 हजार में ऑक्सीफ्लोमीटर बेचता था।

बता दे कि आरोपी यतींद्र वर्मा को थाना प्रभारी ने खुद के परिवार के सदस्य के बीमार होने का हवाला दिया। उन्होंने आरोपी से ऑक्सीफ्लोमीटर मंगवाया। डिलीवरी के वक्त उसने थाना प्रभारी से 7 हजार रुपये मांगे। इसके बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ लिया।

मध्यप्रदेश में नहीं रुक रहीं हैं रेमडेसिविर की कालाबाजारी

0

सरकार की सख्ती के बाद भी मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर की कालाबाजारी के मामले थम नहीं रहे हैं। आज फिर भोपाल की गांधी नगर पुलिस ने दो रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

बता दे कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नाम गौरव लोधी और सर्जन सिंह है। जिसमें से एक आरोपी मेडिकल स्टोर का मालिक है वहीं दूसरा दवाईयों की सप्लाई करता है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी 27 हजार रुपये में बेचने की फिराक में थे। और फिर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये इंजेक्शन इंदौर के एक शख्स ने उन्हें बेची थी।

दरअसल रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी पर सरकार सख्त है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी कलेक्टरों को कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए है।

मध्यप्रदेश में लगातार हो रही है दवाइयों की कालाबाजारी

0

मध्य प्रदेश में कालाबाजारी रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। ऐसे में इंदौर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी सामने आई है। इंदौर की विजयनगर पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के पास से 5 रेमेडीसिविर इंजेक्शन के साथ ही 4 एंटीबायोटिक इंजेक्शन व अन्य दवाइयां पुलिस ने बरामद किया है।

बता दे कि सभी आरोपी मेडिकल स्टोर में काम करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने कहा कि वे 25 से 35 हजार में इंजेक्शन बेचते थे और अब तक 100 से ज्यादा इंजेक्शन बेच चुके हैं। मामले में पुलिस आरोपियों के बाकी साथियों की तलाश में जुटी है।

इंदौर में पिछले 24 घंटे में 10475 सैंपल की जांच की गई, जिसमें 1832 मरीज सामने आए। यह लगातार 7वां दिन है, जब यहां नए केस 1800 के पार आए हैं। हालांकि संक्रमण दर अन्य तीनों बड़े शहरों से काफी नीचे 18% है। यहां लगातार दूसरे दिन भी 2000 से ज़्यादा मरीज स्वस्थ हुए। एक्टिव केस भी घटकर 11 हजार 992 हो गए है।

मध्यप्रदेश के इस जिले में ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी का हुआ पर्दाफाश

0

कोरोना की इस महामारी में कालाबाजारी रुक ही नहीं रही। बीते दिन शिक्षक कॉलोनी डबरा में चेतन गुप्ता के मकान में दर्जनों ऑक्सीजन सिलेंडर का स्टॉक मिला है। एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर के नेतृत्व में हुई छापामार हुई है । बताया गया है कि ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लैक में बेचने के लिए यहां पर भंडारित किए गए थे।

एसडीएम प्रदीप शर्मा ने बताया कि प्रशासन को अज्ञात व्यक्ति ने सूचना दी थी कि शिक्षक कॉलोनी के एक मकान को ऑक्सीजन सिलेंडर का अवैध गोदाम बना लिया गया है। यहां से ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी की जा रही है।

एसडीएम ने कहा कि जिन लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है और प्रारंभिक मेडिकल जांच में वह सभी लोग कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इस घर में रहने वाले कई सदस्य पॉजिटिव पाए गए है।

क्राइम ब्रांच भोपाल की बड़ी कार्यवाही, रेमडेसिविर इन्जेक्शन की कालाबाजारी करते हुए 04 आरोपियों को किया गिरफ्तार

0

क्राइम ब्रांच भोपाल की टीम ने कोरोना महामारी के बीच बड़ी कार्यवाही की है। क्राइम ब्रांच की टीम को विश्वश्नीय मुखबिर ने सूचना दी की शाहजहानाबाद इस्लामी गेट पर कुछ लडके कोरोना दवा के इन्जेक्शन को ब्लैक में बेचने के लिये खडे है। जिन्हे ऊची कीमत पर बेचा जा रहा है। सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मामला राजधानी भोपाल का है जहाँ पर क्राइम ब्रांच ने शाहजहांबाद इस्लामी गेट पर दबिश देकर 04 लोगों को गिरफ्तार किया है पकड़े गए आरोपियों के नाम शमी खान निवासी शाहजहानाबाद,अखलाख खान निवासी डीआईजी बंगला,डॉ एहशान खान निवासी एमआईजी कॉलोनी करोंद और नोमान खान निवासी शाहजहानाबाद हैं।

क्राइम ब्रांच ने जब विश्वस्त मुखबिर की सूचना पर इन चारों की तलाशी ली तो इनके कब्जे से 04 नग रेमडेसिविर इन्जेक्शन जिनका इस्तेमाल कोरोना मरीज के इलाज में किया जाता है मिले जिनके संबंध में दस्तावेज मांगे गये तो आवश्यक दस्तावेज न होना बताया गया और कालाबाजारी करते पाये जाने से विधिवत जप्त किये गये।

पुलिस ने ओरापीगणों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 122/2021 धारा 269, 270 भादवि धारा 53/57 आपदा प्रबंधन अधिनियम, धारा 3 महामारी अधिनियम, धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम, धारा 5/13 म.प्र. ड्रग कन्ट्रोल अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना जारी है।

ऐसे मिले थे इंजेक्शन

पूछताछ में आरोपीगणों ने बताया कि हम लोगों को रेमडेसिविर इन्जेक्शन शाहजहानाबाद निवासी नोमान खान से 07 हजार रूपये प्रतिनग के हिसाब से दिए थे। जिन्हे हम लोग जरूरतमंद कोरोना मरीजों को 12 हजार से 18 हजार रूपये में बेचकर लाभ अर्जित करने की नियत से इन्जेक्शन बेचने की फिराक में खडे थे।