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कमलनाथ ने बीजेपी को कहा कोविड माफिया

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ शनिवार को उज्जैन के दौरे पर है। यहां उन्होंने बाबा महाकाल के शिखर दर्शन किए। इस दौरान कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा और बीजेपी को कोविड माफिया बताया।

कमलनाथ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पूरा प्रदेश इस महामारी में शासन भरोसे नहीं भगवान भरोसे है। ऐसे में मंत्रायल और कार्यालय में जाने से कुछ नहीं होने वाला है। उन्होंने आगे कहा कि भारत पूरे विश्व में बदनाम हो रहा है। कोरोना चीनी वायरस था लेकिन आज विश्व में लोग इसे इंडियन वैरियंट कह रहे है।

उन्होंन कहा कि सरकार कोरोना से नहीं आलोचना से लड़ रहे है। सरकार आज कोविड मैनेजमेंट में नहीं बल्कि इमेज मैनेजमेंट में लगी है। आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार लाशों को दबाने और छिपाने की राजनीति न करें, कितनी लाशें श्मशान घाट और कब्रिस्तान में आई सरकार इसकी रिकॉर्ड दे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 80 फीसदी मौतें कोरोना से हुई है।

हनीट्रेप की ओरिजनल पेन ड्राइव मेरे पास अभी भी है : पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ

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सोनिया भारद्वाज की आत्महत्या मामले में घिरते विधायक उमंग सिंघार को बचाने अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ सामने आ गये हैं। उन्होंने गुरूवार केा विधायक दल की वर्चुअल बैठक में कहा कि उमंग के खिलाफ बिना ठोक साक्ष्य के राजनीतिक विद्वेष से एफआईआर दर्ज की गई है। नाथ ने विधायकों से कहा कि कोई यह न भूले कि हनीट्रेप मामले की ओरिजनल पेन ड्राइव अभी भी मेरे पास है और उसके साथ कई पत्रकारों के पास भी।

कमलनाथ ने कहा कि सोनिया की मां और बेटा दोनों ने ही उमंग के खिलाफ बयान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान से भी उनकी बात हुयी है। कमलनाथ उमंग के मामले में शुक्रवार केा सीएम से मुलाकात भी करेंगे यह भी बैठक में बताया।

सोनिया आत्महत्या कांड में परिवार भले ही बयान नहीं दे रहा हो लेकिन उमंग के खिलाफ साक्ष्य पुलिस को मिलते जा रहे हैं। उमंग के खिलाफ कार्यवाही न हो इसे लेकर अब कांग्रेस ने दबाव बनाना प्रारंभ कर दिया है। कमलनाथ के बयान को भी उसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा फैसला, 1 जून से धीरे धीरे खोले जाएंगे जिले

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मध्य प्रदेश में कोरोना के कम होते मामलों के बाद अब 1 जून से जिलों को अनलॉक करने की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका एलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब कोरोना पूरी तरह काबू में आ गया है और अब जून से प्रदेश को अनलॉक करने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले 31 मई तक कोरोना कर्फ्यू का सख्ती से पालन किया जाएगा और इसमें किसी भी प्रकार से छूट नहीं दी जाएगी। फिर 31 मई तक सख्ती से कोरोना कर्फ्यू  का पालन कर गांव से लेकर शहरों को कोरोना मुक्त बनाना है। 

उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू  के चलते कोरोना अब काबू में है। अब हमें टारगेट कर 31 मई तक गांव और वार्ड को कोरोना मुक्त करने की मुहिम शुरु करना होगा।  दूसरी ओर प्रदेश में कोरोना संक्रमण में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।

पूर्व मंत्री उमंग सिंघार पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला हुआ दर्ज

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भोपाल: पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार के बंगले पर उनकी महिला मित्र के आत्महत्या केस में उनपर मामला दर्ज कर लिया गया है। सुसाइड नोट, महिला के बेटे और नौकर के बयानों के आधार पर धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया है। महिला के बेटे और नौकरों ने माना की सिंघार और महिला के बीच नोकझोक होती थी।

शाहपुरा थाने में उमंग सिंघार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। सुसाइड नोट में भी लिखी थी महिला ने कुछ ऐसी बातें जिससे पुलिस को प्रताड़ना के आरोप मिले हैं। आपको बता दे कि रविवार शाम, उमंग सिंघार के शाहपुरा के बंगले में महिला ने आत्महत्या की थी।

आज महिला का अंतिम संस्कार भोपाल के कोलार स्थित सनखेड़ी में अंतिम संस्कार किया। जहां अंतिमसंस्कार में शामिल होने के लिए उमंग सिंघार भी पहुंचे। इस दौरान वे महिला की मां को गले लगा कर भावुक हो गए और पूर्व मंत्री ने महिला से रिश्ते को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी।

पूर्व मंत्री उमंग सिंघार ने मीडिया से बात करते हुए बोले कि मौत की खबर सुनकर स्तब्ध हैं। अपने रिश्ते के बारे में बात करते हुए बोले कि सोनिया एक अच्छी मित्र थी और भविष्य में वे दोनों परिवार मिलकर शादी करने वाले थे। कौन नहीं चाहता गृहस्थ जीवन हो। वहीं भाजपा द्वारा बार बार महिला की मौत पर सवाल उठाने को लेकर कहा कि क्या कारण है सरकार परेशान कर रही है? उनके बेटे और उनकी मां को बार-बार बयान करवा रही है। सरकार सीधे-सीधे मामले पर पॉलिटिक्स करना चाह रही है। शनिवार को सोनिया से आखिरी बार बात हुई थी और तब तक सब ठीक था। उन्होंने आगे यह भी बोला कि पुलिस इस मामले में जो सहयोग चाहेगी वह दूंगा।

रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर बीजेपी ने किया पलटवार, कहा कांग्रेस के नेता है शामिल और आरोप हमपर लगाती है

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मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी को लेकर सियासत तेज हो गई है। दिग्विजय सिंह द्वारा सीएम शिवराज के साथ इंजेक्शन कालाबाजारी के आरोपी का फोटो ट्विटर में पोस्ट करने के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने कहा कालाबाजारी और नकली रेमडेसिविर के मामले मे कांग्रेस के नेता शामिल है और आरोप हमपर लगा रहे है।

बता दे कि बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार लगातार ऐसे लोगों पर रासुका की कार्रवाई कर ही रही है। उन्होंने ये भी कहा कि किसका फोटो किसके साथ है ये सवाल नहीं लेकिन ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो रही है या नहीं वो बड़ा सवाल है।

वहीं इस मामले को लेकर चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग भी मैदान में आ गए है। उन्होंने दिग्विजय के ट्वीट पर कहा कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हमारी सरकार ने की है अब कोई किसी के साथ फोटो खिंचवा लें लेकिन अपराध करेगा तो कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल के चिरायु अस्पताल के डॉक्टर ने कहा सरकार का आदेश हम नहीं मानेंगे

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राजधानी भोपाल के एक बड़े प्राइवेट अस्पताल का अमानवीय चेहरा सामने आया है। चिरायु अस्पताल प्रबंधन के एक डॉक्टर ने मरीज के परिजन को साफ़ शब्दों में बोलता नज़र आ रहा है यहाँ नहीं चलेगा सरकार का कोई आदेश। डॉक्टर की यह करतूत सीएम और सरकार के आदेश की धज्जियाँ उड़ाते हुए कैमरे में कैद किया गया है।

डॉक्टर ने मरीज के परिजन को धमकाते हुए लहजे में बोलता नज़र आ रहा है कि बनाओ विडियो मैं देता हूँ जवाब। इतना ही नही, विडियो के बाद परिजन को गार्ड से धक्का देकर बाहर निकालने के आदेश भी दे रहा है।

इस संदर्भ में जब डॉक्टर गोयनका से बात की गई तो उनके मुताबिक़ आयुष्मान कार्ड एप्लिकेबल नही हैं। वहां पर आयुष्मान कार्ड के आधार पर इलाज नही किया जाएगा।

आपको बता दें कि आपदा में अवसर तलाशने वाला चिरायु अस्पताल को जब सरकार से एडवांस में हो रही थी फ़ंडिंग तब चिरायु अस्पताल कोविड के ज़्यादा से ज़्यादा मरीज़ों को इलाज देकर ठीक होने का दावा करता था। आज यही अस्पताल आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी बेटे को मां का शव पैसे लेने के बाद दी।

गौरतलब है कि सरकार ने आदेश जारी किया की आयुष्मान कार्ड है तो नही देना होगा मरीजों को पैसा लेकिन चिरायु अस्पताल के मालिक गोयनका ने आयुष्मान कार्ड से इलाज करने के लिए मना किया है।

मध्यप्रदेश को ब्लैक फंगस के इलाज हेतु जल्द मिलेंगे एन्टी फंगल इंजेक्शन

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मध्य प्रदेश में कोरोना के साथ अब ब्लैक फंगस बीमारी ने भी लोगो को परेशान करना शुरू कर दिया है। प्रदेश में बीमार हुए लोगो की संख्या बढ़ने के साथ ही उसकी दवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के लिए 24000 ब्लैक फंगस से निपटने के लिए एम्फोटेरिसिन -बी इंजेक्शन मंगाए है।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने शनिवार को एम्फोटेरिसिन -बी इंजेक्शन के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की थी। इस दौरान प्रदेश को केंद्र सरकार ने समय पर 24000 इंजेक्शन भेजने का आश्वासन दिया है।

दरअसल ब्लैक फंगस का इलाज करने के लिए एंटीफंगल इंजेशन दिए जाते है। ऐसा ही एक इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन बी है जो ब्लैक फंगस के मरीजों को दिया जाता है।

वहीं मुख्यमंत्री ने सनफार्मा के प्रमुख दिलीप सांघवी से भी फोन पर चर्चा कर ब्लैक फंगस के उपचार हेतु एंटीफंगल इंजेक्शन की आपूर्ति के संबंध में बात की है। जानकरी के अनुसार सन फार्मा प्रदेश को 2000 इंजेक्शन शीघ्र उपलब्ध कराएगी।

मध्यप्रदेश में पत्रकारों का होगा मुफ्त में कोरोना का इलाज

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भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित करने के बाद अब पत्रकार साथियों व उनके परिवार के हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रदेश के मीडिया के सभी साथियों के कोरोना का इलाज सरकार कराएगी।

उन्होंने यह बताया कि मीडिया के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल के सभी सदस्य अधिमान्य और गैर अधिमान्य साथियों का कोरोना के इलाज की चिंता करने की आवश्यकता नही है, उनका इलाज मध्य प्रदेश सरकार करेगी।

इस योजना के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि इसमे प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल के संपादकीय विभाग में कार्य कर रहे सभी पत्रकार, डेस्क में पदस्थ पत्रकार साथी, कैमरामैन, फोटोग्राफर सभी को शामिल किया जाएगा।

मीडिया के कार्य की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मीडिया के साथी करोना महामारी के काल में जन जागृति का धर्म निभा रहे है और सरकार उनके साथ है। उन्होंने यह कहा कि शासकीय अस्पताल, अनुबंधित निजी अस्पताल में सभी के लिए मुफ़्त इलाज की सुविधा भी है। इसके साथ साथ अब हमारे प्रदेश भर के सभी मीडिया कर्मी और उनके परिवार को कोविड का उपचार सरकार कराएगी। ताकि पत्रकार साथी अपना और अपने परिवार का कोविड के संक्रमण होने पर आसानी से इलाज करा सकें।

मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नहीं जानते कि कोरोना के कितने वैरियंट सक्रिय है

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मध्य प्रदेश सरकार कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निबटने की तैयारियां शुरू करने का दावा कर रही है लेकिन स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी को ये भी नहीं पता कि प्रदेश में कोविड-19 के कितने वैरिएंट सक्रिय है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री और मीडिया द्वारा कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन भी हुआ था।

दरअसल बार-बार सवाल किए जाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के वैरिएंट की जांच के लिए मध्य प्रदेश में कोई प्रयोगशाला ही नही है। इसका पता लगाने के लिए राज्य की बाहर की प्रयोगशाला में सैंपल भेजे गए है।

बता दे इंदौर में कोरोना नियंत्रण की समीक्षा बैठक में मंत्री शामिल हुए थे। साथ ही इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल थे। इसके बाद इंदौर में कोरोना की हालत पर संतोष जताते हुए चौधरी ने दावा किया कि दूसरी लहर का प्रकोप अब कम होने लगा है। और कहा कि अप्रैल के दौरान राज्य में महामारी की संक्रमण दर बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच गई थी जो फिलहाल घटकर 13.87 प्रतिशत रह गई है।

उन्होंने कहा कि महामारी की तीसरी लहर के खतरे से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह सजग है। सरकार मरीजो के लिए ऑक्सिजन, बिस्तर, रेमडेसिविर इंजेक्शन और अन्य जरूरी चीजों की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

मध्यप्रदेश में स्थगित हुआ वैक्सीनशन, ये हैं वजह

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मध्य प्रदेश में वैक्सीन की कमी के चलते सरकार ने 45 से ज्यादा उम्र वालों का टीकाकरण स्थगित कर दिया है। हालांकि पहला डोज ले चुके 45+ को ही टीके का दूसरा डोज लगाया जाएगा।

बता दे कि इंदौर प्रशासन ने आज और शनिवार को वैक्सीनेशन नहीं करने का फैसला लिया है। बता दे कि कोविशील्ड वैक्सीन की कमी को देखते हुए टीकाकरण नहीं होगा। सिर्फ कोवैक्सीन का दूसरा डोज ही लगेगा। वहीं शहर में 18+ को आज से 28 केंद्रों पर टिका लगेगा।

वहीं जिन लोगों ने कोविशील्ड वैक्सीन का पहला डोज लगवाया है उनको अब 42 दिन बाद ही वैक्सीन का दूसरा डोज लगाया जाएगा। दरअसल कोविशील्ड को लेकर यह फैसला ब्रिटेन की स्टडी के आधार पर लिया गया है। जानकरी के अनुसार वैक्सीन का दूसरा डोज 6 से 8 हफ्ते में लगाने पर उसकी प्रभावशीलता 90% तक हो जाती है जबकि कम समय अंतराल पर 60 से 70 फ़ीसदी ही रहता है। अभी वैक्सीन का दूसरा डोज 28 से 42 दिन के बीच लग रहा था।