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लगता है मोदी सरकार की लाल आंख पर लग गया है चीनी चश्मा, खड़गे का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी सेना के साथ सीमा पर हुए टकराव के मुद्दे पर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मोदी सरकार की लाल आंख पर चीनी चश्मा लग गया है। क्या भारतीय संसद में चीन के विरूद्ध बोलने की अनुमति नहीं है?

वहीं तवांग मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शायद भारतीय इतिहास और कूटनीति के कुछ अध्यायों पर दोबारा गौर करना चाहिए। दुर्भाग्य से वे वही गलती कर रहे हैं जो रक्षा मंत्री कृष्णा मेनन ने की थी। जब खतरा चीन है तो पाकिस्तान पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

भारत चीन सीमा पर सैनिकों की झड़प

तवांग में भारतीय पोस्ट को हटवाने के लिए 9 दिसंबर को चीनी सैनिक आए थे। भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों के देखते ही मोर्चा संभाला और भिड़ गए। आमने-सामने के क्षेत्र में तैनात भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को करारा जवाब दिया। हिंसक घटना में 6 भारतीय जवान घायल हो गए। कई चीनी सैनिकों के घाल होने की भी खबर है। हालांकि चीन की तरफ से कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया।

To bring back 39 Indian sailors, Naveen Jindal offers to buy coal shipment stranded in Chinese water

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Industrialist Naveen Jindal has shown his support to bring back 39 Indian sailors stuck at the Chinese border. Taking on Twitter, Jindal writes, “This is a humanitarian crisis: 39 Indian sailors stranded at Chinese ports for months; were carrying coal from Australia to China. We are ready to buy the coal on these ships if it can help bring our sailors back home.”


According to an official of the National Union of Seafarers of India (NUSI), 39 Indian sailors are stuck in the Chinese waters on two merchant ships for three to seven months, because of deteriorating China-Australia ties. They are being counselled for severe mental distress. It is due to the ongoing “trade war” between China and Australia that leads to the trouble for Indian sailors.

In support to rescue these sailors, Chairman of Jindal Steel & Power Naveen Jindal has taken a bold step by offering to purchase the coal in that shipment. It is however, on the Australian authorities if they agree to the offer. Jindal has also tagged the officials from the Ministry of External Affairs, Government of India to intervene in the matter.

जिन्हें अब किया बैन, उन्ही चीनी कंपनियों को लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए भाजपा ने दिए थे करोड़ों

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Modi Xi
Modi Xi

सामाजिक कार्यकर्ता साकेत गोखले ने आज भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ कई बड़े खुलासे किए है। जारी किए गए तथ्यों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार के लिए कई चीनी कंपनियों को करोड़ों रुपये दिए थे। वहीं खुलासे में बड़ी बात यह है कि इन कंपनियों में कई ऐसी कंपनियां भी शामिल है जो भारतीय डेटा को चीन भेजने को लेकर सरकार की रडार पर थी।

आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले की तस्वीर

जिन कंपनियों/एप्प को भारतीय जनता पार्टी ने पैसों का भुगतान किया उनमें शेयर इट (ShareIt), यूसी ब्राउज़र (UC Browser) और टेनसेंट (Tencent) शामिल है।

मिली जानकारी के अनुसार भाजपा ने इन चीनी कंपनियों को अपने प्रचार के लिए लगभग 1.15 करोड़ रुपये का भुगतान किया है कर यह कंपनियां हाल ही में भारत सरकार द्वारा बैन किये गए 59 चीनी एप्प्स में शामिल है।

भाजपा द्वारा चुनाव आयोग को भेजा गया चुनावी खर्च का ब्यौरा

चुनाव आयोग को भाजपा द्वारा 2019 लोकसभा चुनाव में प्रचार-प्रसार पर खर्च किये गए पैसे का शपथ पत्र

1: यूसी वेब ब्राउज़र ( UC Web Browser )

जिन कंपनियों को भाजपा ने अपने प्रचार के लिए पैसे दिए उनमें प्रमुख है यूसी ब्राउज़र। भाजपा ने लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए यूसी ब्राउज़र को कुल 33,50,793 रुपये का भुगतान किया है।

ज्ञात हो कि साल 2017, मतलब लोकसभा चुनाव के लकगभग 2 साल पहले भारत सरकार ने अलीबाबा ग्रुप के यूसी ब्राउज़र को डेटा लीक करने के शक में सरकार के रडार में रखा गया था।

यूसी ब्राउज़र द्वारा तथाकथित डेटा लीक करने और सरकार के रडार में आने को लेकर समाचार पत्रिका आउटलुक की खबर

2: गम्मा गाना (Gamma Gaana)

यूसी ब्राउज़र के बाद जो दूसरी बड़ी चीनी कंपनी थी जिसे भाजपा ने प्रचार के लिए पैसे दिया, वह थी गम्मा गाना। कंपनी के कई डायरेक्टरों में से एक है, चीनी पो शू युइंग (Po Shu Yueng)। वहीं दिलचस्प बात यह है कि पो शू युइंग एक अन्य कंपनी, 10 सी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (10c India Pvt Ltd) के भी डायरेक्टर है।

गम्मा गाना के डायरेक्टर पो शू युइंग की जानकारी

बता दें कि कंपनी गम्मा गाना, टेनसेंट (चीनी कंपनी) के अनुदान पर चलती है।

अलीबाबा और टेनसेंट का चीनी पार्टी पीपल्स लेबेराशन पार्टी ( Peoples Liberation Party) से कनेक्शन

अंग्रेजी अखबार Economic Times में छपी खबर, जिसमें सरकार ने दावा किया है कि हुआवेई, अलीबाबा और टेनसेंट समेत 7 चीनी कंपनियों के संबंध चीनी राजनैतिक पार्टी पीएलए से है।

3: शेयर इट ( Share IT)

तीसरी और आखरी कंपनी जिसको भाजपा ने अपने प्रचार-प्रसार के लिए लोकसभा चुनाव में पैसा दिया, वह है शेयर इट, (Share IT)।

शेयर इट को भाजपा द्वारा दिया गया पैसा

शेयर इट उन ऍप्लिकेशन्स में से है जिन्हें हाल ही में मोदी सरकार ने देश की अखंडता और संप्रभुता को खतरा बताके बैन किया है।

साकेत गोखले ने उठाए कई अहम सवाल

इन सभी तथ्यों को मीडिया के सामने लाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता साकेत गोखले ने कई अहम सवाल भी उठाए है। जिनका जवाब भाजपा को देश की जनता को देना चाहिए।

  • भाजपा ने लोकसभा चुनाव के दौरान इन चीनी कंपनियों को कितना भारतीय डेटा दिया ?
  • भाजपा को लोकसभा चुनाव जीतने में चीनी सरकार की क्या भूमिका रही ?
  • भाजपा के यह चीनी संपर्क कितने गहरे है ?

चीन ने पीएम मोदी को चुनाव जीतने में की मदद ?

साकेत ने आगे सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच समय समय पर मुलाकात होती रही है। प्रधानमंत्री मोदी भी चीन के प्रधानमंत्री शी जिनपिंग से 18 बार मिल चुके है।

भाजपा द्वारा लोकसभा चुनाव में किये गए पूरे खर्चे की पूरी लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें

(नोट: लेख में दिए गए सभी तथ्य सामाजित कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट साकेत गोखले द्वारा उनके ट्विटर एकाउंट पर जाती किये गए है। ऐसे दौर में जब मुख्य मीडिया एक तय प्रोपेगंडा पर काम कर रहा है तो साकेत गोखले जैसे आरटीआई और सामाजिक कार्यकर्ता का यह योगदान सराहनीय है।)

भारत के दुश्मनों ने हमारी सेना की शक्ति और उसकी प्रचंडता देखी है: प्रधानमंत्री

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Prime minister narendra modi communicating with Indian army
Prime minister narendra modi communicating with Indian army

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारतीय जवानों के साथ बातचीत करने के लिए लद्दाख में निमू की यात्रा की। लद्दाख में निमू वो जगह है जो ज़ांस्कर पहाड़ियों से घिरा हुआ है और यह सिंधु नदी के तट पर स्थित है। प्रधानमंत्री ने वहां भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और बाद में थल सेना,वायु सेना और आईटीबीपी के जवानों के साथ बातचीत की।

जवानों के पराक्रम को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री ने हमारे सशस्त्र बलों की वीरता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका साहस और भारत माता के प्रति समर्पण अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिक शांति से अपना जीवन जी सकते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि हमारे सशस्त्र बल राष्ट्र की रक्षा के लिए मजबूती से तैनात हैं।

उन्होंने कहा कि हाल के सप्ताहों में हमारे सशस्त्र बलों ने जो अनुकरणीय बहादुरी दिखाई है, उससे दुनिया ने हमारी ताकत को समझा है।

गलवान घाटी में जवानों के बलिदान का स्मरण

प्रधानमंत्री ने भारत माता के उन सभी गौरवान्वित सुपुत्रों को याद किया जिन्होंने गलवान घाटी में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि जो जवान शहीद हुए हैं वे पूरे भारत से संबंध रखते थे और भारत भूमि की बहादुरी के प्रतीक हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे लेह-लद्दाख,कारगिल या सियाचिन ग्लेशियर हो,चाहे ऊंचे पहाड़ हों या नदियों में बहने वाला बर्फीला ठंडा पानी,ये सब भारत के सशस्त्र बलों की वीरता के प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि भारत के दुश्मनों ने हमारी सेना की शक्ति और उसकी प्रचंडता देखी है।

प्रधानमंत्री ने दो माताओं- भारत माता और भारत के उन सभी बहादुर सैनिकों और सुरक्षा बलों के जवानों की माताओं को सम्मान अर्पित किया जो अद्वितीय परिश्रम के साथ देश की सेवा में जुटे हैं।

शांति के लिए हमारी प्रतिबद्धता हमारी कमजोरी नहीं है

प्रधानमंत्री ने विस्तार से बताते हुए कहा कि शांति,मित्रता और साहस के गुण किस तरह प्राचीन काल से भारत की संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलायाकि भारत ने हमेशा ही उन लोगों को करारा जवाब दिया है जिन्होंने शांति और प्रगति के मौजूदा माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की।

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि भारत शांति और मित्रता के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन, शांति के लिए इस प्रतिबद्धता को भारत की कमजोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत आजऔर मजबूत हो रहा है,चाहे वह नौसेना की ताकत हो,वायु सेना की शक्ति हो, या अंतरिक्ष शक्ति हो, सभी बढ़ रही हैं। हमारी सेना की ताकतभी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हथियारों के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास ने हमारी रक्षा क्षमताओं को कई गुना बढ़ा दिया है।

प्रधानमंत्री ने याद करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों का वैश्विक सैन्य अभियानों में बहादुरी और क्षमता का एक लंबा इतिहास रहा हैजिसमें दो विश्व युद्ध भी शामिल हैं।

विकास का युग

प्रधानमंत्री ने कहा कि विस्तारवाद का समय समाप्त हो चुका है और यह विकास का युग है। उन्होंने याद करते हुए कहा कि यह विस्तारवाद की मानसिकता है जिसने बहुत नुकसान किया है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों मेंभारत की सेनाओं की बेहतरी और भारत की सुरक्षा तैयारियों को आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसमें आधुनिक हथियारों की उपलब्धता सुनिश्चित करना,सीमावर्ती बुनियादी ढांचे में वृद्धि,सीमा क्षेत्र के विकास और सड़कों का विस्तार करना शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च को तीन गुना बढ़ा दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और हमारे सशस्त्र बलों की बेहतरी सुनिश्चित करने के लिए जा रहे प्रयासोंका भी उल्लेख किया।उन्होंने सीडीएस के गठन, दिल्ली में भव्य राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के निर्माण,दशकों बाद ओआरओपी की मांग को पूरा करने और सशस्त्र बल के जवानों के परिवारों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम जैसे सरकार की हालिया पहलों पर भी प्रकाश डाला।

लद्दाख की संस्कृति को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरानलद्दाख की संस्कृति की महानता के साथ ही कुशोक बकुला रिम्पोछे के महान उपदेशों को भी याद किया। उन्होंने लद्दाख को बलिदान की भूमि बताई और कहा कि लद्दाख ने देश को कई देशभक्त दिए हैं।

प्रधानमंत्री ने दृढतापूर्वक कहा कि भारत के लोग गौतम बुद्ध की शिक्षाओं से प्रेरित हैंजिनके लिए आस्था और करुणा के साथ बहादुरी जुड़ा था।

कोरोना पर संयुक्त राष्ट्र की बैठक में चीन- अमरीका आए सामने, एक दूसरे पर लगाए आरोप

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दुनिया भर में तबाही मैच चुकी कोरोना महामारी इस समय सभी देशों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। चीन से शुरू हुए इस वायरस ने अमरीका, रूम, जर्मनी, इटली, भारत, यूके समेत लगभग सभी देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। इसी मसले पर जब संयुक्त राष्ट्र ने बैठक बुलाई तो अमेरिका और चीन यहां पर भी आमने-सामने आ गए। अबतक अमेरिका UN-WHO के रोल पर सवाल खड़े कर रहा था, तो वहीं चीन ने यहां बैठक में दोनों की जमकर तारीफ की।

बैठक में क्या बोला चीन ?

कोरोना वायरस के मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को एक महाबैठक बुलाई, ये बैठक वर्चुअल थी. चीन ने यहां बैठक में कहा कि कोरोना वायरस एक ग्लोबल चुनौती है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जो अगुवाई की जा रही है चीन उसकी तारीफ करता है.


चीन की ओर से कहा गया कि कोरोना वायरस हर किसी के लिए खतरा है, जिसमें सभी को साथ आकर काम करना होगा. चीन संयुक्त राष्ट्र की उस अपील का भी समर्थन करता है, जहां उसने सभी देशों से अपने मतभेद भुलाकर पहले Covid-19 से लड़ने की बात कही. चीन ने यहां कहा कि चीन में जब कोरोना वायरस का संकट था, तब कई देशों ने उनकी मदद की. अब वो 100 से अधिक देशों को मदद पहुंचा रहे हैं.

बैठक में क्या बोला अमरीका?

अमेरिका की ओर से एक बार फिर यहां बैठक में चीन की नीयत पर सवाल खड़े किए गए. अमेरिका ने कहा कि इस संकट के वक्त में जरूरत है कि पारदर्शिता रखी जाए, ताकि हर कोई सच्चाई जान सके. अमेरिका ने दावा किया कि वह इस वक्त दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ मिलकर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है.


बता दें कि अमेरिका की तरफ से पहले भी आरोप लगाया गया था कि चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मिलकर कोरोना वायरस की सच्चाई को छिपाया था, जिसका खामियाजा दुनिया भुगत रही है. इस बैठक में भी अमेरिका ने इस बात को दोहराया और अपील करते हुए कहा कि हर देश को सच के साथ सामने आने की जरूरत है.

Brazil says that it will no longer require Indians, Chinese to have visa to visit the country

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By: Talat Mohsin

On Thursday, Brazilian President Jair Bolsonaro announced that the country would no longer require Indians and Chinese citizens to have visa to visit it.

The Brazilian President had made it a policy to reduce visa requirements from a number of developed countries. Earlier this year, Brazil had ended visa requirements from the United States, Canada, Japan, and Australia. However, these countries have not in return dropped the visa requirements from Brazilian citizens.

Bolsonaro announced the news on his official visit to China. This policy is being viewed as the first towards developing countries.

After the announcement, the Brazilian embassy said-“The Government of Brazil intends to bring in a policy to facilitate easier entry for Indian tourists and business persons from India as we want to boost people to people contact between the two countries and increase foreign investment into Brazil.”

The announcement from the South American country has come just before the BRICS summit, which is expected to boost intra-BRICS ties.

CAIT calls for boycott of Chinese products

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By: Talat Mohsin

The Confederation of All India Trade (CAIT) on Sunday gave a call for the boycott of Chinese products and has also demanded high custom duties of up to 500% on these goods. The CAIT has taken these steps to condemn China’s act of supporting Pakistan’s case against India’s actions on Jammu and Kashmir at the UNSC (United Nations Security Council).

It said that when China supported and presented Pakistan’s case on the scrapping of article 370 which gave special rights to the state of Jammu and Kashmir, it placed itself amongst the probable enemies of the state.
CAIT National President BC Bhartiya and secretary general Praveen Khandelwal said in a statement- “The import from China in 2017-18 was about 90 billion dollars. Trade with China constitutes more than 40 per cent of total trade deficit which shows that India is a very big market for China and instead of supporting genuine stand of India, it always takes the side of Pakistan even without any logical reason and therefore it is the time when Indian traders and importers should began boycotting Chinese goods.”

The issue will be discussed in a national conference of traders from all states and will be held by the CAIT on August 29.
The CAIT has also requested the government to levy custom duty from 300 to 500 per cent on the import of Chinese goods.

“China has become habitual in supporting Pakistan every matter which is against India and therefore now the time has come when we should reduce our dependence on Chinese goods” said the CAIT. It has also urged the government to seriously consider this issue and take the steps to minimise China’s export to India.

China backs up Pakistan’s request for a meeting of the UNSC

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By: Talat Mohsin

India has learnt today that after being requested by China, the United Nations Security Council (UNSC) has agreed to hold a closed door meeting to discuss the Kashmir issue.

Earlier, Pakistan had requested the world body on three different occasions to discuss the changed dynamics in Kashmir, but it’s requests were denied. But after China backed it up, the UNSC has agreed to accept the prolonging request. The closed door meeting is most likely to be held on August 16, but without Pakistan in the room.

The meeting is being held to discuss the abrogation of the article 370 in the state of Jammu and Kashmir which gave special rights to the state. The former state has now been turned into a union territory.
According to sources, earlier Pakistan was seeking for an open door meeting with having the right to speak. But when it’s plea was denied, China stepped up to support Pakistan’s cause.

India had earlier told the international community that revoking the article was an internal matter and had also advised Pakistan to accept it.

Impetuous Kashmir move will have dire consequences: China

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By: Talat Mohsin

In its editorial titled “India’s unilateral Kashmir move inside , dangerous”, the Chinese government’s mouthpiece The Global Times has criticised the Indian government on its Kashmir move.

The editorial termed the move as a “wrong decision” and explicitly warned that it would have serious implications on its image. “By revoking Jammu and Kashmir’s relative autonomy and by likewise revoking a decree which forbade non-Kashmiris from buying property in the disputed territory, India’s status in relation to Kashmir has been inexorably changed from that of a party to conflict to an instigation of an unnecessary and counterproductive provocation.”

It further added- “ When Indian minister of home affairs Amit Shah loudly claimed that India seeks to establish rule over Aksai Chin in northwest China’s Xinjiang Uyghur Autonomous Region it, displayed an attitude of hostility against China that is incompatible with a productive partnership based on realism and shared economic goals.”

It also accused the US and the West of “conniving with India” and has urged the international community to “de escalate tensions” and also to ensure that the rights of Kashmiris are not violated.

The Global Times is published by the ruling Chinese Communist Party’s paramount mouthpiece, the people’s daily and is infamous for its hawkish and insulting editorials. Therefore, it can be concluded that such an editorial was only published to chide India.

भारत-चीन बॉर्डर पर बढ़ते तनाव को लेकर कांग्रेस ने लोकसभा में दिया स्थगन प्रस्ताव

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कांग्रेस ने आज लोकसभा में भारत-चीन बॉर्डर पर बढ़ते तनाव को लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया है।

बता दें कि पिछले काफी दिनों से भारतीय सीमा के अंदर चीनी सैनिकों के द्वारा घुसपैठ की खबरें आ रही है।

कुछ दिनों पहले खबरें आई थी कि चीनी जवानों ने छह जुलाई को दलाई लामा के जन्मदिवस के मौके पर कुछ तिब्बतियों द्वारा तिब्बती झंडे फहराए जाने के बाद पिछले सप्ताह एलओसी पार की।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को इस मामले पर सफाई देते हुए कहा था कि लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में चीन ने कोई घुसपैठ नहीं की है।
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में “भारतीय सीमा में चीनी घुसपैठ” पर स्थगन नोटिस दिया है।